राजनीति
ओडिशा कैबिनेट ने 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी, कक्षा 9 और 10 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने की घोषणा
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में ओडिशा कैबिनेट ने 11 विभागों के 16 प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन विभागों में राजस्व और आपदा प्रबंधन, उद्योग, वित्त, कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा और कृषि एवं किसान सशक्तिकरण आदि शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई है कि इससे सुशासन, समावेशी विकास और ‘समृद्ध ओडिशा’ के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को प्रस्तावों की जानकारी एक्स पोस्ट के माध्यम से दी गई है।
कक्षा 9 और 10 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकेंः 284.07 करोड़ की लागत वाली इस स्कीम के तहत 2025-26 से 2029-30 तक पांच वर्षों में अनुमानित 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
इंडस्ट्रियल रीस्ट्रक्चरिंग: इस संशोधन से योग्य इंडस्ट्रियल रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम के लिए स्टाम्प ड्यूटी को तर्कसंगत बनाया जाएगा, जिससे बीमार इकाइयों को फिर से शुरू करने, बिजनेस को जारी रखने और नौकरियों को बचाने में मदद मिलेगी।
एलिमेंट्री एजुकेशन नियमों में संशोधनः 1997 के नियमों में किए गए इस संशोधन से लेवल-2 अधिकारियों की सीनियरिटी का निर्धारण लेवल-3 में सेवा की अवधि के बजाय सेलेक्ट लिस्ट में उनके स्थान के आधार पर किया जाएगा।
डिप्लोमा इंजीनियरों के सर्विस कैडर का रीस्ट्रक्चरिंगः जूनियर इंजीनियर-असिस्टेंट इंजीनियर के अनुपात को संशोधित करके 60:40 कर दिया गया है, जिससे कुल स्वीकृत संख्या बढ़ाए बिना प्रमोशन की संभावनाओं में सुधार होगा।
तुस्तापल्ली इन-स्ट्रीम स्टोरेज प्रोजेक्टः 105.62 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से बोलांगीर के सूखे की चपेट में आने वाले 12 गांवों के लिए जल सुरक्षा मजबूत होगी और ग्रामीण आजीविका को सहारा मिलेगा।
कक्षा 9 और 10 के लिए मुफ्त पाठ्यपुस्तकेंः 284.07 करोड़ की लागत वाली इस स्कीम के तहत 2025-26 से 2029-30 तक पांच वर्षों में अनुमानित 28.7 लाख छात्रों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी।
अस्तारंगा फिशिंग हार्बर स्टेज-2: 133.81 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से 1,960 मशीनीकृत मछली पकड़ने वाली नावों के लिए लैंडिंग और बर्थिंग की सुविधा मिलेगी और लगभग 35,000 लोगों को लाभ होगा। इससे फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को 20 फीसदी से घटाकर 7 फीसदी तक लाने की भी उम्मीद है।
रायरंगपुर में पोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चरः इस फैसले के तहत पोस्टल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए सरकारी जमीन को मंजूरी दी गई है, जिसमें आधार केंद्र और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र शामिल हैं, जिससे जरूरी सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी।
खाद और बीज की सप्लाई के लिए 1,360 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंडः 2026-27 से 2029-30 तक चलने वाली यह चार साल की योजना, समय पर खाद और अच्छी क्वालिटी के बीज उपलब्ध कराने में मदद के लिए ओएससीएमएफ और ओएसएससी को बिना ब्याज वाला रिवॉल्विंग फंड देगी।
500 करोड़ रुपये का शहरी स्टॉर्म-वॉटर ड्रेनेज प्रोग्रामः 2026-27 से 2030-31 तक चलने वाला यह पांच साल का प्रोग्राम शहरी लोकल बॉडीज और चुने हुए ब्लॉक हेडक्वार्टर में ड्रेनेज सिस्टम को बेहतर बनाएगा, जिससे जल-जमाव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ की समस्या कम होगी।
कटक में महानदी वॉटरफ्रंट का विकासः 133.72 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट में रिवरफ्रंट प्रोमेनेड, लैंडस्केप वाली जगहें, कटक हाट, एक ओपन-एयर थिएटर और लोगों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
ओडिशा सेकेंडरी एजुकेशन नियम, 2026: नए नियम 1993 के नियमों की जगह लेंगे, सर्विस से जुड़ी विसंगतियों को दूर करेंगे, राज्य स्तर पर एक समान कैडर पदानुक्रम बनाएंगे और हिंदी व संस्कृत शिक्षकों को कैडर का दर्जा और प्रमोशन के मौके देंगे।
ओडिशा सबऑर्डिनेट फिशरीज सर्विस कैडर का पुनर्गठन: मंजूर पदों की संख्या 445 से बढ़कर 774 हो जाएगी, जिससे फील्ड-लेवल पर मैनपावर और फिशरीज सर्विस डिलीवरी मजबूत होगी।
