राजनीति
पीएम मोदी ने हिमाचल में मेगा फार्मा, पनबिजली परियोजनाओं का शुभारंभ किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को हिमाचल प्रदेश के एक दिवसीय दौरे के दौरान हाई स्पीड लग्जरी चौथी वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई और बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी जो लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करेगा और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार देगा। इसके अलावा पीएम मोदी ने दो मेगा जल विद्युत परियोजनाओं की भी सौगात दी। पांच साल में प्रधानमंत्री का यह राज्य का नौवां और करीब एक हफ्ते में दूसरा दौरा है। ट्रेन को हरी झंडी दिखाने और बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखने के अलावा, उन्होंने भाजपा शासित राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले ऊना में स्थापित 128 करोड़ रुपये के भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) का भी उद्घाटन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने लगभग 700 करोड़ रुपये की दो जलविद्युत परियोजनाओं की आधारशिला रखी और चंबा शहर में एक अन्य समारोह में 3,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-3 का शुभारंभ किया।
दोनों जगहों पर विकास परियोजनाएं शुरू करने के बाद, पीएम मोदी ने जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि, इससे क्षेत्र की प्रगति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और यह राज्य की डबल इंजन सरकार के साथ एक वास्तविकता बन गई है जिसने परियोजनाओं के लिए अनुमोदन और उनकी तेज प्रगति सुनिश्चित की है। दोनों जगहों पर ‘मोदी है तो मुमकिन है’ के नारे गूंजते रहे।
पार्टी के चुनाव प्रचार का नेतृत्व कर रहे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का नौवां दौरा है, जो राज्य और यहां की जनता के साथ उनके जुड़ाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री के दौरे से चकित हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि आने वाले विधानसभा चुनावों में राज्य से कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो जाएगा।
वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा की शुरूआत के साथ, दिल्ली और चंडीगढ़ के बीच यात्रा का समय घटकर तीन घंटे हो गया है। 19 अक्टूबर से यह शुक्रवार को छोड़कर सप्ताह में छह दिन चलेगी। अंब अंदौरा से नई दिल्ली तक चलने वाली, वंदे भारत एक्सप्रेस का उद्घाटन देश में शुरू की जाने वाली चौथी वंदे भारत ट्रेन है। यह महज 52 सेकेंड में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेती है। ट्रेन की शुरूआत से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और यात्रा आरामदायक होगी और समय बचाने में मदद मिलेगी।
आत्मनिर्भर भारत के लिए प्रधान मंत्री के आह्वान ने देश को सरकार की विभिन्न नई पहलों के समर्थन के माध्यम से कई क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाया है। ऐसा ही एक प्रमुख क्षेत्र फार्मास्यूटिकल्स है, और इस क्षेत्र में आत्मानिर्भरता लाने के लिए प्रधानमंत्री ने हरोली में 1,923 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले बल्क ड्रग पार्क की आधारशिला रखी। पार्क सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) या फार्मास्युटिकल कच्चे माल के आयात पर निर्भरता को कम करने में मदद करेगा। इससे लगभग 10,000 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने और 20,000 से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करने की उम्मीद है। यह क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगा।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) ऊना की आधारशिला 2017 में प्रधान मंत्री द्वारा रखी गई थी। वर्तमान में, संस्थान में 530 से अधिक छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऊना में उद्घाटन और जनसभा के बाद, प्रधान मंत्री ने चंबा में दो जलविद्युत परियोजनाओं- 48 मेगावाट की चंजू-3 हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजना और 30 मेगावाट की देवथल चंजू हाइड्रो-इलेक्ट्रिक परियोजना की आधारशिला रखी। इन दोनों पनबिजली परियोजनाओं से सालाना 270 मिलियन यूनिट बिजली पैदा होगी और हिमाचल प्रदेश को इन परियोजनाओं से लगभग 110 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व मिलने की उम्मीद है।
प्रधान मंत्री मोदी ने राज्य में लगभग 3,125 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन के लिए प्रधान मंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-3 की भी शुरूआत की। केंद्र सरकार द्वारा इस चरण के तहत राज्य के 15 सीमा और दूर-दराज के ब्लॉकों में 440 किलोमीटर सड़कों के उन्नयन के लिए 420 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी दी गई है। चंबा में एक जनसभा में भारी भीड़ के बीच, मोदी ने कहा कि भाजपा की डबल इंजन सरकार ने राज्य के हर घर में घरेलू गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया।
