खेल
मेसी का शानदार प्रदर्शन, इंटर मियामी ने न्यू इंग्लैंड रेवोल्यूशन को 2-1 से हराया
लियोनेल मेसी ने एक बेहतरीन असिस्ट और मैच के आखिर में किए गए गोल की मदद से इंटर मियामी को न्यू इंग्लैंड रेवोल्यूशन के खिलाफ 2-1 से जीत दिलाई। इस जीत के साथ ही टीम ने अगले साल होने वाले कॉन्काकैफ चैंपियंस कप में अपनी जगह पक्की कर ली है।
इस जीत से मियामी एमएलएस कप प्लेऑफ से पहले ईस्टर्न कॉन्फ्रेंस में नंबर 2 सीड की स्थिति में पहुंच गई है। इस सीजन में मेसी के नाम अब 26 गोल और 16 असिस्ट हो गए हैं। इसके साथ ही वह लगातार तीसरी बार एमएलएस एमवीपी अवार्ड और लगातार दूसरी बार ‘गोल्डन बूट’ जीतने की रेस में सबसे आगे हो गए हैं।
पहले 45 मिनट तक दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला रहा और हाफ टाइम तक कोई भी टीम गोल नहीं कर सकी। इस दौरान इंटर मियामी को 28वें मिनट में एक अच्छा मौका मिला, जब मेक्सिकन खिलाड़ी बर्टेरामे ने बॉक्स के बाईं ओर से बाएं पैर से शॉट मारा, जिसे न्यू इंग्लैंड के गोलकीपर मैट टर्नर ने बचा लिया।
दूसरे हाफ में, 53वें मिनट में डेनियल गाजदाग के गोल की बदौलत मेजबान टीम (न्यू इंग्लैंड) ने खाता खोला। 69वें मिनट में इंटर मियामी ने शानदार टीम वर्क दिखाते हुए स्कोर को 1-1 से बराबर कर दिया। सेगोविया ने बॉक्स के अंदर एक ‘लॉब’ पास दिया, जिस पर मेसी ने हेडर से गेंद को बर्टेरामे की तरफ बढ़ाया। बर्टेरामे ने बॉक्स के बीच से एक जोरदार हेडर लगाकर गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। यह इस रेगुलर सीजन में बर्टेरामे का 10वां गोल था, जबकि मेसी का यह इस लीग सीजन का 16वां असिस्ट रहा।
83वें मिनट में इंटर मियामी ने मैच का पासा पूरी तरह से पलटा। एक बेहतरीन पासिंग सीक्वेंस के बाद मेसी ने निर्णायक गोल किया। सुआरेज ने बॉक्स के बाहर बीच में मेसी को गेंद दी, जहां अर्जेंटीना के इस स्टार खिलाड़ी ने तीन डिफेंडरों को छकाया। इसके बाद सेगोविया के साथ मिलकर वह बॉक्स के अंदर पहुंचे और एक सटीक शॉट के जरिए गेंद को गोल पोस्ट के निचले दाएं कोने में पहुंचा दिया।
इस गोल के साथ मेसी के कुल गोल की संख्या 26 हो गई है, जिससे वह एमएलएस 2026 गोल्डन बूट की रेस में सबसे आगे निकल गए हैं। वहीं, इस रेगुलर सीजन में सेगोविया के असिस्ट की संख्या 12 हो गई है। इसके बाद 1-2 की स्कोरलाइन अंतिम सीटी बजने तक कायम रहा, जिससे इंटर मियामी ने अपने घर से बाहर खेलते हुए तीन अंक हासिल किए।
खेल
‘मैं अब युवा नहीं रही, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल से लिया ब्रेक’: पीवी सिंधु

ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया है। सिंधु इस टूर्नामेंट के लिए ही ब्रेक लिया था।
जापान ओपन सुपर 750 और जर्मनी में हाइलो ओपन में जीत हासिल करने के बाद पीवी सिंधु का आत्मविश्वास बढ़ा है। 2022 के बाद यह पहला सीजन है जिसमें सिंधु ने कई बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टाइटल जीते हैं। पूर्व वर्ल्ड चैंपियन ने सारब्रुकेन में टूर्नामेंट से पहले फ्रेंच ओपन का फाइनल भी खेला था, लेकिन वह दुनिया की नंबर 1 और पेरिस 2024 चैंपियन कोरिया की एन से-यंग से हार गई थीं।
