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पीडीएम ने इमरान सरकार के खिलाफ 26 मार्च को लंबे विरोध प्रदर्शन की घोषणा की

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 पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम), जिसमें देश के 11 विपक्षी दल शामिल हैं, उसने कहा है कि वह 26 मार्च को इस्लामाबाद में अपने सरकार विरोधी लंबे विरोध प्रदर्शन की शुरूआत करेगा। मीडिया रिपोर्ट्स में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। डॉन समाचार पत्र ने जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख और पीडीएम अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान के हवाले से गुरुवार को कहा, “इस्लामाबाद की ओर एक लंबा मार्च आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। देश भर से कारवां 26 मार्च को इस्लामाबाद के लिए रवाना होगा।”

विरोध मार्च के आगे का विवरण दिए बिना, रहमान ने कहा कि पीडीएम इस साल सीनेट चुनाव भी लड़ेगा।

घोषणा गठबंधन की एक बैठक के बाद की गई, जिसमें पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह-अध्यक्ष आसिफ जरदारी, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ (वीडियो लिंक के माध्यम से), पीपीपी अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की उपाध्यक्ष मरियम नवाज शामिल रहे।

इससे पहले पीडीएम ने दिसंबर 2020 में इमरान खान सरकार के लिए 1 जनवरी 2021 तक इस्तीफा देने की समय सीमा निर्धारित की थी।

पिछले साल अपनी स्थापना के बाद से पीडीएम ने सरकार के खिलाफ कुल छह बड़े विरोध मार्च आयोजित किए हैं।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत से व्यापार बंद होने के बाद पाकिस्तान को 40 अरब डॉलर का नुकसान: रिपोर्ट

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भारत के साथ वर्ष 2019 से व्यापारिक संबंध निलंबित होने के कारण पाकिस्तान को अनुमानित 40 अरब डॉलर का आर्थिक नुकसान हुआ है। भारत से आयात बंद होने के बाद पाकिस्तानी कारोबारियों को दूसरे और दूरस्थ देशों से सामान मंगाना पड़ रहा है, जिससे परिवहन, माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स की लागत में भारी वृद्धि हुई है। पाक-इंडिया बिजनेस काउंसिल के अध्यक्ष ने यह जानकारी दी।

कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, काउंसिल के अध्यक्ष नूर मुहम्मद कसूरी ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले और उसके बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के चलते वाणिज्यिक संबंध बाधित हुए। इसका सीधा असर पाकिस्तान के कारोबार और उद्योगों पर पड़ा है। भारत से पहले जिन वस्तुओं का आयात आसानी से हो जाता था, अब उन्हें दूसरे देशों से मंगाने में अधिक समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

कसूरी ने बताया कि पाकिस्तान का दवा उद्योग पहले भारत से मिलने वाले कच्चे माल पर काफी हद तक निर्भर था। उनके अनुमान के मुताबिक, भारत से आयात दोबारा शुरू होने पर पाकिस्तान को हर साल 2 से 3 अरब डॉलर की बचत हो सकती है।

उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर कपास उत्पादन में गिरावट के कारण पाकिस्तान के कपड़ा उद्योग पर भी अतिरिक्त 5 अरब डॉलर का बोझ पड़ा है। कपड़ा मिलों को अब ब्राजील, मिस्र, चीन और अमेरिका जैसे देशों से कपास मंगानी पड़ रही है। वहीं, कपास उत्पादन वाले पारंपरिक क्षेत्रों के किसान तेजी से गन्ने की खेती की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे भविष्य में यह संकट और गंभीर हो सकता है।

