राजनीति
ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के लिए केजरीवाल जिम्मेदार : संबित पात्रा
सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त ऑडिट पैनल की रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली भाजपा नेताओं ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, “दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी के कारण कई लोगों की जान चली गई है और इन मौतों के लिए अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं।”
उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट केजरीवाल को जवाबदेह ठहराएगा और उनके द्वारा किए गए अपराध के लिए उन्हें सजा देगा।”
पात्रा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार राष्ट्रीय राजधानी में कोविड की दूसरी लहर के प्रबंधन में पूरी तरह से विफल रही है।
उन्होंने कहा, “अरविंद केजरीवाल का काम सिर्फ एक फॉर्मूला 100 फीसदी विज्ञापन और शून्य फीसदी कोविड प्रबंधन पर होता है। केजरीवाल ने केवल विज्ञापन पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने ऑक्सीजन की कमी के बारे में चार बार झूठ बोला है।”
उक्त रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दिल्ली सरकार ने कोविड की दूसरी लहर के चरम के दौरान अपनी ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ा दिया, जिससे 12 राज्यों को आपूर्ति प्रभावित हुई।
पात्रा ने कहा, “केजरीवाल के झूठ के कारण दिल्ली की मांग को पूरा करने के लिए 12 राज्यों में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम कर दी गई थी। अगर इस ऑक्सीजन का इस्तेमाल दूसरे राज्यों में किया जाता तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी। यह केजरीवाल द्वारा किया गया जघन्य अपराध है।”
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि रिपोर्ट ने खुलासा किया कि केजरीवाल केंद्र सरकार को बदनाम करने के लिए ऑक्सीजन की जरूरतों पर राजनीति कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने ऑक्सीजन की मांग को चार गुना बढ़ा दिया।
वहीं केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा, “इसका क्या जवाब है केजरीवाल जी? सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उप-समिति की रिपोर्ट बताती है कि कैसे दिल्ली सरकार कोरोना संकट के प्रबंधन में पूरी तरह विफल साबित हुई। निर्धारित मानदंडों के साथ बदलाव करके ऑक्सजीन जरूरत की गलत गणना भारत की कोविड के खिलाफ लड़ाई को बदनाम करने के मकसद का सुझाव देता है।”
अपराध
कर्नाटक: ब्लैकमेल कर व्यापारी से 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस नेता और उसका साथी गिरफ्तार

मंगलुरु, 9 जून: कर्नाटक के मंगलुरु में जबरन वसूली का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक प्रमुख व्यापारी को ब्लैकमेल करने और लगभग दो साल में 2.77 करोड़ रुपए वसूलने के आरोप में यूथ कांग्रेस के एक पदाधिकारी और उसके साथी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों की पहचान मंगलुरु यूथ कांग्रेस के महासचिव निजाम और जितेश के तौर पर हुई है। आरोप है कि जितेश ने पहले व्यापारी को अपने जाल में फंसाया और बाद में उसकी अश्लील तस्वीरों और वीडियो का इस्तेमाल करके उसे ब्लैकमेल किया। पुलिस ने बताया कि जितेश ने शुरू में 35 लाख की मांग की और वीडियो को पीड़ित की पत्नी को दिखाने की धमकी दी। अपनी बदनामी के डर से व्यापारी ने चेक के जरिए यह रकम दे दी।
जब पैसों की मांग जारी रही तो व्यापारी ने मदद के लिए निजाम से संपर्क किया, हालांकि पुलिस का आरोप है कि निजाम ने मदद करने के बजाय जितेश का साथ दिया और जबरन वसूली के इस रैकेट में शामिल हो गया।
इसके बाद दोनों ने आत्महत्या की एक झूठी कहानी रची। निजाम ने मई 2024 में व्यापारी को बताया कि जितेश ने आत्महत्या कर ली है और सुसाइड नोट में पीड़ित का नाम लिखा है। कहानी को सच साबित करने के लिए आरोपियों ने जितेश की मौत और अंतिम संस्कार की तस्वीरें दिखाईं और व्यापारी को आपराधिक मामले में फंसाने की धमकी दी।
गिरफ्तारी और सामाजिक बदनामी के डर से व्यापारी पैसे देता रहा। पुलिस ने बताया कि 2024 से 2026 के बीच पीड़ित से कुल 2.77 करोड़ रुपए वसूले गए। यह धोखाधड़ी तब सामने आई जब जून 2026 में व्यापारी ने जितेश को मंगलुरु में जिंदा देखा। जिस व्यक्ति को वह मरा हुआ समझ रहा था, उसे जिंदा देखकर वह हैरान रह गया और उसने उरवा पुलिस स्टेशन जाकर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने निजाम और जितेश दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मामले की और जानकारी के लिए आगे की जांच चल रही है। इस बीच गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर मंगलुरु और पूरे कर्नाटक के कई राजनीतिक नेताओं के साथ निजाम की तस्वीरें वायरल हो गई हैं।
राजनीति
पीएम मोदी राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे : सीएम मोहन यादव

