अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान कोविड-19 संकट का मुकाबला करने के लिए 150 करोड़ डॉलर का कर्ज ले रहा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने देश में कोविड-19 संकट का मुकाबला करने के लिए तीन अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों के साथ 150 करोड़ डॉलर के ऋण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। शनिवार को इसकी सूचना दी गई। डॉन समाचार की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय ने शुक्रवार को विश्व बैंक (डब्ल्यूबी), एशियाई विकास बैंक (एडीबी) और एशियाई इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बैंक (एआईआईबी) के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं।
स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और महामारी के सामाजिक प्रभावों को कम करने के पाकिस्तान सरकार के प्रयासों का समर्थन करने के उद्देश्य से एडीबी कोविड-19 एक्टिव रिस्पांस एंड एक्सपेंडिचर सपोर्ट प्रोग्राम में 50 करोड़ डॉलर का विस्तार कर रहा है।
एआईआईबी भी इसी कार्यक्रम के तहत 50 करोड़ डॉलर की को-फाइनेंसिंग कर रहा है।
इसी तरह 50 करोड़ डॉलर का एक और समझौता हुआ है।
अगले कुछ दिनों में 150 करोड़ डॉलर की यह ऋण राशि पाकिस्तान को दी जाएगी।
शनिवार तक, पाकिस्तान में कोविड-19 मामलों की कुल संख्या 1,71,666 थी, वहीं अब तक यहां 3,382 मौतें हो चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
लेबनान के राष्ट्रपति ने इजरायल के साथ सीजफायर के बाद स्थायी समझौते पर बातचीत करने का किया ऐलान

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने कहा कि लेबनान एक नए फेज में आ गया है, जो अपने लोगों के अधिकारों, अपने इलाके की एकता और देश की संप्रभुता की सुरक्षा के लिए स्थायी समझौते पर बातचीत करने पर फोकस कर रहा है।
लेबनान के लोगों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति आउन ने कहा कि देश सीजफायर लागू करने की कोशिशों से आगे बढ़कर लंबे समय तक स्थिरता बनाए रखने के बड़े स्टेज की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि पिछले फेज की तरह, ये कोशिशें लेबनान को बचाने में मदद करेंगी।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने सीजफायर का क्रेडिट लेबनान के लोगों की मिली-जुली कोशिशों और कुर्बानियों को दिया, जिसमें फ्रंटलाइन इलाकों में रहने वाले लोग भी शामिल हैं। इसके साथ ही इसमें अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ लगातार डिप्लोमैटिक जुड़ाव भी शामिल है।
आउन ने कहा कि बातचीत कमजोरी या पीछे हटने का संकेत नहीं है, बल्कि यह लेबनान के हितों की रक्षा करने और जानमाल के नुकसान को रोकने और विस्थापन को खत्म करने का एक संप्रभु फैसला है।
संघर्ष में हुए भारी नुकसान के बारे में बताते हुए लेबनानी राष्ट्रपति आउन ने कहा कि हजारों लेबनानी मारे गए हैं और वादा किया कि विदेशी हितों या राजनीतिक हिसाब-किताब के लिए और जान नहीं जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं इन फैसलों की पूरी जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हूं।”
आउन ने आने वाले फेज के मुख्य मकसद बताए, जिसमें लेबनानी इलाके पर इजरायली हमलों को रोकना, इजरायली सेना की वापसी सुनिश्चित करना, कैदियों की वापसी सुनिश्चित करना, बेघर हुए नागरिकों की सुरक्षित वापसी मुमकिन बनाना और सभी लेबनानी इलाकों में सरकार का पूरा अधिकार वापस लाना शामिल है।
उन्होंने एक ही सरकारी अथॉरिटी, संविधान और सेना के तहत देश की एकता की भी अपील की और अंदरूनी फूट और बाहरी एजेंडा के खिलाफ चेतावनी दी।
इस बीच, हिजबुल्लाह की पॉलिटिकल काउंसिल के एक बड़े सदस्य वाफिक सफा ने बेरूत में बीबीसी अरबी को बताया कि इस मंच पर समूह के हथियारों के जखीरे पर कोई मोल-भाव नहीं हो सकता।
