Connect with us
Wednesday,26-August-2026
ताज़ा खबर

राष्ट्रीय समाचार

महाराष्ट्र सरकार के अधिकारियों को अब नए सख्त नियमों के अनुसार विदेश यात्रा के लिए वैध औचित्य प्रदान करना होगा; विवरण देखें

Published

on

मुंबई : सरकार ने सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब अधिकारियों को अपनी यात्राओं के उद्देश्य, चाहे वे अध्ययन यात्राएँ हों या प्रशिक्षण, का विस्तृत विवरण देते हुए एक आवेदन जमा करना होगा। यह कदम अधूरे प्रस्ताव प्रस्तुत करने में समस्याओं की पहचान के बाद उठाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस प्रक्रिया के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

आवेदन में यात्रा का कारण और, यदि लागू हो, तो निजी संगठनों से प्राप्त धन का स्रोत बताना होगा। सरकारी संस्थाओं द्वारा आयोजित यात्राओं के लिए, अधिकारियों को व्यय का विवरण देना होगा। सरकार यह भी सत्यापित करेगी कि यात्रा किसने शुरू की और किसके नाम पर आयोजित की गई। रिपोर्टों के अनुसार, चार्टर्ड अधिकारियों को विदेश यात्रा के लिए विभागीय मंत्री की अनुमति लेनी होती है, जबकि निजी व्यक्तियों को सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेनी होती है।

अखिल भारतीय सेवाओं, राज्य सेवाओं और विभिन्न सार्वजनिक संस्थाओं के अधिकारियों और सदस्यों के लिए एक नया परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें प्रस्तुतीकरण प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने और त्रुटियों या अपूर्ण प्रस्तुतीकरणों के कारण होने वाली देरी को रोकने के लिए स्पष्ट मानदंड निर्धारित किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि मंत्रालयिक विभागों द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों में अक्सर विसंगतियाँ पाई जाती थीं, जिसके कारण प्रस्ताव प्रस्तुतीकरण प्रारूप में संशोधन किया गया। पूर्व परिपत्र में निर्धारित चेकलिस्ट और सचिव प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया गया है, हालाँकि पिछले मानदंड अभी भी प्रभावी हैं।

हाल ही में, नासिक में मत्स्य पालन के सहायक आयुक्त, पीडी जगताप को राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान विदेश यात्रा करने के लिए बीमारी का बहाना बनाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया। उन्होंने वरिष्ठों को गुमराह किया, स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला देते हुए चिकित्सा अवकाश के लिए आवेदन किया, लेकिन विदेश में छुट्टियां मनाते पाए गए। उनके निलंबन में मुख्यालय छोड़ने पर प्रतिबंध शामिल है, और आगे की जांच के परिणामस्वरूप बर्खास्तगी हो सकती है।

सरकार द्वारा दिए गए नए निर्देशों के अनुसार अधिकारी को निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना होगा:

1. जो प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में नहीं होंगे या जिनमें अधूरे विवरण होंगे, उन्हें स्वीकार नहीं किया जाएगा।

2. अध्ययन दौरे और प्रशिक्षण दौरे को छोड़कर किसी भी दौरे में तीन से ज़्यादा अधिकारियों को शामिल नहीं किया जा सकता। अगर इससे ज़्यादा अधिकारी शामिल हों, तो कारण बताना होगा।

3. अध्ययन दौरे या प्रशिक्षण के लिए विदेश दौरे का प्रस्ताव भेजते समय अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के अलावा अन्य कर्मचारियों के लिए अलग से विवरणिका तैयार करना तथा उसे संयुक्त/उप सचिवों के हस्ताक्षर के साथ संलग्न करना अनिवार्य है।

4. बिना हस्ताक्षर वाले प्रस्ताव स्वीकार नहीं किये जायेंगे।

5. मंत्रियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और स्वायत्त संस्थाओं के अध्यक्षों के विदेश दौरों के प्रस्ताव मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति को प्रस्तुत नहीं किए जाने चाहिए।

6. तथापि, यदि कुलपति का पद किसी आईएएस अधिकारी के पास है, तो संबंधित मामले की सूचना सामान्य प्रशासन विभाग को देनी होगी।

