राजनीति
मध्य प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने की चर्चाओं से गर्मायी सियासत
मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव से पहले स्थानों का नाम बदलने की चर्चाओं ने सियासत गर्मा दिया है। भाजपा के तमाम नेताओं ने उन स्थानों के नाम बदलने की पैरवी की है जिनसे दुखद यादें जुड़ी हुई हैं। वहीं कांग्रेस इसे समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश का हिस्सा बता रही है।
राज्य में बीते दो माह में भाजपा के कई नेताओं ने विभिन्न प्रमुख स्थलों के नाम बदलने की मांग की है। ताजा मामला पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से जुड़ा हुआ है। उन्होंने भोपाल के हलाली डैम का नाम बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि भोपाल शहर के बाहर प्रचलित हलाली नाम का स्थान एवं नदी विश्वासघात की उस कहानी की याद दिलाता है, जिसमें दोस्त मोहम्मद खां ने भोपाल के आसपास के अपने मित्र राजाओं को बुलाकर उन्हें धोखा देकर उनका सामूहिक कत्ल किया। उनके कत्ल से नदी लाल हो गई थी।
हलाली डेम बैरसिया विधानसभा क्षेत्र में आता है, यहां के विधायक विष्णु खत्री से उमा भारती ने राज्य की पर्यटन मंत्री ऊषा ठाकुर से संवाद करने को कहा है। खत्री को पत्र लिखकर उमा भारती ने कहा है कि हलाली शब्द, हलाली स्थान उसी प्रसंग का स्मरण कराता है — विश्वासघात, धोखाधड़ी, अमानवीयता यह सब एक साथ हलाली शब्द के साथ आते हैं, तो हलाली का इतिहास जानने वालों के अंदर घृणा का संचार होता है। इसलिए हलाली शब्द का उपयोग इस स्थान के लिए बंद होना चाहिए।
भोपाल की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने स्थानीय राम-रहीम मार्केट का नाम बदलने की पैरवी करते हुए व्यापारियों के बीच कहा कि यह बाजार में जो व्यापारी हैं, निवासी हैं, लोग हैं सभी हमारे हैं। हम कोई भेद नहीं करते, इमानदारी से देशभक्ति करने वालों को हम अपने साथ लेकर चलते हैं। इसलिए यहां का हर व्यापारी हमारा है। यहां के दुख-सुख हमारे हैं, आपके हर दुख में हम साथ हैं। जो भी समस्याएं हों, उन्हें निर्विवाद और निर्भय होकर बताइए। जो भी हो सकेगा उसका हम समाधान करेंगे। कोई भी दूषित मानसिकता लेकर मेरे पास न आए। यहा जो बाजार है वह भोपाल का है, राजा भोज की नगरी का मार्केट है, इसका नाम बदलिए और अच्छा सा नाम रखिए।
इसी तरह शिवराज सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने राजधानी की लालघाटी का नाम बदलने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि वे उमा भारती की मांग का समर्थन करते हैं। जो भी नाम गुलामी की याद दिलाते हैं उन स्थानों के नाम बदले जाने चाहिए। लाल घाटी का नाम बदलने का वे प्रस्ताव लाएंगे।
ज्ञात हो कि इससे पहले विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा राजधानी के ईदगाह हिल्स क्षेत्र का नाम बदलकर गुरुनानक के नाम पर करने की मांग की थी। इसके अलावा इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने इंदौर के खजराना क्षेत्र का नाम गणेष नगर या गणेष कॉलोनी करने की मांग उठाई थी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अजय िंसंह यादव ने भाजपा नेताओं की स्थानों की नाम बदलने की मांग पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि भाजपा के तमाम नेता मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए इधर-उधर के नाम बदलने की राजनीति कर रहे हैं, जहां पेट्रोल-डीजल के दामों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है आम आदमी की कमर महंगाई से टूटी जा रही है। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में छोटी बच्चियों के साथ अपराध हो रहे हैं, बालिका सुधार गृह तक में बच्चियां सुरक्षित नहीं है, शराब माफिया का कहर दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है । हर तरह के माफिया और कुशासन मध्यप्रदेश में हावी है ऐसे समय में भाजपा के नेता केवल और केवल मुद्दे भटकाने की राजनीति कर रहे हैं। उन्हें इस तरह की राजनीति छोड़ कर जनहित के कार्य करना चाहिए जिससे जनता को लाभ हो। यह नाम बदलने की राजनीति किसी भी प्रकार से जनता के लिए हितकारी नहीं है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश के खुलेंगे नए अवसर

