राष्ट्रीय
‘आईजीआई’ एयरपोर्ट पर विमान की देरी के बाद कर्मचारियों से बहस करते नजर आए यात्री
नई दिल्ली, 17 जनवरी। घने कोहरे के कारण गुरुवार रात दिल्ली की इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट पर एक यात्री विमान के कैंसिल होने के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। यात्रियों के एयरपोर्ट स्टाफ के साथ बहसबाजी का वीडियो भी सामने आया।
दिल्ली से बेंगलुरू जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट में गुरुवार रात देरी हुई। फ्लाइट नंबर एसजी 646 में देरी ने यात्रियों के सब्र का बांध तोड़ दिया और वे एयरपोर्ट स्टाफ के साथ बहस करते नजर आए। यात्री दूसरी पैसेंजर फ्लाइट कराने और मुआवजे की मांग करने लगे।
दिल्ली से बेंगलुरू जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट नंबर एसजी 646 को रात 10:30 बजे उड़ान भरनी थी, लेकिन घने कोहरे और उड़ान के लिए आवश्यक दृश्यता नहीं होने के कारण इसमें देरी हुई। इस दौरान यात्रा करने वाले लोगों और कर्मचारियों के बीच बहस बाजी हुई। लोग अलग से फ्लाइट का इंतजाम कराने या फिर डबल पैसा वापस करने पर अड़े रहे। हालांकि, अगले दिन तड़के सुबह पांच बजे एक अलग फ्लाइट का इंतजाम किया गया, जिससे यात्री अपने गंतव्य जा सके।
दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट पर दृश्यता कम होने की वजह से उड़ानों के परिचालन में देरी हो रही है। यात्रियों के लिए एडवायजरी जारी की गई है। अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट ने कहा कि सीएटी III के अंतर्गत नहीं आने वाली फ्लाइट्स पर असर पड़ सकता है।
बता दें कि उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के कारण दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब में ठंड बढ़ गई है। हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान के अलग-अलग इलाकों, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश, ओडिशा, मेघालय और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50-199 मीटर तक दर्ज की गई।
मौसम विभाग के अनुसार आज दिल्ली में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आईएमडी ने घने कोहरे के कारण ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है।
राष्ट्रीय
वेस्ट एशिया में जारी तनाव के बीच सरकार का बड़ा फैसला, न्यूज चैनलों की टीआरपी पर 4 हफ्तों की लगाई रोक

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नई दिल्ली, 7 अप्रैल : सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) को निर्देश दिया है। कि न्यूज चैनलों की टीआरपी (टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स) रिपोर्टिंग अगले चार हफ्तों तक या अगले आदेश तक रोककर रखी जाए। सरकार का कहना है कि यह फैसला वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव और उससे जुड़ी खबरों को देखते हुए लिया गया है।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, ”इससे पहले 6 मार्च को बीएआरसी को इसी तरह का निर्देश दिया गया था, जिसमें चार हफ्तों के लिए टीआरपी रोकने को कहा गया था। चूंकि हालात अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं, इसलिए उसी आदेश को आगे बढ़ाने का फैसला किया गया है।”
सरकार के अनुसार, ”कुछ न्यूज चैनल वेस्ट एशिया संघर्ष को लेकर बढ़ा-चढ़ाकर और बिना पूरी पुष्टि के दिखा रहे हैं। ऐसी रिपोर्टिंग से लोगों में डर और भ्रम पैदा हो सकता है। खासकर उन लोगों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है जिनके परिवार या रिश्तेदार उस इलाके में रहते हैं।”
मंत्रालय ने कहा कि इस तरह की सनसनीखेज खबरें समाज में अनावश्यक डर फैला सकती हैं, जिसे रोकना जरूरी है।
मंत्रालय ने कहा, ”वेस्ट एशिया में स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है और पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई है। ऐसे में मीडिया की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वह सही और संतुलित खबरें दिखाए। जनहित को ध्यान में रखते हुए टीआरपी रोकने का फैसला जारी रखने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले के तहत अब अगले चार हफ्तों तक या जब तक नया आदेश नहीं आता, तब तक न्यूज चैनलों की टीआरपी सार्वजनिक नहीं की जाएगी।”
टीआरपी किसी भी टीवी चैनल के लिए बहुत अहम होती है, क्योंकि इसी के आधार पर यह तय होता है कि कौन-सा चैनल कितना देखा जा रहा है। विज्ञापनदाता भी टीआरपी को देखकर ही तय करते हैं कि उन्हें किस चैनल पर विज्ञापन देना है और कितनी कीमत देनी है। ऐसे में टीआरपी बंद होने से न्यूज चैनलों के व्यापार पर सीधा असर पड़ सकता है।
यह पहली बार नहीं है, जब सरकार ने ऐसा कदम उठाया है। साल 2020 में भी टीआरपी से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया था, जिसमें कुछ चैनलों पर टीआरपी में गड़बड़ी करने के आरोप लगे थे। उस समय मुंबई पुलिस ने जांच की थी और इसी वजह से कुछ समय के लिए टीआरपी को निलंबित कर दिया गया था। उस घटना के बाद भी इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी।
बीएआरसी साल 2010 में बनाई गई थी। भारत में टीवी दर्शकों के आंकड़े मापने वाली एकमात्र अधिकृत संस्था है। इसके द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के आधार पर ही करोड़ों रुपए के विज्ञापन सौदे तय होते हैं। ऐसे में टीआरपी को रोकने का फैसला सिर्फ एडिटोरियल प्रैक्टिस को ही नहीं, बल्कि टीवी न्यूज़ इंडस्ट्री के बिजनेस डायनामिक्स को भी प्रभावित करता है।
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सुप्रीम कोर्ट आज से सबरीमाला मामले की लंबे समय से लंबित समीक्षा पर करेगा सुनवाई

