अपराध
मलाड स्कूल मामला: मुंबई क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट में 3 साल की बच्ची पर यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला, मां के आरोपों से इनकार
मुंबई: मुंबई क्राइम ब्रांच यूनिट-11 ने 12 फ़रवरी, 2025 को मलाड पश्चिम के एक हाई-एंड स्कूल में 3.6 साल की बच्ची के साथ कथित यौन उत्पीड़न के मामले में 11 सितंबर को महाराष्ट्र राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग को एक जाँच रिपोर्ट सौंपी। सबूतों के आधार पर, रिपोर्ट में इस घटना के घटित होने से पुरज़ोर इनकार किया गया है। रिपोर्ट की प्रति एफपीजे के पास है।
रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता पूरे दिन स्कूल में सुरक्षित रही। सीसीटीवी फुटेज देखने, स्कूल स्टाफ, मलाड पश्चिम स्थित क्लाउडनाइन अस्पताल के डॉक्टरों, शिकायतकर्ता के एक पड़ोसी के बयान दर्ज करने और कूपर अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट की जाँच करने के बाद, यह पता चला कि लड़की और संदिग्ध संगीत शिक्षक उस दिन एक साथ नहीं देखे गए थे, और किसी भी बिंदु पर यौन उत्पीड़न का कोई सबूत नहीं मिला।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिक्षक और स्कूल के अन्य कर्मचारियों ने कभी भी ‘राक्षस’ शब्द नहीं सुना था और दावा किया कि यह शब्द शिकायतकर्ता और उसकी बेटी से उत्पन्न हुआ था।
पीड़िता की 36 वर्षीय माँ, जो एक विज्ञापन पेशेवर हैं, ने बांगुर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। उनका आरोप है कि उनकी बेटी को शौचालय ले जाने वाली आया और पुरुष संगीत शिक्षक ने उनकी बेटी के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ की। उन्होंने शिक्षक को “राक्षस” बताया जिसने उन पर हमला किया।
13 फरवरी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) (बलात्कार के लिए सजा) के साथ-साथ पोक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की धारा 4 (प्रवेशात्मक यौन हमले के लिए सजा), 8 (यौन हमले के लिए सजा) और 12 (बच्चे का यौन उत्पीड़न) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जाँच के दौरान, लड़की की माँ ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर जाँच किसी अन्य एजेंसी को सौंपने का अनुरोध किया। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद, 9 जुलाई, 2025 को जाँच क्राइम ब्रांच यूनिट-11 को सौंप दी गई।
क्राइम ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता का इलाज करने वाली क्लाउडनाइन अस्पताल की डॉ. देहुति वच्छानी (31) और मानसी वर्मा (36) के बयान दर्ज किए गए। क्राइम ब्रांच ने नर्सिंग विभाग, आईटी विभाग, प्रशासन विभाग, सहायक स्टाफ विभाग (नैनीज़) और शिक्षकों सहित कुल 22 स्कूल स्टाफ सदस्यों के बयान दर्ज किए।
इसके अलावा, शिकायतकर्ता की 60 वर्षीय महिला पड़ोसी का भी बयान दर्ज किया गया। पीड़िता का बयान उसकी माँ के सामने दर्ज किया गया, और माँ और बेटी दोनों के बयान मझगांव स्थित मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में दर्ज किए गए।
जुहू स्थित कूपर अस्पताल में मेडिकल जाँच के बाद, रिपोर्ट और पीड़िता के कपड़े कलिना प्रयोगशाला भेजे गए। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया कि ‘न तो खून मिला और न ही वीर्य।’
जांच रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता ने हर बार पूछताछ में अलग-अलग बयान दिए। जब पुलिस ने उसे लड़की को बाल कल्याण समिति के सामने पेश करने को कहा, तो उसने ऐसा नहीं किया।
पीड़िता की माँ के अनुसार, यह घटना अस्पताल के शौचालय में हुई। हालाँकि, अपराध शाखा ने सीसीटीवी फुटेज की जाँच की और पाया कि उस दिन लड़की अस्पताल में नहीं पहुँची थी। पुलिस ने पूरे दिन की फुटेज देखी और लड़की से जुड़ी कोई भी आपत्तिजनक घटना तब तक नहीं देखी जब तक उसकी माँ उसे लेने नहीं आई।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शिकायतकर्ता एक पुरुष संगीत शिक्षक से रंजिश रखती थी। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि पीड़िता 12 फरवरी को किसी भी समय संगीत शिक्षक के साथ नहीं देखी गई थी। उस दिन शाम 6 बजे, शिकायतकर्ता अपनी बेटी को ऑटो रिक्शा से सुरक्षित घर ले गई। मामले की जाँच क्राइम ब्रांच यूनिट-11 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक मनोहर अव्हाड़ ने की।
अपराध
पंजाब : अमृतसर में 10 किलो हेरोइन और 10 अवैध पिस्तौल के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की सप्लाई करने वाले दो नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इसके साथ ही 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 10 किलो हेरोइन व 10 अवैध पिस्तौलें बरामद की हैं। यह जानकारी पंजाब पुलिस के महानिदेशक के सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर शुक्रवार को दो गई।
डीजीपी के मुताबिक, शुरुआती जांच से पता चला है कि आरोपी कथित तौर पर विदेश में बैठे तस्करों से जुड़े हैं और अवैध हथियार व नशीले पदार्थ हासिल करने में शामिल हैं। अमृतसर के थाना घरिंडा में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पूरे नेटवर्क का पता लगाने और इसके पीछे और आगे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
पंजाब पुलिस लगातार इस तरह के गिरोहों पर कार्रवाई कर रही है। सीमा से सटे जिलों में पुलिस हथियारों और ड्रग्स के साथ आरोपी लगातार पकड़े जा रहे हैं।