भोपाल, 9 जून: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं को हमेशा प्रधान सेवक मनाया माना है और वे अपना राष्ट्र धर्म निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुड़े हुए हैं । दरअसल, नरेंद्र मोदी ने अपने तीसरे कार्यकाल में 9 जून 2024 को प्रधानमंत्री का पद संभाला था।
सीएम मोहन यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि 12 वर्ष पूर्व देश ने जोश और अटूट विश्वास के साथ नरेंद्र मोदी को अपना ‘प्रधानमंत्री’ चुना था, लेकिन उन्होंने स्वयं को हमेशा एक ‘प्रधानसेवक’ माना। इसी रूप में वे अपना ‘राष्ट्रधर्म’ निभाते हुए ‘विकसित भारत’ के निर्माण में जुटे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ भारतीयों की सेवा को ही ईश्वर की सेवा मानते हुए सुशासन और प्रगति के नए-नए रिकॉर्ड बनाए हैं। ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ के संकल्प के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग- विशेषकर गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के जीवन में समृद्धि का नित नया सवेरा लाकर उनका भरोसा जीता है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्ति दिलाकर उनके आत्मसम्मान की रक्षा की। कोविड महामारी के संकटकाल में हर पात्र नागरिक को मुफ्त राशन और देशव्यापी मुफ्त टीकाकरण की सुरक्षा दी। कई देशों को भी टीके देकर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव से दुनिया का परिचय कराया। उनके नेतृत्व में केंद्र सरकार की अनेक कल्याणकारी योजनाओं ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को अधिकार, सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास कराया है।
मुख्यमंत्री यादव ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज प्रत्येक नागरिक की आकांक्षाएं और सपने पूरे हो रहे हैं। देश विश्व पटल पर एक महाशक्ति के रूप में खड़ा हो रहा है। ये युगांतरकारी परिवर्तन इसलिए संभव हो पाए हैं, क्योंकि सरकार की हर नीति, नीयत और निर्णय के मूल में मानवीय संवेदना रही है।
अपराध
तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक सब्यसाची दत्ता उगाही और भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार

कोलकाता, 9 जून: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले की राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के दो बार विधायक रहे और बिधाननगर नगर निगम के पूर्व चेयरमैन सब्यसाची दत्ता को मंगलवार तड़के गिरफ्तार कर लिया गया है। दत्ता पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और अपने इलाके में लोगों को लगातार धमकाने के आरोप हैं।
सूत्रों ने बताया कि वर्तमान में बिधाननगर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 31 के पार्षद सब्यसाची दत्ता ने कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित सॉल्ट लेक के एक व्यापारी की लिखित शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया। यह इलाका बिधाननगर सिटी पुलिस के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पहले भी दत्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार, जबरन वसूली और गुंडागर्दी में शामिल होने की कई शिकायतें मिल चुकी थीं।
व्यापारी की शिकायत के बाद बिधाननगर नॉर्थ पुलिस स्टेशन की टीम ने सोमवार आधी रात के बाद राजारहाट के रायगाची इलाके में दत्ता के घर पर छापा मारा। बाद में उन्हें उनके घर से गिरफ्तार कर लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, दत्ता को आज सुबह उनके घर पर लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया।
दत्ता 2011 से 2021 तक नॉर्थ 24 परगना जिले की राजारहाट-न्यूटाउन विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के दो बार विधायक रहे थे। 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे।
2021 में दत्ता ने जिले की बिधाननगर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और उन्हें तृणमूल कांग्रेस के तीन बार के विधायक और पश्चिम बंगाल के पूर्व अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने हराया था।
दिलचस्प बात यह है कि बोस भी न्यायिक हिरासत में हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने पिछले महीने उन्हें राज्य में नगर पालिकाओं में नौकरी के बदले पैसे लेने के मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में दत्ता ने उसी जिले की बारासात विधानसभा सीट से टीएमसी की टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए।
बिधाननगर सिटी पुलिस के सूत्रों ने बताया कि दत्ता को पहले मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा और उसके बाद उत्तर 24 परगना जिला अदालत में पेश किया जाएगा। सरकारी वकील उनकी न्यायिक हिरासत की मांग करेंगे।
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