हाइलो ओपन जीतने के कुछ दिनों बाद, सिंधु ने कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने बताया कि उनका शुरुआती प्लान सभी टूर्नामेंट खेलने का था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने शरीर की सुनने और दिसंबर में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल के लिए आराम करने और फिट होने का फैसला किया।
बैडमिंटन फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित मीडिया बातचीत के दौरान आईएएनएस के एक सवाल पर सिंधु ने कहा, “लंबा टूर खेलने के बाद, मैंने सोचा था कि मैं कोरिया ओपन और उसके बाद के टूर्नामेंट नहीं खेल पाऊंगी, लेकिन मेरे लिए वापस आकर आराम करना भी जरूरी था। मेरे लिए अपने शरीर का ध्यान रखना और अगले टूर्नामेंट के लिए फिट होना जरूरी था। यही प्लान था। मुझे लगता है कि मेरे लिए यह फैसला लेना जरूरी था कि मैं नहीं खेलूंगी। मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना है और कोर्ट पर फिर से मजबूती से वापस आना है।”
सिंधु ने कहा, “मैं अब जवान नहीं रही, लेकिन मैंने यह भी कहा कि 31 अब नया 21 है, इसलिए मुझे अपने शरीर का ध्यान रखना है।”
नया 3×15 स्कोरिंग सिस्टम 4 जनवरी, 2027 से लागू होगा। सिंधु ने यह भी बताया कि क्या यह गेम को बदल देगा और क्या उनका गेम नए पॉइंट सिस्टम के हिसाब से सही होगा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को शुरू से ही चौकन्ना रहने और आसान पॉइंट न गंवाने के लिए अलर्ट रहने की जरूरत है।
सिंधु ने कहा, “15 पॉइंट्स ऐसी चीज है जिस पर हर किसी को जरूर काम करना चाहिए, और हम इतने सालों से 21 पॉइंट्स पर खेल रहे हैं। इसलिए, हमने यह पक्का किया कि हम उस स्कोरिंग के लिए भी ट्रेनिंग और अभ्यास करें। हर किसी के लिए यह अलग होगा, इसलिए शुरू से ही अलर्ट रहना भी जरूरी है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह जरूरी है कि आप शुरू से ही अलर्ट रहें। यह भी जरूरी है कि जब तक आपको पता चले कि आधा गेम खत्म हो गया है, तब तक आप कोई और आसान पॉइंट न दे सकें। इसलिए आपको हर बार चौकन्ना रहना होगा।”
खेल
बर्थडे स्पेशल: विराट कोहली के 38वें जन्मदिन पर जानें उनके शरीर पर बने 13 ‘टैटू’ का राज

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली गुरुवार को 38 साल के हो जाएंगे। क्रिकेट विराट के जीवन का पहला प्यार है। इस खेल में खुद को सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए उन्होंने पूर्ण समर्पण के साथ कड़ी मेहनत की है और ये सिलसिला अब भी जारी है। क्रिकेट के अलावा विराट को टैटू बेहद पसंद है।
विराट कोहली टैटू के बहुत बड़े फैन हैं। इसका सबूत उनके शरीर पर बने टैटू की संख्या देती है। विराट ने अपने पूरे शरीर के अलग-अलग हिस्सों में 13 टैटू बनाए हैं जिनका अलग-अलग अर्थ है।
विराट ने अपने बाएं ट्राइसेप ‘ओम का निशान’ बनवाया है। ये टैटू आध्यात्मिकता और उस यूनिवर्सल आवाज को दिखाता है जो ब्रह्मांड में हमेशा एक जैसी रहती है।
कोहली ने अपने बाएं कंधे पर एक मॉनेस्ट्री की तस्वीर बनवाई है। मठ एक इमारत या इमारतों का ग्रुप होता है जहां एक धार्मिक समुदाय, ज्यादातर साधु समाज से दूर रहते हुए साधना करते हैं।
