Connect with us
Thursday,02-April-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

पाकिस्तान ने बलूच कार्यकर्ताओं को आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत किया सूचीबद्ध, मानवाधिकार संगठनों ने जताई आपत्ति

Published

on

क्वेटा, 22 अक्टूबर : कई मानवाधिकार संगठनों ने बुधवार को बलूचिस्तान सरकार द्वारा तीन “शांतिपूर्ण” बलूच महिला कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी अधिनियम (एटीए) 1997 की चौथी अनुसूची में डालने के फैसले की कड़ी निंदा की।

बलूचिस्तान गृह विभाग द्वारा 16 अक्टूबर को जारी अधिसूचना में बलूच महिला मंच (बीडब्ल्यूएफ) की केंद्रीय संयोजक शाली बलूच और बलूच यकजेहती समिति (बीवाईसी) की सदस्य नाज गुल और सैयद बीबी पर “आतंकवाद” से संबंधित गतिविधियों में सहयोग करने और उनसे जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उन्हें एटीए के अंतर्गत सूचीबद्ध किया गया है।

इस फैसले की दुनिया भर के मानवाधिकार निकायों और कार्यकर्ताओं ने व्यापक आलोचना की और पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा बलूच कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे अत्याचार की निंदा की।

इस फैसले की निंदा करते हुए, मानवाधिकार संस्था बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने इस कार्रवाई को बलूच महिलाओं को चुप कराने के उद्देश्य से डराने-धमकाने के एक व्यवस्थित अभियान का हिस्सा बताया, जो अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से साहसपूर्वक मानवाधिकारों की रक्षा कर रही हैं।

बीवीजे ने कहा, “एटीए की चौथी अनुसूची और लोक व्यवस्था बनाए रखने (एमपीओ) जैसे औपनिवेशिक काल के कानूनों का बार-बार दुरुपयोग, बलूचिस्तान में असहमति को अपराध घोषित करने और वैध राजनीतिक अभिव्यक्ति को दबाने के जानबूझ कर किए गए प्रयास को दर्शाता है।”

इसमें आगे कहा गया, “ये कार्रवाइयां न केवल पाकिस्तान के संविधान, विशेष रूप से अनुच्छेद 19 और 25 का उल्लंघन करती हैं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत पाकिस्तान के दायित्वों का भी उल्लंघन करती हैं, जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन बनाने के अधिकारों की गारंटी देता है।”

दूसरी ओर, बलूच राष्ट्रीय आंदोलन के मानवाधिकार विभाग, पांक ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे “शांतिपूर्ण सक्रियता को अपराध घोषित करने” और जबरन गायब किए जाने और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ आवाज उठाने वाली बलूच महिलाओं को चुप कराने का एक जबरदस्त प्रयास बताया।

पांक ने अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार निकायों से हस्तक्षेप करने का आह्वान किया, महिला कार्यकर्ताओं के नाम चौथी अनुसूची से हटाने की मांग की और बलूचिस्तान में जारी दमन के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया।

अधिसूचना के बाद, शाली बलूच ने एक्स पर पोस्ट किया, “नाज गुल और सैयद बीबी के साथ मेरा नाम शामिल करने संबंधी बलूचिस्तान सरकार के गृह विभाग की अधिसूचना का नया संस्करण मानवाधिकारों के लिए स्थानीय आवाजों को दबाने की कोई नई चाल नहीं है, बल्कि यह न केवल लोगों के मौलिक अधिकारों को कम करने, बल्कि उनका विरोध करने वाला कोई न बचे, इसका एक पुराना प्रयास है।”

उन्होंने आगे कहा, “हमने हमेशा कानून और संविधान के दायरे में रहकर संघर्ष किया है और अब अपने खिलाफ लगे झूठे आरोपों को चुनौती देने के लिए हर कानूनी मंच का सहारा लेंगे। इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतें हमारे लंबे संघर्ष में ऊर्जा का संचार करेंगी।”

अंतरराष्ट्रीय

‘हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, कोई चिंता नहीं’, होर्मुज स्ट्रेट तनाव के बीच ईरानी दूतावास का आश्वासन

Published

on

नई दिल्ली, 2 अप्रैल : ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच भीषण संघर्ष दूसरे महीने में आ चुका है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दावा कर रहे हैं कि ईरान और ईरानी ताकत को पूरी तरह से कमजोर कर दिया गया है, वहीं ईरान भी लगातार हमले तेज कर रहा है। इन सबके बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। मौजूदा हालात के बीच भारत में ईरानी दूतावास ने कहा है कि भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं।

