Connect with us
Sunday,04-October-2026
ताज़ा खबर

सामान्य

‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ से किसी का भला नहीं

Published

on

vaccine

 अभी भी पूरी दुनिया में कोरोनावायरस का कहर बना हुआ है, और मानव जाति के जीवन और स्वास्थ्य को खतरा है। इसके लिए जरूरी है कि सभी देशों के लोगों को समय पर कोविड-19 रोधी टीका लगाया जाए। लेकिन ऐसे महत्वपूर्ण क्षण में, कुछ देशों में ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ की भावना बढ़ रही है। कुछ उच्च-आय वाले देश कोविड-19 टीकों की जमाखोरी कर रहे हैं, जबकि कई कम-आय वाले देश कोरोना-रोधी टीकों की पहुंच से वंचित हैं।

‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ मुख्य रूप से इस तथ्य को संदर्भित करता है कि कुछ उच्च-आय वाले देशों की सरकारों ने दवा निर्माताओं के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये कंपनियां अन्य देशों के लिए टीके प्रदान करने से पहले अपनी आबादी को पहले टीके की आपूर्ति करेंगी।

मामलों को बदतर बनाने के लिए कुछ पश्चिमी मीडिया ने ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ का बचाव करने और वैश्विक महामारी-रोधी सहयोग में बाधा डालने की कोशिश की है। सच्चाई यह है कि इन उच्च-आय वाले देशों ने अपनी आबादी के हिसाब से जरूरत से ज्यादा टीकों का ऑर्डर दिया है, जिसके कारण न केवल इन देशों में टीकों की अतिरिक्त संख्या होगी, बल्कि कई गरीब और मध्यम आय वाले देशों को समय पर टीके नहीं मिल पाने की स्थिति बनी रहेगी।

इस समय दुनिया कोविड-19 टीकों के वितरण में एक भयावह नैतिक विफलता के कगार पर खड़ी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के महानिदेशक डॉ. ट्रेडोस ने जनवरी में डब्ल्यूएचओ कार्यकारी बोर्ड के 148वें सत्र की उद्घाटन बैठक में कहा, “कम से कम 49 उच्च-आय वाले देशों में अब 3.9 करोड़ से अधिक टीके लगाए गए हैं। एक न्यूनतम आय वाले देश में सिर्फ 25 खुराक दी गई हैं। 2.5 करोड़ नहीं; 25 हजार भी नहीं; सिर्फ 25।”

दरअसल, ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’, ‘पहले मैं’ वाली मानसिकता के लोगों द्वारा फैलाया जा रहा है, जिससे किसी का भी भला नहीं होगा। एक वर्ष से अधिक समय तक चली महामारी ने दुनिया को सिखाया है कि सभी देशों में लोगों का जीवन और स्वास्थ्य कभी भी इतना निकटता से जुड़ा नहीं है जितना कि आज है। वायरस मानव जाति का सामान शत्रु है, और इसे हराने का एकमात्र तरीका एकजुटता और सहयोग है।

यदि कुछ उच्च-आय वाले देश कोविड-19 टीकों की आंखें मूंद कर जमाखोरी करते हैं, और गरीब देशों को टीकों का उपयोग या उपयोग करने में असमर्थ बनाते हैं, तो वायरस दुनिया भर में फैलता रहेगा, और यह उच्च-आय वाले देशों सहित सभी के लिए महामारी को हराना अधिक कठिन हो जाएगा।

जाहिर है, ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ कोविड-19 महामारी को समाप्त करने में प्रगति को धीमा कर सकता है और सभी देशों के लिए आर्थिक विकास को नष्ट कर सकता है। टीके वायरस के खिलाफ एक शक्तिशाली हथियार हैं और जीवन बचाने के लिए उम्मीद जगाते हैं। उन्हें पूरी दुनिया की सेवा करनी चाहिए और पूरी मानवता को लाभ पहुंचाना चाहिए।

न्यायसंगत टीका वितरण के लिए, चीन और भारत दोनों ने ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ का विरोध करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। दोनों बड़े एशियाई देश डब्ल्यूएचओ के कोवाक्स योजना में शामिल हो चुके हैं, जिसके तहत उन्होंने विकासशील देशों में आपातकालीन उपयोग के लिए कोरोनो-रोधी टीके की खुराक देने का काम किया है। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग तो चीनी-र्निर्मित टीके को वैश्विक सार्वजनिक उत्पाद घोषित कर चुके हैं।

अब तक, चीन ने 69 विकासशील देशों को तत्काल आवश्यकता में कोविड-19 टीके दान में दिए हैं, और 43 देशों को टीके निर्यात किये हैं। वहीं, भारत ने वैक्सीन मैत्री पहल के तहत लगभग 71 देशों को भारत-निर्मित टीके की आपूर्ति की है। शुरूआत से ही, चीन और भारत मानते आ रहे हैं कि महामारी पूरी मानवता के लिए खतरा है और सामूहिक रूप से ही इसका निवारण किया जाना चाहिए।

