राजनीति
राजस्थान के राज्यपाल ने विधानसभा सत्र का प्रस्ताव तीसरी बार लौटाया
राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने बुधवार को राज्य सरकार के एक प्रस्ताव को तीसरी बार वापस लौटा दिया, जिसमें एक विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की गई थी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल के इस कदम को एक ‘प्रेम पत्र’ कहा है, और इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के बागी विधायकों के प्रति नरमी भी दिखाई है।
अधिकारियों ने कहा कि राज्यपाल ने राजस्थान में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर आपत्ति उठाई है और फिर से जानना चाहा है कि विशेष सत्र के दौरान विधानसभा में सोशल डिस्टैंसिंग कैसे रखी जाएगी।
इस बीच, मिश्रा द्वारा प्रस्ताव लौटाने के बारे में जानकारी मिलने के तत्काल बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्यपाल से मिलने पहुंचे।
गहलोत ने यहां राज्य कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान के राज्यपाल की तरफ से एक ‘प्रेम पत्र’ आया है। उन्होंने मुलाकात से पहले पार्टी कार्यालय में कहा, “मैं उनसे मिलने जा रहा हूं और पूछूंगा कि वह क्या चाहते हैं।”
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के इंकार को दूसरी बार प्रेम पत्र कहा है। इसके पहले उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल फेयरमोंट होटल में कांग्रेस विधायकों को संबोधित करते हुए किया था।
गहलोत ने दावा किया है कि उनकी सरकार को गिराने की एक साजिश रची गई है। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी एक राजनीतिक साजिश के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
असंतुष्टों पर नरमी बरतते हुए उन्होंने कहा कि जिन्होंने अतीत में कांग्रेस को धोखा दिया है, वे पार्टी खेमे में लौट सकते हैं और पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से माफी माग लें।
उन्होंने कहा, “70 सालों में पहली बार किसी राज्यपाल ने इस तरह के सवाल उठाए हैं। क्या आप समझ सकते हैं कि देश कहां जा रहा है?”
मुख्यमंत्री पीसीसी के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां नए पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कार्यभार ग्रहण किया।
राजस्थान सरकार द्वारा भेजे गए प्रथम दो प्रस्तावों को राज्यपाल द्वारा खारिज किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए मंगलवार को एक तीसरा प्रस्ताव राज भवन भेजा था।
राष्ट्रीय समाचार
जापान के सैन्य अधिकारियों की भारतीय सेना और डीआरडीओ संग महत्वपूर्ण वार्ता

जापान के सेना के अधिकारियों ने भारतीय सेना व डीआरडीओ के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की है। यह वार्ता भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आपसी समझ को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई। इसमें जापानी थल आत्मरक्षा बल का 34 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शामिल रहा।
इस दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल को भारत की रक्षा क्षमताओं, सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था और उभरती तकनीकों के बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। प्रतिनिधिमंडल ने सेंटर फॉर लैंड वारफेयर स्टडीज (सीएलएडब्ल्यूएस) और वॉरफेयर डेवलपमेंट एंड रिसर्च सेंटर (वार्डेक) के अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन संस्थानों के माध्यम से जापानी अधिकारियों को भारत में सैन्य अध्ययन, युद्ध संबंधी अनुसंधान और रक्षा क्षेत्र में तकनीकी विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं को जानकारी दी गई।
जापानी रक्षा अधिकारियों की यह यात्रा 4 अक्टूबर को प्रारंभ हुई और 9 अक्टूबर तक चली। इस दौरान उन्होंने भारत के विभिन्न संस्थानों का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल के ये सदस्य जापानी कमान एवं स्टाफ पाठ्यक्रम से जुड़े हैं। सेना के मुताबिक, यह दौरा विदेशी अध्ययन यात्रा के तहत आयोजित किया गया।
इस यात्रा के दौरान जापानी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय सेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। यात्रा में भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का कार्यक्रम भी शामिल था। इससे प्रतिनिधिमंडल को भारत की संस्कृति और परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिला।
इस दौरे का उद्देश्य केवल रक्षा संस्थानों और सैन्य प्रशिक्षण व्यवस्था की जानकारी हासिल करना ही नहीं, बल्कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच पेशेवर संबंधों और आपसी समझ को भी मजबूत करना था।
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच इस तरह का संवाद एक-दूसरे के अनुभवों और रक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों को समझने में मदद करता है। भारत और जापान के बीच रक्षा साझेदारी में सैन्य संवाद, प्रशिक्षण और आधुनिक तकनीकों से जुड़े विषय महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
जापानी प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे रक्षा संबंधों को आगे बढ़ाने और सैन्य स्तर पर सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल रही।
