राष्ट्रीय
अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र में तीन दिन का राजकीय शोक, सभी सरकारी काम-काज बंद: सीएम फडणवीस
पुणे, 28 जनवरी : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के निधन पर पूरे राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है। 28 से 30 जनवरी तक सभी सरकारी कार्यालय और राजकीय कामकाज बंद रहेंगे और झंडा आधा झुका रहेगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं और वह उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ जल्द ही बारामती के लिए रवाना हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अजित दादा एक ऐसे नेता थे जो हमेशा जमीन से जुड़े रहे और जनता के बीच अपनी सादगी और मेहनत से लोकप्रिय थे। उनका असामयिक निधन एक अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री ने बताया कि उनके लिए व्यक्तिगत रूप से यह एक बहुत बड़ा नुकसान है, क्योंकि वह एक दमदार और दिलदार मित्र थे। दोनों ने साथ में कई संघर्ष और राजनीतिक लड़ाइयां देखी हैं और महाराष्ट्र के विकास में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अजित पवार के निधन से उनके परिवार और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता गहरे शोक में हैं। इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने बताया कि अब उनके परिवार के बारामती पहुंचने के बाद उनसे चर्चा करके आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को पूरी घटना की जानकारी दे दी है और दोनों ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सभी इस घटना से बेहद दुखी हैं।
देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर भी अपने भाव साझा किए और लिखा, “दादा चले गए! एक जमीन से जुड़े नेता, मेरे दोस्त और साथी, डिप्टी चीफ मिनिस्टर अजित दादा पवार की प्लेन क्रैश में मौत बहुत दिल दहला देने वाली है। यह दिल तोड़ने वाला है। मेरा दिल सुन्न हो गया है। अपनी फीलिंग्स बताने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैंने अपना मजबूत और अच्छा दोस्त खो दिया है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान है, जिसकी भरपाई नहीं हो सकती। आज महाराष्ट्र के लिए बहुत मुश्किल दिन है। मैं दादा को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। हम उनके पूरे परिवार और एनसीपी परिवार के दुख में शामिल हैं। इस एक्सीडेंट में चार और लोगों की मौत हो गई। हम उनके परिवारों के दुख में भी शामिल हैं। मैंने अपने सारे प्रोग्राम कैंसिल कर दिए हैं। मैं थोड़ी देर में बारामती के लिए निकल रहा हूं।”
राज्य सरकार ने सभी सरकारी कामकाज बंद कर दिए हैं और शोक अवधि में राज्यभर में सभी कार्यक्रमों को स्थगित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बारामती पहुंचने के बाद अधिकारियों और परिवार के साथ बातचीत के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।
राष्ट्रीय
देशभर में बजट के प्रचार के लिए भाजपा का प्लान तैयार

नई दिल्ली, 30 जनवरी : केंद्र सरकार 1 फरवरी, रविवार को आम बजट पेश करने जा रही है। इस बजट को लेकर देशभर में राजनीतिक और आर्थिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार इस बार बजट को लेकर सत्तारूढ़ पार्टी ने पहले से ही व्यापक प्रचार अभियान की योजना तैयार कर ली है, ताकि बजट की घोषणाओं और नीतियों को आम जनता तक सीधे पहुंचाया जा सके।
बजट के प्रचार-प्रसार के लिए भारतीय जनता पार्टी ने विस्तृत कार्ययोजना बनाई है। पार्टी का लक्ष्य है कि 1 फरवरी से 15 फरवरी तक देशभर में बजट प्रचार अभियान चलाए जाएंगे। इसके लिए पार्टी ने बजट प्रचार अभियान 2026 की योजना बनाई है, जिसके तहत 1 फरवरी से 15 फरवरी तक पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम चलेंगे।
इस दौरान सभी केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री और पार्टी के बड़े नेता अलग-अलग स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और बजट की प्रमुख बातों को जनता के सामने रखेंगे। भाजपा ने देशभर में करीब 150 स्थानों पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का खाका तैयार किया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार बजट की विशेषताओं और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में बताएगी।
पारंपरिक माध्यमों के साथ-साथ सोशल मीडिया को भी इस अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है। बजट की विशेषताओं का प्रचार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर से संवाद किया जाएगा और बजट से जुड़ी जानकारियों को रील के माध्यम से सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा। पार्टी का उद्देश्य युवा वर्ग तक भी बजट का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
इस पूरे बजट प्रचार अभियान की जिम्मेदारी भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग के नेतृत्व वाली टीम को दी गई है। इस टीम में सरोज पांडे, श्रीकांत शर्मा, नरेंद्र रैना, जीवीएल नरसिम्हा राव, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, अनिल एंटोनी, संजय टंडन और गुरु प्रकाश पासवान शामिल हैं।
बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार लगातार नौवीं बार बजट पेश करने जा रही हैं। बजट से ठीक पहले संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वे 2025-26 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.0 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। सर्वे के अनुसार, घरेलू सुधारों और सरकारी निवेश के चलते वैश्विक चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था की आंतरिक मजबूती लगातार बढ़ रही है।
राजनीति
महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दी श्रद्धांजलि, बापू के आदर्शों को किया याद