सफा ने कहा, “हिजबुल्लाह कभी भी हथियार नहीं छोड़ेगा। हमले रुकने, इजरायल के हटने, कैदियों की वापसी, बेघर हुए लोगों के अपने वतन लौटने और फिर से बसने से पहले, हम हिजबुल्लाह के हथियारों के बारे में बात नहीं कर सकते।”
सफा ने चेतावनी दी कि हिजबुल्लाह नवंबर 2024 से लागू सीजफायर जैसा कोई भी सीजफायर नहीं मानेगा। बता दें, 2024 के इजरायल-हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर हुआ था, जो 2 मार्च 2026 को टूट गया, जब हिजबुल्लाह ने ईरान के समर्थन में इजरायल की तरफ रॉकेट दागे, जिससे पूरे लेबनान में इजरायली हवाई हमले तेज हो गए।
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का सीजफायर लोकल टाइम के हिसाब से गुरुवार और शुक्रवार की आधी रात (2100 जीएमटी) से लागू हुआ। इसका मकसद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भीषण तनाव को खत्म करना है। लेबनान की पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्री ने शुक्रवार को कहा कि हिजबुल्लाह की वजह से लेबनान में 2,294 लोग मारे गए हैं, जिनमें 100 पैरामेडिक्स और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं।
शुक्रवार को पहले, हिजबुल्लाह के लॉयल्टी टू द रेजिस्टेंस ब्लॉक ने अल जदीद टीवी को बताया कि वह सावधानी के साथ नए सीजफायर के लिए तैयार है और इस बात पर जोर दिया कि इसका पालन इस शर्त पर है कि सीजफायर सभी लेबनानी इलाकों को कवर करे।
इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि हालांकि इजरायल लेबनान सरकार के साथ एक इंटीग्रेटेड डिप्लोमैटिक और मिलिट्री सॉल्यूशन को आगे बढ़ाने का मौका देगा, लेकिन इजरायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना काम पूरा नहीं किया है।
नए सीजफायर के बावजूद, लेबनान के अल-मनार टीवी ने बताया कि इजरायल ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में ड्रोन हमला किया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
तेल रिफाइनरी में लगी आग का ऑस्ट्रेलियाई ईंधन सप्लाई पर बहुत कम असर होगा: पीएम अल्बानीज

ऑस्ट्रेलिया के दो तेल रिफाइनरी में आग लगने की घटना सामने आई। इस मामले में प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने शुक्रवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया की दो तेल रिफाइनरियों में से एक में लगी भीषण आग का फ्यूल प्रोडक्शन पर बहुत कम असर पड़ेगा।
पीएम अल्बानीज शुक्रवार को ब्रुनेई और मलेशिया के आधिकारिक दौरे से जल्दी लौट आए। उन्होंने मेलबर्न के दक्षिण-पश्चिम में वीवा एनर्जी की रिफाइनरी में हुए नुकसान का मुआयना किया। बुधवार रात इक्विपमेंट फेल होने से आग लग गई थी, जिसे गुरुवार दोपहर के आसपास बुझा दी गई।
रिफाइनरी में मीडिया से बात करते हुए पीएम अल्बानीज ने कहा कि मिडिल ईस्ट में लड़ाई की वजह से तेल सप्लाई में आए संकट के बीच आग लगने का समय अफसोस की बात थी, लेकिन इसका प्रोडक्शन पर बहुत कम असर पड़ेगा।
फ्यूल सिक्योरिटी पर बातचीत के लिए ब्रुनेई और मलेशिया में मौजूद ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हमें जो सलाह मिली है, वह यह है कि 80 फीसदी डीजल प्रोडक्शन जारी है, 80 फीसदी एविएशन फ्यूल का प्रोडक्शन जारी है।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फैसिलिटी में पेट्रोल प्रोडक्शन, जो ऑस्ट्रेलिया की नेशनल फ्यूल सप्लाई का 10 फीसदी देता है, शुक्रवार को 60 फीसदी कैपेसिटी पर था और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में यह बढ़ सकता है।
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने कहा कि सरकार शनिवार को फ्यूल स्टॉकपाइल लेवल पर अपना रेगुलर साप्ताहिक अपडेट देगी।
अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि इक्विपमेंट में खराबी की वजह से एक ऑस्ट्रेलियाई तेल रिफाइनरी में बड़ी आग लग गई, जिससे नेशनल फ्यूल सप्लाई पर असर पड़ने की उम्मीद है।