राजनीति
एनएचआरसी ने महिला पत्रकारों से कथित यौन उत्पीड़न मामले में दिल्ली पुलिस से मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने 3 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस के जवानों पर तीन महिला पत्रकारों के कथित यौन उत्पीड़न से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वत: संज्ञान लिया है।
एनएचआरसी ने कहा कि यदि मीडिया रिपोर्ट में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मानवाधिकारों के उल्लंघन से जुड़ा गंभीर मामला है। आयोग ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को नोटिस जारी कर मामले में विस्तृत रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर पेश करने को कहा है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने के समय तीन महिला पत्रकारों ने पुलिसकर्मियों पर कथित यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।
एनएचआरसी ने कहा कि 5 अक्टूबर को प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, नई दिल्ली जिला पुलिस को इन घटनाओं से संबंधित शिकायतें मिली थीं। इन शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि 3 अक्टूबर को नई दिल्ली इलाके में हुए प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों ने पुलिस अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। पुलिस ने बताया कि नई दिल्ली जिला पुलिस को उनकी शिकायतें मिली हैं और निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच के लिए इन्हें क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित किया गया है।
जंतर-मंतर पर ये प्रदर्शन निषेधाज्ञा लागू होने के बावजूद आयोजित किए गए थे। प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
इस बीच, आरोपों के सामने आने के बाद सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विवेक भगत ने स्वेच्छा से अनुरोध किया कि कथित उत्पीड़न की पूरी जांच होने और उसके संतोषजनक निष्कर्ष तक उन्हें अस्थायी वर्तमान ड्यूटी प्रभार पर बने रहने की अनुमति न दी जाए।
इसके बाद दिल्ली सरकार ने 5 अक्टूबर को जारी उस आदेश में संशोधन किया, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था। संशोधित आदेश में विवेक भगत का नाम हटा दिया गया और बाकी 11 अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार में शामिल रखा गया।
राजनीति
नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए एकनाथ शिंदे, बोले- महाराष्ट्र की बेबाक आवाज खामोश हो गई

मुंबई : महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि उनका जाना अभिनय के एक दिग्गज और महाराष्ट्र की शान के खोने जैसा है।एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र और देश ने एक संवेदनशील और दमदार अभिनेता को खो दिया है। आज महाराष्ट्र का गौरव और मराठी मानुष का सम्मान खो गया है। महाराष्ट्र की बेबाक और तीखी आवाज अब खामोश हो गई है। मैंने एक सच्चा और बड़े दिल वाला दोस्त खो दिया है। इस नुकसान की भरपाई कभी नहीं हो सकती। उनके जैसा कलाकार सदी में एक बार ही पैदा होता है। उनका आखिरी सपना कश्मीर में बच्चों के लिए एक स्कूल शुरू करना था और इसे पूरा करने में हर संभव मदद करना, मैं अपना कर्तव्य मानता हूं। यही नाना पाटेकर को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि बिना किसी गॉडफादर के सिर्फ अपने हुनर के दम पर उन्होंने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपनी एक अलग पहचान बनाई। बॉलीवुड उनके नाम के आगे नतमस्तक था और उस मुकाम पर रहते हुए भी उन्होंने गर्व के साथ मराठी मानुष के स्वाभिमान और जज्बे को बनाए रखा। वह सिर्फ एक बेहतरीन कलाकार ही नहीं थे; वे महाराष्ट्र की शान थे। सूखे से जूझ रहे किसानों के आंसू पोंछने के लिए ‘नाम फाउंडेशन’ के जरिए किया गया उनका काम सुनहरे अक्षरों में लिखे जाने के काबिल है।”
वहीं, प्रदेश के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि साफगोई और निडरता – ये गुण उनके व्यक्तित्व की पहचान थे। लेकिन जब से मैं मुख्यमंत्री बना, मैंने हमेशा उनके भीतर एक संवेदनशील इंसान को देखा। जब हमने ‘जलयुक्त शिवार अभियान’ शुरू किया, तो नाना खुद इसके समर्थन के लिए आगे आए। मकरंद अनासपुरे के साथ मिलकर उन्होंने ‘नाम फाउंडेशन’ की स्थापना की और व्यक्तिगत रूप से गांवों में जाकर काम किया। चाहे किसानों की मदद करना हो या सूखे के समय मदद का हाथ बढ़ाना, वह हमेशा सबसे आगे रहे। इस साल भी, जब हम सूखे का सामना कर रहे हैं, नाना कभी पीछे नहीं हटते – लेकिन वे हमें इतनी अचानक छोड़कर चले गए। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हम उनके परिवार और प्रशंसकों के दुख में शामिल हैं।
उन्होंने आगे कहा कि वह जितने शानदार पर्दे पर थे, उतने ही शानदार अपने स्वभाव में भी थे। उन्होंने मराठी और हिंदी सिनेमा को एक पूरा दौर दिया। उनमें से मुख्य रूप से एक देशभक्त के तौर पर उनकी छवि दर्शकों के दिलों में गहराई तक बसी। ‘क्रांतिवीर’ से लेकर ‘नटसम्राट’ तक, उन्होंने अपने सफर में अभिनय का जो दमदार और बेहतरीन ताना-बाना बुना, उसका कोई सानी नहीं है। इसलिए, एक अभिनेता के तौर पर उनका जाना एक बहुत बड़ी क्षति है।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
