Connect with us
Monday,27-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय समाचार

ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर लगेगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ : ट्रंप

Published

on

TRUMP

वाशिंगटन, 13 जनवरी: अमेरिका ईरान और उसके साथ व्यापार करने वाले देशों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि जो देश ईरान के साथ कारोबार करेंगे, उन पर अमेरिका के साथ व्यापार करने पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।

भारत के लिए इसका मतलब यह है कि अमेरिका को निर्यात होने वाले भारतीय उत्पादों पर कुल मिलाकर 75 प्रतिशत तक शुल्क लग सकता है। इससे भारतीय कारोबारियों और उद्योगों पर बुरा असर पड़ने की आशंका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “तुरंत प्रभाव से, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ किए जा रहे किसी भी और सभी व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देगा। “यह आदेश अंतिम और निर्णायक है।” “इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”

हालांकि, इस बयान में यह साफ नहीं किया गया कि यह शुल्क किन क्षेत्रों पर और किस तरह लागू होगा।

इससे पहले दिन में, व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका एक तरफ ईरान से बातचीत के रास्ते खुले रखना चाहता है, तो दूसरी तरफ जरूरत पड़ने पर सैन्य विकल्प भी तैयार रखेगा। ईरान के भीतर जारी विरोध प्रदर्शन और पर्दे के पीछे चल रही बातचीत से तेहरान के रुख में कुछ बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति की प्राथमिकता हिंसा को रोकना है और साथ ही ईरान के अधिकारियों की ओर से आ रहे निजी संदेशों का आकलन करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति नहीं चाहते कि तेहरान की सड़कों पर लोगों की जान जाए, लेकिन दुर्भाग्य से फिलहाल ऐसा होते हुए देखा जा रहा है।

जब उनसे पूछा गया कि क्या अमेरिका अब भी ईरान के पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग कर रहा है, तो उन्होंने कोई स्पष्ट शर्त नहीं बताई। लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि राष्ट्रपति जरूरत पड़ने पर कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका की पहली पसंद हमेशा कूटनीति ही है। उनका कहना था कि ईरान सरकार जो बातें सार्वजनिक रूप से कह रही है, वे उन निजी संदेशों से अलग हैं जो अमेरिका को मिल रहे हैं, और राष्ट्रपति उन संदेशों पर गौर करना चाहते हैं।

लेविट ने कहा कि विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ईरान कूटनीति में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं समझती हूं कि स्टीव विटकॉफ ईरान के साथ डिप्लोमेसी में एक बहुत ही महत्वपूर्ण बने रहेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अच्छी तरह जानता है कि राष्ट्रपति ट्रंप पहले भी जरूरत पड़ने पर सख्त फैसले ले चुके हैं और आगे भी ऐसा कर सकते हैं।

यह सभी बयान ऐसे समय में आए हैं, जब ईरान में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अमेरिका की ईरान नीति पर एक बार फिर गहन नजर डाली जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से देश में निवेश बढ़ेगा, अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को होगा फायदा

Published

on

भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर सोमवार को साइन होंगे। न्यूजीलैंड की सरकार इसे एक पीढ़ी में एक बार आने वाला मौका बता रही है। वहीं, भारत को भी इस समझौते से काफी फायदा होगा। इससे देश में निवेश बढ़ेगा, साथ ही अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स के लिए ज्यादा मौके पैदा होंगे।

एफटीए के तहत न्यूजीलैंड ने अपनी 95 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर भारतीय निर्यात के लिए शुल्क में कमी की है। इससे न्यूजीलैंड में भारतीय उत्पादों के लिए बड़े स्तर पर ड्यूटी-फ्री एक्सेस का रास्ता खुला है।

इस एफटीए के लागू होने के बाद भारत से अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स जैसे टेक्सटाइल, प्लास्टिक, लेदर और इंजीनियरिंग के उत्पाद जीरो ड्यूटी पर न्यूजीलैंड में प्रवेश कर पाएंगे, जिन पर फिलहाल औसत 2.3 प्रतिशत टैरिफ है।

इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड ने भारत में अगले 15 वर्षों में 20 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने का ऐलान किया है।