केन्दुझार में डिजास्टर रिकवरी-कम-डेटा सेंटर: 176.83 करोड़ रुपये की लागत वाला यह सेंटर डिजास्टर रिकवरी को मजबूत करेगा और ज़रूरी सरकारी डिजिटल सेवाओं के लगातार चलने में मदद करेगा।
दक्षता विकास योजना: 2026-27 से 2028-29 तक 7450 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना का मकसद प्लेसमेंट से जुड़ी ट्रेनिंग, डिजिटल स्किलिंग और विदेश में नौकरी में मदद के जरिए 4.20 लाख युवाओं को स्किल सिखाल सिखाना है।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु सरकार सहकारी स्टोरों के जरिए 40-50 रुपये प्रति किलो की दर से चावल बेचने पर कर रही विचार

खुदरा कीमतों में वृद्धि के मद्देनजर उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करने के लिए तमिलनाडु सरकार सहकारी दुकानों के माध्यम से चावल को 40 से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचने पर विचार कर रही है।
इस प्रस्ताव में भारतीय खाद्य निगम और अन्य राज्यों से चावल खरीदकर सहकारी संस्थाओं के माध्यम से वितरित करने की बात कही गई है। अधिकारी कार्यक्रम को लागू करने से पहले उपलब्धता और खरीद लागत के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।
अगस्त में जो चावल 50 से 60 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, अब उसकी कीमत 70 से 80 रुपये के बीच है, जिससे परिवारों के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
दालों और खाना पकाने के तेल सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हुई है, जिसके चलते सरकार को इस वृद्धि को रोकने के उपायों की समीक्षा करनी पड़ रही है।
खाद्य मंत्री वेंकटरमनन ने मंगलवार को चेन्नई स्थित सचिवालय में मूल्य निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें स्थिति और संभावित उपायों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव साईकुमार, खाद्य सचिव अमुधा, वित्त सचिव सिद्दीकी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चर्चा का मुख्य केंद्र आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करने और उपभोक्ताओं को अधिक किफायती दरों पर आपूर्ति उपलब्ध कराने के उपायों पर था।
समीक्षा के दौरान सहकारी भंडारों के माध्यम से चावल की प्रस्तावित बिक्री सहित कई उपायों पर विचार किया गया। सहकारिता एवं खाद्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार भारतीय खाद्य निगम और अन्य राज्यों के आपूर्तिकर्ताओं से उत्तम गुणवत्ता वाले चावल खरीदने की संभावना पर विचार कर रही है।
अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य सहकारी दुकानों के माध्यम से 40 रुपये से 50 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से चावल उपलब्ध कराना था।
अधिकारी उन राज्यों की पहचान कर रहे हैं जहां चावल बिक्री के लिए उपलब्ध है और उन दरों का आकलन कर रहे हैं जिन पर आपूर्ति खरीदी जा सकती है। ये विवरण प्रस्तावित हस्तक्षेप के लिए पर्याप्त मात्रा में चावल सुरक्षित किया जा सकता है या नहीं, यह निर्धारित करने में सहायक होंगे।
अधिकारी ने कहा कि एक लाख टन चावल की उपलब्धता की पुष्टि हो जाने के बाद सरकार कम कीमत पर बिक्री शुरू करने के लिए कदम उठाएगी।
इसलिए, प्रस्ताव को आगे बढ़ाने से पहले उस मात्रा को सुरक्षित करना एक प्रमुख आवश्यकता है। योजना अभी भी विचाराधीन है, और खरीद संबंधी व्यवस्थाओं को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।
बिक्री शुरू होने की कोई तारीख तय नहीं की गई है। यदि प्रस्तावित दरों पर इसे लागू किया जाता है, तो इस पहल से उपभोक्ताओं को अधिकारियों द्वारा बताई गई मौजूदा खुदरा कीमतों से कम दामों पर चावल उपलब्ध होगा। इसका क्रियान्वयन आपूर्ति की पुष्टि और सरकार द्वारा खरीद विकल्पों और लागतों के आकलन के पूरा होने पर निर्भर करेगा।
राजनीति
सीजेपी नेताओं की न्यायिक हिरासत पर राहुल गांधी बोले-‘युवाओं को जेल भेजना कायरता’

लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं को जेल भेजना कायरता का काम है।
यह बयान तब आया जब सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में लिखा, “शांतिपूर्ण विरोध में जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता का काम है। छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक, अलग-अलग बैनर के एक ही कारण है कि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे।” तीन सीजेपी सदस्यों को जंतर-मंतर में अतिक्रमण के लिए निवारक गिरफ्तारी के तहत पकड़ा गया था, जिसे अब निर्धारित विरोध स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित कर दिया गया है। उन पर अतिक्रमण, बॉन्ड उल्लंघन और लोक सेवकों के कर्तव्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया गया है।
सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को बुधवार सुबह नई दिल्ली के मंदिर मार्ग पर एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके के साथ सौरव दास और आशुतोष रांका को 10 अक्टूबर के विरोध से जुड़े मामले में 50,000 रुपए का बॉन्ड भरने और इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग के किसी भी मामले में शामिल नहीं होंगे।
इस बार सौरव दास और आशुतोष रांका पर अतिक्रमण और बॉन्ड शर्तों के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। उन्हें आदतन अपराधी के तौर पर देखा जा रहा है।
तीनों सीजेपी नेताओं को मंगलवार सुबह पुलिस बैरिकेड्स पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश करने के लिए हिरासत में लिया गया था, जिसे निर्धारित विरोध स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित किया जा चुका है।
वे चुनाव आयोग के खिलाफ मतदाता सूची की एसआईआर में अनियमितताओं को लेकर विरोध करने जा रहे थे। वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाते हुए पुलिस बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद तीनों को हिरासत में ले लिया गया।
12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने कहा कि जंतर-मंतर को ‘निर्धारित’ विरोध स्थल के रूप में गैर-अधिसूचित कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह फैसला गृह मंत्रालय की एक समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया था। दिल्ली में विरोध के लिए तीन नई जगहें (रामलीला ग्राउंड, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड) तय की गई हैं।
महाराष्ट्र
महाराष्ट्र : एसटी बस में बुजुर्ग यात्री से जेवर और नकदी चोरी, 4 महिला चोर गिरफ्तार

ARREST
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में एक स्टेट ट्रांसपोर्ट (एसटी) बस में यात्रा कर रही 70 वर्षीय महिला से 1.5 लाख रुपये के सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद चुराने के आरोप में चार महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी।
पुलिस ने चोरी हुए गहने और नकदी बरामद कर बुजुर्ग महिला, जिनकी पहचान चंद्रकला बोडखे के रूप में हुई है, को वापस कर दिए।
यह घटना मंगरुलपीर से अकोला जा रही एसटी बस में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, चारों आरोपियों ने यात्रा के दौरान बुजुर्ग यात्री के उस बैग को निशाना बनाया जिसमें सोने के गहने और नकदी थी।
जब बस शेलू बाजार पहुंची, तो चारों महिलाएं उतर गईं। अन्य यात्रियों को शक हुआ, जिसके बाद बोडखे ने अपना बैग चेक किया और पाया कि उनके सोने के गहने और 28,000 रुपये नकद वाला बैग गायब था। बुजुर्ग महिला ने शोर मचाया और अन्य यात्रियों से मदद मांगी।
घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि चारों महिलाएं ऑटो-रिक्शा से उस इलाके से चली गई थीं।
तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया और चारों महिलाओं को पकड़ लिया। उनके पास से चोरी हुए सोने के गहने और नकदी बरामद की गई और बाद में बुजुर्ग महिला को वापस सौंप दी गई।
यह घटना भीड़-भाड़ वाले सार्वजनिक परिवहन में यात्रा करने वाले यात्रियों, खासकर कीमती सामान ले जाने वाले बुजुर्ग यात्रियों के लिए सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है।
एक अलग घटना में, पुणे पुलिस ने शहर में दर्ज चोरी के नौ मामलों के सिलसिले में हरियाणा के तीन लोगों को गिरफ्तार किया। कई राज्यों में लगभग 4,600 किलोमीटर की यात्रा वाली जांच के बाद पुलिस ने लगभग 23 लाख रुपये का कीमती सामान जब्त किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने गणेशोत्सव समारोह और गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान भीड़-भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बनाया था। इन मामलों की जांच विश्रामबाग पुलिस ने की, जिसने संदिग्धों की पहचान हरियाणा के पलवल के रहने वालों के तौर पर की।
इस बीच, गुजरात की अरावली पुलिस ने एक अन्य मामले के सिलसिले में उन्हीं तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। गुजरात पुलिस की मदद से पुणे पुलिस की एक टीम ने आरोपियों को हिरासत में लिया। उनकी पहचान अजय शमशेर विनोद कुमार रूपसिंह कोली (20), अमन शमशेर अनिल कुमार नारायणसिंह कोली (24) और दीपक शमशेर राजूभाई सापसिंह (21) के तौर पर हुई।
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