मेलबर्न से 65 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में जिलॉन्ग शहर में वीवा एनर्जी की रिफाइनरी में बुधवार को लोकल टाइम के हिसाब से रात करीब 11 बजे आग लगी और गुरुवार सुबह भी जलती रही।
यह जगह ऑस्ट्रेलिया की सिर्फ दो चालू रिफाइनरियों में से एक है और देश की फ्यूल सप्लाई का लगभग 10 फीसदी बनाती है। विक्टोरिया राज्य में फायर और रेस्क्यू सर्विस की डिप्टी कमिश्नर मिशेल काउलिंग ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (एबीसी) रेडियो को बताया कि रिफाइनरी में इक्विपमेंट में खराबी की वजह से आग लगी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान ने यूरेनियम संवर्धन के अधिकारों पर समझौते से किया इनकार, यूएस पर युद्ध भड़काने का लगाया आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि ईरान अपने न्यूक्लियर संवर्धन अधिकारों से कोई समझौता नहीं करेगा। सरकारी मीडिया ने गुरुवार को बताया कि न्यूक्लियर एनर्जी पर उसका अधिकार अंतरराष्ट्रीय कानून और परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर आधारित है।
तेहरान में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बाघेई ने पश्चिमी मीडिया में ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को लेकर फैल रही अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ईरान के वैध अधिकार पर कोई समझौता नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन का अधिकार किसी बाहरी शक्ति की कृपा या रियायत नहीं है, जिसे दबाव या संघर्ष के समय वापस लिया जा सके। जब तक ईरान एनपीटी का सदस्य है, उसे इस संधि के सभी प्रावधानों का पूरा लाभ मिलना चाहिए।पाकिस्तान में हाल ही में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर संवर्धन से जुड़ी चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए बाघेई ने कहा कि किसी भी संभावित समझौते के लिए पहले एक व्यापक ढांचा तय होना जरूरी है। जब तक बुनियादी शर्तें तय नहीं होतीं, तब तक युद्ध और शांति जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विस्तृत बातचीत जल्दबाजी होगी।
लेबनान प्रतिरोध को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा “वैध प्रतिरोध” का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लेबनान में युद्ध समाप्त करना भी उस सीजफायर समझौते का हिस्सा था, जिस पर इस्लामाबाद वार्ता में चर्चा हुई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि दूसरा पक्ष (इजरायल) शुरू से ही सीजफायर की शर्तों का पालन नहीं कर रहा है। बाघेई ने यह भी कहा कि किसी समझौते के तहत यदि एक पक्ष अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन करता है, तो दूसरे पक्ष को भी अपनी जिम्मेदारियों को उसी अनुपात में समायोजित करने का अधिकार होता है।
उन्होंने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया कि ईरान ने लेबनान में प्रतिरोध मोर्चों का समर्थन कम किया है। बाघेई ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर यूरोपीय प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान और उसके क्षेत्रीय साझेदार इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्षम हैं।
उन्होंने कहा कि ईरान ऐतिहासिक रूप से इस क्षेत्र का संरक्षक रहा है और पिछले 40 दिनों में जो भी व्यवधान हुए हैं, वे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संघर्ष का परिणाम हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बाहरी हस्तक्षेप से क्षेत्रीय स्थिति और जटिल हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ यूरोपीय देश अमेरिकी और इजरायल की रणनीति के जाल में नहीं फंसे हैं, यह सकारात्मक संकेत है।
अंत में उन्होंने दोहराया कि यदि अमेरिका का हस्तक्षेप समाप्त हो जाए, तो ईरान क्षेत्रीय देशों के साथ मिलकर होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता बनाए रख सकता है।
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