डीजीपी ने गुरुवार को एक्स पोस्ट के जरिए बताया था, “गुरदासपुर पुलिस ने हथियारों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से सात पिस्तौल (जिनमें एक ग्लॉक और छह .30 कैलिबर की पिस्तौलें शामिल हैं) और आठ मैगजीन बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया, “शुरुआती जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के दुबई में मौजूद एक व्यक्ति से ‘बैकवर्ड लिंकेज’ (पीछे के संपर्क) और अमेरिका में मौजूद एक व्यक्ति से ‘फॉरवर्ड लिंकेज’ (आगे के संपर्क) थे। माना जा रहा है कि इन्हीं लोगों ने उन्हें अवैध हथियार इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे। कलानौर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए जांच जारी है।”
डीजीपी ने दोहराया कि नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने तथा पंजाब को एक सुरक्षित और नशामुक्त राज्य बनाने के अपने संकल्प पर पंजाब पुलिस अडिग है।
अपराध
असम पुलिस ने 60 लाख रुपए की नशीली टैबलेट जब्त कीं, दो गिरफ्तार

असम पुलिस ने हैलाकांडी जिले में लगभग 60 लाख रुपए मूल्य की संदिग्ध नशीली टैबलेट की एक बड़ी खेप जब्त की है और दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध परिवहन के खिलाफ तेज की गई मुहिम के तहत की गई। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 816.9 ग्राम संदिग्ध याबा टैबलेट बरामद कीं। इस जब्ती के सिलसिले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान बहारुल आलम मजूमदार और चायेक हुसैन लस्कर के रूप में हुई।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस द्वारा रोके जाने और उनके पास से प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस की ओर से आरोपियों को रोककर उनके पास से प्रतिबंधित सामग्री बरामद करने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।
जब्त की गई टैबलेट के याबा होने का संदेह है, जो मेथम्फेटामाइन और कैफीन वाली एक सिंथेटिक ड्रग है। आमतौर पर पूर्वोत्तर क्षेत्र में इसकी तस्करी की जाती है। अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए प्रतिबंधित सामान की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 60 लाख रुपए है।
एक मामला दर्ज किया गया है और नशीले पदार्थों के स्रोत का पता लगाने व इसे लेने वाले लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच चल रही है। जांच टीमें यह भी पता लगा रही हैं कि क्या गिरफ्तार किए गए आरोपी असम और पड़ोसी राज्यों में चल रहे नशीले पदार्थों की तस्करी के किसी बड़े अंतर-राज्यीय नेटवर्क से जुड़े हैं।
पुलिस दोनों आरोपियों से सप्लाई चेन के बारे में जानकारी जुटाने के लिए पूछताछ कर रही है, जिसमें खेप का स्रोत, इसके गंतव्य और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि संवेदनशील इलाकों और नशीले पदार्थों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संदिग्ध रास्तों पर निगरानी और चेकिंग बढ़ा दी गई है।
अपराध
8 लाख कीमत का 41 किलो 400 ग्राम गांजा बरामद, तस्करी के आरोप में युवक गिरफ्तार

नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने अवैध गांजे की बिक्री और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 41 किलो 400 ग्राम अवैध गांजा, गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, 30 सितंबर 2026 को थाना फेस-2 पुलिस की टीम इलाके में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम को शमशान घाट भंगेल के पास गंदे नाले की पटरी पर एक संदिग्ध व्यक्ति के मौजूद होने की जानकारी मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संदिग्ध गतिविधियां मिलने पर युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
पुलिस ने आरोपी की पहचान प्रिन्स कुमार साहू पुत्र बैजू प्रसाद साहू, उम्र करीब 28 वर्ष, के रूप में की है। आरोपी मूलरूप से ग्राम फिरोजपुर, थाना महरमा, जनपद गोड्डा, झारखंड का रहने वाला बताया गया है। वर्तमान में वह थाना बिसरख क्षेत्र में तिगरी गोल चक्कर के पास किराये के कमरे में रह रहा था।
आरोपी ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह ट्रेन के माध्यम से बिहार से गांजा सस्ते दामों पर लाता था और नोएडा में उसे महंगे दामों पर बेचता था। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के आधार पर गांजा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों और स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में गांजा कहां से लाया गया था और इसे नोएडा-एनसीआर में किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की है।
पुलिस के अनुसार इसी वाहन का इस्तेमाल गांजे की तस्करी में किया जाता था। वाहन को सीज कर दिया गया है। इसके अलावा गांजा बिक्री से प्राप्त 1,800 रुपए नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामदगी के संबंध में थाना फेस-2 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आरोपी से पूछताछ के आधार पर तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई में बरामद 41 किलो 400 ग्राम गांजे की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए है। भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस अब इसके सप्लाई नेटवर्क और इसके पीछे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
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