Connect with us
Sunday,18-October-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों को अब नए सख्त नियमों के अनुसार विदेश यात्रा के लिए वैध औचित्य प्रदान करना होगा; विवरण देखें

Published

on

मुंबई : सरकार ने सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब अधिकारियों को अपनी यात्राओं के उद्देश्य, चाहे वे अध्ययन यात्राएँ हों या प्रशिक्षण, का विस्तृत विवरण देते हुए एक आवेदन जमा करना होगा। यह कदम अधूरे प्रस्ताव प्रस्तुत करने में समस्याओं की पहचान के बाद उठाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

आवेदन में यात्रा का कारण और, यदि लागू हो, तो निजी संगठनों से प्राप्त धन का स्रोत बताना होगा। सरकारी संस्थाओं द्वारा आयोजित यात्राओं के लिए, अधिकारियों को व्यय का विवरण देना होगा। सरकार यह भी सत्यापित करेगी कि यात्रा किसने शुरू की और किसके नाम पर आयोजित की गई। रिपोर्टों के अनुसार, चार्टर्ड अधिकारियों को विदेश यात्रा के लिए विभागीय मंत्री की अनुमति लेनी होती है, जबकि निजी व्यक्तियों को सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेनी होती है।

अखिल भारतीय सेवाओं, राज्य सेवाओं और विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के अधिकारियों और सदस्यों के लिए एक नया परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और त्रुटियों या अपूर्ण प्रस्तुतीकरणों के कारण होने वाली देरी को रोकने के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंत्रालयिक विभागों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में अक्सर विसंगतियाँ पाई जाती थीं, जिसके कारण प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण प्रारूप में संशोधन किया गया। पूर्व परिपत्र में निर्धारित चेकलिस्ट और सचिव प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया है, हालाँकि पिछले मानदंड अभी भी प्रभावी हैं।

हाल ही में, नासिक में मत्स्य पालन के सहायक आयुक्त, पीडी जगताप को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान विदेश यात्रा करने के लिए बीमारी का बहाना बनाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उन्होंने वरिष्ठों को गुमराह किया, स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए चिकित्सा अवकाश के लिए आवेदन किया, लेकिन विदेश में छुट्टियां मनाते पाए गए। उनके निलंबन में मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध शामिल है, और आगे की जांच के परिणामस्वरूप बर्खास्तगी हो सकती है।

सरकार द्वारा दिए गए नए निर्देशों के अनुसार अधिकारी को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होगा:

1. जो प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में नहीं होंगे या जिनमें अधूरे विवरण होंगे, उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।

2. अध्ययन दौरे और प्रशिक्षण दौरे को छोड़कर किसी भी दौरे में तीन से ज़्यादा अधिकारियों को शामिल नहीं किया जा सकता। अगर इससे ज़्यादा अधिकारी शामिल हों, तो कारण बताना होगा।

3. अध्ययन दौरे या प्रशिक्षण के लिए विदेश दौरे का प्रस्ताव भेजते समय अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के अलावा अन्य कर्मचारियों के लिए अलग से विवरणिका तैयार करना तथा उसे संयुक्त/उप सचिवों के हस्ताक्षर के साथ संलग्न करना अनिवार्य है।

4. बिना हस्ताक्षर वाले प्रस्ताव स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

5. मंत्रियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और स्वायत्त संस्थाओं के अध्यक्षों के विदेश दौरों के प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को प्रस्तुत नहीं किए जाने चाहिए।

6. तथापि, यदि कुलपति का पद किसी आईएएस अधिकारी के पास है, तो संबंधित मामले की सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को देनी होगी।

7. अब सभी विदेशी दौरे के प्रस्ताव ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। संबंधित दस्तावेजों को हाइपरलिंक के रूप में संलग्न करना भी आवश्यक होगा।

राष्ट्रीय समाचार

तुकाराम मुंढे को बनाया जाए मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार को हटाओ: अबू आजमी