दरअसल, दक्षिण अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान ही तय करेंगे। आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं।” इसे रिपोस्ट कर भारत में ईरानी दूतावास ने लिखा, “होर्मुज स्ट्रेट का भविष्य सिर्फ ईरान और ओमान ही तय करेंगे। आप सुरक्षित हाथों में हैं, चिंता की कोई बात नहीं।”

तेहरान के मेयर के प्रवक्ता अब्दुलमोहर मोहम्मदखानी ने कहा कि हाउसिंग यूनिट्स को हुए नुकसान में कांच, दरवाजे और खिड़कियों जैसी छोटी-मोटी मरम्मत से लेकर बड़े रीकंस्ट्रक्शन या पूरे रेनोवेशन तक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 1,869 परिवारों को घर की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि करीब 1,245 परिवारों को 23 रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया गया है।

मोहम्मदखानी ने आगे कहा कि अब तक 4,000 से ज्यादा रेजिडेंशियल यूनिट्स की मरम्मत शुरू हो चुकी है, जिन्हें नगर निकाय ने या तो किया है या वित्तीय समर्थन दिया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रंप के भाषण के जवाब में एक बयान जारी किया है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी थी कि ईरान को दो से तीन हफ्ते के अंदर एक समझौते के लिए सहमत होना होगा या अपने हर पावर प्लांट पर हमले का सामना करना होगा।

ट्रंप की इस धमकी को लेकर इस्माइल बघाई ने कहा, “हम युद्ध, बातचीत, सीजफायर और फिर उसी पैटर्न को दोहराने के इस बुरे चक्र को बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने चल रहे संघर्ष को “न केवल ईरान के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और उससे आगे के लिए विनाशकारी” बताया।

बघाई ने कहा कि जब तक अमेरिकी-इजरायली हमले जारी रहेंगे, ईरान जवाबी कार्रवाई करता रहेगा। तेहरान अपने खाड़ी पड़ोसियों को दुश्मन नहीं मानता।

उन्होंने कहा, “हमने बार-बार कहा है कि हम उन सभी के साथ अपने अच्छे पड़ोसी वाले संबंध जारी रखने के लिए पक्के इरादे वाले हैं। समस्या यह है कि अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ अपने सैन्य हमले को अंजाम देने के लिए उनके इलाकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान में अमेरिका के सैनिक तैनात होंगे या नहीं, ट्रंप की चुप्पी से मीडिया परेशान

Published

on

TRUMP

वॉशिंगटन, 2 अप्रैल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को लेकर लगातार अपने पुराने दावों को दोहरा रहे हैं। इसे लेकर अब अमेरिकी मीडिया में भी असंतोष देखने को मिल रहा है। अपन प्राइम-टाइम भाषण में ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ लड़ाई पूरी होने वाली है, लेकिन उन्होंने रणनीति, लड़ाई को बढ़ाने और लड़ाई के अंत को लेकर जरूरी सवालों के जवाब नहीं दिए। अमेरिकी मीडिया ने ईरान को लेकर ट्रंप की रणनीति पर गहरी निराशा जाहिर की।

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इस बारे में कोई साफ बात नहीं कही कि ईरान में जमीनी स्तर पर अमेरिका के सैनिक तैनात किए जाएंगे या नहीं।

द न्यूयॉर्क टाइम्स और द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया कि ट्रंप ने किसी भी डिप्लोमैटिक रास्ते या बाहर निकलने की रणनीति के बारे में बताने से भी परहेज किया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई दो से तीन हफ्ते और चल सकती है।

ट्रंप ने रणनीतिक होर्मुज स्ट्रेट का थोड़ा सा जिक्र किया और कहा कि दूसरे देशों को, खासकर जो मिडिल ईस्ट के तेल पर निर्भर हैं, इसे फिर से खोलने के लिए आगे आना चाहिए। हम मदद करेंगे लड़ाई खत्म होने के बाद पानी का रास्ता अपने आप खुल जाएगा।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि ट्रंप ने इस इलाके में सैन्य ऑपरेशन के मिले-जुले नेचर के बावजूद, इजरायल समेत खास साथियों की भूमिका के बारे में विस्तार से नहीं बताया। न ही उन्होंने नाटो साझेदारों के साथ सहयोग पर बात की, जबकि रिपोर्ट्स में गठबंधन के समर्थन को लेकर पहले के तनाव का संकेत मिला।