7. अब सभी विदेशी दौरे के प्रस्ताव ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। संबंधित दस्तावेजों को हाइपरलिंक के रूप में संलग्न करना भी आवश्यक होगा।

राष्ट्रीय समाचार

भारत में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 900 मिलियन स्क्वायर फीट के पार, बीते एक वर्ष में 6 प्रतिशत का हुआ इजाफा

Published

on

भारत में इस्तेमाल हो रहे कमर्शियल स्पेस 2026 की पहली छमाही (जनवरी-जून अवधि) में सालाना आधार पर 6 प्रतिशत बढ़कर 901.1 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया है, जो कि 2025 की पहली छमाही में 847 मिलियन स्क्वायर फीट था। यह जानकारी बुधवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।

नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुल ऑफिस स्टॉक 1.05 बिलियन स्क्वेयर फीट दर्ज किया गया है। देश के शीर्ष आठ ऑफिस मार्केट में इस्तेमाल हो रहे ऑफिस स्पेस में वृद्धि, कंपनियों के लगातार विस्तार को दिखाती है।

नाइट फ्रैंक इंडिया में इंटरनेशनल पार्टनर और सीनियर एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर विरल देसाई ने कहा, “जीसीसी के विस्तार और घरेलू कंपनियों के बढ़ते दायरे की वजह से ऑफिस की मांग बनी हुई है। कंपनियां ऐसे स्थापित बाजारों की ओर बढ़ रही हैं जहां उन्हें टैलेंट, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े पैमाने पर काम करने की सुविधा मिलती है।”

बेंगलुरु सबसे बड़े ऑफिस मार्केट के तौर पर सबसे आगे है, जहां 2026 की पहली छमाही में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 222.4 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर 8 प्रतिशत की मजबूत ग्रोथ दिखाता है।

दिल्ली-एनसीआर 178.1 मिलियन स्क्वायर फीट ऑफिस स्पेस के साथ दूसरे नंबर पर है, जहां सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की मामूली ग्रोथ देखी गई। मुंबई में इस्तेमाल हो रहे ऑफिस स्पेस का आंकड़ा 146.6 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की ग्रोथ हुई।

पुणे सबसे तेजी से बढ़ने वाले मार्केट में से एक बनकर उभरा है। यह शहर 100 मिलियन स्क्वायर फीट का आंकड़ा पार करने की राह पर है। रिपोर्ट के अनुसार, पुणे ने सालाना आधार पर 10 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की और इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 98.8 मिलियन स्क्वायर फीट तक पहुंच गया।

वहीं, चेन्नई ने सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की अच्छी ग्रोथ बनाए रखी और कुल इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 88.9 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, वहीं अहमदाबाद ने सभी ट्रैक किए गए शहरों में सबसे ज्यादा ग्रोथ दिखाई, जहां इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 9 प्रतिशत बढ़कर 27.5 मिलियन स्क्वायर फीट हो गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 24.4 मिलियन स्क्वायर फीट रहा, जिसमें सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की स्थिर बढ़ोतरी देखी गई।

Continue Reading

राष्ट्रीय समाचार

ऑपरेशन सिंदूर में किराना हिल्स पर टकराया हो सकता है युद्धक ड्रोन: पूर्व सीडीएस जनरल चौहान

Published

on

भारत के पूर्व चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने कहा है कि पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन (युद्धक ड्रोन) संभवत पाकिस्तान के किरना हिल्स इलाके से टकराया हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया था।

गौरतलब है कि किराना हिल्स पाकिस्तानी सशस्त्र बलों के परमाणु ढांचे से जुड़ा महत्वपूर्ण इलाका माना जाता है। जनरल अनिल चौहान ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद की परिस्थितियों पर आयोजित ‘विमर्श’ कार्यक्रम में यह जानकारी दी। उन्होंने ऑपरेशन के दौरान किराना हिल्स को लेकर सामने आई रिपोर्टों और घटनाक्रम पर विस्तार से बात की तथा बताया कि भारतीय लोइटरिंग म्यूनिशन के उस इलाके तक पहुंचने की संभावित वजह क्या हो सकती है।

