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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों से पहले रिपब्लिकन से एकजुट रहने की अपील की

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TRUMP

वाशिंगटन, 7 जनवरी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 के मध्यावधि चुनावों में पार्टी की बड़ी जीत का दावा करते हुए हाउस रिपब्लिकन सदस्यों से एकजुट रहने और राजनीतिक इतिहास को बदलने का आह्वान किया है। डोनाल्ड ट्रंप ने एक बैठक में स्पीकर माइक जॉनसन का समर्थन किया और सभी सदस्यों को अपने एजेंडे के साथ एकजुट करने की कोशिश की।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सभा में कहा है कि रिपब्लिकन एक अभूतपूर्व परिणाम की स्थिति में है। उन्होंने कहा, “अब हम इतिहास रचने जा रहे हैं और शानदार मध्यावधि चुनाव में जीत के साथ रिकॉर्ड तोड़ेंगे, जिसे हम हासिल करने वाले हैं।”

मध्यावधि चुनाव आम तौर पर व्हाइट हाउस में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए मुश्किल माने जाते हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसको स्वीकार किया, लेकिन तर्क दिया कि उनकी राष्ट्रपति पद की अवधि ने इस समीकरण को बदल दिया है। उन्होंने कहा, “जो लोग राष्ट्रपति चुनाव जीतते हैं, उनके साथ ऐसा नहीं होता। भले ही राष्ट्रपति पद सफल रहा हो, वे चुनाव नहीं जीत पाते।”

उन्होंने मौजूदा हाउस बहुमत को उसके सीमित अंतर के बावजूद असामान्य रूप से एकजुट बताया। ट्रंप ने कहा, “यह कोई बड़ा बहुमत नहीं है, लेकिन यह एकजुट बहुमत है।” ट्रंप ने कहा कि उन्होंने 2025 में 12 महीनों की अभूतपूर्व सफलता दिलाई है।

अपने एक घंटे से अधिक चले भाषण में डोनाल्ड ट्रंप ने हाउस नेतृत्व की सराहना की और स्पीकर माइक जॉनसन का बिना शर्त समर्थन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें मेरा पूर्ण समर्थन है। साथ ही, ट्रंप ने सीमित रिपब्लिकन बहुमत की बाधाओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “जब आपके पास तीन का बहुमत हो तो आप सख्त नहीं हो सकते।”

वहीं, ट्रंप ने चेतावनी दी कि आंतरिक विभाजन विधायी प्रयासों को पटरी से उतार सकते हैं।

इसी बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रतिनिधि डग लामाल्फा को श्रद्धांजलि दी, जिनका एक दिन पहले निधन हो गया। कैलिफोर्निया के पानी से जुड़े मुद्दों के लिए लामाल्फा को याद करते हुए ट्रंप ने कहा, “हम एक महान सदस्य के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं।”

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि लामाल्फा 100 प्रतिशत समय मेरे साथ वोट करते थे और ऐसे सदस्य थे जिन्हें कभी मनाने की जरूरत नहीं पड़ी। ट्रंप ने यह भी बताया कि प्रतिनिधि जिम बेयर्ड और उनकी पत्नी एक गंभीर कार दुर्घटना से उबर रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वे ठीक हो जाएंगे।

अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ट्रंप ने पार्टी अनुशासन और एकता को चुनावी सफलता के लिए जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि बस साथ रहें। रिपब्लिकन के पास ‘सभी नीतियां’ हैं, जबकि डेमोक्रेट्स गोंद की तरह एक साथ रहते हैं। ट्रंप ने कहा, “उनकी पॉलिसी बहुत खराब है, लेकिन वे एक साथ रहते हैं।” राष्ट्रपति ने रिपब्लिकन सदस्यों से अनुरोध किया कि वे उनके संदेश को अपने-अपने क्षेत्रों में ले जाएं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

सीजफायर के कुछ घंटों बाद ही इजरायल ने लेबनान पर किया हमला , 5 की मौत

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दक्षिण लेबनान में इजरायली हमले जारी है। हालिया हमले में 5 लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएनए) ने शनिवार को बताया कि, हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच युद्धविराम लागू होने के 24 घंटों के भीतर ही दक्षिणी लेबनानी शहर सज्द के निकट स्थित जबल अल-रफी क्षेत्र पर एयर स्ट्राइक की गई।

