अंतरराष्ट्रीय समाचार
जो बिडेन ने धार्मिक संदर्भ में कश्मीर का मुद्दा उछाला
In communal appeal to Muslim voters, Biden raises Kashmir in religious context.
अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के दावेदार जो बिडेन ने मुस्लिम मतदाताओं को सांप्रदायिक तौर पर रिझाने के लिए अपने चुनावी अभियान में कश्मीर मुद्दे को सामान्य मानव अधिकार मुद्दे या विदेश नीति के बदले धार्मिक संदर्भो में उछाला है।
उनके अभियान द्वारा प्रकाशित ‘एजेंडा फॉर मुस्लिम अमेरिकन कम्युनिटीज’ ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) की भी आलोचना की है।
नवंबर में होने वाले चुनाव के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने चुनौती पेश करने के लिए अगस्त में पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में बिडेन डेमोक्रेट्स की तरफ से उम्मीदवार के रूप में औपचारिक रूप से नामांकित हो सकते हैं। बिडेन ने प्राइमरी चुनावों में जरूरी जीत हासिल कर ली है।
भारत के विपरीत, अमेरिका में पार्टियों को धर्म के आधार पर खुले तौर पर अपील करने की इजाजत है।
बिडेन का मुस्लिम एजेंडा कहता है, “कश्मीर में, भारत सरकार को वहां के सभी लोगों के अधिकारों को बहाल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने चाहिए। असंतोष को दबाने के लिए प्रतिबंध लगाना, शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना या इंटरनेट को बंद करना या धीमा करना, लोकतंत्र को कमजोर करता है ।”
अन्य विवादास्पद मुद्दों पर मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपनी पहुंच बनाने के एजेंडे में कहा गया है, “जो बिडेन असम में एनआरसी को लागू करने और नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करने के भारत सरकार के फैसले से निराश है।”
इसमें कहा गया है, “जिस देश में धर्मनिरपेक्षता की लंबी परपंरा रही हो और बहुजातीय और बहुधार्मिक लोकतंत्र हो, वहां यह निर्णय असंगत है।”
सीएए की आलोचना करते वक्त, बिडेन का मुस्लिम एजेंडा हालांकि सीएए की तरह ही अमेरिकी कानून पर चुप्पी साधे हुए है। अमेरिकी बजट बिल में, स्पेक्टर संशोधन में ईरान के मुस्लिम शरणार्थियों को धार्मिक शरणार्थी के रूप में तरजीही शरण प्राप्त करने से वंचित रखा गया है।
बिडेन के अभियान ने हिंदू-अमेरिकियों, सिख-अमेरिकियों या बौद्ध-अमेरिकियों के लिए कोई एजेंडा जारी नहीं किया है लेकिन अलग से अफगानिस्तान में हिंदुओं और सिखों के उत्पीड़न का मामला उठाया है।
काबुल के गुरुद्वारा में मार्च में हुए आतंकी हमले में 25 सिखों के मारे जाने के बाद, बिडेन ने बयान जारी कर अफगानिस्तान में इन दोनों धार्मिक समूहों के सदस्यों के खिलाफ गंभीर उत्पीड़न के मामले पर चिंता जताई थी और विदेश विभाग को उन्हें शरणार्थी सुरक्षा देने पर विचार करने को कहा था।
बिडेन के ‘एशियन अमेरिकन एंड पेसिफिक आईलैंडर कम्युनिटिज’ के लिए एजेंडा में मुस्लिमों के साथ हिंदुओं और सिखों का वर्णय किया गया है। इन्हें अमेरिका में ‘भेदभाव और नफरत’ का पीड़ित बताया गया है और कहा गया है कि ट्रंप के खतरनाक बयानबाजी के बाद स्थिति और खराब हो गई।
मुस्लिम एजेंडा में कहा गया है कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में अलग से हिंदुओं और सिखों के खिलाफ हेट क्राइम के मामलों को मॉनिटर किया जाता था। इस दौरान बिडेन उपराष्ट्रपति थे।
लेकिन ओबामा-बिडेन प्रशासन 2016 में पेंसिलवेनिया में एक हिंदू गाय अभ्यारण्य में गाय के सिर को रखने जैसे कई हेट क्राइम को रोकने में नाकाम रहा था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में मस्जिद के पास विस्फोट, 15 लोगों की मौत; 50 से अधिक घायल

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट जिले में शुक्रवार को पुलिस लाइंस क्षेत्र स्थित एक मस्जिद के पास हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए। यह धमाका जुमे की नमाज के दौरान हुआ, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया जियो न्यूज के मुताबिक, जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ताहिर अली शाह ने बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से अधिक घायल लोगों को लाया गया है। घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, विस्फोट मस्जिद के पास हुआ, जिससे वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। धमाके की वजह से मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी एक दीवार भी ढह गई।
घटना के तुरंत बाद पुलिस लाइंस क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुट गए। अधिकारियों के मुताबिक, बचाव अभियान जारी है।
यह विस्फोट ऐसे समय में हुआ है जब पाकिस्तान में, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांतों में, कानून-व्यवस्था से जुड़े कर्मियों को निशाना बनाकर हमलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इससे पहले 10 सितंबर को बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के कंक क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर अज्ञात हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हुआ था। हमले के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था।
इस्लामाबाद स्थित थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में पाकिस्तान में 199 आतंकी हमले दर्ज किए गए, जबकि जुलाई में इनकी संख्या 144 थी। अगस्त के हमलों में 158 लोगों की मौत हुई और 181 लोग घायल हुए।