एफटीए से भारतीय पेशेवरों के लिए भी उच्च वेतन वाले रोजगार के अवसर खुलेंगे। समझौते के तहत कौशल युक्त भारतीय पेशेवरों को न्यूजीलैंड अस्थायी रोजगार वीजा देगा, जिसके तहत पेशेवर न्यूजीलैंड में तीन साल तक रहकर कार्य कर सकेंगे। हालांकि, यह कोटा 5,000 वीजा का निर्धारित किया गया है।

इससे आईटी, एजुकेशन, फाइनेंशियल सर्विसेज, पर्यटन, कंस्ट्रक्शन और अन्य बिजनेस सर्विसेज से जुड़े पेशेवरों को फायदा होगा।

इस एफटीए में आपसी हितों का ध्यान रखा गया है। इस वजह से इससे न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भी फायदा होगा।

भारत ने न्यूजीलैंड को अपनी करीब 70 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट प्रदान की है, जिसमें से 54.11 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट इस समझौते के लागू होने के पहले दिन से ही शुरू हो जाएगी। इसमें भेड़ों का मांस, ऊन, कोयला और वानिकी से जुड़े उत्पाद शामिल हैं।

भारत ने न्यूजीलैंड के सेब, किवीफ्रूट, शहद और अन्य उत्पादों को टैरिफ छूट में रखा है। हालांकि, इसके लिए कोटा और न्यूनतम आयात कीमत (एमआईपी) को निर्धारित किया गया है। साथ ही, इस समझौते के तहत कई समुद्री उत्पादों जैसे मसल्स और सैल्मन पर लगने वाला शुल्क सात साल की अवधि में समाप्त कर दिया जाएगा।

भारत सरकार ने किसानों और एमएसएमई के हितों का ध्यान रखते हुए डेयरी, पशु उत्पाद, सब्जियों और चीनी जैसे उत्पादों को इस एफटीए से बहार रखा है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में गोलीबारी से ‘चिंतित’ नहीं थे ट्रंप, एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की प्रशंसा

Published

on

trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर के दौरान गोलीबारी के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि जब ये घटना हुई, वे चिंतित नहीं थे। हालांकि, उन्होंने माना कि फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप काफी घबरा गई थीं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, “मुझे कोई चिंता नहीं थी। मैं जिंदगी को समझता हूं। हम एक पागल दुनिया में रहते हैं।” उन्होंने बताया कि जब सुरक्षाकर्मी उन्हें बाहर ले जा रहे थे, तब उनकी प्रतिक्रिया क्या थी।

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने पहले स्थिति को समझने की कोशिश की, फिर सीक्रेट सर्विस के निर्देशों का पालन किया। उन्होंने कहा, “मैं देखना चाहता था कि क्या हो रहा है। सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि कृपया नीचे झुक जाएं, फर्श पर लेट जाएं। तो मैं नीचे लेट गया। फर्स्ट लेडी भी जमीन पर लेट गईं।”

फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “जो कुछ हुआ, उसे लेकर वह बहुत परेशान लग रही थीं। ऐसी स्थिति होने पर कौन परेशान नहीं होगा? उन्होंने स्थिति को बहुत अच्छे से संभाला। उन्हें पता था कि क्या हो रहा है।”

इस दौरान, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि कितनी तेजी से संदिग्ध को काबू कर लिया गया। उन्होंने कहा, “वह (हमलावर) बहुत शातिर था, लेकिन उन्होंने (सुरक्षाकर्मियों) तुरंत उसे काबू कर लिया।”

राष्ट्रपति ने संदिग्ध युवक की ओर से सुरक्षा घेरा तोड़ने पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “ये लोग बेवकूफ नहीं हैं और वे चीजों को तुरंत समझ लेते हैं। वैसे हमलावर काफी अनाड़ी भी था, तभी तो वह पकड़ा गया।”

घटना के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि वे चाहते थे कि कार्यक्रम जारी रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसे जल्द ही दोबारा आयोजित किया जाएगा।

बता दें कि व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स एसोसिएशन डिनर में एक 31 साल के संदिग्ध में गोलीबारी की। वह सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए होटल में दाखिल हुआ था। इस डिनर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अलावा फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप, उपराष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों समेत 2,500 से अधिक मेहमान इकट्ठा हुए थे। गोलीबारी के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध को पकड़ लिया। फिलहाल, जांच एजेंसियां 31 वर्षीय संदिग्ध से पूछताछ कर रही हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय समाचार