भारत और न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश पारंपरिक कूटनीतिक मित्रता से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक सहयोग पर आधारित व्यापक साझेदारी की ओर जा रहे हैं। यह जानकारी एक लेख में दी गई।
ग्रीक समाचार पोर्टल डायरेक्टस में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।
लेख में कहा गया है कि इस समझौते का महत्व केवल सीमा शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं है। यह बाजार तक पहुंच बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने, कौशल एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं वाली दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत कारोबारी संबंध बनाने का ढांचा प्रदान करता है।
‘रोडमैप टू 2030’ से मजबूत हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस आर्थिक जुड़ाव को दीर्घकालिक दिशा प्रदान करती है। एफटीए और इसके साथ जुड़ी सहयोग पहल मिलकर भारत और न्यूजीलैंड को अधिक विविधतापूर्ण, मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाने में मदद कर सकती हैं।
इस एफटीए की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक न्यूजीलैंड की ओर से भारत के सभी 8,284 उत्पाद श्रेणियों के निर्यात पर तत्काल शून्य शुल्क की सुविधा देना है। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने, विदेशी बाजारों में विविधता लाने और विकसित अर्थव्यवस्था में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, जूते और चमड़े के उत्पाद उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनमें निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। ये उद्योग बेहतर बाजार पहुंच का लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं, नए ऑर्डर हासिल कर सकते हैं और अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं।
इस समझौते से एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को भी बाजार के बढ़ते अवसरों का लाभ मिलने की उम्मीद है। छोटे कारोबारियों को अक्सर अधिक लेनदेन लागत, बाजार से जुड़ी सीमित जानकारी और विदेशों में कारोबारी संबंध स्थापित करने में कठिनाइयों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में परेशानी होती है। बेहतर शुल्क सुविधा, संस्थागत सहयोग और कारोबारियों के बीच मजबूत संपर्क से इन बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
लेख में आगे कहा गया है कि एफटीए के रणनीतिक ढांचे के तहत 2030 तक वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंचने की परिकल्पना की गई है। ये लक्ष्य दोनों देशों की महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं, लेकिन इन्हें हासिल करना प्रभावी क्रियान्वयन, कारोबारियों की भागीदारी और कई क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि पर निर्भर करेगा।
राजनीति
‘दीया मिर्जा को मुस्लिम होने के कारण टारगेट किया जा रहा’, पटाखा विवाद पर वारिस पठान

दिवाली पर पटाखे फोड़ने और सड़कों पर आतिशबाजी को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बीच एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने अभिनेत्री दीया मिर्जा के प्रदूषण-मुक्त दिवाली मनाने की अपील वाले वीडियो पर भाजपा नेता की आपत्ति को दोहरे मापदंड का उदाहरण बताया। पठान ने सवाल किया कि जब कई अन्य हस्तियों ने भी इसी तरह की अपील की थी, तो केवल दीया मिर्जा को ही क्यों निशाना बनाया गया?