Published

on

समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी ने टीपू सुल्तान को लेकर जारी विवाद, अधिकारी तुकाराम मुंढे की कार्रवाई, चुनाव आयोग और मतदाता सूची में बदलाव के मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने टीपू सुल्तान को अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाला संघर्षशील व्यक्ति बताया और उनके बारे में गलत बातें फैलाने का आरोप लगाया। इसके अलावा, उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मतदाता सूची में बदलावों को लेकर भी सरकार की आलोचना की।

मालेगांव में टीपू सुल्तान के समर्थन में नारे लगाए जाने और इसे देश के खिलाफ बताए जाने पर अबू आजमी ने कहा कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले भारत की आजादी की लड़ाई का इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्होंने टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ने वाला बहादुर व्यक्ति बताया और कहा कि उनके योगदान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। आजमी ने कहा कि टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया था। टीपू सुल्तान द्वारा मंदिर तोड़े जाने के आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मस्जिदों को तोड़े जाने का मुद्दा उठाया।

कांग्रेस की ओर से टीपू सुल्तान के समर्थन में नारे लगाए जाने को देश के खिलाफ बताए जाने पर आजमी ने कहा कि यदि संविधान की किताब में टीपू सुल्तान की तस्वीर और उनकी बहादुरी के किस्से दर्ज हैं, तो स्वतंत्रता सेनानी के खिलाफ बोलने वालों के तर्कों पर भी सवाल उठना चाहिए।

तुकाराम मुंढे की ओर से की जा रही कार्रवाई पर अबू आजमी ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुंडे लोगों की जिंदगी बचाने और खाद्य पदार्थों में मिलावट तथा भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों की जरूरत है जो किसी मंत्री या अन्य व्यक्ति के दबाव में आए बिना नियमों के मुताबिक कार्रवाई करें। उन्होंने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टीएन शेषन का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग के नियमों को सख्ती से लागू करने की शुरुआत हुई थी। आजमी ने चुनाव आयोग की मौजूदा कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि तुकाराम मुंढे को चुनाव आयोग की जिम्मेदारी दी जाए, तो लोगों की कई शिकायतें दूर हो सकती हैं।

मतदाता सूची में एसआईआर और एसएसआई प्रक्रिया के तहत बदलावों पर आजमी ने सवाल किया कि जब इतने समय से एसआईआर चल रहा था, तो अब नई प्रक्रिया की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद नई प्रक्रियाएं लाई जा रही हैं। आजमी ने कहा कि देश में पैदा हुए सभी लोगों के नाम मतदाता सूची में होने चाहिए। उन्होंने दावा किया कि युवाओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच सरकार दबाव में है और चुनाव आयोग पर लगे आरोपों से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह के आरोपों और बांग्लादेश जैसी सत्ता परिवर्तन की कोशिश संबंधी बयान पर आजमी ने कहा कि ऐसी कोई कोशिश नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के नेता घबराए हुए हैं और उनका समय खत्म होता जा रहा है।

Continue Reading

राजनीति

चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना कांग्रेस की प्राथमिकता: इमरान मसूद

Published

on

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने राहुल गांधी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान, परिसीमन बिल, रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ, उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच सीट बंटवारे की बातचीत और व्यापारियों के हो रहे नुकसान के मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और छोटे व्यापारियों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए।

राहुल गांधी पर राजनाथ सिंह के बयान को लेकर मसूद ने कहा कि व्यवस्था तो परिवर्तन करना ही चाहते हैं, लोग आपसे उबर गए हैं। लेकिन, हम लोकतांत्रिक लोग हैं, आपकी तरह चुराएंगे नहीं। हम लूटा हुआ लोकतंत्र नहीं लेंगे। कांग्रेस की प्राथमिकता चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना है।