यह समझना होगा कि मनुष्य एक वैश्विक गांव में रहते हैं, और सभी देश तेजी से एक दूसरे पर आश्रित हो रहे हैं और एक साझा भविष्य साझा करते हैं। केवल ‘वैक्सीन राष्ट्रवाद’ को त्यागकर और प्रतिरक्षा अंतर को मिटाकर मानव जाति संयुक्त रूप से वायरस को हरा सकती है और एक सुंदर घर का निर्माण कर सकती है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सामान्य

आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों में रुझानों का पता लगाने के लिए AIIA का राष्ट्रीय संगोष्ठी

Published

on

नई दिल्ली, 12 जुलाई। आयुष मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली, आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों में रुझानों का पता लगाने के लिए तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन करेगा।

शल्यकॉन 2025, जो 13-15 जुलाई तक आयोजित होगा, सुश्रुत जयंती के शुभ अवसर पर मनाया जाएगा। 15 जुलाई को प्रतिवर्ष मनाई जाने वाली सुश्रुत जयंती, शल्य चिकित्सा के जनक माने जाने वाले महान आचार्य सुश्रुत की स्मृति में मनाई जाती है।

“अपनी स्थापना के बाद से, AIIA दुनिया भर में आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए समर्पित रहा है। शल्य तंत्र विभाग द्वारा आयोजित शल्यकॉन, आधुनिक शल्य चिकित्सा प्रगति के साथ आयुर्वेदिक सिद्धांतों के एकीकरण को बढ़ावा देकर इस प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल का उद्देश्य उभरते आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सकों को एकीकृत शल्य चिकित्सा देखभाल के अभ्यास में बेहतर दक्षता और आत्मविश्वास प्रदान करना है,” AIIA की निदेशक (प्रभारी) प्रो. (डॉ.) मंजूषा राजगोपाला ने कहा।

नवाचार, एकीकरण और प्रेरणा पर केंद्रित विषय के साथ, शल्यकॉन 2025 का आयोजन राष्ट्रीय सुश्रुत संघ के सहयोग से राष्ट्रीय सुश्रुत संघ के 25वें वार्षिक सम्मेलन के सतत शैक्षणिक कार्यक्रम के एक भाग के रूप में किया जाएगा।

इस सेमिनार में सामान्य एंडोस्कोपिक सर्जरी, गुदा-मलाशय सर्जरी और यूरोसर्जिकल मामलों पर लाइव सर्जिकल प्रदर्शन होंगे।

मंत्रालय ने कहा, “पहले दिन, 10 सामान्य एंडोस्कोपिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी की जाएँगी। दूसरे दिन 16 गुदा-मलाशय सर्जरी की लाइव सर्जिकल प्रक्रियाएँ होंगी, जो प्रतिभागियों को वास्तविक समय की सर्जिकल प्रक्रियाओं को देखने और उनसे सीखने का अवसर प्रदान करेंगी।”

शल्यकॉन 2025 परंपरा और प्रौद्योगिकी का एक गतिशील संगम होगा, जिसमें भारत और विदेश के 500 से अधिक प्रतिष्ठित विद्वान, शल्य चिकित्सक, शोधकर्ता और शिक्षाविद भाग लेंगे। यह कार्यक्रम विचारों के आदान-प्रदान, नैदानिक प्रगति को प्रदर्शित करने और आयुर्वेदिक शल्य चिकित्सा पद्धतियों में उभरते रुझानों का पता लगाने में सहायक होगा।

तीन दिनों के दौरान एक विशेष पूर्ण सत्र भी आयोजित किया जाएगा जिसमें सामान्य और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी, घाव प्रबंधन और पैरा-सर्जिकल तकनीक, गुदा-मलाशय सर्जरी, अस्थि-संधि मर्म चिकित्सा और सर्जरी में नवाचार जैसे क्षेत्रों पर चर्चा की जाएगी।

अंतिम दिन 200 से अधिक मौखिक और पोस्टर प्रस्तुतियाँ भी होंगी, जो चल रहे विद्वानों के संवाद और अकादमिक संवर्धन में योगदान देंगी।

मंत्रालय ने कहा कि नैदानिक प्रदर्शनों के अलावा, एक वैज्ञानिक सत्र विद्वानों, चिकित्सकों और शोधकर्ताओं को अपना काम प्रस्तुत करने और अकादमिक संवाद में शामिल होने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

Continue Reading

न्याय

‘आपकी बेटी आपके साथ में है’: विनेश फोगाट शंभू बॉर्डर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।

Published

on

भारतीय पहलवान विनेश फोगट शंभू सीमा पर किसानों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं, क्योंकि उन्होंने अपना रिकॉर्ड 200वां दिन मनाया और बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया।

पेरिस 2024 ओलंपिक में पदक न मिलने के विवादास्पद फैसले के बाद संन्यास लेने वाली फोगट ने किसानों के आंदोलन को अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया।