नई नेपाल सरकार ने चीन के साथ हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर समझौतों की जांच शुरू की

Published

on

चीन ने हमेशा नेपाल के साथ अपने आर्थिक संबंधों का इस्तेमाल हिमालयी देश में राजनीतिक हस्तक्षेप के लिए एक सीढ़ी के रूप में किया है, लेकिन अब नेपाल में सत्ता परिवर्तन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ किए गए कई समझौतों की जांच की जा रही है।

दिल्ली स्थित थिंक टैंक इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट रिसर्च एंड रिजोल्यूशन (आईसीआरआर) द्वारा प्रकाशित एक लेख के अनुसार, “हाल के वर्षों में, नेपाल में चीन की बढ़ती भूमिका आर्थिक सहयोग से परे जाकर रणनीतिक और राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में सामने आई है, जिसमें तिब्बत और ताइवान से संबंधित मुद्दों पर राजनयिक दबाव से लेकर आंतरिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को प्रभावित करने के प्रयासों तक शामिल हैं।”

लेख में कहा गया कि के.पी शर्मा ओली के कार्यकाल के दौरान नेपाल ने चीन के साथ कई समझौते किए, जिन्हें आर्थिक स्वतंत्रता की दिशा में क्रांतिकारी कदम के रूप में पेश किया गया था।

हालांकि, अब देश की नई सरकार इन समझौतों की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ओली काल में शुरू की गई चीन से जुड़ी कई परियोजनाएं बिना किसी स्पष्ट कारण के क्यों रुक गईं, उनमें देरी हुई या वे प्रभावी रूप से बंद हो गई हैं।

नई सरकार ने यह भी घोषणा की है कि इन परियोजनाओं की पूरी समीक्षा होने तक चीन के साथ किसी भी नए समझौते पर विचार नहीं किया जाएगा।

नेपाल-चीन संबंधों में निर्णायक मोड़ 2016 और 2018 के बीच आया, जब बेल्ट एंड रोड पहल के तहत नेपाल बीजिंग के करीब आया। ओली सरकार ने इन समझौतों को नेपाल को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी केंद्र में बदलने के ऐतिहासिक अवसर के रूप में प्रस्तुत किया। हालांकि, इन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को हमेशा व्यावहारिक योजना या वित्तीय स्पष्टता का समर्थन नहीं मिला।

लेख में अटकी हुई कई परियोजनाओं का जिक्र किया गया है, जिसमें बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना शामिल है, जिसका ठेका मई 2017 में चीन के गेझोउबा समूह को दिया गया था, जिसे नवंबर 2017 में रद्द कर दिया गया था, 2018 में बहाल किया गया था और 2022 से बिना किसी मजबूत प्रगति के प्रभावी रूप से रुका हुआ है।

लगभग 2016-2017 में घोषित प्रस्तावित केरंग-काठमांडू रेलवे परियोजना, तकनीकी चुनौतियों और वित्तीय समाधानों की कमी के कारण 2026 में भी अटकी हुई है।

इसी प्रकार, 2017 और 2018 के बीच बीआरआई के तहत शुरू किया गया ट्रांस-हिमालयी बहुआयामी कनेक्टिविटी नेटवर्क भी सैद्धांतिक चर्चाओं से आगे नहीं बढ़ पाया है। 2018 और 2020 के बीच जिन सीमा पार ट्रांसमिशन लाइन परियोजनाओं पर चर्चा हुई थी, वे अभी तक कार्यान्वित नहीं हुई हैं।

इसी तरह, 2017 और 2020 के बीच शुरू की गई रसुवागढ़ी-केरंग सीमा पर बुनियादी ढांचे का विकास भी आंशिक और धीमी गति से ही हुआ है। 2016 और 2018 के बीच शुरू की गई उत्तरी राजमार्ग कनेक्टिविटी परियोजनाएं भी अधूरी हैं, जबकि 2018-2019 के दौरान पहचानी गई बीआरआई से जुड़ी अधिकांश पहलें 2026 तक भी लागू नहीं हो पाई हैं।