परिसीमन बिल को लेकर कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि इसके बहाने देश की राजनीति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इससे उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच नई राजनीतिक भावना पैदा हो सकती है और प्रतिनिधित्व का संतुलन बिगड़ सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या डीएमके इस मुद्दे पर भाजपा के साथ जा सकती है, मसूद ने कहा कि ऐसा करना डीएमके के लिए आत्महत्या जैसा होगा।

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे की बातचीत पर मसूद ने कहा कि दोनों पक्ष प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं और कोशिश है कि अक्टूबर में इसे पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और सभी इस विषय को लेकर चिंतित हैं।

सपा नेताओं की ओर से कांग्रेस को 50 सीटों को लेकर परेशानी न होने संबंधी बयान पर उन्होंने कहा कि इस तरह की बातों का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने इंडिया गठबंधन की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि गठबंधन एकजुट होकर खड़ा है।

रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ से जुड़े सवाल पर मसूद ने कहा कि इस मामले में आगे क्या होगा, यह कहना मुश्किल है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संदर्भ में टिप्पणी की कि वह कुछ भी कर सकते हैं और उनके अगले कदम का अनुमान लगाना आसान नहीं है।

दिल्ली में प्रदर्शनों के कारण व्यापारियों को रोजाना करीब 50 करोड़ रुपए का नुकसान होने के दावे पर मसूद ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जब व्यापारियों का सामान बिक ही नहीं रहा, तो नुकसान के आकलन को किस आधार पर बताया जा रहा है। उन्होंने जीएसटी और महंगाई का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों ने छोटे व्यापारियों को नुकसान पहुंचाया है। छोटे व्यापारियों के पास काम कम है और महंगाई ने उनकी स्थिति और मुश्किल कर दी है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 2014 से पहले माफिया राज और अब रामराज्य होने के बयान पर भी मसूद ने कटाक्ष किया। उन्होंने राज्य में अपराध, महिलाओं की सुरक्षा और बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने योगी सरकार के कानून-व्यवस्था संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार सब कुछ ठीक होने की बात करती है, जबकि उनके अनुसार जमीनी स्थिति पर सवाल बने हुए हैं।

Continue Reading

राजनीति

सिद्धारमैया के स्टिंग वीडियो विवाद में कर्नाटक पुलिस ने यूट्यूब से मांगी जानकारी

Published

on

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े स्टिंग वीडियो विवाद की जांच कर रही पुलिस ने यूट्यूब को पत्र लिखकर तकनीकी जानकारी मांगी है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि पुलिस ने वीडियो अपलोड किए जाने वाले आईपी एड्रेस और उसे अपलोड करने वाले व्यक्ति की जानकारी मांगी है।

वीडियो अपलोड करने वाले की पहचान और आईपी एड्रेस की जानकारी मांगी, साइबर क्राइम पुलिस कई पहलुओं से कर रही जांच

साइबर क्राइम पुलिस वायरल वीडियो की कई पहलुओं से जांच कर रही है। इसमें वीडियो के मूल स्रोत, इसे प्रसारित करने में शामिल लोगों की पहचान और इसे बनाने तथा प्रसारित करने के पीछे के मकसद का पता लगाना शामिल है।

कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी और कांग्रेस सरकार के बीच टकराव सामने आया है। कुमारस्वामी ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और गृह मंत्री प्रियांक खरगे पर तीखा हमला बोला है। शिवकुमार ने केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि खरगे ने उनका जोरदार खंडन किया है। खरगे ने कहा कि जरूरत पड़ने पर इस मामले में कुमारस्वामी को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

इसके जवाब में कुमारस्वामी ने राज्य सरकार को उन्हें गिरफ्तार करने की चुनौती दी और बेंगलुरु पुलिस आयुक्त कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया।