एक दिन पहले ही दोनों के बीच सीजफायर पर सहमति बनी थी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, युद्धविराम शुक्रवार को स्थानीय समयानुसार शाम 4:00 बजे से प्रभावी हुआ।

इस बीच, हिज्बुल्लाह प्रमुख नईम कासिम ने शुक्रवार को कहा कि यदि संगठन पर हमला किया गया तो वह हथियारों के बल पर इजरायल का मुकाबला करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौत की धमकियां उनके सदस्यों को डराने में सफल नहीं होंगी।

अल-मनार टीवी चैनल पर प्रसारित अपने संबोधन में कासिम ने कहा, “हिज्बुल्लाह को खत्म करने और कब्जे को स्थायी बनाने की परियोजना विफल हो चुकी है, और इजरायल हमारी जमीन के अंतिम हिस्से तक से पीछे हटेंगे।”

उन्होंने कहा कि लेबनान इस समय “सबसे खतरनाक दौर” और देश के भविष्य को निशाना बनाने वाली “अमेरिकी-इजरायली अभियान” का सामना कर रहा है। कासिम ने आरोप लगाया कि लेबनान की राजनीतिक सत्ता के खिलाफ इजरायल नया आंदोलन खड़ा करना चाहता है और संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण में भी बाधाएं पैदा कर रहा है।

कासिम ने यह भी कहा कि हिज्बुल्लाह के हथियार केवल इजरायल के खिलाफ इस्तेमाल के लिए हैं और उन्होंने इजरायल से लेबनान की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की अपील की।

उनकी यह टिप्पणी उस समय आई जब शुक्रवार को युद्धविराम लागू होने के कुछ ही समय बाद इजरायली हवाई हमले में सज्द के निकट जबल अल-रफी क्षेत्र को निशाना बनाया गया।

इससे पहले दिन में, हिज्बुल्लाह के संसदीय गुट “लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस” के सदस्य इब्राहिम अल-मूसावी ने कहा था कि यदि इजरायल भी समझौते की शर्तों का पालन करता है, तो हिज्बुल्लाह युद्धविराम समझौते का सम्मान करता रहेगा।

वहीं, लेबनान के पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेशंस सेंटर ने बताया कि 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में कुल 3,980 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12,001 लोग घायल हुए हैं।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान 60 दिनों के अंदर अंतिम समझौते के लिए सहमत हो जाएगा : ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि ईरान, मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते के लिए सहमत हो जाएगा।

ट्रंप ने शुक्रवार को मैरीलैंड के जॉइंट बेस एंड्रयूज में कहा कि अगर गुरुवार से शुरू होने वाले 60 दिनों के अंदर कोई समझौता नहीं होता है, तो “हम ऐसे कदम उठाएंगे जिनसे उन्हें खुशी नहीं होगी। लेकिन मुझे नहीं लगता कि नौबत वहां तक ​​पहुंचेगी।”

सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एमओयू में कहा गया है कि दोनों पक्ष अधिक से अधिक 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम समझौता करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। आपसी सहमति से इस समय-सीमा को बढ़ाया भी जा सकता है।

स्विट्जरलैंड में होने वाली अमेरिका-ईरान बातचीत टाल दी गई और किसी भी पक्ष ने इसके लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया। कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि लेबनान में इजरायल के हालिया हमलों के जवाब में ईरान बातचीत से पीछे हट गया।

इससे पहले शुक्रवार को ट्रंप ने एनबीसी न्यूज को बताया कि उन्होंने इजरायली नेताओं से बात की थी और उनसे हिज़्बुल्लाह के साथ युद्धविराम के लिए सहमत होने का आग्रह किया था।

ट्रंप ने फोन पर हुए इंटरव्यू में कहा, “यह एक अच्छी बात है। यह तो सोने पर सुहागा जैसा है।”

इस बीच, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि अगले सप्ताह वॉशिंगटन डीसी में इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत का एक नया दौर होगा।

