महाराष्ट्र
महाराष्ट्र में किसानों के ऋण माफी और घाटे वाले राज्य बजट की प्रस्तुति, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की याद दिलाती है: देवेंद्र फडणवीस
मुंबई: एक तरफ महाराष्ट्र विधानसभा में अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया, वहीं दूसरी तरफ वित्त मंत्री उपमुख्यमंत्री अजित पवार की अनुपस्थिति में घाटे का बजट पेश किया गया। महाराष्ट्र विधानसभा में आज राज्य का बजट पेश किया गया। साल 2026-27 के लिए महाराष्ट्र राज्य का बजट आज विधानसभा में पेश किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस साल का बजट पेश किया। इस बजट भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने दिवंगत उपमुख्यमंत्री और पूर्व वित्त मंत्री अजित पवार की याद को ताजा करते हुए और उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। अजित दादा की याद को याद करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बजट पेश करते समय भावुक हो गए। इस मौके पर देवेंद्र फडणवीस ने राज्य की अर्थव्यवस्था में अजित पवार के योगदान पर प्रकाश डाला। अजित दादा आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन बजट से उनका रिश्ता बहुत मजबूत था। उन्होंने रिकॉर्ड 11 राज्य बजट पेश किए हैं। एक मेहनती आदमी उनकी असली पहचान थी। मुख्यमंत्री ने अजित पवार के काम की सराहना करने के लिए निम्नलिखित दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राज्य सरकार अजित पवार की पर्सनैलिटी और अचीवमेंट्स के हिसाब से एक बड़ा मेमोरियल बनाएगी। साथ ही, एडमिनिस्ट्रेटिव काम और सिविक एमेनिटीज़ में बेहतरीन काम करने वालों के लिए ‘अजित पवार गतिमान नगरी सम्मान’ अवॉर्ड शुरू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से अजित पवार को डेडिकेट किया जा रहा है। अजित पवार अपने डिसिप्लिन और काम की स्पीड के लिए जाने जाते थे। उनके डाइनेमिक काम की लेगेसी को आगे बढ़ाने के लिए यह नया अवॉर्ड दिया जाएगा। इस अनाउंसमेंट के बाद हाउस में मौजूद मेंबर्स ने इस फैसले की तारीफ की।
किसानों के लिए 2 लाख रुपये का लोन माफ
राज्य के किसानों के लिए लोन माफ करने का अनाउंसमेंट किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य का बजट पेश करते हुए यह अनाउंस किया। देवेंद्र फडणवीस ने अनाउंस किया है कि यह लोन माफ पन्याबाई अहिल्याबाई होल्कर किसान लोन माफी स्कीम के तहत है। जिन योग्य किसानों का 30 सितंबर, 2025 तक फसल लोन बकाया है, उनके लिए 2 लाख रुपये तक के लोन माफ़ी की घोषणा की गई है। यह भी घोषणा की गई है कि जो किसान रेगुलर अपना लोन चुकाएंगे, उन्हें 50,000 रुपये तक का रियायती फ़ायदा दिया जाएगा।
कौन से किसान लोन माफ़ी के लिए योग्य हैं?
जिन किसानों का 2 लाख रुपये तक का बकाया लोन है
सिर्फ़ वही किसान योग्य होंगे जिनका फसल लोन बकाया है।
बकाया लोन 30 सितंबर, 2025 तक माफ़ कर दिए जाएंगे।
जो किसान रेगुलर अपना लोन चुकाएंगे, उन्हें 50,000 रुपये तक का रियायती फ़ायदा दिया जाएगा।
बजट में खेती-बाड़ी से जुड़ी खास बातें
किसानों का 2 लाख रुपये तक का फसल लोन माफ़, योग्य किसानों को 30 सितंबर, 2025 तक फ़ायदा मिलेगा। जो किसान रेगुलर अपना लोन चुकाएंगे, उन्हें 50,000 रुपये तक का इंसेंटिव दिया जाएगा। गोपीनाथ मुंडे एक्सीडेंट स्कीम में खेत मज़दूर हिस्सा लेंगे। पांच सड़कों को मंज़ूरी दी गई है। 30 लाख से ज़्यादा किसानों को मौसम और बाज़ार भाव की जानकारी दी जा रही है।
चारों एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में AIG की मदद ली जा रही है। इससे किसानों की इनकम बढ़ाने में मदद मिल रही है। एग्रीकल्चर स्टेक स्कीम लागू की जा रही है। फरवरी तक 1 करोड़ 31 लाख किसान पहचान पत्र बनाए जा चुके हैं। चार साल में इन्वेस्टमेंट बढ़ाकर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। महाराष्ट्र नेचुरल एग्रीकल्चर मिशन अगले दो साल में शुरू होगा। गोपीनाथ मुंडे स्कीम में अब खेत मज़दूर भी शामिल होंगे। महिला चरवाहों और बकरियों के लिए एक खास स्कीम लागू की जाएगी।