पुलिस इस मामले की जांच मुख्य रूप से तीन पहलुओं पर कर रही है। पहले चरण में यूट्यूब से वीडियो अपलोड करने से संबंधित तकनीकी जानकारी मांगी गई है। इसमें आईपी एड्रेस और अन्य विवरण शामिल हैं, जिनकी मदद से वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। दूसरे चरण में पुलिस वीडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो मूल है या उसके साथ छेड़छाड़ की गई है। इसके अलावा वीडियो बनाने वाले और उसे सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित करने वाले लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है। तीसरे पहलू के तहत पुलिस वीडियो बनाने और उसे प्रसारित करने के पीछे के मकसद की जांच कर रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके पीछे कोई विशेष उद्देश्य या अन्य मंशा तो नहीं थी।

पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी जांच और वीडियो के मूल स्रोत का पता चलने के बाद घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इस बीच, कन्नड़ के एक निजी मीडिया संस्थान के प्रमुख ने दावा किया है कि उन्होंने ही स्टिंग वीडियो बनाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि इस संबंध में सभी जानकारी संबंधित जांच अधिकारियों को दे दी गई है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार12 hours ago

तुकाराम मुंढे को बनाया जाए मुख्य चुनाव आयुक्त, ज्ञानेश कुमार को हटाओ: अबू आजमी

अंतरराष्ट्रीय समाचार12 hours ago

बांग्लादेश को झटका, कप्तान लिटन दास ‘त्रिकोणीय सीरीज’ से बाहर

मनोरंजन12 hours ago

राजपाल यादव ने पत्नी को जन्मदिन पर दी विशेष शुभकामना, परिवार का ‘हीरा’ बताया

व्यापार13 hours ago

आईडीबीआई बैंक का मुनाफा वित्त वर्ष 27 की दूसरी तिमाही 39 प्रतिशत गिरा

अंतरराष्ट्रीय समाचार13 hours ago

अमेरिका कंपनी निल्सन भारत को बना रही अपना प्रमुख ग्लोबल इनोवेशन सेंटर : रिपोर्ट

राजनीति13 hours ago

चुनाव आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाना कांग्रेस की प्राथमिकता: इमरान मसूद

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

मध्य प्रदेश के सिंगरौली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.5 रही तीव्रता

राजनीति14 hours ago

सिद्धारमैया के स्टिंग वीडियो विवाद में कर्नाटक पुलिस ने यूट्यूब से मांगी जानकारी

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

तमिलनाडु: तिरुनेलवेली में आकाशीय बिजली का कहर, खेत में खड़े चार किशोर गंभीर रूप से घायल

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

एफएसएसएआई का प्रस्ताव: 6 महीने तक के शिशुओं के खाद्य उत्पादों में चीनी मिलाने पर लगेगी रोक

अपराध1 week ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

बॉलीवुड2 weeks ago

टीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला

राजनीति1 week ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार1 week ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सपोर्ट, सेंसेक्स 564 अंक चढ़ा; फार्मा, एफएमसीजी और रियल्टी शेयरों में तेजी

खेल2 weeks ago

‘आपकी जीत बेहतरीन प्रदर्शन, दृढ़ संकल्प और टीम वर्क की भावना का सबूत,’ गोल्ड जीतने पर राष्ट्रपति मुर्मु ने टीम इंडिया को सराहा

व्यापार2 weeks ago

गांधी जयंती के चलते भारतीय शेयर बाजार बंद, एनएसई और बीएसई पर नहीं होगा कारोबार

राजनीति3 weeks ago

अखिलेश यादव का चुनावी ऐलान : सत्ता में आए तो पुरानी पेंशन बहाल, शिक्षामित्रों को शिक्षक बनाने का वादा

मनोरंजन4 weeks ago

अर्चना पूरन सिंह ने कॉमेडी का असली नियम बताया, कहा- साथी कलाकार को बेहतर बनाना जरूरी

मनोरंजन3 weeks ago

बर्थडे बॉय रणबीर कपूर पर बॉलीवुड ने बरसाया प्यार, मां नीतू और रवि दुबे ने भी दी बधाई

रुझान