“मैं भाग्यशाली हूं कि मेरा जन्म एक किसान परिवार में हुआ। मैं आपको बताना चाहती हूं कि आपकी बेटी आपके साथ है। हमें अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना होगा क्योंकि कोई और हमारे लिए नहीं आएगा।

मैं भगवान से प्रार्थना करती हूं कि आपकी मांगें पूरी हों और अपना अधिकार लिए बिना वापस न जाएं। किसान अपने अधिकारों के लिए 200 दिनों से यहां बैठे हैं।

मैं सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने की अपील करती हूं। यह बहुत दुखद है कि 200 दिनों से उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्हें देखकर हमें बहुत ताकत मिली।”

Continue Reading

राजनीति

पीएम मोदी: ’25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आ गए हैं’; बजट 2024 पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सराहना की।

Published

on

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार सातवें बजट को पेश करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बजट 2024 से नव-मध्यम वर्ग, गरीब, गांव और किसानों को और अधिक ताकत मिलेगी।

देश के नाम अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि बजट युवाओं को असीमित अवसर प्रदान करेगा।

पिछले दस वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अनुसार, इस बजट से नए मध्यम वर्ग को सशक्त बनाया जाएगा।

उन्होंने घोषणा की, ‘यह बजट युवाओं को असीमित अवसर प्रदान करेगा।’ यह बजट शिक्षा और कौशल के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा और उभरते मध्यम वर्ग को सशक्त करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट से महिलाओं, छोटे उद्यमों और एमएसएमई को फायदा होगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग अभी अपना करियर शुरू कर रहे हैं, उन्हें ‘रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना’ के माध्यम से सरकार से अपना पहला वेतन मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने इस बजट में जिस ‘रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना’ की घोषणा की है, उससे रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे।’

प्रधानमंत्री ने घोषणा की, ‘सरकार इस योजना के तहत उन लोगों को पहला वेतन देगी, जो अभी कार्यबल में शामिल होने की शुरुआत कर रहे हैं। प्रशिक्षुता कार्यक्रम के तहत, ग्रामीण क्षेत्रों के युवा देश के प्रमुख व्यवसायों के लिए काम करने में सक्षम होंगे।’

मोदी 3.0 का पहला बजट

यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट है।

लोकसभा में बजट पेश करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा फिर से जताया है और इसे तीसरे कार्यकाल के लिए चुना है।

सीतारमण ने आगे कहा, “ऐसे समय में जब नीतिगत अनिश्चितता वैश्विक अर्थव्यवस्था को जकड़े हुए है, भारत की आर्थिक वृद्धि अभी भी प्रभावशाली है।”

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

सीबीआई की कार्रवाई: मुंबई की कंपनी पर 93 करोड़ के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज, कई ठिकानों पर छापेमारी

अंतरराष्ट्रीय समाचार13 hours ago

फ्लाईदुबई फ्लाइट में घायल पायलट कैप्टन स्मित की हालत में सुधार, भारत ने यूएई सरकार का जताया आभार

खेल13 hours ago

‘आपका शानदार प्रदर्शन युवा पहलवानों को प्रेरित करेगा’, राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल जीतने पर अमन सहरावत को दी बधाई

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

एआईएमई 2026 में भारतीय नौसेना के जहाज सह्याद्रि और कुलिश की भागीदारी संपन्न

मनोरंजन14 hours ago

करीना कपूर ने नेहा धूपिया के बेटे गुरिक को दी जन्मदिन की बधाई, जेह के साथ क्यूट तस्वीर शेयर की

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत नहीं मिलने पर दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची इंडियन यूथ कांग्रेस

महाराष्ट्र14 hours ago

मुंबई के शिवाजी पार्क में बिना इजाजत जमा होने पर सीजेपी समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज

मनोरंजन14 hours ago

शाहरुख खान ने कैप्टन स्मित मच्छार की तारीफ की, बोले- जरूरत के वक्त मजबूती से डटे रहे

खेल14 hours ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

खेल14 hours ago

नायरा एनर्जी ने पेट्रोल का दाम 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई

राजनीति3 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल3 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

अपराध4 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल4 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

मनोरंजन4 weeks ago

अदनान सामी का कहना है कि एक पाकिस्तानी के तौर पर भारत में काम मिलना कभी मुश्किल नहीं था: ‘भारतीय नागरिकता मिलने के बाद बहुत कुछ बदल गया’

मनोरंजन3 weeks ago

‘बिग बॉस 20’ में एक तरफ अरिश्फा का गुस्सा, दूसरी तरफ रीति तिवारी के आंसू, बोलीं- ‘मेरे खिलाफ गए तो लड़ूंगी’

राजनीति4 weeks ago

दिल्ली में इमारत गिरने का मामला: मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुक-आउट नोटिस जारी

मनोरंजन4 weeks ago

‘मिर्जापुर: द मूवी’ रिलीज पर इमोशनल हुए अली फजल, टीम और फैंस का जताया आभार

रुझान