अंतरराष्ट्रीय समाचार
ट्रंप के अस्पताल में भर्ती होने के बीच पेंस ने संभाली प्रचार की कमान
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव महज 29 दिन दूर है। ऐसे में कोरोनावायरस से संक्रमित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अस्पताल में भर्ती होने के बीच उपराष्ट्रपति माइक पेंस ने रिपब्लिकन पार्टी के मुख्य प्रचारक के रूप में कमान संभाली है।
हालांकि, डॉक्टरों ने कहा है कि ट्रंप को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है, लेकिन वह व्यक्तिगत रूप से चुनाव प्रचार अभियान रैलियों में शामिल नहीं हो पाएंगे।
इसलिए, पेंस अब ट्रंप को फिर से कुर्सी पर काबिज करने के लिए लॉन्च किए गए ‘ऑपरेशन मागा’ (मेक अमेरिका ग्रेट अगेन) पहल के तहत प्रचार करेंगे, जो कि 3 नवंबर को होने वाले चुनाव के मद्देनजर इस महीने में होने वाले व्यक्तिगत और वर्चुअल कार्यक्रमों की एक सीरीज है।
एक वरिष्ठ कैम्पेन एडवाइजर जेसन मिलर ने एनबीसी न्यूज से कहा, उनके पास एक बहुत ही आक्रामक प्रचार कार्यक्रम होगा।
उपराष्ट्रपति सोमवार को यूटा के दौरे पर जाएंगे।
वह गुरुवार को एरिजोना में ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ रैली में भाग लेंगे, पेंस के लिए यह एक बड़ी रैली होगी, जिन्होंने अब तक केवल अपेक्षाकृत छोटे समूहों को संबोधित किया है।
एनबीसी न्यूज से बात करते हुए, मिलर ने कहा कि पेंस को ट्रंप परिवार के सदस्यों डोनाल्ड जूनियर और एरिक, और इवांका का समर्थन मिलेगा।
एरिक ट्रंप ने पिछले महीने अटलांटा में राष्ट्रपति के भारतीय समर्थकों की एक बैठक को संबोधित किया था।
पेंस के लिए सबसे महत्वपूर्ण चुनौती बुधवार को आएगी जब वह डेमोक्रेटिक पार्टी की उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवार कमला हैरिस के साथ बहस करेंगे, जहां कोविड-19 संकट पर ट्रंप प्रशासन की प्रतिक्रियाओं के बारे में सवाल किए जाएंगे।
जब ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन के बीच बहस हुई थी तो बहस में ट्रंप का गरम मिजाज और बाइडन का नरम रुख देखन को मिला था लेकिन यहां पर मामला उलट है, जहां कमला हैरिस बहस में माहिर हैं, वहीं पेंस का व्यक्तित्व नरम रुख वाला है।
अगर ट्रंप 15 और 22 अक्टूबर को होने वाली बाइडन के साथ अगली दो बहस में शामिल नहीं होते हैं तो बुधवार को दोनों के अभियानों का अंतिम टकराव होगा।
ट्रंप के स्वास्थ्य की स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। डॉक्टर शॉन कॉनले के अनुसार, इलाज के दौरान दो बार राष्ट्रपति का ऑक्सीजन का स्तर गिरा।
इस बीच, ट्रंप खुद को चुस्त-दुरुस्त दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
उनके डॉक्टरों ने कहा कि वह वाशिंगटन में वाल्टर रीड नेशनल मिल्रिटी मेडिकल सेंटर में प्रेसिडेंशियल सूट में चहलकदमी कर रहे थे और कुछ जरूरी कामों को देख रहे थे।
ट्रंप रविवार की शाम को, अस्पताल के बाहर एकत्रित अपने समर्थकों का अभिवादन करने के लिए कुछ समय के लिए निकले।
बाहर निकलने से पहले, उन्होंने एक वीडियो ट्वीट किया और कहा, “मैंने कोविड-19 के बारे में बहुत कुछ सीखा है। यह असली स्कूल है। यह एक बहुत ही दिलचस्प बात है जो मैं आपको इसके बारे में बताने जा रहा हूं।”
यह दिखाने के लिए कि ट्रंप काम कर रहे हैं, व्हाइट हाउस ने एक तस्वीर जारी की जिसमें ट्रंप कॉन्फ्रेंस टेबल पर फोन के साथ नजर आ रहे हैं, इस बारे में कहा गया कि उन्होंने पेंस, विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल मार्क मिली से बात की।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ब्रिटेन अगले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत करेगा : रिपोर्ट

ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के दोबारा जहाजों के लिए खोलने के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के साथ अहम बातचीत करने जा रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की मेजबानी में 2 अप्रैल को हुई वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। इसमें संभावित प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
एक अधिकारी के अनुसार, इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य मौजूदा तनाव को खत्म करने का स्थायी रास्ता तलाशना है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान पर कूटनीतिक दबाव बढ़ाने की रणनीति भी बनाई जाएगी, ताकि वह इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोल सके।
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर ब्रिटेन द्वारा इस महीने आयोजित की जा रही यह तीसरी बैठक होगी। हालांकि, अगले सप्ताह होने वाली इस बैठक की सटीक तारीख अभी तय नहीं की गई है।
इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो हफ्ते का युद्धविराम लागू है। अब दोनों देश पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अहम बातचीत करने जा रहे हैं। लेकिन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास, अलग-अलग मांगें और दबाव के कारण बातचीत काफी चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
द वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, दोनों देशों में सिर्फ एक ही बात समान है कि युद्ध से बाहर निकलने की जरूरत। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्तावों को ‘धोखा’ करार दिया है और आरोप लगाया है कि ईरान टैंकरों की आवाजाही में बाधा डाल रहा है।
दूसरी ओर, ईरान ने भी अपनी शर्तें साफ कर दी हैं। मोहम्मद बाक़िर गालिबफ ने कहा है कि बातचीत शुरू होने से पहले ‘ब्लॉक किए गए संपत्तियों’ की रिहाई जैसे मुद्दों का समाधान जरूरी है।
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ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार

भारत ने शनिवार को ईरान से ईरान से अपने नागरिकों को निकालने में मदद के लिए भारत ने आर्मेनिया का जताया आभार नागरिकों को निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनिया का आभार जताया है।
आर्मेनिया के रास्ते कई भारतीय मछुआरों की ईरान से सुरक्षित निकासी हुई है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट में कहा, “आज ईरान से आर्मेनिया के रास्ते भारत में भारतीय मछुआरों को निकालने में मदद करने के लिए विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान और आर्मेनियाई सरकार को धन्यवाद।”
पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालात के बीच, हाल के दिनों में सैकड़ों भारतीय नगरिक सीमा पार कर जमीनी रास्ते से आर्मेनिया पहुंचे हैं। भारत अपने नागरिकों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट रूट सुनिश्चित करने के लिए इलाके की सरकारों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत ने में मदद के लिए अजरबैजान को भी धन्यवाद दिया थी। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफ़िंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लगभग 204 भारतीय नागरिक जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते ईरान से अजरबैजान में सफलतापूर्वक पहुंच गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि जहां कई पहले ही भारत लौट चुके हैं, वहीं आगामी दिनों में और लोगों के आने की उम्मीद है।
जायसवाल ने कहा, “अजरबैजान में हमारे राजदूत मौजूद हैं। हमारे कई भारतीय नागरिक—ठीक-ठीक कहें तो 204—ईरान से अजरबैजान के लिए जमीनी सीमा चौकियों के रास्ते निकलने में सफल रहे हैं। वो लोग वहां से, वे स्वदेश लौटेंगे। उनमें से कई लौट चुके हैं; बाकी अगले कुछ दिनों में लौट आएंगे।”
उन्होंने आगे कहा, “हम अजरबैजान सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने जमीनी रास्ते ईरान से भारतीय नागरिकों के निकलने में मदद की। हमारे दोनों पक्षों के बीच परामर्श और नियमित आदान-प्रदान होता रहता है।”
भारत ने पहले भी लोगों को निकालने की कोशिशों में आर्मेनिया की मदद की सराहना की थी। 16 मार्च को, ईएएम जयशंकर ने मुश्किल हालात में मिल रहे सहयोग की प्रशंसा की थी, ईरान से 550 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने में मदद करने के लिए आर्मेनियाई सरकार और वहां के लोगों को धन्यवाद दिया था।
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यूएई ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के प्रवेश और ट्रांजिट पर लगाई रोक, क्षेत्रीय तनाव के बीच फैसला

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरानी पासपोर्ट धारकों के लिए नए यात्रा प्रतिबंध लागू किए हैं, जिसके तहत उन्हें देश में प्रवेश करने या उसके हवाई अड्डों के माध्यम से अन्य देशों के लिए ट्रांजिट करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच उठाया गया माना जा रहा है।
नवीनतम निर्देशों के अनुसार, एयरलाइंस के सिस्टम में ऐसे बदलाव किए गए हैं जिनके कारण ईरानी नागरिक अब यूएई के लिए उड़ान बुक नहीं कर पा रहे हैं और न ही दुबई या अबू धाबी जैसे प्रमुख ट्रांजिट हब का उपयोग कर पा रहे हैं। वीज़ा और यात्रा नियमों के माध्यम से इस प्रतिबंध को प्रभावी बनाया गया है।
हालांकि यह प्रतिबंध व्यापक दिखाई देता है, लेकिन कुछ श्रेणियों के लोगों को इससे छूट मिल सकती है। इनमें लंबे समय के निवास वीज़ा धारक, विशेष अनुमति प्राप्त व्यक्ति या यूएई में पारिवारिक या पेशेवर संबंध रखने वाले लोग शामिल हो सकते हैं। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जांच और स्वीकृति की आवश्यकता हो सकती है।
अधिकारियों ने इस प्रतिबंध को स्थायी नहीं बताया है, जिससे संकेत मिलता है कि यह मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के जवाब में उठाया गया एक अस्थायी कदम हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के मद्देनज़र एहतियाती उपायों का हिस्सा है।
इस फैसले का असर कई ईरानी यात्रियों पर पड़ने की संभावना है, खासकर उन लोगों पर जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए यूएई के हवाई अड्डों को प्रमुख ट्रांजिट मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते थे। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा की पात्रता की जांच करें और फिलहाल वैकल्पिक मार्गों पर विचार करें।
स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए यात्रियों को यात्रा की योजना बनाने से पहले नवीनतम अपडेट की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
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