द वॉशिंगटन पोस्ट के लाइव कवरेज के मुताबिक, ईरान के राजनीतिक भविष्य को लेकर ट्रंप ने कहा कि सत्ता परिवर्तन अमेरिका का मकसद नहीं था। द न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि ट्रंप के संबोधन में ईरान के उभरते लीडरशिप स्ट्रक्चर या मोजतबा खामेनेई जैसे लोगों का जिक्र नहीं था। अमेरिकी मीडिया ने ईरान में वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद मोजतबा को एक खास पावर सेंटर के तौर पर पहचाना गया है।

ट्रंप ने इस बारे में भी कुछ नहीं कहा कि क्या अमेरिका ईरान के न्यूक्लियर मैटीरियल को सुरक्षित करने की कोशिश करेगा, जबकि द न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण के मुताबिक, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि जमीन के नीचे दबे संवर्धित यूरेनियम को निकालने के लिए रिस्की ग्राउंड ऑपरेशन करने होंगे।

हालांकि ट्रंप ने इस दावे को दोहराया कि ईरान की सैन्य क्षमता में बहुत ज्यादा कमी आई है, लेकिन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि तेहरान पूरे इलाके में मिसाइल और ड्रोन हमले जारी रखे हुए है।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट्स ने बताया कि ट्रंप ने अपने संबोधन में ज्यादातर मौजूदा बातों को ही दोहराया गया, सैन्य या डिप्लोमैटिक मोर्चों पर कोई नई घोषणा नहीं की गई।

रिपोर्ट्स में बताए गए विश्लेषक ने कहा कि जमीनी कार्रवाई, होर्मुज सुरक्षा और युद्ध के बाद के गवर्नेंस पर खास जानकारी न होने से लड़ाई के अगले चरण के बारे में अनिश्चितता बनी हुई है।

युद्ध अब अपने दूसरे महीने में है, बढ़ते खतरों, इलाके की स्थिरता और मिडिल ईस्ट में अमेरिका की लंबे समय की रणनीति पर सवाल उठा रहा है।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई बच्चों के भविष्य में निवेश जैसी, हमले तेज करने की दी चेतावनी

Published

on

वॉशिंगटन, 2 अप्रैल : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आने वाले हफ्तों में ईरान के खिलाफ हमले और तेज करने की बात कही और चेतावनी दी है। कि ये हमले अभी कुछ हफ्तों तक और चलेगा। ट्रंप ने कहा कि हम अगले दो से तीन हफ्तों में उन पर बहुत जोरदार हमला करने वाले हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ इन हमलों को बच्चों के भविष्य में निवेश बताया।

देश के नाम अपने संबोधन में स्थानीय समयानुसार बुधवार को ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एक महीने से थोड़ा ज्यादा चला है, लेकिन अमेरिका ने पहले ही उस चीज को खत्म कर दिया है जिससे बड़ा खतरा बताया था। उन्होंने कहा, “हम इस सैन्य ऑपरेशन में 32 दिनों से हैं और देश को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है और असल में अब कोई खतरा नहीं है।”

उन्होंने कैंपेन की रफ्तार में तेजी को दिखाने के लिए इसकी तुलना पिछले अमेरिकी युद्धों के समय से की। ट्रंप ने कहा, “पहले विश्व युद्ध में अमेरिका की भागीदारी एक साल, सात महीने और पांच दिन तक चली। दूसरा वर्ल्ड वॉर तीन साल, आठ महीने और 25 दिन तक चला। कोरियाई युद्ध तीन साल, एक महीने और दो दिन तक चला। वियतनाम युद्ध 19 साल, पांच महीने और 29 दिन तक चला और इराक युद्ध आठ साल, आठ महीने और 28 दिन तक चला।”

ईरान ऑपरेशन को बहुत तेज बताते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने ऐसी रफ्तार से नतीजे दिए हैं जो मॉडर्न लड़ाई में बहुत कम देखी गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “लड़ाई के इतिहास में कभी किसी दुश्मन को कुछ हफ्तों में इतना साफ, भयानक और बड़े पैमाने पर नुकसान नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि लड़ाई का कम समय सैन्य ताकत और रणनीतिक स्पष्टता दोनों को दिखाता है।

ट्रंप ने कहा, “हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “हम तब तक काम करते रहेंगे, जब तक हमारे मकसद पूरी तरह पूरे नहीं हो जाते। हमने जो प्रक्रिया की है, उसकी वजह से मैं कह सकता हूं कि हम बहुत जल्द अमेरिका के सभी मकसद पूरे करने की राह पर हैं।”