स्थानीय लोगों के साथ संबंध बनाने की कोशिश करते हुए, मोदी ने कहा कि मिंजर मेले के दौरान चंबा के एक शिक्षक ने एक पत्र के माध्यम से इस जगह के बारे में जानकारी साझा की, जिसे उन्होंने अपने ‘मन की बात’ में साझा किया। उन्होंने केरल की नौवीं कक्षा की छात्रा देविका की भी प्रशंसा की, जिन्होंने शहर की सुरम्य सुंदरता का वर्णन करते हुए लोक गीत ‘चंबा कितनी की दूर’ गाया था। गाना वायरल हो गया है। ग्रामीण सड़क योजना का शुभारंभ करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में 12,000 किलोमीटर सड़कें बनाई गई हैं।
चुनाव आयोग, जिसने अभी-अभी राज्य की अपनी तीन दिवसीय यात्रा समाप्त की है, अगले कुछ दिनों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करने की संभावना है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की थी, जहां 72.25 फीसदी मतदान हुआ था।
राजनीति
दीया मिर्जा के दीपावली वीडियो पर सियासी घमासान, शिवसेना ने किया विरोध तो एनसीपी आई सपोर्ट में

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) द्वारा अभिनेत्री दीया मिर्जा का पर्यावरण-अनुकूल और पटाखा-मुक्त दीपावली को बढ़ावा देने वाला जागरूकता वीडियो हटाए जाने के बाद विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। एक ओर शिवसेना के नेता आनंद दुबे ने वीडियो का विरोध किया है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो अभिनेत्री दीया मिर्जा के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।
शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि कलाकार लोगों को ज्ञान देने के बजाय टेलीविजन पर अपनी कला का प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा, “देखिए, सनातन इतना महान है कि उसे दीया मिर्जा या किसी से जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। दीपावली का पावन पर्व सभी हिंदुओं के लिए सबसे बड़ा त्योहार होता है। हमें दीपावली का पर्व कैसे और किस तरह से मनाना है, ये किसी और से जानने की जरूरत नहीं है। हमें अच्छी तरह से अपनी संस्कृति के बारे में पता है और यह भी पता है कि पर्यावरण की किस तरह से रक्षा करनी है।”
उन्होंने कहा कि कलाकार टेलीविजन पर अपनी कला का प्रदर्शन करें, हम अपना काम कर लेंगे। हम अपनी परंपरा, आदर्शों और मूल्यों को हमेशा आगे रखकर चलते हैं। तो हमें किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है कि किस तरह से त्योहार मनाना चाहिए।”
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र परिवार) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो का कहना है कि दीया मिर्जा ने हाई कोर्ट के आदेशों का पालन किया है। उन्होंने कहा, “दीया मिर्जा ने खुद अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर वीडियो जारी नहीं किया है, बल्कि बीएमसी के किसी इंचार्ज ने उन्हें वीडियो बनाने के लिए अप्रोच किया था और दीया मिर्जा ने वीडियो बना दी, तब कहीं जाकर बीएमसी के हैंडल पर वीडियो डाली गई। जब दीया मिर्जा को अप्रोच किया जा रहा था, तब बीएमसी की मेयर ऋतु रावडे को इस बात की जानकारी नहीं मिली थी। उन्होंने उस समय कुछ भी क्यों नहीं कहा था? इसका मतलब है कि बीएमसी में भी अलग-अलग ग्रुप बन रहे हैं, जो मेयर को कुछ बताते नहीं हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “इसी तरह का वीडियो माधुरी दीक्षित और अजिंक्य रहाणे ने भी बनाया था। दोनों ने भी वही बात कही थी। इस वीडियो को लेकर बेवजह विवाद बढ़ाया जा रहा है। देखिए, दीपावली का त्योहार हम सभी मनाते हैं। यह खुशी का पर्व है, तो जब भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस तरह की बातें कही जाती हैं, तो यह गलत है। दीया मिर्जा ने कोई गलती नहीं की, उन्हें सिर्फ बताया गया था कि ये हाई कोर्ट के आदेश हैं। बीएमसी ने वही बात दीया मिर्जा समेत सभी कलाकारों से कहलवाई, लेकिन भाजपा बात का बतंगड़ बना रही है।”
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तमिलनाडु में नई तमिल फिल्मों को बड़ी राहत, रिलीज के पहले हफ्ते में रोजाना 6 शो की मंजूरी

तमिलनाडु सरकार ने फिल्म उद्योग को बड़ी राहत देते हुए नई तमिल फिल्मों के प्रदर्शन को लेकर महत्वपूर्ण फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने राज्य के सभी सिनेमाघरों में नई रिलीज होने वाली तमिल फिल्मों के लिए रिलीज की तारीख से एक सप्ताह तक प्रतिदिन छह शो (सुबह 6:00 बजे से अगले दिन सुबह 2:30 बजे के बीच) चलाने की अनुमति देने के आदेश जारी किए हैं।
