राजनीति
पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा ने देशवासियों को दी विजयादशमी की बधाई
देशभर में बुधवार को बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का महापर्व ‘विजयादशमी’ मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा आने की कामना की है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह एवं भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत सरकार के अन्य मंत्रियों और भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दी हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट कर कहा, “सभी देशवासियों को विजय के प्रतीक-पर्व विजयादशमी की बहुत-बहुत बधाई। मेरी कामना है कि यह पावन अवसर हर किसी के जीवन में साहस, संयम और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए।”
गृहमंत्री अमित शाह ने जय श्रीराम के नारे के साथ विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए ट्वीट कर कहा, “समस्त देशवासियों को ‘विजयादशमी’ की हार्दिक शुभकामनाएं। बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की जीत का यह महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा व प्रेरणा का संचार करे। जय श्रीराम!”
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सभी के जीवन में नवीन ऊर्जा और उत्कर्ष की कामना करते हुए ट्वीट कर कहा, “असत्य पर सत्य, अन्याय पर न्याय व अधर्म पर धर्म के विजय का महापर्व विजयादशमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। यह महापर्व आप सबके जीवन में नवीन ऊर्जा व उत्कर्ष लेकर आए। जय श्रीराम!”
महाराष्ट्र
सीएम फडणवीस को मिला मंत्रियों के फैसले बदलने का अधिकार, महाराष्ट्र गवर्नमेंट रूल्स 2026 लागू

महाराष्ट्र में प्रशासनिक अधिकारों के बड़े केंद्रीकरण के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को कानूनी रूप से यह अधिकार दे दिया गया है कि वे व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए राज्य के किसी भी कैबिनेट मंत्री द्वारा लिए गए फैसले में हस्तक्षेप कर सकते हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसे निरस्त या पलट भी सकते हैं।
महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक तौर पर महाराष्ट्र गवर्नमेंट रूल्स ऑफ बिजनेस, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव और विभागीय सचिवों की प्रशासनिक शक्तियों और कार्यप्रणाली को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 166(2) और 166(3) के तहत राजपत्र में प्रकाशित इस नए ढांचे ने राज्य में कार्यपालिका के निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी पुराने नियमों और प्रक्रियाओं का स्थान ले लिया है।
नए नियमों के तहत मुख्यमंत्री को स्पष्ट कानूनी अधिकार दिया गया है कि वे जनहित में आवश्यक समझे जाने पर किसी भी मंत्री द्वारा लिए गए निर्णय में बदलाव, संशोधन या उसे रद्द कर सकते हैं। हालांकि, अर्ध-न्यायिक मामलों को इस अधिकार क्षेत्र से बाहर रखा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के लिए किसी मंत्री के निर्णय को पलटने के विस्तृत कारण लिखित रूप में दर्ज करना कानूनी रूप से अनिवार्य है। मुख्यमंत्री को किसी भी समय किसी भी विभाग से आधिकारिक दस्तावेज, फाइलें या अभिलेख मंगवाने का अधिकार है और संबंधित मंत्री और विभागीय सचिव कानूनी रूप से इनका पालन करने के लिए बाध्य हैं। नियमित प्रशासनिक कार्य और विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी प्रभारी मंत्री के पास ही रहेगी।
नियम 13(5) के तहत मुख्यमंत्री को सार्वजनिक हित के लिए विभागीय मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों को बदलने, संशोधित करने या रद्द करने का स्पष्ट अधिकार प्राप्त है। नियम 2(सी) औपचारिक रूप से “मामले” को परिभाषित करता है, जिसमें राज्य के ई-ऑफिस सिस्टम के भीतर संसाधित डिजिटल नोट्स, ई-दस्तावेज और डिजिटल फाइलें शामिल हैं।
नियम 17(2) और नियम 39 के अनुसार, कोई भी प्रशासनिक विभाग वित्त विभाग की पूर्व सहमति के बिना राजस्व परित्याग, भूमि अनुदान, रियायतें या अनिर्धारित व्यय जैसे वित्तीय निहितार्थों से संबंधित आदेश जारी नहीं कर सकता है। मुख्य सचिव राज्य में सिविल सेवाओं के प्रमुख और मंत्रिमंडल के सचिव के रूप में कार्य करते हैं।
नियम 16(1) के तहत, मुख्य सचिव को मुख्यमंत्री या मंत्रियों को यह सूचित करने का अधिकार है कि यदि कोई प्रस्तावित कार्य विधि वैधानिक प्रावधानों या स्थापित नीति का उल्लंघन करती है। विभागों को निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित मंत्रालयों से परामर्श करना आवश्यक है। भारत सरकार या अन्य राज्य सरकारों से संबंधित किसी भी संभावित विवाद या मतभेद की सूचना मुख्यमंत्री और राज्यपाल को तुरंत दी जानी चाहिए।