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हूती नेता ने मक्का को निशाना बनाने की बात से किया इनकार, आरोपों को मनगढ़ंत और गलत बताया

यमन के हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने पवित्र शहर मक्का पर हमले के आरोपों को गलत बताया। उनके अनुसार, उनके संगठन की ओर से इस्लाम के पवित्र शहर मक्का पर हमला करने की कोशिश की बात झूठ है। सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने इन आरोपों को ‘मनगढ़ंत और गलत’ बताया।
हूती संगठन के अल-मसीरा टीवी पर गुरुवार को प्रसारित भाषण में अल-हूती ने कहा कि हूती बलों की ओर से मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा ‘झूठ’ है। उनका कहना था कि इस आरोप का इस्तेमाल यमन के खिलाफ उठाए जा रहे कथित ‘सैन्य कदमों’ के लिए ज्यादा समर्थन जुटाने के मकसद से किया जा रहा है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, अल-हूती ने सऊदी अरब पर यह आरोप भी लगाया कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले जब हालात कुछ समय के लिए शांत थे, तब उसने राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसके बजाय, उन्होंने कहा कि यमन में हूती के नियंत्रण वाले इलाकों पर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं। एयरपोर्ट के संचालन और सामान के आयात पर लगी पाबंदियां अब भी उन अहम मुद्दों में शामिल हैं जिनका समाधान नहीं हुआ है।
अल-हूती ने पूरे यमन में अपने समर्थकों से शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन सऊदी अरब के कथित ‘मनगढ़ंत आरोपों और बदनामी’ के खिलाफ किए जाएं।
उनका यह बयान सऊदी अरब की ओर से हूती पर मक्का की तरफ ड्रोन भेजने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में उस ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया था। गठबंधन के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के जवाब में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल-मल्की के मुताबिक, यह मक्का को निशाना बनाने की हूती की कथित दूसरी कोशिश थी। इससे पहले गठबंधन ने दावा किया था कि 27 जुलाई 2017 को हूती ने मक्का को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की थी।
दोनों पक्षों के बीच ये आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब टकराव लगातार बढ़ रहा है। तीन सितंबर से हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट और रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदब स्ट्रेट के आसपास बड़ी बढ़त हासिल की है। इसके साथ ही सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज किए गए हैं।
दूसरी ओर, हूती का कहना है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूरे यमन में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में उस समय शुरू हुआ था, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
मेलोनी ने ‘मित्र’ प्रधानमंत्री मोदी को दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी को उनके 76वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में प्रधानमंत्री के अच्छे स्वास्थ्य और सफलता की कामना की।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री को ‘मित्र’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “मैं ‘अपने मित्र’ पीएम नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देती हूं।”
उनके अच्छे स्वास्थ्य, ऊर्जा संपन्न और सफल बने रहने की कामना करते हुए उन्होंने भारत और इटली के बीच गहरी दोस्ती और आपसी सहयोग को आगे भी मजबूत करते रहने की भी बात कही।
प्रधानमंत्री मोदी को उनके जन्मदिन पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। अमेरिका से लेकर अफ्रीकी देश अपनी शुभकामनाएं सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचा रहे हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खास संदेश के साथ जन्मदिन की बधाई दी। इसमें उन्होंने भारत-रूस की साझेदारी को मजबूत करने में उनके योगदान की सराहना की और ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान मिले सम्मान के लिए आभार जताया।
क्रेमलिन ने संदेश का कुछ हिस्सा साझा किया है। पीएम को सम्मानित शख्स बताते हुए लिखा, “आप (पीएम मोदी) अपने देशवासियों और वैश्विक स्तर पर बहुत अधिक सम्मानित शख्स हैं। भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में आपके व्यक्तिगत योगदान को जितना भी सराहा जाए, कम है।”
रूसी राष्ट्रपति ने हाल ही में दिल्ली में हुई ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर) के लिए भारत का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की थी। इसका जिक्र भी संदेश में है। भारत में मिली मेहमाननवाजी की प्रशंसा करते हुए आगे लिखा,” पिछले सप्ताह नई दिल्ली की मेरी यात्रा के दौरान मुझे और रूसी प्रतिनिधिमंडल को मिले गर्मजोशी भरे और स्नेहपूर्ण स्वागत और मेहमाननवाजी के लिए मैं अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं।”
वहीं इजरायली राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के नेतृत्व क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि आपके कौशल ने भारत को दुनिया के दमदार देश के तौर पर स्थापित कर दिया है।
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