उन्होंने ईरान को यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो हम उनके हर बिजली बनाने वाले प्लांट पर बहुत जोरदार हमला करेंगे और शायद एक साथ।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस लड़ाई को अमेरिका के लिए बेहतर और सुरक्षित भविष्य पक्का करने की कोशिश बताया है। ट्रंप ने कहा, “यह आपके बच्चों और आपके नाती-पोतों के भविष्य में एक सच्चा निवेश है।

उन्होंने दोहराया कि ईरान को न्यूक्लियर हथियार हासिल करने से रोकने के लिए जंग जरूरी है। हालांकि ट्रंप के अपने इंटेलिजेंस चीफ ने पिछले साल माना था कि तेहरान ऐसा नहीं चाहता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन के आखिरी में कहा, “जंग पहले ही जीत ली गई है और लगभग खत्म हो चुकी है। हम अमेरिका और दुनिया के लिए ईरान के खतरनाक खतरे को खत्म करने की कगार पर हैं।”

Continue Reading
Advertisement
अंतरराष्ट्रीय19 minutes ago

‘हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हाथों में हैं, कोई चिंता नहीं’, होर्मुज स्ट्रेट तनाव के बीच ईरानी दूतावास का आश्वासन

राष्ट्रीय2 hours ago

एलपीजी व उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा को लेकर राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में इंटर मिनिस्ट्रियल कमेटी की होगी बैठक

राष्ट्रीय2 hours ago

कर्मयोगी साधना सप्ताह में नरेंद्र मोदी ने बताई भविष्य की दिशा, बोले-तकनीक और एआई से बदलेगा प्रशासन

व्यापार3 hours ago

ट्रंप की ईरान संबंधी चेतावनी से कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सोना 3.6 प्रतिशत फिसला तो चांदी 7 प्रतिशत से ज्यादा गिरी

अंतरराष्ट्रीय3 hours ago

ईरान में अमेरिका के सैनिक तैनात होंगे या नहीं, ट्रंप की चुप्पी से मीडिया परेशान

राष्ट्रीय3 hours ago

मुख्यमंत्री छोड़ने के बाद नीतीश कुमार को मिलती रहेगी जेड प्लस सुरक्षा, बिहार गृह विभाग ने जारी किया आदेश

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई बच्चों के भविष्य में निवेश जैसी, हमले तेज करने की दी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय4 hours ago

अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान को वापस पाषाण युग में भेज देंगे, ट्रंप की खुली चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिका को लिखा खुला पत्र, कहा-अमेरिकी जनता से कोई दुश्मनी नहीं

अंतरराष्ट्रीय5 hours ago

नासा ने ऐतिहासिक आर्टेमिस-II मानवयुक्त चंद्र मिशन का किया शुभारंभ

महाराष्ट्र6 days ago

लॉकडाउन लागू नहीं होगा… तेल की कीमतें भी नहीं बढ़ेंगी, अफवाह फैलाने वालों पर क्रिमिनल केस दर्ज होंगे: देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंब्रा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर नदीम खान उर्फ ​​बाबा खान के घर पर फायरिंग, पुलिस टीम पर भी हमला, मुंब्रा में अलर्ट… नदीम ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया

व्यापार4 weeks ago

कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में खुला, सेंसेक्स 300 अंक गिरा, आईटी शेयरों में बढ़त

अपराध3 weeks ago

मुंबई सेंट्रल के रेलवे अस्पताल में महिला डॉक्टर की संदिग्ध हालात में मौत, जांच में जुटी पुलिस

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई के लोगों को महायोति का बड़ा तोहफा… अब 500 स्क्वायर फीट तक के घरों पर कोई टैक्स नहीं, महानगरपालिका ने यह सीमा बढ़ाकर 700 स्क्वायर फीट कर दी है।

अंतरराष्ट्रीय3 weeks ago

पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने फोन पर की बात, मध्य पूर्व संघर्ष को कम करने पर जोर

राष्ट्रीय3 weeks ago

मुंबई में गैस संकट से 20 फीसदी होटल-रेस्टोरेंट बंद, पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति सुचारू रखने की मांग

अंतरराष्ट्रीय4 weeks ago

इजरायल की चेतावनी, ‘विदेशों में रहने वाले यहूदियों पर हमले का खतरा बढ़ा’, सतर्क रहने की सलाह

महाराष्ट्र1 week ago

अबू आसिम आज़मी ने महाराष्ट्र में हेट स्पीच से जुड़े अपराधों की घटनाओं पर चिंता जताई, विधानसभा में सख्त कार्रवाई की मांग की

अंतरराष्ट्रीय5 days ago

व्हाइट हाउस ने ईरान संकट पर पीएम मोदी और ट्रंप की बातचीत की सराहना की

रुझान