महाराष्ट्र बजट रेवेन्यू डेफिसिट 1% तक कम हुआ
इस साल बजट में खर्च के लिए 7,69,467 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस साल के बजट में 40,552 करोड़ रुपये का घाटा है। सरकार फिस्कल डेफिसिट को 3% से नीचे रखने में कामयाब रही है और रेवेन्यू डेफिसिट 1% से नीचे रहा है। इस बजट में नक्सल प्रभावित इलाकों पर भी खास ध्यान दिया गया है। गढ़चिरौली में 2 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट किया गया है। विदर्भ को भी इस बजट में बेहतर हिस्सेदारी दी गई है। देवेंद्र फडणवीस ने विधानसभा में घाटे का बजट पेश किया है। इसके साथ ही गांव की सड़कों को विकास से जोड़ने के लिए बजट में कंक्रीट सड़कों को मंजूरी दी गई है। 1,000 से ज़्यादा आबादी वाले गांवों को कंक्रीट सड़कों से जोड़ा जाएगा। मुंबई में जलमार्गों को 340 km तक बढ़ाया जाएगा। देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि यात्रियों की संख्या, जो पहले 1.6 करोड़ थी, बढ़कर 7 करोड़ हो जाएगी। इस बजट में राज्य में 50 लाख रोज़गार के मौकों का भी दावा किया गया है, साथ ही गांवों और शहरों को कई सौगातें भी दी गई हैं। 30 लाख किसानों को पर्यावरण की जानकारी दी जाएगी, जिससे खेती का उत्पादन बढ़ना तय है। फरवरी तक 13.1 करोड़ किसानों की ID पूरी हो जाएगी। अगले दो सालों में महाराष्ट्र नेचुरल एग्रीकल्चरल प्रोडक्शन शुरू किया गया है। महाराष्ट्र को विकास से जोड़ने के लिए मुंबई और पुणे में $50 बिलियन का सेंटर बनाने का लक्ष्य है।
महाराष्ट्र
घाटकोपर रोड चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर गिराए गए

मुंबई ; घाटकोपर (वेस्ट) में झुनझुनवाला कॉलेज और अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड के बीच सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित 28 स्ट्रक्चर को गिराने का अभियान कल (7 अक्टूबर, 2026) मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के ‘एन’ वार्ड (एन वार्ड) ऑफिस द्वारा चलाया गया। इस अभियान का नेतृत्व असिस्टेंट कमिश्नर (‘एन’ वार्ड) जयदीप मोरे ने किया। ऑपरेशन के दौरान म्युनिसिपल अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ पर्याप्त पुलिस सुरक्षा भी तैनात की गई थी।
महाराष्ट्र
नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर बस दुर्घटनाग्रस्त; 2 यात्रियों की मौत और 6 घायल

महाराष्ट्र के नासिक जिले के पेठ तालुका में करंजाली के निकट सावलघाट क्षेत्र में नासिक-अहमदाबाद मार्ग पर एक बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई जबकि छह यात्री घायल हुए हैं।
जिला नियंत्रण कक्ष को दुर्घटना की सूचना 6 अक्टूबर की रात 11 बजे प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और मेडिकल इमरजेंसी सेवाओं ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घटना के समन्वय के लिए दो पुलिस निरीक्षक और एक अनुविभागीय पुलिस अधिकारी तत्काल घटनास्थल की ओर रवाना हुए। बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला गया और घायलों को अलग-अलग एम्बुलेंस के माध्यम से उपचार के लिए नाशिक लाया गया।
रात 00:30 बजे से 02:15 बजे के बीच नासिक सिविल अस्पताल में आठ लोगों को लाया गया। इनमें सात व्यक्ति जीवित थे जबकि एक व्यक्ति को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया। इसके अलावा दुर्घटना में एक अन्य व्यक्ति की भी मौत हुई है। वर्तमान में दो घायल मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं जबकि अन्य घायलों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें अस्पताल में भर्ती किए बिना छुट्टी दे दी गई।
हादसे में घायल प्रमिला राउत (53) को गंभीर चोट के कारण सिविल अस्पताल के ई-वार्ड में भर्ती किया गया है। वहीं, बाल विमल जगदीश (65) के बाएं हाथ की ह्यूमरस हड्डी में फ्रैक्चर होने के कारण उन्हें एमओडब्ल्यू वार्ड में भर्ती किया गया है। अन्य घायलों में यश देसाई, आरती देसाई, नयन वासोने तथा स्वाति सुरेश बडाणे शामिल हैं।