पूर्व कप्तान की राशि स्कॉर्पियो है। इस वजह से दाहिने हाथ के ऊपरी हिस्से में उन्होंने स्कॉर्पियो का निशान बनवाया है। स्कॉर्पियो राशि वाले बहुत ज्यादा पैशन, इंटेंसिटी और समर्पण दिखाने के लिए जाने जाते हैं। कोहली में ये सारी खूबियां दिखती हैं।
कोहली ने अपने बाएं हाथ पर 269 का टैटू बनवाया है। यह उनका टेस्ट कैप नंबर है।
विराट का वनडे कैप नंबर 175 है। उन्होंने अपने बाएं हाथ पर इस नंबर का भी टैटू बनवाया है।
‘किंग’ के नाम से मशहूर कोहली ने अपने बाएं हाथ पर पिता प्रेम कोहली और माता सरोज कोहली के नाम का टैटू बनवाया है।
कोहली के बाएं ऊपरी हाथ पर एक खास जापानी समुराई टैटू है, जो पारंपरिक बुशिडो कोड ऑफ डिसिप्लिन और ऑनर से प्रेरित है। विराट खुद ताकत, अनुशासन और आत्मनियंत्रण की मिसाल हैं, ये गुण समुराई टैटू डिजाइन से जुड़े हैं।
विराट के बाएं कंधे पर जापानी समुराई टैटू के ठीक ऊपर एक दिव्य आंख का टैटू भी है। ‘गॉड्स आई’ टैटू उनके इस विश्वास को दिखाता है कि उनके हर काम पर नजर रखी जा रही है। इससे वह अपने फैसलों के लिए जिम्मेदार रहते हैं।
पियोनी टैटू विराट कोहली के बाएं कंधे पर बने आर्टवर्क का हिस्सा है। इस फूल का एशिया में, खासकर चीनी परंपरा में, बहुत गहरा सांस्कृतिक महत्व है, जहां इसे अक्सर धन, खुशहाली, सम्मान और ऊंचे सामाजिक स्तर से जोड़ा जाता है।
विराट के दाएं फोरआर्म पर मेटाट्रॉन क्यूब, एक क्यूबिक पैटर्न और आध्यात्मिक सिंबल का एक रूप है।
कोहली के बाएं हाथ पर कैलाश पर्वत पर ध्यान करते हुए भगवान शिव की एक तस्वीर है। उसके बैकग्राउंड में मानसरोवर झील है। टैटू विराट के आध्यात्मिक जुड़ाव को दिखाता है।
आईपीएल 2026 के शुरू होने से पहले कोहली ने अपने बाएं हाथ पर पूरी आस्तीन का ‘लोटस’ टैटू बनवाया था। यह उनकी जीवन यात्रा को प्रदर्शित करता है।
कोहली ने अपने बाएं हाथ पर एक नया टैटू बनवाया है। इसमें एक गोल डिजाइन है जो एक बीच के पॉइंट से निकलती हुई कई घुमावदार लाइनों से बना है। इसमें पानी में एक बूंद गिरने के बाद पानी की सतह पर लहर जैसा प्रभाव दिखता है। यह डिजाइन दिखाता है कि कैसे एक छोटी सी घटना या किसी व्यक्ति के काम बहुत बड़ा असर डाल सकते हैं।
विराट का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली में हुआ था। दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 18 अगस्त 2008 को श्रीलंका के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का आगाज किया था।
टेस्ट और टी20 संन्यास ले चुके विराट का अगला लक्ष्य वनडे विश्व कप 2027 में भारत को चैंपियन बनाना है।
न्यूजीलैंड के खिलाफ बुधवार को हो रहे पहले वनडे से पहले विराट ने अपने करियर में 317 वनडे में 55 शतक और 79 अर्धशतक की बदौलत 15,109 रन बनाए हैं। वहीं, 123 टेस्ट में 30 शतक की बदौलत 9,230 रन और 125 टी20 में 1 शतक और 38 अर्धशतक की बदौलत उनके नाम 4,188 रन दर्ज हैं।
खेल
रोहित भाई के उस ‘रन-आउट’ ने मैच का रुख बदल दिया: कप्तान गिल

भारत ने बुधवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ बारिश से प्रभावित मुकाबले में 5 विकेट से जीत हासिल की। कप्तान शुभमन गिल ने बुधवार को ईडन पार्क में मिली जीत का श्रेय अपनी टीम की अनुशासित गेंदबाजी और बेहतरीन फील्डिंग को दिया।
