राजनीति
रविशंकर प्रसाद ने सदन में कांग्रेस को याद दिलाया ‘इतिहास’, बोले ‘तब शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट का पलटा था फैसला’
नई दिल्ली, 2 अप्रैल। भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान शाहबानो केस का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी पर जमकर हमला बोला।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, “वक्फ की प्रॉपर्टी पर कितने स्कूल खुले, कितने अनाथालय बने, कितने सिलाई केंद्र बने, यह सवाल है। आज वक्फ की प्रॉपर्टी की फंडिंग बढ़ाने और उनके समाज को आगे बढ़ाने के लिए कुछ हो रहा है तो विपक्ष को इससे क्या परेशानी है। दिल से तो कह रहे हैं कि सुधार हो, लेकिन राजनीतिक इच्छा इन्हें रोकती है।”
उन्होंने कहा, “शाहबानो केस में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि शाहबानो को मुआवजा दिया जाए, तो हल्ला मचा, तब राजीव गांधी पीएम थे। बहुमत था। आरिफ मोहम्मद खान सरकार में मंत्री थे। दो दिन ऐतिहासिक भाषण हुआ। राजीव गांधी ने उन्हें बुलाया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला बदलने के लिए कानून ला रहे हैं। तीन तलाक पर फैसला आया। 2 साल तक इनकी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब नहीं फाइल किया, ताकि फैसला अटका रहे। राजीव गांधी को 400 सीट मिली और शाहबानो में वे झुक गए। उसके बाद आज तक कांग्रेस को बहुमत नहीं मिला। देश की हवा कहां चल रही है, आप समझिए। पीएम मोदी को एक बार बहुमत मिला, दूसरी बार बहुमत मिला। तीसरी बार लोगों ने जिता दिया, दिल्ली भी जिता दिया और अब बिहार भी जीतेंगे।”
उन्होंने कहा, “आज मैं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बारे में बात करना चाहता हूं। जब सुप्रीम कोर्ट में तीन तलाक के मामले की सुनवाई चल रही थी, तो बोर्ड ने कोर्ट से कहा था कि, ‘आप फैसला मत दीजिए, हम एक निकाहनामा बनाकर पूरे देश में प्रसारित करेंगे, जिसमें लिखा होगा कि निकाह करते समय एक शर्त यह भी रखी जाएगी कि तीन तलाक न हो।’ याद कीजिए, जब कानून पास हुआ था, तो ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने तीन तलाक कानून के खिलाफ बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा किया था।”
रविशंकर प्रसाद ने आगे कहा, “मैं विपक्ष की बात सुन रहा था, वह कह रहे थे कि वक्फ बिल में संशोधन होना चाहिए, लेकिन नहीं भी होना चाहिए। ये कैसे हो सकता है। आजकल एक लाल किताब चल रही है। हम संविधान की हरी किताब लेकर आए हैं। संविधान में लिखा है कि महिलाओं के विकास के लिए कानून बनाया जा सकता है। संविधान की दुहाई का जवाब मैं संविधान से ही दे रहा हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “महिलाओं के लिए संशोधन किया जा रहा है तो यह बिल असंवैधानिक कैसे है? मैं बिहार से आता हूं, वहां बहुत सारे पिछड़े मुसलमान हैं। यूपी में भी हैं। उन्हें वक्फ मैनेजमेंट में मौका नहीं मिलता। इस बिल में इसका जिक्र है कि वक्फ में पिछड़े मुसलमानों को जगह दी जाएगी तो इन्हें परेशानी क्यों है?”