इस अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार को मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव या प्रधान सचिव की अध्यक्षता में अधिकृत समितियों का गठन करने की अनुमति दी गई है, जो निर्दिष्ट विषयों पर निर्णय ले सकेंगी। नए नियम 14 अगस्त, 2026 को आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होते ही तत्काल प्रभाव से लागू हो गए।
अधिकारियों का कहना है कि इस अधिसूचना ने राजनीतिक गलियारों में चिंताएं बढ़ा दी हैं कि इस कदम का सत्तारूढ़ महायुति सरकार के भीतर गठबंधन की गतिशीलता पर क्या प्रभाव पड़ेगा। राज्य मंत्रिमंडल में विभागों का बंटवारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) सहित प्रमुख गठबंधन सहयोगियों के बीच किया जाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर मुख्यमंत्री फडणवीस सहयोगी दलों के मंत्रियों द्वारा लिए गए निर्णयों को पलटने के लिए इस अधिकार का प्रयोग करते हैं, तो इससे गठबंधन के भीतर आंतरिक राजनीतिक मतभेद या बहस छिड़ सकती है।
राजनीति
पीएम मोदी ‘सेमीकॉन इंडिया’ के पांचवें सत्र का 17 सितंबर को करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी में सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे। इससे देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी मंगलवार को जारी आधिकारिक बयान में दी गई।
मंत्रालय ने बताया कि ‘सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम’ थीम वाली तीन दिन की कॉन्फ्रेंस और प्रदर्शनी 17 से 19 सितंबर के बीच आयोजित की जाएगी। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ और ग्लोबल इंडस्ट्री एसोसिएशन एसईएमआई मिलकर आयोजित कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, ग्लोबल सेमीकंडक्टर कंपनियों, इंडस्ट्री के अधिकारियों, रिसर्चर्स, एकेडेमिक्स, स्टार्ट-अप्स और स्टूडेंट्स के एक साथ आने की उम्मीद है, ताकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स वैल्यू चेन में हो रहे विकास पर चर्चा की जा सके।
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने हाल ही में देश की सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए ‘सेमीकॉन 2.0’ को मंजूरी दी है।
सरकार ने कहा है कि वह 332 से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों और 105 स्टार्ट-अप्स को एडवांस्ड डिजाइन टूल्स उपलब्ध कराकर सेमीकंडक्टर रिसर्च, इनोवेशन और डिजाइन में भी मदद कर रही है।
इसके अलावा, डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (डीएलआई) स्कीम के तहत 24 स्टार्ट-अप्स को मंजूरी दी गई है।
मंत्रालय के अनुसार, ‘सेमीकॉन इंडिया प्रोग्राम’ के तहत भारत के सेमीकंडक्टर से जुड़े लक्ष्यों को तेजी मिली है। इसके तहत घरेलू सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने में मदद के लिए ‘सेमीकॉन 1.0’ के अंतर्गत 12 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने कहा कि 2026 का एडिशन भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा के एक अहम पड़ाव पर हो रहा है। उन्होंने बताया कि सेमीकॉन 1.0 के तहत मंजूर किए गए 12 प्रोजेक्ट्स में से तीन में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा, “छह मुख्य स्तंभों के साथ सेमीकॉन 2.0 की घोषणा, एक मजबूत और टिकाऊ सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने के भारत के संकल्प को और मजबूत करती है।”
एसईएमआई के अध्यक्ष और सीईओ अजीत मनोचा ने कहा कि भारत अपने टैलेंट पूल, पॉलिसी सपोर्ट और लंबे समय के विजन के जरिए ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री में अपनी भूमिका बढ़ाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
एसईएमआई इंडिया और आईईएसए के अध्यक्ष अशोक चंडक ने कहा कि यह इवेंट एक व्यापक सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन बनाने की भारत की कोशिशों को दिखाता है और इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलिसी बनाने वालों, इन्वेस्टर्स और रिसर्चर्स के बीच सहयोग के लिए एक अहम मंच बन गया है।
इसके अलावा, इस प्रदर्शनी में 500 से ज्यादा प्रदर्शक के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें 240 से ज्यादा इंटरनेशनल कंपनियां और 40 से ज्यादा देशों के डेलिगेशन शामिल होंगे।