जनरल चौहान के मुताबिक, भारतीय सेना ने पाकिस्तान के सरगोधा इलाके और उसके आसपास मौजूद रडारों की तलाश तथा उन्हें निशाना बनाने के लिए कई लोइटरिंग म्यूनिशन भेजे थे। इनमें से एक लोइटरिंग म्यूनिशन को इजरायल में डिजाइन किए गए हारोप ड्रोन के रूप में बताया गया है। उन्होंने बताया कि यह म्यूनिशन अपने निर्धारित इलाके में लक्ष्य की तलाश कर रहा था, लेकिन उसे लक्ष्य नहीं मिला और किराना हिल्स के आसपास संचालन के दौरान उसका ईंधन खत्म हो गया। ऐसी स्थिति में उसके संभवतः किराना हिल्स की किसी पहाड़ी से टकराने की संभावना है।

उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना के तत्कालीन महानिदेशक वायु अभियान, सेवानिवृत्त एयर मार्शल ए.के. भारती ने भी स्पष्ट किया था कि भारतीय सशस्त्र बलों ने किराना हिल्स में मौजूद परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना नहीं बनाया था। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मीडिया को संबोधित करते हुए एयर मार्शल ए.के. भारती ने कहा था, “हमें यह बताने के लिए धन्यवाद कि किराना हिल्स में कोई न्यूक्लियर इंस्टॉलेशन है। हमें इसके बारे में पता नहीं था। और हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया है, चाहे वहाँ कुछ भी हो।”

जनरल चौहान ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में हमले शुरू होने से पहले भारतीय बलों ने सरगोधा और किराना हिल्स की दिशा में बड़ी संख्या में लोइटरिंग म्यूनिशन भेजे थे। किराना हिल्स सरगोधा से करीब 10 किलोमीटर उत्तर में स्थित है। उन्होंने कहा, “उन हमलों से पहले, हमने सरगोधा और किराना हिल्स (जो सरगोधा से 10 किमी उत्तर में है) की तरफ बहुत से ‘लोइटर एम्युनिशन’ भेजे थे। ये ‘लोइटर एम्युनिशन’ सरगोधा और उसके आस-पास मौजूद रडार की तलाश कर रहे थे, और इनकी एक निश्चित समय-सीमा (लाइफटाइम) होती है।”

लोइटरिंग म्यूनिशन की कार्यप्रणाली समझाते हुए उन्होंने कहा कि यह हथियार किसी निर्धारित इलाके में कुछ समय तक घूमकर अपने लक्ष्य की तलाश कर सकता है। यदि उसे लक्ष्य नहीं मिलता है तो उसकी निर्धारित संचालन अवधि पूरी होने के बाद वह नीचे गिर सकता है। जनरल चौहान ने कहा, “यह लगभग दो घंटे तक हवा में मंडराता रहेगा और अगर इसे कोई टारगेट नहीं मिला, तो यह कहीं न कहीं जाकर टकरा जाएगा। यह उन्हीं पहाड़ियों में से किसी एक से टकराया होगा।”

इस तरह जनरल चौहान के बयान से किराना हिल्स को लेकर सामने आई अटकलों को एक संभावित स्पष्टीकरण मिला है। उन्होंने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि किराना हिल्स भारतीय सैन्य अभियान का जानबूझकर चुना गया लक्ष्य नहीं था। कार्यक्रम के दौरान पूर्व सीडीएस ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी एक और महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित स्कर्दू पर हमला करने की मंजूरी दी गई थी। हालांकि, खराब मौसम के कारण स्कर्दू में प्रस्तावित कार्रवाई को बाद में रद्द करना पड़ा और मिशन का रुख भोलारी की ओर कर दिया गया।

जनरल चौहान ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारतीय वायुसेना प्रमुख ने उनसे सरगोधा पर हमला करने को लेकर पूछा था। इसकी अनुमति दी गई थी साथ ही दो और लक्ष्यों की पहचान करने को कहा था। इनमें से एक लक्ष्य स्कर्दू था। जनरल चौहान के अनुसार, स्कर्दू क्षेत्र में मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं रहने के कारण वहां नियोजित अभियान को आगे बढ़ाना मुश्किल हो गया। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने मिशन को भोलारी की ओर मोड़ दिया।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 10 मई को भारतीय वायुसेना द्वारा भोलारी में किए गए हमले का दृश्य बाद में पूरे अभियान के सबसे प्रमुख दृश्यों में शामिल रहा। इस हमले में भोलारी स्थित वायुसेना के एक हैंगर को निशाना बनाया गया था। यह अभियान भारतीय वायुसेना की गांधीनगर स्थित दक्षिण पश्चिमी वायु कमान द्वारा संचालित हवाई अभियान का हिस्सा था।