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारी सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का काम किया। चुनाव हुआ तो एक भी हिंसा की घटना नहीं हुई। जहां पाकिस्तान के झंडे लहराते थे, वहां तिरंगा लहरा रहा है। भारत माता की जय बोला जा रहा है। वोट बैंक की राजनीति के लिए यह देश किस हद तक गिर सकता है? नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर जानबूझकर जो बवाल मचाया गया था, उसे याद कीजिए। विदेशों में उत्पीड़न का सामना करने वाले हिंदू, सिख और ईसाइयों को भारत लाया गया। इसका भारतीय मुसलमानों पर कोई असर नहीं हुआ, फिर भी बेवजह हंगामा मचाया गया। अब एक बार फिर गुमराह करने और अशांति पैदा करने की कोशिश की जा रही है। अब वोटों की सौदागरी बंद होगी क्योंकि समय बदल रहा है।
महाराष्ट्र
मुंबई: महाराष्ट्र एटीएस ने एमडी विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की, 9 करोड़ रुपये की एमडी जब्त, फैक्ट्री का पर्दाफाश, दो विदेशी महिलाएं और एक व्यक्ति गिरफ्तार

मुंबई महाराष्ट्र एटीएस ने अब सोशल मीडिया पर भड़काऊ और विवादित पोस्ट और देश विरोधी कमेंट्स के खिलाफ अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र एटीएस ने देश विरोधी और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में एक बड़ी कार्रवाई की है। एटीएस ने मुंब्रा (ठाणे), परघर और पालघर से पांच लोगों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। एजेंसी ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, युवक 2022 से टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा था। रिपोर्ट्स बताती हैं कि ग्रुप को कश्मीर का एक व्यक्ति ऑपरेट कर रहा था। एक पोस्ट जिसने जांच एजेंसी का ध्यान खींचा, उसमें कथित तौर पर कहा गया था, “इस समय भारत में रहना बहुत खतरनाक है, पाकिस्तान बेहतर है।” कई अन्य आपत्तिजनक और भड़काऊ पोस्ट के बारे में भी जानकारी सामने आई है। एटीएस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये पोस्ट निजी राय के कारण किए गए थे या उनके पीछे कोई जायज मकसद था। क्या हिरासत में लिए गए युवक किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े थे? क्या वे टेलीग्राम ग्रुप से प्रभावित या निर्देशित थे? एटीएस पांचों युवकों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है और उनके कॉन्टैक्ट्स और सोशल मीडिया एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए उनके मोबाइल फोन की जांच कर रही है।
महाराष्ट्र
कुर्ला घाटकोपर में लैंडस्लाइड से 5 लोगों की मौत, मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान

मुंबई: कुर्ला घाटकोपर के वेस्ट इलाके अशोक नगर में लैंडस्लाइड से इलाके में काफी मातम और अफरा-तफरी मच गई है। फायर ब्रिगेड और पुलिस ने बचाव का काम शुरू कर दिया है। मलबे में दबकर पांच लोगों की मौत हो गई है, जबकि चार घायलों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया है और ऊपर बताए गए इलाके में आम लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी है। डीसीपी गणेश शिंदे ने इसकी पुष्टि की है। आज सुबह (12 अगस्त, 2026) अशोक नगर, हिल नंबर 3, कुर्ला (वेस्ट) में लैंडस्लाइड की एक दुखद घटना हुई। इस घटना में, पहाड़ी से मिट्टी और मलबा दो से तीन घरों पर गिर गया, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ। घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई की मेयर रितु तावड़े तुरंत घटनास्थल पर गईं और खुद बचाव काम का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित परिवार के प्रति अपनी संवेदना और सांत्वना जताई। उन्होंने मौजूद सभी एजेंसियों को राहत का काम तेजी से और सही तालमेल के साथ करने का भी निर्देश दिया। इस मौके पर वार्ड कमेटी के चेयरपर्सन विजेंद्र शिंदे, एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर (ईस्टर्न सबर्ब्स) डॉ. अविनाश ढकने, ‘एल’ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर (इंचार्ज) श्री अनिल जाधव और दूसरे संबंधित अधिकारी मौजूद थे। मेयर रितु तावड़े ने घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिवार को तुरंत 4 लाख रुपये और घायलों को इलाज के लिए 50,000 रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया।
