अंतरराष्ट्रीय
माइक्रोसॉफ्ट ने वैश्विक जांच के बीच नए ओपन ऐप स्टोर नियमों की घोषणा की
एप्पल और गूगल एप स्टोर नीतियों की बढ़ती जांच के बीच, माइक्रोसॉफ्ट ने ओपन ऐप स्टोर सिद्धांतों के एक नए सेट की घोषणा की है, जो विंडोज पर माइक्रोसॉफ्ट स्टोर और अगली पीढ़ी के मार्केटप्लेस गेम्स पर लागू होगा। टेक दिग्गज ने एक्टिविजन ब्लिजार्ड के 69 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण के लिए नियामक अनुमोदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू की है। माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष ब्रैड स्मिथ के अनुसार, कंपनी चाहती है कि नियामकों और जनता को पता चले कि एक कंपनी के रूप में, “माइक्रोसॉफ्ट इन नए कानूनों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है और इन सिद्धांतों के साथ, हम ऐसा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।”
स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट इन नए सिद्धांतों के आधार पर अपनी नेक्स्ट जेनरेशन का गेम स्टोर भी बनाएगी, जो एक्सबॉक्स कंसोल पर स्टोर पर भी लागू होगा।
बुधवार देर रात एक ब्लॉग पोस्ट में जोर दिया, “हालांकि परिवर्तन आसान नहीं है, हम मानते हैं कि नए नियमों को अनुकूलित करना और सफलतापूर्वक नवाचार करना संभव है। और हमारा मानना है कि सरकारों के लिए नए तकनीकी विनियमन को अपनाना संभव है जो प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है जबकि गोपनीयता और राष्ट्रीय और साइबर सुरक्षा जैसे मौलिक मूल्यों की रक्षा भी करता है।”
माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि ओपन ऐप स्टोर सिद्धांत ‘दुनिया भर की सरकारों द्वारा विचार किए जा रहे ऐप स्टोर कानून पर आधारित हैं’, जिसमें अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं।
नए ओपन ऐप स्टोर सिद्धांत सभी डेवलपर्स को माइक्रोसॉफ्ट ऐप स्टोर तक पहुंचने में सक्षम बनाएंगे, जब तक कि वे गुणवत्ता और सुरक्षा के लिए उचित और पारदर्शी मानकों को पूरा करते हैं।
स्मिथ ने कहा, “हम अपने ऐप स्टोर का उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं और गेमर्स की सुरक्षा करना जारी रखेंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि डेवलपर्स सुरक्षा के लिए हमारे मानकों को पूरा करते हैं।”
उन्होंने कहा, “हम अपने स्वयं के ऐप्स को उन्हीं मानकों पर रखेंगे जो हम प्रतिस्पर्धी ऐप्स रखते हैं। हम डेवलपर्स के ऐप्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए हमारे ऐप स्टोर से किसी भी गैर-सार्वजनिक जानकारी या डेटा का उपयोग नहीं करेंगे।”
निष्पक्षता और पारदर्शिता पर, उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्टअपने ऐप स्टोर में ‘हमारे ऐप या हमारे व्यावसायिक भागीदारों के ऐप को दूसरों पर अनुचित वरीयता या रैंकिंग के बिना’ समान रूप से व्यवहार करेगा।
उन्होंने कहा, “हमें अपने ऐप स्टोर में डेवलपर्स को इन-ऐप भुगतानों को संसाधित करने के लिए हमारी भुगतान प्रणाली का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं होगी।”
उन्होंने कहा, “हम डेवलपर्स को वैध व्यावसायिक उद्देश्यों, जैसे मूल्य निर्धारण की शर्तें और उत्पाद या सेवा प्रसाद के लिए अपने ऐप के माध्यम से अपने ग्राहकों के साथ सीधे संवाद करने से नहीं रोकेंगे।”
स्मिथ ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट डेवलपर्स को विंडोज के लिए इंटरऑपरेबिलिटी इंटरफेस के बारे में जानकारी के लिए समय पर पहुंच प्रदान करना जारी रखेगा जो कि उसके अपने ऐप्स उपयोग करते हैं।
“हम विंडोज उपयोगकर्ताओं को वैकल्पिक ऐप स्टोर और तीसरे पक्ष के ऐप का उपयोग करने में सक्षम करेंगे, जिसमें उपयुक्त श्रेणियों में डिफॉल्ट सेटिंग्स को बदलना शामिल है।”
व्यापार
कमजोर ग्लोबल संकेतों से लाल निशान में खुला शेयर बाजार, मेटल स्टॉक्स में बिकवाली