कसूरी के मुताबिक, पाकिस्तान भारत की पर्याप्त उत्पादन क्षमता के बावजूद चीनी, उर्वरक, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा और इस्पात, सब्जियां तथा भारी मशीनरी जैसी वस्तुएं दूरस्थ बाजारों से आयात कर रहा है।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बहाल होने से परिवहन लागत कम हो सकती है और आपूर्ति श्रृंखला में सुधार आ सकता है। भारत की तेल रिफाइनरियां भौगोलिक रूप से पाकिस्तान के अधिक नजदीक हैं, इसलिए भारत से पेट्रोलियम उत्पादों का आयात सस्ता पड़ सकता है। इसके अलावा, भारतीय कृषि और औद्योगिक उत्पादों की उपलब्धता से पाकिस्तान के कई उद्योगों की उत्पादन लागत भी घट सकती है।

कसूरी ने कहा कि व्यापारिक संबंधों के निलंबन का असर पर्यटन पर भी पड़ा है। पाकिस्तान आने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में बड़ी कमी आई है। इनमें धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ अपने पैतृक घरों और गांवों को देखने आने वाले लोग भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच बेहतर रिश्तों की नींव बन सकते हैं।

कसूरी ने क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग का उदाहरण देते हुए श्रीलंका के आर्थिक संकट के दौरान भारत की ओर से दी गई वित्तीय सहायता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में क्षेत्रीय सहयोग दोनों देशों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

अगर डेमोक्रेट्स जीते तो मैं बन जाऊंगा ‘मिस्टर वीटो’ : ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर मध्यावधि चुनावों (मिडटर्म इलेक्शन) में डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेते हैं, तो वह भविष्य में उनकी ओर से लाए गए किसी भी कानून को वीटो (अधिकार का इस्तेमाल कर रोकना) कर देंगे।

सोमवार को जारी ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के पॉडकास्ट “पॉड फोर्स वन” में मिरांडा डिवाइन को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे। लेकिन अगर हम नहीं जीते, तो मैं हर चीज को वीटो कर दूंगा। मैं बस वीटो ही करता रहूंगा।”

रविवार को प्रसारित एक प्रीव्यू क्लिप में ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि मैं ‘मिस्टर वीटो’ बन जाऊंगा।” उन्होंने कहा कि एक-दो महीने तक लगातार वीटो करने के बाद, डेमोक्रेट्स “खुद चलकर आएंगे और एक समझौता करेंगे”।

तीसरे कार्यकाल के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा, “अगर मुझे मौका मिलता, तो मैं फिर से चुनाव लड़ना पसंद करता, लेकिन संविधान की भाषा बहुत सख्त है। मैं जरूर लड़ना चाहता। हाल ही में एक पोल हुआ था जिसमें मैं बाकी सभी से काफी आगे था। मैं चुनाव लड़ना पसंद करता, लेकिन कोई बात नहीं।”

अमेरिकी संविधान का 22वां संशोधन कहता है कि कोई भी व्यक्ति दो बार से अधिक राष्ट्रपति नहीं चुना जा सकता। 80 ​​वर्षीय ट्रंप ने 2016 और 2024 में राष्ट्रपति पद जीता था।

उन्होंने कहा, “हमारे पास अभी दो साल से ज्यादा का समय बचा है। यह काफी लंबा समय होता है। इतने समय में बहुत कुछ किया जा सकता है, और आपने देखा ही है कि हमने अब तक क्या काम किया है।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस जीतने के बाद उनके लिए काम करने वाले लोगों के खिलाफ जांच शुरू करते हैं, तो वह उन लोगों को पहले से ही ‘माफी’ (पार्डन) देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “अगर जरूरत पड़ी, तो मैं बिल्कुल ऐसा करूंगा… मुझे इसके बारे में सोचने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं बस कर दूंगा। मैंने जे6 (6 जनवरी की घटना) के मामले में भी ऐसा ही किया था।”