घटनास्थल और वहां तक पहुंचने का रास्ता बहुत संकरा है, जिसकी वजह से एक बार में सिर्फ़ एक ही व्यक्ति निकल सकता है। मुंबई फायर ब्रिगेड, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ), मुंबई पुलिस, 108 एम्बुलेंस सर्विस और दूसरी एजेंसियां, बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के अधिकारी, स्टाफ और वर्कर मलबे में फंसे लोगों को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, अब तक दो बॉडी मिल चुकी हैं, जबकि दो घायल लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। एडमिनिस्ट्रेशन रेस्क्यू ऑपरेशन और पूरी स्थिति पर करीब से नज़र रख रहा है।
राजनीति
नीट पेपर लीक मामलाः राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की चार्जशीट पर लिया संज्ञान, कल से होगी सुनवाई

नीट यूजी पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया है। राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल कोर्ट आरोप तय करने के लिए 13 अगस्त से सुनवाई करेगी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने मीडिया द्वारा मामले में गवाहों के नाम छापे जाने पर आपत्ति जताई है। कोर्ट ने कहा कि यह मेरे लिए बहुत चौंकाने वाला है कि जो बात अभी तक कोर्ट में नहीं बोली गई है, वह अभी चार्जशीट का हिस्सा है। यह सब मीडिया में सामने आना बेहद चौंकाने वाला है। कोर्ट ने कहा कि मीडिया की भी जिम्मेदारी बनती है, ऐसी चीजें नहीं होनी चाहिए।
वहीं, सीबीआई ने कहा कि मीडिया में कुछ गवाहों के नाम छापे जा रहे हैं, वह गवाह नाबालिग भी हो सकते हैं। लगातार चार्जशीट के हिस्से को अखबारों में छापा जा रहा है। नीट यूजी पेपर 2026 पेपर लीक मामले में आगे की जांच के लिए सीबीआई ने कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इजाजत मांगी है। सीबीआई की अर्जी पर राउज एवेन्यू कोर्ट अर्जी ने आरोपियों से जवाब दाखिल करने को कहा है। कल (गुरुवार) इस मामले पर भी कोर्ट करेगी सुनवाई।
सीबीआई ने नीट यूजी पेपर लीक मामले में 20,000 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, विकास बिवाल, शुभम खैरनार, धनंजय लोखंडे, प्रहलाद कुलकर्णी, तेजस हर्षद कुमार, डॉ. मनोज शिरुरे, शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर, मनीषा वाघमारे, मनीषा मंधारे, मनीषा संजय हवलदार को आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई ने चार्जशीट में कहा कि तीन विषय विशेषज्ञों ने दिल्ली के एनटीए कार्यालय से नीट परीक्षा के प्रश्नों को अलग-अलग तरीकों से बाहर निकाला था। आरोपी ऐसा इसलिए कर सके क्योंकि गोपनीय अनुभाग से बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई।
सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि एनटीए में गोपनीय अनुभाग में प्रवेश और निकास के दौरान विशेषज्ञों की जांच या तलाशी की कोई प्रथा नहीं थी। एनटीए में डेडिकेटेड सीसीटीवी लाइव फीड निगरानी नियंत्रण कक्ष नहीं था, जिसके परिणामस्वरूप गोपनीय हॉल में विशेषज्ञों की गतिविधियों पर किसी का ध्यान नहीं गया।
सीबीआई ने आरोपपत्र में कहा कि एक आरोपी ने प्रश्नों को कागज की पर्चियों पर लिखा और फिर उन्हें छिपा दिया, जबकि दो अन्य आरोपियों ने प्रश्नों को याद किया, अपने होटल के कमरों में लौटकर या तो उन्हें लिख दिया या पाठ्यपुस्तकों में संबंधित आर्टिकल्स को मार्क किया।
सीबीआई ने आरोप पत्र में कहा कि जांच से पता चला है कि विशेषज्ञों को अनुवाद, पुनः अनुवाद के दौरान रफ कार्य के लिए गोपनीय अनुभाग के अंदर सादे कागज की शीट उपलब्ध कराई गई थीं। आरोपी पी.वी. कुलकर्णी ने इन शीटों का उपयोग करके रसायन विज्ञान के सभी 135 प्रश्नों और उत्तर विकल्पों को संक्षेप में नोट किया।
सीबीआई ने कहा कि जांच से पता चला है कि बायोलॉजी (बॉटनी और जूलॉजी) डॉक्यूमेंट तेजस दभाड़े ने 20 अप्रैल और 21 अप्रैल 2026 को स्नेहांजलि देशमुख और दीया शिंदे के नोट्स की फोटोकॉपी से टाइप किया था, जो मनीषा संजय वाघमारे ने धनंजय लोखंडे के जरिए सत्यजीत सोलंकी और तेजस दभाड़े को दिए थे।
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