लेख में बताया गया है कि 2017 से हुआवेई और जेडटीई से जुड़े डिजिटल विस्तार के प्रयास भी असमान रूप से आगे बढ़े हैं, जिससे कार्यान्वयन और रणनीतिक निहितार्थों दोनों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र2 hours ago

अंधेरी में सनसनीखेज घटना…रिश्तों की पवित्रता तार-तार, बहन की हत्या के आरोप में जीजा गिरफ्तार, लावारिस शव की हुई पहचान

खेल4 hours ago

अंक तालिका में केकेआर ने लगाई दो पायदान की छलांग, 10वें नंबर पर खिसकी एलएसजी

महाराष्ट्र5 hours ago

मुंबई में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से एक ही परिवार के चार लोगों की मौत

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से देश में निवेश बढ़ेगा, अधिक श्रम उपयोग वाले सेक्टर्स को होगा फायदा

अंतरराष्ट्रीय समाचार6 hours ago

व्हाइट हाउस के डिनर प्रोग्राम में गोलीबारी से ‘चिंतित’ नहीं थे ट्रंप, एजेंसियों की तुरंत कार्रवाई की प्रशंसा

राजनीति7 hours ago

‘एक आदमी गलत हो सकता है, लेकिन सात लोग नहीं’, राघव चड्ढा ने ‘आप’ छोड़ने की बताई वजह

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 day ago

नई नेपाल सरकार ने चीन के साथ हुए इन्फ्रास्ट्रक्चर समझौतों की जांच शुरू की

राष्ट्रीय समाचार1 day ago

रायगढ़ में 6 पुलिसकर्मी निलंबित; एसपी आंचल दलाल की कार्रवाई से मचा हड़कंप

व्यापार1 day ago

मार्केट आउटलुक : फेड, कच्चा तेल, ईरान-अमेरिका वार्ता और आर्थिक आंकड़े अगले हफ्ते निर्धारित करेंगे शेयर बाजार की चाल

अंतरराष्ट्रीय समाचार1 day ago

ट्रंप की डिनर पार्टी में फायरिंग मामले में नया खुलासा, ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाने के इरादे से आया था बंदूकधारी

महाराष्ट्र2 days ago

मुंबई: नागपाड़ा के गैंगस्टर कालिया के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए मुखबिर को मारा, क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, कालिया का भतीजा और साथी गिरफ्तार

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र पुलिस के लिए भी अब हेलमेट पहनना अनिवार्य, डीजीपी ने जारी किया आदेश

महाराष्ट्र2 weeks ago

मुंबई: मालेगांव विस्फोट मामले में गिरफ्तारी के बाद 2008 में पुरोहित के करियर की प्रगति लगभग रुक गई थी।

महाराष्ट्र2 weeks ago

ग्रांट रोड के बार पर छापा: मुंबई क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई : जय श्री राम विवाद में 5 गिरफ्तार, आरोपी के घर पर बुलडोजर कार्रवाई, तनावपूर्ण स्थिति में शांति बनी हुई है।

व्यापार3 weeks ago

ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट विमान मार गिराए गए; बचाव कार्य जारी

राष्ट्रीय3 weeks ago

एचपीसीएल का सख्त एक्शन: सरकार की सख्ती के बीच एलपीजी से संबंधित अनियमितताओं के चलते 10 डिस्ट्रीब्यूटर को किया सस्पेंड

महाराष्ट्र3 weeks ago

मुंबई: ओबीसी नेता शब्बीर अंसारी ने छोटा सोनापुर कब्रिस्तान की जगह खाली करवाई, मौलाना मोइन मियां ने शोक सभा में दावा किया! छगन भुजबल ने कहा कि यह मुस्लिम पिछड़े वर्ग के लिए बहुत बड़ा नुकसान है

मुंबई प्रेस एक्सक्लूसिव न्यूज3 weeks ago

मुंबई: कुर्ला से अपने बेटे की गिरफ्तारी पर हम्माद सिद्दीकी के पिता ने गुहार लगाई, “मेरा बेटा बेकसूर है, एजेंसियों को उस पर रहम करना चाहिए।”

व्यापार4 weeks ago

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच कीमती धातुओं पर दबाव, सोना 0.50 प्रतिशत से ज्यादा फिसला

रुझान