व्यापार
जुर्माने से बचने के लिए 15 मार्च से पहले जमा करें अग्रिम कर
नई दिल्ली, 12 मार्च। अग्रिम कर जमा करने की आखिरी तिथि 15 मार्च है। वे करदाता जिनकी अनुमानित कर देयता एक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये से अधिक होती है, उन्हें अग्रिम कर का भुगतान करना होता है।
अग्रिम कर का भुगतान वित्त वर्ष के दौरान चार अलग-अलग किस्तों में किया जाता है। करदाता को अग्रिम कर की पहली किस्त 15 जून को देनी होती है, जिसमें अनुमानित कर का 15 प्रतिशत का भुगतान करना होता है। इसके बाद 15 सितंबर को दूसरी किस्त देनी होती है, जिसमें कम से कम 45 प्रतिशत अग्रिम कर देना होता है।
इसके अलावा अग्रिम कर की तीसरी किस्त का भुगतान 15 दिसंबर को करना होता है। इसके तहत कम से कम अनुमानित कर का 75 प्रतिशत का भुगतान करना होता है। वहीं, आखिरी किस्त 15 मार्च को भुगतान करनी होती है। इसमें करदाता को अपनी अनुमानित कर देयता का कम से कम 90 प्रतिशत का भुगतान करना होता है।
इसके अतिरिक्त, वे व्यक्ति जिनके वेतन में से नियोक्ता द्वारा टीडीएस की कटौती की जाती है और आय का अतिरिक्त स्रोत है। उन्हें भी अग्रिम कर का भुगतान करना होता है।
वहीं, प्रॉपर्टी, शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य संपत्तियों की बिक्री करने, 15 मार्च से 31 मार्च के बीच किसी प्रॉपर्टी को बेचने पर या फिर वे एनआरआई जिनके पास भारत में आय का स्रोत होता है उन्हें भी अग्रिम कर का भुगतान करना होता है।
अगर आप अग्रिम कर के दायरे में आते हैं और 31 मार्च तक आपने 90 प्रतिशत अग्रिम कर का भुगतान नहीं किया है तो आपको एक अप्रैल से आईटीआर जमा करने तक बकाया टैक्स पर एक प्रतिशत मासिक के जुर्माने का भुगतान करना होता है।
अग्रिम कर जमा करने के लिए आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट पर जाना होगा। वहां आपको ई-पे टैक्स पर क्लिक करना होगा।
यहां आपको अपना पैन नंबर और आधार-पैन के साथ लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा।
लॉग-इन होने के बाद आपको असेसमेंट ईयर 2025-26 का चयन करना होगा। इसके टाइप ऑफ पेमेंट में एडवांस टैक्स का चयन करें और कंटिन्यू पर क्लिक करें।
अब अपनी राशि भरें और भुगतान करें। आप अग्रिम कर का भुगतान नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड/ क्रेडिट कार्ड और यूपीआई से कर सकते हैं।
इसके बाद आपका चालान जनरेट होगा, जिसकी आपको आईटीआर भरने के समय आवश्यकता होगी।
व्यापार
अमेरिका-ईरान युद्ध के तेज होने के संकेतों के बीच गिरावट के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स और निफ्टी 2 प्रतिशत फिसले

share market
मुंबई, 2 अप्रैल : पिछले कारोबारी दिन (बुधवार) की शानदार तेजी के बाद पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के तेज होने के संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। और शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी, दोनों में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 872.27 अंक या 1.19 प्रतिशत गिरकर 72,262.05 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 296 अंक या 1.31 प्रतिशत गिरकर 22,383.40 पर खुला। बैंक निफ्टी इंडेक्स 823 अंक या 1.60 प्रतिशत गिरकर 50,625.65 पर खुला।
खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:29 बजे के करीब) सेंसेक्स 1.90 प्रतिशत यानी 1388.11 अंक गिरकर 71,746.21 पर ट्रेड कर रहा था, तो वहीं निफ्टी50 1.94 प्रतिशत या 439.40 अंक गिरकर 22,240 पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान निफ्टी के सभी इंडेक्स लाल रंग में कारोबार करते नजर आए।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 2.77 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 2.82 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो सभी क्षेत्रीय सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक और अन्य सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक गिर गए, जबकि निफ्टी एफएमसीजी में 1.46 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में सबसे कम 0.38 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।
इस दौरान निफ्टी50 के सभी शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए, जिसमें सन फार्मा, इंडिगो, इटरनल, एलएंडटी, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस, मैक्सहेल्थ, एसबीआई और एमएंडएम के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।
गौरतलब है कि शेयर बाजार में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों में ईरान पर कड़ा प्रहार करेगा, जिससे मध्य पूर्व में जल्द युद्धविराम की उम्मीदों पर पानी फिर गया। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान के साथ बातचीत जारी है और युद्ध शायद ज्यादा समय तक नहीं चलेगा। इन विरोधाभासी बयानों से व्यापारियों में और भी घबराहट फैल गई।
ट्रंप के भाषण के बाद कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया, ब्रेंट क्रूड की कीमत 4 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत 3 प्रतिशत बढ़कर 103 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की गतिविधियों, एफआईआई की गतिविधियों और पश्चिम एशिया में आगे के घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखते हुए, बाजारों में अस्थिरता और घटनाओं के आधार पर बदलाव होने की संभावना है।
राजनीति
प्रियंका गांधी ने असम में ‘डबल-इंजन’ सरकार पर कसा तंज, ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया

गुवाहाटी, 1 अप्रैल : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ‘डबल-इंजन’ सरकार पर तंज कसते हुए इसे ‘दोहरी गुलामी’ वाला मॉडल बताया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार शासन के ‘दोहरी गुलामी’ वाले मॉडल का प्रतिनिधित्व करता है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक ऊंचे-नीचे कंट्रोल चेन में काम कर रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने नजीरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रधानमंत्री अमेरिका के प्रभाव में काम करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री सरमा बदले में पीएम मोदी के निर्देशों का पालन करते हैं। यह कोई डबल-इंजन सरकार नहीं है जैसा वे दावा करते हैं, बल्कि यह एक ‘दोहरी गुलामी’ वाली सरकार है।
उन्होंने भाजपा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर असम के लोगों की भलाई के बजाय बड़े उद्योगपतियों के हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि राज्य के प्राकृतिक संसाधन, जिसमें जमीन और खनिज संपदा शामिल है, चुनिंदा कॉर्पोरेट संस्थाओं को सौंपे जा रहे हैं, जिससे स्थानीय समुदायों के अधिकार और आजीविका हाशिए पर जा रही है।
मशहूर असमिया गायक स्वर्गीय जुबीन गर्ग से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री सरमा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है। जुबीन गर्ग की पिछले साल सितंबर में सिंगापुर में समुद्र की सैर के दौरान मृत्यु हो गई थी।
असम के प्रतिष्ठित गायक जुबीन गर्ग का जिक्र करते हुए प्रियंका गांधी ने मुख्यमंत्री शर्मा के उन आरोपों का जवाब दिया कि कांग्रेस इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है।
उन्होंने कहा कि हम लाखों लोगों की भावनाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकते। उनके साथ खड़ा होना हमारा कर्तव्य है। निर्धारित समय सीमा के भीतर न्याय दिलाने का वादा करना राजनीतिक अवसरवादिता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यह कहना कि हम 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाएंगे, राजनीतिकरण नहीं है बल्कि एक वादा है।
उन्होंने मतदाताओं से भाजपा के शासन के रिकॉर्ड पर सवाल उठाने का भी आह्वान किया और उनसे ऐसी सरकार का समर्थन करने का आग्रह किया जो लोगों पर केंद्रित नीतियों और जवाबदेही को प्राथमिकता देती हो।
व्यापार
नए वित्त वर्ष के साथ शेयर बाजार ने की शानदार वापसी; सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़ा

मुंबई, 1 अप्रैल : नए वित्त वर्ष 27 के साथ भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी की। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73,134.32 और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,679.40 पर बंद हुआ।
बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.32 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.69 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.46 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 2.04 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।
सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 506 अंक या 3.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 15,709.80 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 53,819.15 पर बंद हुआ।
शेयर बाजार की तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 412 लाख करोड़ रुपए था।
सेंसेक्स पैक में 30 में 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।
ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, इंटरनल, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एमएंडएम,बजाज फाइनेंस, टीसीएस, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी गेनर्स थे। एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल लूजर्स थे।
एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की। इसकी वजह मध्य पूर्व संघर्ष में संभावित कमी और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान कम होने की उम्मीदें थीं।
उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के बयान , जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका अगले दो से तीन हफ्तों के भीतर ईरान से “समझौते के साथ या बिना” पीछे हट सकता है। इसने बाजारों में जोश भरने का काम किया।
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