मंत्रालय के अनुसार, इस इवेंट में छह देशों के पवेलियन, 10 राज्य सरकारों के पवेलियन, एक स्टार्ट-अप पवेलियन, इनोवेशन शोकेस, स्टार्ट-अप पिच कॉम्पिटिशन, स्टूडेंट हैकाथॉन और वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन भी शामिल होंगे।
राष्ट्रीय समाचार
नोएडा में डेढ़ करोड़ की चोरी का खुलासा; छह आरोपी गिरफ्तार, 1.48 करोड़ कैश बरामद

नोएडा के सेक्टर-25 स्थित गैराज से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चोरी के मामले में नोएडा पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 48 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। बरामद रकम में 500-500 रुपये के नोटों की 296 गड्डियां शामिल हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की कार भी पुलिस ने बरामद की है। भारी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद पुलिस इस मामले में आयकर विभाग से भी पत्राचार करने की तैयारी कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, थाना सेक्टर-20 पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से चोरी की इस घटना का पर्दाफाश किया। छह आरोपियों को रजनीगंधा चौराहे से फिल्मसिटी की ओर जाने वाले रास्ते से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा, अवनीश कुमार, जितेंद्र कुमार, सुमित कुमार, अनिल कुमार और नीशू चौहान के रूप में हुई है।
जांच में सामने आया है कि इस मामले का मुख्य आरोपी अवनीश कुमार अपने कुछ साथियों के साथ सीए फर्म के माध्यम से लोगों से निवेश के नाम पर रकम जुटाने का काम करता था। पुलिस के अनुसार, अवनीश पिछले करीब एक साल से टीपीएफ यानी ट्रेडिंग प्रॉफिट फंड में भी काम कर रहा था। आरोपियों द्वारा लोगों को निवेश के लिए तैयार कर उनसे बड़ी रकम ली गई थी। पुलिस के मुताबिक, जिस 1 करोड़ 48 लाख रुपये की रकम की चोरी हुई, वह शिकायतकर्ता से आशीष ने निवेशक उपलब्ध कराने के नाम पर ली थी।
अवनीश को अपना लगाया हुआ पैसा वापस नहीं मिल रहा था। इसी वजह से उसने रकम वापस हासिल करने के लिए चोरी की योजना बनाई। बताया गया है कि अवनीश ने अपने साथियों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर सेक्टर-25 स्थित आशीष के गैराज को निशाना बनाया। योजना के तहत गैराज से भारी मात्रा में नकदी चोरी कर ली गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और स्थानीय सूचना के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और नकदी बरामद कर ली।
गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी अवनीश कुमार की उम्र 33 वर्ष है और वह बीएससी पास है। पुलिस के अनुसार वह पिछले एक वर्ष से टीपीएफ में काम कर रहा था। पवन उर्फ शिवम उर्फ कांचा की उम्र 28 वर्ष है और वह दिल्ली-एनसीआर तथा मथुरा में ओला-उबर टैक्सी चलाता था। जितेंद्र कुमार 24 वर्ष का है और शराब की दुकान पर सेल्समैन के रूप में काम करता है। वहीं 22 वर्षीय सुमित कुमार प्राइवेट नौकरी करता है। 22 वर्षीय अनिल कुमार भी शराब की दुकान पर सेल्समैन बताया गया है, जबकि 29 वर्षीय नीशू चौहान खेती का काम करता है।
पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी की रकम के पीछे निवेश से जुड़ा पूरा नेटवर्क कितना बड़ा है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी पवन के खिलाफ मथुरा के राया और छाता थानों में आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, चोरी का माल रखने, अपहरण, मारपीट और अन्य धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उसके खिलाफ वर्ष 2015 से लेकर 2025 तक अलग-अलग मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इसी तरह आरोपी अनिल के खिलाफ हाथरस जिले में एनडीपीएस एक्ट, आबकारी अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। जितेंद्र के खिलाफ बुलंदशहर के अरनिया थाने में एनडीपीएस एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ चोरी की रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने के बाद पुलिस की जांच अब केवल चोरी की घटना तक सीमित नहीं रहने वाली है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई थी, निवेश के नाम पर कितने लोगों से पैसा लिया गया था और इस रकम का वास्तविक स्रोत क्या था।
भारी मात्रा में कैश बरामद होने के कारण पुलिस आयकर विभाग से भी पत्राचार करेगी। पुलिस अब मामले में फरार बताए जा रहे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। डीसीपी नोएडा साद मियां खान के मुताबिक, बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
-
दुर्घटना12 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