नई दिल्ली, 7 अप्रैल : सबरीमाला मामले पर मंगलवार से सुनवाई शुरू हो रही है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने नौ जजों की एक विशेष बेंच (पीठ) का गठन किया है, जो इस काफी समय से रुके हुए मामले पर फिर से सुनवाई करेगी।
सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर मंगलवार के लिए प्रकाशित मामलों की सूची के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ सितंबर 2018 के उस फैसले के खिलाफ दायर समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, जिसमें सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी गई थी, साथ ही उन संबंधित मुद्दों पर भी सुनवाई करेगी जो धार्मिक स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण प्रश्न उठाते हैं।
नौ न्यायाधीशों की पीठ में न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना, एम.एम. सुंदरेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ए.जी. मसीह, प्रसन्ना बी. वराले, आर. महादेवन और जॉयमाल्य बागची भी शामिल हैं। सर्वोच्च न्यायालय में पीठ के समक्ष कार्यवाही सुबह 10:30 बजे शुरू होने वाली है।
सबरीमाला मामले के अतिरिक्त, शीर्ष अदालत से अनुच्छेद 25 के तहत धार्मिक स्वतंत्रता के दायरे से जुड़े व्यापक संवैधानिक प्रश्नों पर विचार करने की भी अपेक्षा है।
इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तय किया था और स्पष्ट किया था कि इस मामले की स्वीकार्यता का निर्णय हो चुका है। साथ ही, इसने निर्णय हेतु सात महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न भी निर्धारित किए थे।
कार्यक्रम के अनुसार, पुनर्विचार याचिकाओं का समर्थन करने वाले पक्षों की दलीलें 7 अप्रैल से 9 अप्रैल तक सुनी जाएंगी, जिसके बाद पुनर्विचार का विरोध करने वालों की दलीलें 14 अप्रैल से 16 अप्रैल के बीच सुनी जाएंगी।
यदि कोई प्रतिवाद प्रस्तुत करना हो तो उस पर 21 अप्रैल को विचार किया जाएगा और अंतिम तर्क 22 अप्रैल को समाप्त होने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को पहले से लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था और समयसीमा का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया था, यह देखते हुए कि संविधान पीठ के मामले अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
सुनवाई से पहले, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड की ओर से दायर लिखित दलीलों में सर्वोच्च न्यायालय से धर्म की “समुदाय-केंद्रित” समझ अपनाने का आग्रह किया गया है। बोर्ड का कहना है कि अदालतों को आस्था-आधारित प्रथाओं की पुनर्व्याख्या करने से बचना चाहिए। उन्होंने “अनिवार्य धार्मिक प्रथाओं” वाले पुराने नियम पर भी सवाल उठाए हैं।
वहीं, केंद्र सरकार के दूसरे सबसे वरिष्ठ विधि अधिकारी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि केंद्र सरकार इन पुनर्विचार याचिकाओं का समर्थन करती है।
राष्ट्रीय
अमित शाह और राहुल गांधी आज चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे चेन्नई

चेन्नई, 6 अप्रैल : तमिलनाडु और पुडुचेरी में चुनाव प्रचार निर्णायक चरण में पहुंच गया है, ऐसे में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सोमवार को चेन्नई पहुंचने वाले हैं।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, अमित शाह कोच्चि से निजी विमान से दोपहर 3:15 बजे चेन्नई हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे। आगमन के तुरंत बाद, वे दोपहर 3:20 बजे एक निजी हेलीकॉप्टर में सवार होकर पुडुचेरी के लिए रवाना होंगे।
अपनी यात्रा के दौरान, गृह मंत्री शाह द्वारा राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने की उम्मीद है।
पुडुचेरी में अपने कार्यक्रम समाप्त करने के बाद, शाह हेलीकॉप्टर से चेन्नई लौटेंगे और लगभग शाम 6.10 बजे वहां पहुंचेंगे। हवाई अड्डे से तुरंत बाहर निकलने के बजाय, वे संभवतः पुराने हवाई अड्डे परिसर में स्थित वीआईपी लाउंज में कुछ समय बिताएंगे।
तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेताओं से इस दौरान उनसे मुलाकात कर चुनाव रणनीतियों और समन्वय पर चर्चा करने की उम्मीद है। इन मुलाकातों के बाद, गृह मंत्री शाह शाम को निजी विमान से नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
इस बीच, राहुल गांधी के आज सुबह 10:00 बजे नई दिल्ली से पहुंचने का कार्यक्रम है। हवाई अड्डे पर तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता उनका स्वागत करेंगे।
गांधी के वीआईपी लाउंज में पार्टी नेताओं के साथ एकांत बैठक करने की उम्मीद है, जिसमें वे महत्वपूर्ण चुनावों से पहले प्रचार की योजना और समन्वय पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके बाद, वे लगभग 12 यात्रियों की बैठने की क्षमता वाले एक छोटे विमान से पुडुचेरी की यात्रा करेंगे, जहां वे कांग्रेस और गठबंधन के उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार में भाग लेंगे।
चेन्नई लौटने का उनका कार्यक्रम अभी आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हुआ है, जिससे संकेत मिलता है कि वे इस क्षेत्र में अपने कार्यक्रमों को जारी रख सकते हैं।
दोनों नेताओं के एक ही दिन एक ही हवाई अड्डे से गुजरने के कारण, हवाई अड्डा अधिकारियों ने सुरक्षा उपायों को काफी बढ़ा दिया है।
अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रोटोकॉल की समीक्षा करने, वीआईपी पास जारी करने को विनियमित करने और हवाई अड्डे के भीतर सुचारू आवागमन सुनिश्चित करने के लिए एक आपातकालीन समन्वय बैठक आयोजित की गई थी।
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