मुंबई, 30 जनवरी : कमजोर ग्लोबल संकेतों से भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ खुला। सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 444 अंक या 0.54 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82,100 और निफ्टी 157 अंक या 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,261 पर था।
शुरुआती बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल और कमोडिटीज स्टॉक्स कर रहे थे। इस कारण सभी सूचकांको में निफ्टी मेटल और निफ्टी कमोडिटीज टॉप लूजर्स थे। आईटी, मीडिया, एनर्जी, पीएसई, रियल्टी, पीएसयू बैंक और डिफेंस इंडेक्स भी लाल निशान में थे। केवल हेल्थकेयर, फार्मा और एफएमसीजी हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में मारुति सुजुकी, इंडिगो, टाइटन, आईटीसी और सन फार्म गेनर्स थे। टाट स्टील, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एनटीपीस, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, इटरनल, बीईएल, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज फाइनेंस और एक्सिस बैंक लूजर्स थे।
लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली देखने को मिली है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 579.75 अंक या 0.99 प्रतिशत की बिकवाली के साथ 57,961.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 182.70 अंक या 1.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,642.30 पर था।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और बैंकॉक लाल निशान में थे, जबकि सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार गुरुवार को मिलेजुले बंद हुए थे, जिसमें डाओ 0.11 प्रतिशत की मजबूती के साथ, जबकि नैस्डैक 0.72 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
सोने और चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक सोना 1.99 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,250 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ 110 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
वहीं, कच्चे तेल में भी नरमी देखी जा रही है। डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.71 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 64.31 प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.60 प्रतिशत की गिरावट के साथ 68.51 प्रति बैरल पर था।
राष्ट्रीय
बजट से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में पेश पेश करेंगी आर्थिक सर्वेक्षण 2026, जीडीपी ग्रोथ पर रहेगी सबकी नजर

नई दिल्ली, 29 जनवरी : केंद्र सरकार गुरुवार को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (इकोनॉमिक सर्वे) पेश करने जा रही हैं। यह सर्वे 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले पेश किया जाएगा। इससे यह साफ होगा कि दुनिया में चल रही अनिश्चितताओं के बीच भारत की अर्थव्यवस्था की हालत कैसी है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। इस दौरान सभी की नजरें चालू वित्त वर्ष 2025-26 और आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ के अनुमान पर टिकी रहेंगी।
इकोनॉमिक सर्वे एक महत्वपूर्ण प्री-बजट दस्तावेज होता है, जिसमें देश की पूरे साल की आर्थिक स्थिति, विकास की रफ्तार और आने वाले समय के छोटे व मध्यम अवधि के आर्थिक अनुमान बताए जाते हैं।
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने गुरुवार को प्रकाशित एक मीडिया लेख में रुपए की कमजोरी, भू-राजनीतिक तनाव और अन्य कई आर्थिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
इससे पहले बुधवार को संसद का बजट सत्र शुरू हुआ। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण व्यापक और दूरदर्शी था और इसमें विकसित भारत के निर्माण की परिकल्पना को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। साथ ही इसमें एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के लिए राष्ट्र की साझा आकांक्षा को प्रतिबिंबित किया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में पिछले वर्षों में देश की विकास यात्रा को दिखाया गया है और साथ ही भविष्य के लिए एक स्पष्ट रोडमैप भी पेश किया गया है।
राष्ट्रपति ने अपने भाषण में 2026 को ‘विकसित भारत’ बनने की दिशा में राष्ट्र के महत्वाकांक्षी पथ में एक महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि नया सहस्राब्दी के पहले 25 वर्षों में भारत ने कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और देश ने गर्व के कई पल देखे हैं।
पिछले करीब एक दशक में भारत ने हर बड़े सेक्टर में अपनी नींव मजबूत की है, जिससे भविष्य में तेज विकास की मजबूत संभावना बनी है।
राष्ट्रपति का यह औपचारिक भाषण संसद के अहम दौर की शुरुआत है। इसके बाद 29 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे और फिर 1 फरवरी को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया जाएगा।
व्यापार
सोने की कीमत पहली बार 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार, चांदी ने भी बनाया रिकॉर्ड

gold
मुंबई, 28 जनवरी : सोने और चांदी में ताबड़तोड़ तेजी का दौरा जारी है। बुधवार को इसकी रफ्तार में और इजाफा हुआ, जिससे सोने की कीमत हाजिर बाजार में पहली बार 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 3.58 लाख रुपए प्रति किलो से अधिक हो गई है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 5,734 रुपए बढ़कर ऑल टाइम हाई 1,64,635 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जो कि पहले 1,58,901 रुपए प्रति 10 ग्राम था। 22 कैरेट सोने की कीमत 1,45,553 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,50,806 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।
18 कैरेट सोने का दाम 1,19,176 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,23,476 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
वहीं, चांदी की कीमत 13,703 रुपए बढ़कर 3,58,267 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 3,44,564 रुपए प्रति किलो थी।
हाजिर बाजार के साथ एमसीएक्स पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 3.80 प्रतिशत बढ़कर 1,63,697 रुपए हो गया है। चांदी के 05 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का दाम 6.13 प्रतिशत बढ़कर 3,78,109 रुपए हो गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में बिकवाली देखी जा रही है। सोने का दाम 3.24 प्रतिशत बढ़कर 5,287 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 5.78 प्रतिशत बढ़कर 112 डॉलर प्रति औंस हो गया है।
एलकेपी सिक्योरिटीज के जतिन त्रिवेदी ने कहा कि एमसीएक्स पर सोने की कीमतों में करीब 4 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है। बाजार की नजर अमेरिका में होने वाली फेड बैठक पर है, जिसमें ब्याज दरों में बदलाव होने की संभावना काफी कम है। इससे सोने की कीमतों में तेजी को सहारा मिलता रहेगा।
अमेरिका से जारी टैरिफ संबंधी अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश विकल्पों में निरंतर निवेश ने इस तेजी को और बल दिया है। हालांकि, इतनी तेज और लंबे समय तक चली तेजी के बाद, सोना अब ओवरहीट जोन में प्रवेश कर रहा है जहां अस्थिरता बढ़ सकती है। जहां रुकावट का स्तर 1,66,000 रुपए के आसपास देखा जा रहा है, जबकि मजबूत सपोर्ट 1,60,000 रुपए के आसपास मौजूद है।
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