उन्होंने उन पोल (सर्वे) को खारिज कर दिया जिनमें डेमोक्रेट्स को आगे दिखाया गया है। ट्रंप ने कहा, “मुझे लगता है कि इन पोल्स में धांधली हुई है। मुझे तो लगता है कि कई पोल करने वाली एजेंसियां ​​तो लोगों को सर्वे के लिए बाहर भेजती ही नहीं हैं। हो सकता है कि वे रिपब्लिकनों के बीच पोल न करते हों, लेकिन मुझे लगता है कि हम काफी अच्छा प्रदर्शन करेंगे। मैं रैलियों के आधार पर ऐसा कह रहा हूं।”

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर डेमोक्रेट्स हाउस, सीनेट और बाद में व्हाइट हाउस जीत जाते हैं, तो “हमारा देश खत्म हो जाएगा”।

ज्यादातर पब्लिक पोल में हाउस जीतने के मामले में डेमोक्रेट्स का पलड़ा भारी दिख रहा है। रविवार को जारी न्यू यॉर्क टाइम्स/सिएना के अंतिम पोल के अनुसार, कंसास, ओहियो, मेन, टेक्सास और मिशिगन में डेमोक्रेटिक सीनेट उम्मीदवार 5 से 11 अंकों से आगे चल रहे हैं।

संविधान के तहत, कांग्रेस राष्ट्रपति के वीटो को केवल तभी खारिज कर सकती है, जब हाउस और सीनेट दोनों में दो-तिहाई वोट मिलें। ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में 10 बिलों पर वीटो लगाया था।

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अंतरराष्ट्रीय समाचार

भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश के खुलेंगे नए अवसर

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भारत और न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश पारंपरिक कूटनीतिक मित्रता से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक सहयोग पर आधारित व्यापक साझेदारी की ओर जा रहे हैं। यह जानकारी एक लेख में दी गई।

ग्रीक समाचार पोर्टल डायरेक्टस में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

लेख में कहा गया है कि इस समझौते का महत्व केवल सीमा शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं है। यह बाजार तक पहुंच बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने, कौशल एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं वाली दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत कारोबारी संबंध बनाने का ढांचा प्रदान करता है।

‘रोडमैप टू 2030’ से मजबूत हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस आर्थिक जुड़ाव को दीर्घकालिक दिशा प्रदान करती है। एफटीए और इसके साथ जुड़ी सहयोग पहल मिलकर भारत और न्यूजीलैंड को अधिक विविधतापूर्ण, मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाने में मदद कर सकती हैं।

इस एफटीए की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक न्यूजीलैंड की ओर से भारत के सभी 8,284 उत्पाद श्रेणियों के निर्यात पर तत्काल शून्य शुल्क की सुविधा देना है। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने, विदेशी बाजारों में विविधता लाने और विकसित अर्थव्यवस्था में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, जूते और चमड़े के उत्पाद उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनमें निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। ये उद्योग बेहतर बाजार पहुंच का लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं, नए ऑर्डर हासिल कर सकते हैं और अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं।

इस समझौते से एमएसएमई, कारीगरों और महिला उद्यमियों को भी बाजार के बढ़ते अवसरों का लाभ मिलने की उम्मीद है। छोटे कारोबारियों को अक्सर अधिक लेनदेन लागत, बाजार से जुड़ी सीमित जानकारी और विदेशों में कारोबारी संबंध स्थापित करने में कठिनाइयों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में परेशानी होती है। बेहतर शुल्क सुविधा, संस्थागत सहयोग और कारोबारियों के बीच मजबूत संपर्क से इन बाधाओं को दूर करने में मदद मिलेगी।

लेख में आगे कहा गया है कि एफटीए के रणनीतिक ढांचे के तहत 2030 तक वस्तुओं का द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर लगभग 3 अरब डॉलर तक पहुंचने की परिकल्पना की गई है। ये लक्ष्य दोनों देशों की महत्वाकांक्षा को दर्शाते हैं, लेकिन इन्हें हासिल करना प्रभावी क्रियान्वयन, कारोबारियों की भागीदारी और कई क्षेत्रों में निरंतर वृद्धि पर निर्भर करेगा।

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