पूर्व सीडीएस जनरल अनिल चौहान के ताजा बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैन्य अभियानों में लक्ष्यों का चयन, लोइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल और मौसम जैसी परिचालन परिस्थितियों के आधार पर योजनाओं में बदलाव किस तरह किया गया। किराना हिल्स के मामले में उन्होंने साफ किया कि वहां किसी परमाणु प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की कोई पूर्व नियोजित कार्रवाई नहीं थी।

Continue Reading

मनोरंजन

‘संस्कृति और परंपराएं दिलों में होती हैं, कपड़ों में नहीं’, कृति सेनन का कंगना रनौत को करारा जवाब

Published

on

बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन इन दिनों एक रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर लगातार चर्चा में हैं। दरअसल, ज्वेलरी ब्रांड के एक विज्ञापन में कृति का इंडो-वेस्टर्न लुक कुछ लोगों को पसंद नहीं आया। सोशल मीडिया पर उनके पहनावे को लेकर सवाल उठाए गए। इसके बाद अभिनेत्री कंगना रनौत ने भी बिना नाम लिए विज्ञापन की स्टाइलिंग पर निशाना साधा।

अब कृति ने पूरे मामले पर चुप्पी तोड़ी है और इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी है। कृति ने साफ किया कि किसी महिला के कपड़ों को देखकर उसकी संस्कृति और परंपरा के प्रति सम्मान तय नहीं किया जा सकता।

कृति सेनन ने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, ”त्योहारों का मतलब आपके पहने हुए कपड़ों में नहीं है, बल्कि उन परंपराओं के प्रति भावनाओं और उनके महत्व में है। रक्षाबंधन का त्योहार सुरक्षा और प्यार के रिश्ते का प्रतीक है। मैं और मेरी बहन एक-दूसरे को राखी बांधती हैं और एक-दूसरे की सुरक्षा, अच्छी सेहत, खुशी और लंबी उम्र की कामना करती हैं।”

कृति ने पोस्ट में आगे लिखा, ”मेरे लिए यह प्यार, प्रार्थना और एक-दूसरे की देखभाल का रिश्ता हमारे डॉग्स तक भी पहुंचता है, क्योंकि वे भी हमारे परिवार का हिस्सा हैं।”

इसके बाद कृति ने पोस्ट में पूछा, ”हम महिलाओं को यह बताना आखिर कब बंद करेंगे कि उन्हें क्या पहनना चाहिए? समय के एथनिक फैशन में भी काफी बदलाव आया है, लेकिन आज भी किसी महिला के कल्चर के प्रति सम्मान को उसके कपड़ों से मापा जाता है। संस्कृति और परंपराएं महिला के दिल में होती हैं, नेकलाइन में नहीं।”

कृति के इस पोस्ट को कंगना रनौत की टिप्पणी से जोड़कर देखा जा रहा है।

दरअसल, पूरा विवाद एक रक्षाबंधन विज्ञापन से शुरू हुआ। ज्वेलरी ब्रांड के एक विज्ञापन में कृति सेनन ने ऑफ-व्हाइट कलर का इंडो-वेस्टर्न आउटफिट पहना हुआ है। इसमें ब्रालेट स्टाइल ब्लाउज, ड्रेप्ड स्कर्ट और केप शामिल है। विज्ञापन सामने आने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके कपड़ों को त्योहार के हिसाब से सही नहीं बताया।

मामला तब और चर्चा में आया जब कंगना रनौत ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने कृति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों को इसी विज्ञापन से जोड़कर देखा गया।

कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, ”महिला होने के लिए यह शानदार समय है। हमारी अलमारियां कई तरह के कपड़ों से भरी हैं और आज की महिला ग्लोबल महिला है। कॉकटेल ड्रेस से लहंगा चोली, जींस से साड़ी और बिकिनी से सलवार-कमीज तक, आज हमारे पास कपड़ों के इतने विकल्प हैं। फिर आप अपने भाई को बिकिनी या अंडरगारमेंट्स में राखी क्यों बांधेंगी? आपके पास स्टाइलिंग के इतने विकल्प कहां गए? हा हा, यह विज्ञापन जानबूझकर अजीब बनाया गया लगता है।”

