राष्ट्रीय
कर्मयोगी साधना सप्ताह में नरेंद्र मोदी ने बताई भविष्य की दिशा, बोले-तकनीक और एआई से बदलेगा प्रशासन
PM MODI
नई दिल्ली, 2 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कर्मयोगी साधना सप्ताह को संबोधित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कर्मयोगी साधना सप्ताह के इस आयोजन के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। 21वीं सदी के इस कालखंड में तेजी से बदलती व्यवस्थाएं, तेजी से बदलती दुनिया और उनके बीच उसी रफ्तार से आगे हमारा भारत आगे बढ़ रहा है। इसके लिए सार्वजनिक को समय के अनुरूप निरंतर अपडेट करना जरूरी है। इस आयोजन के लिए आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं। कर्मयोगी साधना सप्ताह उसी प्रयास की एक अहम कड़ी है।”
पीएम मोदी ने कहा, “आप सभी परिचित हैं कि आज शासन के जिस सिद्धांत को लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं, उसका मूलमंत्र है ‘नागरिक देवो भवः’। इस मंत्र में समाहित भावना के साथ आज पब्लिक सर्विस को ज्यादा काबिल और नागरिकों के लिए ज्यादा संवेदनशील बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। सफलता का एक बड़ा सिद्धांत ये भी है कि दूसरों की लकीर छोटी करने के बजाय अपनी लकीर बड़ी करो। हमारे देश में आजादी के बाद से कई तरह की संस्थाएं अलग-अलग उद्देश्य के साथ काम कर रही थीं, लेकिन आवश्यकता थी एक ऐसी संस्था की, जिसका लक्ष्य क्षमता निर्माण हो, जो सरकार में काम करने वाले हर कर्मचारी, हर कर्मयोगी का सामर्थ्य बढ़ाए।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “कर्मयोगी हमारे प्रयासों को नई शक्ति और गति प्रदान कर रहा है। इन प्रयासों के माध्यम से हम सक्षम कर्मयोगियों की एक टीम का निर्माण कर सकेंगे। विकसित भारत के लिए हमें तीव्र आर्थिक विकास की आवश्यकता है। हमें देश में कुशल कार्यबल तैयार करना होगा। हम सब जानते हैं कि पुरानी व्यवस्था में अधिकारी बनने पर अधिकार पर ही जोर दिया जाता था, लेकिन आज देश में कर्तव्य पर अधिक बल दिया जाता है। हमें हमारे वर्तमान मूल्यों को भविष्य के एक कैनवास पर बड़े पैमाने पर देखना चाहिए। 2047 में विकसित भारत, यही हमारा कैनवास है, यही हमारा लक्ष्य है।”
जब हम सीखने की बात करते हैं, तो आज के समय में टेक्नोलॉजी का महत्व बहुत बढ़ जाता है। हम शासन और वितरण से लेकर अर्थव्यवस्था तक तकनीकी क्रांति की ताकतों को देखते हैं। अब एआई के प्रोसेसर के बाद ये बदलाव और तेजी से होने वाला है। इसलिए प्रौद्योगिकी को लोड किया गया और उसका उपयोग करना अब सार्वजनिक सेवा का आवश्यक हिस्सा बन गया है। हम प्रगतिशील और पिछड़ी अवस्थाओं की परिभाषा को समाप्त कर रहे हैं। हमें विभिन्न अवस्थाओं के बीच हर प्रकार की खाई को पाटना होगा। हमें अलगाव को तोड़ना होगा।”
अपनी तरह की पहली राष्ट्रीय पहल के तौर पर क्षमता निर्माण आयोग 2 से 8 अप्रैल 2026 तक ‘साधना सप्ताह 2026’ की शुरुआत की है। यह पहल भारत की प्रशासनिक सेवाओं के पूरे तंत्र में क्षमता निर्माण के सबसे बड़े साझा प्रयासों में से एक होगी। यह पहल दो महत्वपूर्ण उपलब्धियों क्षमता निर्माण आयोग का स्थापना दिवस और मिशन कर्मयोगी के पांच वर्ष पूरे होने से मेल खाती है।
साधना सप्ताह का अर्थ है राष्ट्रीय उन्नति के लिए अनुकूलनीय विकास और मानवीय योग्यता को सशक्त बनाना। यह पहल केन्द्रीय मंत्रालयों, विभागों और संगठनों, राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों, तथा 250 से अधिक प्रशासनिक सेवा प्रशिक्षण संस्थानों को एक साझा राष्ट्रीय क्षमता निर्माण प्रयास में एक साथ लाएगी। देश भर के प्रशासनिक अधिकारी क्षमता निर्माण के ऐसे सुनियोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे, जिन्हें ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी दक्षताओं को विकसित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
अनन्य
नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय
हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता से कच्चे तेल में तेजी जारी, ब्रेंट क्रूड 103 डॉलर प्रति बैरल के पार

हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता के बीच कच्चे तेल में तेजी जारी है और गुरुवार को कीमतें फिर से 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई है।
इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट सुबह के कारोबार में 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से लगभग 4 प्रतिशत अधिक था। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड का जून फ्यूचर्स का कॉन्ट्रैक्ट 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया।
कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी की वजह हॉर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर अनिश्चितता को माना जा रहा है।
हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरानी नेताओं द्वारा “यूनिफाइड प्रस्ताव” दिए जाने तक युद्धविराम को बढ़ा दिया, लेकिन उन्होंने ईरान पर लगी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई।
अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर कहा, “ईरान के खिलाफ अमेरिकी नाकाबंदी के तहत अमेरिकी सेना ने 31 जहाजों को वापस मुड़ने या बंदरगाह पर लौटने का निर्देश दिया है।”
वहीं, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक कर दिया गया है। यह सीजफायर का उल्लंघन है। इससे ईरानी बंदरगाहों को निशाना बनाया जा रहा है। आगे कहा कि पूर्ण सीजफायर तभी संभव है, जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट के ब्लॉक को समाप्त कर देता है।
विश्लेषकों का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट 50 दिनों से अधिक समय से बंद है, जिससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा बाधित हो गया है। कीमतों में लगातार वृद्धि से भारत के आयात बिल पर असर पड़ सकता है और इसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव आ सकता है।
सरकार का कहना है कि देश भर में खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
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