इससे पहले, स्विट्जरलैंड के संघीय विदेश विभाग ने एक बयान में कहा, “अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के बीच होने वाली बातचीत टाल दी गई है। स्विट्जरलैंड इन बातचीत में मदद करने के लिए तैयार है। बर्गेनस्टॉक में इससे जुड़ी तैयारी का काम जारी है। अभी और कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।”

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को एक राजनीतिक रूपरेखा समझौते से आगे बढ़ाकर, उसे लागू करने, उसकी पुष्टि करने और नियमों के पालन से जुड़ी विस्तृत बातचीत की ओर ले जाने की योजना थी।

गुरुवार रात व्हाइट हाउस ने घोषणा की कि ईरान के साथ तकनीकी बातचीत के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रस्तावित यात्रा टाल दी गई है। हालांकि, बातचीत की तैयारियां जारी हैं और दोनों पक्ष हाल ही में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन को लागू करने के उद्देश्य से चर्चा के अगले चरण को शुरू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने गुरुवार देर रात कहा, “जैसा कि उपराष्ट्रपति ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, आगामी तकनीकी बातचीत की योजनाएं अभी अंतिम रूप नहीं ले पाई हैं और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल सबसे पहले उपलब्ध अवसर पर रवाना होने के लिए तैयार है।”

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

बराक ओबामा ने प्रेसिडेंशियल सेंटर का किया उद्घाटन, अमेरिकी लोकतांत्रिक आदर्शों पर दिया जोर

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने शिकागो में ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना उनकी कड़ी आलोचना की।

यूएस प्रेसिडेंशियल सेंटर एक ऐसा कॉम्प्लेक्स होता है जो किसी पूर्व प्रेसिडेंट की विरासत को समर्पित होता है। इसमें आम तौर पर एक संग्रहालय, पढ़ाई की जगह, सार्वजनिक कार्यक्रम और प्रेसिडेंशियल रिकॉर्ड का एक अभिलेखागार होता है। ज्यादातर अमेरिकी राष्ट्रपति के पास एक प्रेसिडेंशियल सेंटर होता है।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इतिहास का जिक्र करते हुए ओबामा ने अमेरिका के उस आदर्श को रेखांकित किया, जिसमें “न कोई राजा होगा, न कोई सामंत, न कोई बंधुआ प्रजा और न ही कोई अधीन नागरिक।” यह टिप्पणी हाल के महीनों में देशभर में आयोजित ‘नो किंग’ प्रदर्शनों और मार्चों की प्रतिध्वनि मानी जा रही है।

उन्होंने मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस में रहने वाले निवासियों की सराहना करते हुए अप्रत्यक्ष रूप से ट्रंप की आव्रजन नीति की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि लोगों ने बेहद ठंडे मौसम में भी अपने पड़ोसियों की मदद करने के लिए अपने जोखिम पर खड़े होकर एकजुटता दिखाई और कभी-कभी अजनबियों की भी सहायता की, क्योंकि वे जानते थे कि यही सही काम है।

ओबामा ने उम्मीद जताई कि नया सेंटर इस बात को साबित करेगा कि हमारी लोकतांत्रिक हकीकत कितनी कीमती है।

ओबामा पहली बार 1985 में 23 साल की उम्र में एक कम्युनिटी ऑर्गेनाइजर के तौर पर शिकागो आए थे। अपने भाषण में, उन्होंने बताया कि कैसे वह अपनी पत्नी मिशेल ओबामा से मिले, अपना परिवार शुरू किया और प्रेसिडेंशियल सेंटर से कम दूरी पर ही अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

मिशेल ओबामा शिकागो के दक्षिणी क्षेत्र में पली-बढ़ीं और वहीं अपने करियर की शुरुआती की। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने भी पति की सकारात्मक सोच, काबिलियत, काम करने के तरीके, हिम्मत और कामयाबियों की सराहना की।

मिशेल ओबामा ने कहा कि किसी को भी यह तय करने का हक नहीं है कि कौन अधिक अमेरिकी है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश, जो बाइडेन और उनकी पत्नियां इस समारोह में शामिल हुए। इसके अलावा, समारोह में हजारों लोगों की भीड़ इकट्ठा हुई थी। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप को आमंत्रित नहीं किया गया था। ओबामा प्रेसिडेंशियल सेंटर शुक्रवार को आम लोगों के लिए खुलेगा।

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