उन्होंने खास तौर पर रोहित शर्मा द्वारा डेरिल मिशेल को रन-आउट करने के पल का जिक्र किया। गिल ने कहा कि यह विकेट मैच का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ, क्योंकि उस समय मिशेल और ग्लेन फिलिप्स की साझेदारी से न्यूजीलैंड मैच में वापसी करने की स्थिति में दिख रहा था।
ऑकलैंड में न्यूजीलैंड को 40.2 ओवरों में 185 रन पर समेटने के बाद भारत ने डकवर्थ लुईस नियम के तहत मिले 143 रन के संशोधित लक्ष्य को 22.4 ओवरों में हासिल कर लिया। इस दौरान कोहली ने 51 गेंदों में 14 गेंदों में 74 रन की पारी खेली। इसी के साथ टीम इंडिया ने पांच मुकाबलों की सीरीज में 1-0 से बढ़त हासिल कर ली है।
टीम के प्रदर्शन को लेकर गिल ने बताया कि कैसे भारत की फील्डिंग ने गेंदबाजी का बखूबी साथ दिया, और रोहित की शानदार फील्डिंग ने न्यूजीलैंड के प्रतिरोध को तोड़ने में मदद की।
गिल ने कहा, “हमारी गेंदबाजी बहुत अच्छी रही। हमारी फील्डिंग भी काफी शानदार थी। रोहित भाई के उस रन-आउट ने मैच का रुख ही बदल दिया। मिशेल और फिलिप्स की साझेदारी काफी खतरनाक लग रही थी – हमने भारत में भी देखा था कि उन दोनों ने कितनी अच्छी बल्लेबाजी की थी। कुल मिलाकर, यह हमारी टीम का बहुत अच्छा प्रदर्शन रहा।”
कप्तान गिल, अंशुल कंबोज और गुरनूर बराड़ के योगदान से खुश नजर आए। इन दोनों गेंदबाजों ने परिस्थितियों का पूरा फायदा उठाते हुए न्यूजीलैंड को लगातार दबाव में रखा। कंबोज ने 10 ओवरों में 22 रन देकर 2 विकेट चटकाए, जबकि बराड़ ने 44 रन देकर 3 विकेट हासिल किए।
उन्होंने आगे कहा, “मेरा मतलब है कि अंशुल ऐसे गेंदबाज हैं, जो इन परिस्थितियों के लिए एकदम उपयुक्त है। वह हमेशा तेज गेंदबाजी करते हैं और गेंद को सीम कराने की कोशिश करते हैं। वह पुरानी गेंद से भी अच्छी गेंदबाजी करते हैं। हमें लगा कि जब पिच से ज्यादा मदद नहीं मिल रही हो, तो वह अतिरिक्त उछाल पैदा कर सकता है। उसकी गति और जिस तरह से उन दोनों ने आज रात गेंदबाजी की, उन्हें देखना वाकई शानदार था।”
भारतीय पारी के दौरान दो बार बारिश हुई, जिसके कारण ओवरों की संख्या घटाकर 32 कर दी गई और लक्ष्य में भी बदलाव करना पड़ा। गिल ने माना कि बदलती परिस्थितियों ने उन बल्लेबाजों के लिए चुनौती पेश की जो क्रीज पर जम चुके थे, लेकिन उन्होंने कहा कि कोहली की पारी ने भारत को इस स्थिति से निपटने में मदद की।
कप्तान ने कहा, “जब आप क्रीज पर सेट हो जाएं और फिर बारिश आ जाए, तो चीजें आसान नहीं होता। बारिश के बाद पिच थोड़ी तेज हो गई और गेंद भी ज्यादा तेजी से आने लगी। लक्ष्य भी कम हो गया था। इसलिए हम बस अपना सामान्य खेल खेलने की कोशिश कर रहे थे। विराट भाई ने जिस तरह से बल्लेबाजी की, उसने हमारे लिए चीजें काफी आसान कर दीं।”
वेलिंगटन में होने वाले दूसरे वनडे के बारे में गिल ने कहा कि पहली जीत के बाद भारत कोई बड़ा बदलाव करने के बारे में नहीं सोच रहा है। उन्होंने उसी स्तर के प्रदर्शन को दोहराने के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “कुछ खास नहीं, अगर हम अपने प्रदर्शन को दोहरा सकें, तो हमारे लिए सबसे अहम बात निरंतरता है। अगर हम बार-बार ऐसा ही प्रदर्शन कर पाते हैं, तो हम बहुत अच्छी स्थिति में रहेंगे।”
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