Continue Reading
Advertisement
महाराष्ट्र13 hours ago

पैगंबर साहब इंसानों के लिए ही नहीं, बल्कि जानवरों के लिए भी दुनिया में रहमत बनकर आए।

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

तेलंगाना: मुख्यमंत्री और राज्यपाल ने मिलाद-उन-नबी की दी बधाई

खेल14 hours ago

एशियन गेम्स में जब तक पदक नहीं जीतूंगी, घर नहीं जाऊंगी: मीराबाई चानू

राष्ट्रीय समाचार14 hours ago

भारत में इस्तेमाल हो रहा ऑफिस स्पेस 900 मिलियन स्क्वायर फीट के पार, बीते एक वर्ष में 6 प्रतिशत का हुआ इजाफा

मनोरंजन14 hours ago

अपने ही शहर में टूरिस्ट बनीं श्रद्धा कपूर, मुंबई की सड़कों से लेकर खाने तक की दिखाई झलक

महाराष्ट्र14 hours ago

नगर निगम ने मूर्ति बनाने से लेकर उसकी डिलीवरी तक का रिकॉर्ड रखने के बारे में कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

मनोरंजन14 hours ago

24 साल बाद टीवी पर होस्ट बनकर लौट रहीं माधुरी दीक्षित, ‘कोण होणार करोडपती’ में दिखेगा नया अंदाज

व्यापार15 hours ago

एआई सुरक्षा बाजार में तेज उछाल, 2027 तक 4.8 अरब डॉलर और 2028 तक 7.7 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

महाराष्ट्र15 hours ago

ईद मिलाद-उन-नबी 2026: मुंबई में भव्य जश्न के साथ मनाया गया यह त्योहार; सीएम फडणवीस और नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

मनोरंजन15 hours ago

‘टॉक्सिक’ पब्लिक रिव्यू : फिल्म को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, सुबह के शो में पहुंचीं हुमा कुरैशी

अपराध4 weeks ago

मुंबई में आतंक! जुल्फिकार गैंग पर बिल्डर से हफ्ता मांगने और उसकी हत्या करने का आरोप, मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई, 12 गुंडे गिरफ्तार

महाराष्ट्र3 weeks ago

महाराष्ट्र में मछली पकड़ने पर 15 अगस्त तक पाबंदी, मंत्री नितेश राणे ने गोवा से मांगा सहयोग

मनोरंजन4 weeks ago

जाह्नवी कपूर ने शिखर पहाड़िया और परिवार के साथ बिताए गए खास पलों की तस्वीरें शेयर कीं

व्यापार3 weeks ago

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का पहली तिमाही में घाटा बढ़ा, 249 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

महाराष्ट्र4 weeks ago

मुंबई: 8 साल के बच्चे के माता-पिता को टी-शर्ट से मिला सुराग, जोगेश्वरी से लापता बच्चा सुरक्षित माता-पिता को सौंपा गया, मुंबई पुलिस की बड़ी कामयाबी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का लक्ष्य 2030 तक 10,000 जीआई पंजीकरण और एफटीए के लिए वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाना

राष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

ओडिशा पुलिस की बड़ी सफलता, 6 महीने में 17,590 गुमशुदा महिलाएं और बच्चे खोजे गए

राजनीति3 weeks ago

केजरीवाल के कार्यकाल में सरकार को भारी जीएसटी नुकसान, रिश्वत-वसूली के लिए नहीं की गई कार्रवाई: प्रवेश वर्मा

महाराष्ट्र2 weeks ago

महाराष्ट्र: टीईटी पेपर लीक मामले में पुलिस प्रशिक्षण संस्थान का संचालक गिरफ्तार, भिवंडी कोर्ट में किया जा सकता है पेश

मनोरंजन3 weeks ago

‘खतरनाक स्टंट करने की हिम्मत देते हैं’, फरहाना भट्ट ने रोहित शेट्टी को बताया मजबूत सपोर्ट

रुझान