यह फैसला तमिल फिल्म एक्टिव प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन, तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन और तमिलनाडु थिएटर एवं मल्टीप्लेक्स ओनर्स एसोसिएशन की मांगों पर विचार करने के बाद लिया गया। संगठनों ने सरकार से नई फिल्मों के प्रदर्शन के लिए शो की संख्या बढ़ाने का अनुरोध किया था।
वर्तमान में तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियम, 1957 के तहत सिनेमाघरों को जारी ‘सी’ फॉर्म लाइसेंस की शर्तों के अनुसार प्रतिदिन चार शो प्रदर्शित करने की अनुमति है, हालांकि राज्य सरकार पहले से ही नई तमिल फिल्मों को रिलीज के बाद सात दिनों तक प्रतिदिन पांच शो चलाने की विशेष अनुमति दे रही थी। इसके अलावा स्थानीय त्योहारों, सार्वजनिक अवकाशों तथा सप्ताहांत पर भी पांच शो के प्रदर्शन की व्यवस्था लागू थी।
फिल्म उद्योग की मांग पर विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु सिनेमा (विनियमन) नियमों में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर किया। इसके तहत अब नई तमिल फिल्मों को रिलीज की तारीख से सात दिनों तक प्रतिदिन सुबह 6 बजे से अगले दिन सुबह 2:30 बजे तक अधिकतम छह शो प्रदर्शित किए जा सकेंगे।
इससे पहले तमिलनाडु की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री विजय ने उच्चस्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया। यह समिति पूर्व पुलिस महानिदेशक जेके त्रिपाठी, आईपीएस (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में काम करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य जेलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करना और उसे और अधिक मजबूत बनाने के लिए सिफारिशें देना है। यह फैसला थेनी जिला जेल से हाल ही में 17 कैदियों के फरार होने की घटना के बाद लिया गया है।
राष्ट्रीय समाचार
मध्य प्रदेश: राज्यसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार का नामांकन खारिज

मध्य प्रदेश में 12 नवंबर को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को जांच के दौरान कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी का नामांकन खारिज कर दिया गया। इससे भाजपा उम्मीदवार और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को चुनौती देने की विपक्षी दल की कोशिश को बड़ा झटका लगा है।
राजकुमार लोहानी ने नामांकन दाखिल करने के आखिरी दिन, सोमवार को कांग्रेस विधायकों के समर्थन से अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे।
लोहानी का नामांकन इसलिए खारिज कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने अनिवार्य ‘फॉर्म 26’ हलफनामा जमा नहीं किया था। इस हलफनामे में उम्मीदवार की संपत्ति, देनदारियों, शैक्षणिक योग्यता और यदि कोई आपराधिक रिकॉर्ड हो तो उसका विवरण देना होता है।
लोहानी ने कमियों को सुधारने का मौका मांगा। उन्होंने झारखंड में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी का उदाहरण दिया, जिन्हें अपने नामांकन पत्रों में सुधार करने की अनुमति दी गई थी।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे, जो लोहानी के प्रस्तावकों में से एक थे, ने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने पुरी के नामांकन हलफनामे पर भी आपत्तियां जताईं।
कटारे ने मंगलवार को तीन आपत्तियां दर्ज कराईं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री की पत्नी का नाम न बताने, विदेशी मुद्रा में कुछ विदेशी संपत्तियों की घोषणा करने और हलफनामे के नोटरीकरण में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए।
कटारे ने प्रेस से बात करते हुए कहा, “हमने रिटर्निंग ऑफिसर के सामने इन तीनों बिंदुओं पर आपत्तियां जताई हैं। हमें बहुत उम्मीद तो नहीं है, लेकिन देखते हैं कि रिटर्निंग ऑफिसर क्या फैसला लेते हैं।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुरी के हलफनामे में जिनेवा में एक अपार्टमेंट और विदेशी बैंक खातों का विवरण ठीक से नहीं दिया गया है।
मध्य प्रदेश में राज्यसभा की एक सीट के लिए उपचुनाव केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के कारण जरूरी हो गया था।
भाजपा ने 28 अक्टूबर को पुरी को अपना उम्मीदवार घोषित किया। उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया।
230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास 164 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 65 विधायक हैं। इससे चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को संख्या बल के लिहाज से काफी बढ़त हासिल है।
उपचुनाव के लिए मतदान 12 नवंबर को होना है और उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी।
नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 5 नवंबर है।
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