दुर्घटना में राहुल ओझा और महेंद्र पाल (48) की मौत हुई है। महेंद्र पाल को सिविल अस्पताल, नासिक में मृत अवस्था में लाया गया था। मृतकों के परिजनों से संपर्क कर आवश्यक कानूनी एवं प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पेठ तालुका के सावलघाट क्षेत्र में हादसे के समय बादल और कोहरे की स्थिति के कारण दृश्यता काफी कम थी। प्रशासन की प्राथमिक जांच में कम दृश्यता को दुर्घटना का प्रमुख कारण माना गया है। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों को लेकर संबंधित एजेंसियों की जांच जारी है।
महाराष्ट्र
‘विद्यार्थियों की मांग नहीं मानी तो पूरा महाराष्ट्र बंद करेंगे,’ मनोज जरांगे पाटिल की सरकार को चेतावनी

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर पुणे में छात्रों का एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। इस आंदोलन का जमीनी नेतृत्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार कर रहे हैं। इस बीच मराठा आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरंगे पाटिल भी आंदोलन में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
मनोज जरांगे पाटिल ने कहा, “बच्चों, अगर इन लोगों ने आपकी बात नहीं सुनी तो यहां बैठे सभी नेताओं से भी कहता हूं और आपसे भी कहता हूं, आपके लिए पूरा महाराष्ट्र बंद कर देंगे। इन्हें क्या हो गया है, इन्हें घमंड हो गया है।”
उन्होंने छात्रों से कहा, “आपके साथ हुआ अन्याय जाति से परे है। अगर मैं जातिवादी होता तो यहां नहीं आता। यहां महाराष्ट्र के किसानों के बच्चे बैठे हैं और मैं किसान का बेटा बनकर आया हूं, जाति के नाम पर नहीं।”
जरांगे पाटिल ने कहा कि आरक्षण की मांग करने का मतलब यह नहीं है कि वे छात्रों को उनके हाल पर छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि मेहनतकश माता-पिता की उम्मीद है कि उनके बेटे और बेटियां भी अधिकारी बनें और सरकार को इस भावना को समझना चाहिए।
छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने को राजनीति बताने पर भी जरांगे पाटिल ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या सरकार चाहती है कि छात्रों के पीछे कोई खड़ा न हो और उन्हें कोई ताकत न मिले।
उन्होंने पूछा, “रोहित दादा राजनीतिक नेतृत्व करते हैं, इस पर किसी को संदेह है तो राज्य सरकार मुझे इसका जवाब दे। इससे पहले एमपीएससी में दो साल की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन हुआ था। क्या वह राजनीतिक था? फिर यह आंदोलन राजनीतिक कैसे हुआ? आज बच्चे अनशन पर बैठे हैं। उनकी जान का क्या? उनके सवालों का क्या? आप हर बात को राजनीतिक रंग क्यों देंगे?”
पत्रकारों से बातचीत में जरांगे पाटिल ने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और सीएम फडणवीस को जवाब देना चाहिए। गृहमंत्री के तौर पर उन्हें विद्यार्थियों का दिल जीतने का काम करना चाहिए।
छात्रों के बीच तीन गुटों में आंदोलन होने के सवाल पर उन्होंने कहा, “न कांग्रेस आपकी है, न राष्ट्रवादी आपकी है, न भाजपा आपकी है, न शिवसेना आपकी है, न महायुति आपकी है, न महाविकास आघाड़ी आपकी है। हमारे असली हीरो हमारे माता-पिता हैं। वे मेहनत करके हमें पढ़ाते हैं।”
उन्होंने कहा कि आंदोलन तीन जगह हो या एक जगह, न्याय छात्रों को ही चाहिए। मुख्यमंत्री को सभी आंदोलनों पर तत्काल ध्यान देकर उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए और उनका विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने छात्रों से एकजुट रहने की अपील भी की।
सरकार के मंत्री और विधायक एक आंदोलन की ओर जा रहे हैं जबकि दूसरे आंदोलन की ओर सरकार का प्रतिनिधिमंडल नहीं आया है, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को सभी जगह जाना चाहिए और छात्रों की राय सुननी चाहिए।
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