वारिस पठान ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई में दिवाली के दौरान सड़कों और फुटपाथों पर पटाखे फोड़ने से बचने का निर्देश दिया था। इसके पीछे ध्वनि प्रदूषण, वायु प्रदूषण और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव को कारण बताया गया था। मुंबई नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे ने भी स्पष्ट किया था कि हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन किया जाना है।
पठान ने कहा कि निर्देशों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए नगर निगम की ओर से कई मशहूर हस्तियों से संपर्क किया गया था। उनसे लोगों से अपील करने को कहा गया था कि वे त्योहार मनाएं, लेकिन सार्वजनिक सड़कों और गलियों में पटाखे न फोड़ें। इसके बाद अभिनेत्री माधुरी दीक्षित, पूर्व क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे और अन्य हस्तियों के साथ दीया मिर्जा ने भी वीडियो के जरिए लोगों से अपील की थी। मिर्जा ने अपने संदेश में दिवाली मनाने के अधिकार का समर्थन किया, लेकिन साथ ही पटाखों से होने वाले प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी नुकसान को ध्यान में रखने की बात कही थी।
वारिस पठान ने कहा कि मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमित साटम ने इस मुद्दे पर एक्स पोस्ट के जरिए केवल दीया मिर्जा को निशाना बनाया। उन्होंने सवाल किया कि जब माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे सहित अन्य लोगों ने भी इसी तरह के वीडियो बनाए थे, तो उनके खिलाफ कोई टिप्पणी क्यों नहीं की गई? यदि भाजपा को इन अपीलों पर आपत्ति थी तो उसे सभी हस्तियों के बारे में एक समान बात रखनी चाहिए थी। दीया मिर्जा को उनके मुस्लिम नाम के कारण निशाना बनाया जा रहा है।
एआईएमआईएम प्रवक्ता ने कहा कि नगर निगम आयुक्त के निर्देशों के तहत वीडियो बनवाए गए और अब उन्हें हटाने की बात की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह पहल हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन के लिए थी, तो इस पर विवाद क्यों खड़ा किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि दिवाली सभी को मनाने का अधिकार है, लेकिन त्योहार के नाम पर केवल एक मुस्लिम अभिनेत्री को निशाना बनाना दोहरा मापदंड है।
राजनीति
इंडिया ब्लॉक की रैली को भाजपा ने बताया ‘फ्लॉप’ तो भड़के अबू आजमी, बोले- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे

इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के बयानों पर समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि इंडिया ब्लॉक की रैली को फ्लॉप कहना खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसा है। वहीं, आजम खान पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित और फंसाया जा रहा है।
सपा विधायक अबू आजमी ने कहा, “1974 के बाद दिल्ली के रामलीला मैदान में सबसे बड़ी रैली हुई है, तो उसे फ्लॉप शो कहा जाएगा? इसका मतलब खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे। यह किसी के खिलाफ दुश्मनी नहीं है, बल्कि प्रदेश और संविधान के खिलाफ काम करने वालों के खिलाफ है। जो चोरी से सरकारें बनीं, उनके खिलाफ है। जिन्होंने यह सारा काम किया, उस चुनाव आयोग के खिलाफ है, जिसने भाजपा के कार्यकर्ता की तरह काम किया। उनका पोल खुल चुका है। जनता की आवाज पर प्रधानमंत्री को पहले ही दिन उन्हें बदल देना चाहिए था, तो इतना बड़ा बवाल खड़ा ही नहीं होता। अब उनको जेल भी जाना पड़ेगा। जनता सब समझ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि मैं तो सीजेआई को भी बधाई देना चाहता हूं। आपने सोए हुए लोगों को जगा दिया। आपने पढ़े-लिखे लड़कों को कॉकरोच बोल दिया। अब कॉकरोच जनता पार्टी के साथ-साथ आम जनता भी सड़क पर आ गई है। अब 2027 और 2029 उनके नहीं होंगे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान पर सपा विधायक ने कहा कि ठीक बात कह रहे हैं। जवाबदेही तो होनी ही चाहिए। जो भी व्यक्ति हो, कोई कानून से बड़ा नहीं होता। अगर किसी ने कानून के खिलाफ काम किया है, तो उसकी जवाबदेही बनती है। भारतवर्ष के संविधान के मुताबिक, चाहे सड़क पर भीख मांगने वाला व्यक्ति हो या प्रधानमंत्री, सबके साथ एक जैसा कानून होना चाहिए।
वहीं, आजम खान के मामले में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि आजम खान कई सालों से जेल में हैं। जब भी उन्हें जमानत मिलती है, कोई नया मामला सामने आ जाता है। बड़ी मुश्किल से वे बाहर आते हैं, फिर ईडी का मामला आ जाता है। अगर इतने सालों से वे जेल में थे, तो उसी समय उनके बयान लेकर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। मुंबई में भी कई मंत्री गिरफ्तार हुए। दो साल जेल में रहने के बाद अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ पर्याप्त आधार नहीं हैं और वे छूट गए, लेकिन तब तक उनका राजनीतिक और व्यक्तिगत नुकसान हो चुका था। यह सब जो चल रहा है, संविधान की भावना के खिलाफ है।
सपा विधायक ने आरोप लगाया कि आजम खान को प्रताड़ित और परेशान किया जा रहा है। अगर उनकी यूनिवर्सिटी में कोई कमी है, तो सरकार उसे ठीक कराए, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति, जो कई बार विधायक और मंत्री रह चुके हैं और जिन्होंने मुलायम सिंह यादव के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पार्टी को खड़ा किया। उनके पूरे परिवार को बर्बाद करने की कोशिश करना गलत है। मैं इसकी खुलकर निंदा करता हूं।
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