नई दिल्ली, 30 जनवरी : जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उपराज्यपाल ने कहा कि बापू की शिक्षाएं और आदर्श मानवता को राह दिखाते रहेंगे।
एलजी ऑफिस ने एक्स पोस्ट में लिखा, “मैं पूज्य बापू की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देता हूं। उनकी शिक्षाएं और आदर्श मानवता को राह दिखाते रहेंगे। शहीद दिवस पर मैं उन बहादुर आत्माओं को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं जिन्होंने देश की आजादी, एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।”
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। श्रद्धेय ‘बापू’ का सत्यनिष्ठ आचरण, अहिंसा की उनकी अडिग साधना और मानवता के प्रति अनन्य करुणा संपूर्ण विश्व को सदैव आलोकित करती रहेंगी। आइए, ‘बापू’ के आदर्शों को आत्मसात कर समृद्ध, न्यायपूर्ण और विकसित भारत के निर्माण में अपना श्रेष्ठ योगदान दें।”
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लिखा, “परम श्रद्धेय राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर सादर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपने सत्य, अहिंसा एवं एकता के संदेश से मानवता की सेवा का मार्ग दिखाया। आपका जीवन लोककल्याण के पावन ध्येय की प्राप्ति का अनुकरणीय अध्याय है।”
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, “विश्व को सत्य, अहिंसा और सेवा का मार्ग दिखाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। आपका जीवन त्याग, तपस्या और राष्ट्रसेवा का अमर संदेश है, जो हमें सदैव न्याय, समरसता और शांति के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा।”
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव ने लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। सत्य, अहिंसा, कर्तव्यनिष्ठा और करुणा के सिद्धांतों पर आधारित उनका जीवन हमें सदैव प्रेरणा देता रहेगा।”
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक्स पोस्ट में लिखा, “महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि। एक एकजुट, समावेशी भारत का गांधीजी का विजन ही हमारे लोकतंत्र की आत्मा है।”
मनोरंजन
4 साल के गैप के बाद अहान शेट्टी के लिए मुश्किल रहा था शूटिंग करना, बताया कैसे नर्वसनेस को करते थे दूर

मुंबई, 29 जनवरी : देश में 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने के बाद से ‘बॉर्डर-2’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन कर रही है। फिल्म में सुनील शेट्टी के बेटे अहान शेट्टी ने नेवी अफसर की भूमिका निभाई है। अहान शेट्टी ने फिल्म की शूटिंग, बॉर्डर फिल्म की तुलना और लंबे गैप के बाद वापस सेट पर शूटिंग करने के अनुभवों को साझा किया है।
मीडिया से खास बातचीत में अभिनेता ने ‘तड़प’ के 4 साल बाद फिल्म बॉर्डर-2 में काम करने के अनुभव पर कहा, ‘लंबे गैप के बाद फिल्म की शूटिंग बड़े स्टार्स के साथ करना नर्वस कर देने वाला अनुभव था, लेकिन सनी सर, वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ ने सेट पर काफी सपोर्ट किया था, जिससे चीजें करने में काफी आसानी रही। ‘तड़प’ के बाद का समय थोड़ा मुश्किल था, लेकिन मेरे परिवार और दोस्तों ने बहुत मदद की थी। उनकी वजह से ही कभी मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और न ही रिग्रेट किया।”
फिल्म बॉर्डर की विरासत को आगे बढ़ाने के प्रेशर और शूटिंग के समय बड़ी स्टारकास्ट के साथ काम करने के अनुभव पर उन्होंने कहा, “मैंने सिर नीचे किया और सारा फोकस काम पर था। मैं सिर्फ हर चीज को अच्छा और परफेक्ट चाहता था और पूरी ईमानदारी के साथ काम किया। मेरे निर्देशक ने जो कहा मैंने सिर्फ वही किया और खुद को शांत रखने के लिए शूटिंग खत्म हो जाने पर मैं और वरुण रात में साथ में डिनर पर भी जाते हैं, जिससे काम को लेकर नर्वसनेस कम हो सके।”
अपने किरदार को लेकर की गई तैयारी पर अहान ने कहा, “एक नेवी अफसर का रोल निभाना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि सबसे जरूरी थी बॉडी लैंग्वेज और किरदार के साथ आई जिम्मेदारियां। उस दौरान बोलने का तरीका और नेवी अफसर की तरह एटीट्यूड रखना बहुत जरूरी था, क्योंकि एक नेवी अफसर बिना अपने बारे में सोचे देश के लिए सोचता है और चेहरे पर एक शिकन तक नहीं आती। वो जिम्मेदारी किरदार में लानी जरूरी थी।”
‘बॉर्डर’ और ‘बॉर्डर-2’ की तुलना पर अहान ने कहा, “दोनों फिल्में एक ही युद्ध पर बनी हैं, लेकिन दोनों का टाइम पीरियड अलग है। पहले जेपी सर ने फिल्म को शूट किया था और लाइव ब्लास्ट शूट किए, जो करना बहुत मुश्किल है और आज अलग तकनीक के साथ फिल्म की शूटिंग की है। कास्ट अलग है और क्रू भी। रही बात तुलना की, तो ये करना बेकार है क्योंकि ऑरिजनल, ऑरिजनल है। उसकी जगह कोई नहीं ले सकता है। सेट पर सनी सर और पापा ने भी काफी स्टोरी सुनाई कि फिल्म के दौरान कैसे शूटिंग हुई थी।”
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