अनन्य
ईशा और आकाश अंबानी फॉर्च्यून की ’40 अंडर 40′ सूची में शामिल
अरबपति भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी के जुड़वां बच्चों आकाश और ईशा अंबानी ने फॉर्च्यून की हालिया ’40 अंडर 40′ सूची में दुनियाभर के प्रभावशाली लोगों में जगह बनाई है। ईशा और आकाश अंबानी का नाम टेक्नोलॉजी कैटेगरी में शुमार किया गया है। भारत से ईशा और आकाश अंबानी के अलावा एजुटेक स्टार्टअप बायजू के संस्थापक बायजू रवींद्रन और श्याओमी इंडिया के प्रबंध निदेशक मनु कुमार जैन को भी इस सूची में जगह मिली है।
फॉर्च्यून ने कहा, “आकाश और ईशा अंबानी रिलायंस के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी के जुड़वां बच्चे हैं, जो संयोग से भारत और एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं।”
फॉर्च्यून ने कहा, “रिलायंस एक पारिवारिक व्यवसाय है। आकाश 2014 में ब्राउन यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की डिग्री प्राप्त करने के बाद कंपनी में शामिल हो गए। ईशा ने एक साल बाद ज्वाइन किया।” ईशा ने येल, स्टैनफोर्ड और मैकिंसे से पढ़ाई करने के बाद कारोबार संभाला है।
फॉर्च्यून का कहना है कि अंबानी परिवार के इन दो सदस्यों ने रिलायंस जियो को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। फॉर्च्यून ने कहा कि इन्होंने फेसबुक के साथ हालिया अरबों डॉलर की डील को सफलतापूर्वक पूरा किया और गूगल, क्वालकॉम व इंटेल जैसी कंपनियों की रिलायंस के साथ डील करा अपनी लीडरशिप का लोहा मनवाया।
फॉर्च्यून ने कहा, “हाल ही में आकाश और ईशा ने भारत के बड़े पैमाने पर और तेजी से बढ़ते ऑनलाइन शॉपिंग बाजार के लिए अमेजन और वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट को चुनौती देने के उद्देश्य से शुरू किए गए जियो मार्ट को लॉन्च करने में मदद की है।”
वहीं, बायजू के सीईओ 39 वर्षीय रवींद्रन के बारे में फॉर्च्यून ने कहा है कि उन्होंने दुनिया को यह दिखा दिया कि एक बेहद सफल ऑनलाइन एजुकेशन कंपनी बनाना किस तरह से संभव है।
गौरतलब है कि अमेरिका आधारित फॉर्च्यून ने वित्त, प्रौद्योगिकी, हेल्थकेयर, राजनीति और मीडिया एवं एंटरटेनमेंट की कैटेगरी में 40 साल के अंदर के दुनिया के 40 शीर्ष उद्यमियों की सूची जारी की है। प्रत्येक कैटेगरी में दुनिया की 40 हस्तियों को शामिल किया गया है, जिनकी उम्र 40 वर्ष से कम है।
एक और प्रमुख भारतीय, जिन्हें इस सूची में शामिल किया गया है, वह पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ अदार पूनावाला हैं। पूनावाला को हेल्थकेयर सेग्मेंट में शामिल किया है, जो भारत में एस्ट्रोजेनेका और नोवावैक्स से कोविड-19 वैक्सीन लाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
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नीट पेपर लीक मामला : दिल्ली की अदालत ने आरोपी शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई

नई दिल्ली, 6 जून। दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को नीट-यूजी 2026 के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार आरोपी शुभम खैरनार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। 13 मई को सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से गिरफ्तार किया था।
आरोपी शुभम खैरनार की शनिवार को न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद उसे राऊज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने शुभम खैरनार की न्यायिक हिरासत 15 जून तक बढ़ाई।
शुभम खैरनार, महाराष्ट्र के नासिक जिले के नंदगांव का रहने वाला है। उसने मध्य प्रदेश की श्री सत्यसाई यूनिवर्सिटी से बीएएमएस (आयुर्वेद) की पढ़ाई की है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का आरोप है कि उसने पुणे के एक संदिग्ध से यह पेपर 10 लाख में खरीदा और इसे हरियाणा के एक खरीदार को 15 लाख में बेच दिया।
बता दें कि नीट पेपर लीक मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है। इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जानकारी सामने आई कि सीबीआई अधिकारियों ने शुक्रवार को कल्याण के म्हारल क्षेत्र में रहने वाली एक छात्रा से भी पूछताछ की।
सूत्रों ने बताया कि जांच टीम ने म्हारल इलाके में छात्रा के घर पहुंचकर उसका बयान दर्ज किया। सूत्रों का दावा है कि संबंधित छात्रा नाशिक की एक अन्य छात्रा के संपर्क में थी, जिसकी जांच के दौरान उसका मोबाइल नंबर जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड में आया। इसी आधार पर सीबीआई ने उससे पूछताछ की है। हालांकि, सीबीआई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा में पेपर लीक और गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। एजेंसियों की शुरुआती जांच में परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठे। इसी आधार पर परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया गया और अब इसे नए सिरे से आयोजित किया जाएगा। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
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कथित बांग्लादेशियों के जाली और फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों की जांच शुरू; किरीट सोमैया के आरोपों के बाद मुंबई पुलिस हरकत में।

मुंबई: भाजपा नेता किरीट सौम्या ने मुंबई में अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था, जिसके बाद मुंबई पुलिस और क्राइम ब्रांच भी एक्शन में आ गई है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट के मामलों में कार्रवाई करने के लिए एक एसआईटी टीम बनाने को मंजूरी दे दी है और एक आदेश भी जारी किया है। किरीट सौम्या ने पहले इस मामले की जांच की मांग की थी। मुंबई पुलिस कमिश्नर ने अब एक आदेश जारी कर यह जिम्मेदारी मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी को दी है, जो इन मामलों की जांच करेगी। मुंबई शहर से अब तक एक हजार से ज्यादा बांग्लादेशी अप्रवासियों को निकाला जा चुका है, इसके बावजूद किरीट सौम्या ने आरोप लगाया है कि शहर में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी रहते हैं और यह देश की अखंडता के लिए खतरा है। इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में धार्मिक नफरत फैलाना भी शुरू कर दिया है। मुंबई मुंबई पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बर्थ सर्टिफिकेट और शिकायत की जांच के लिए मुंबई क्राइम ब्रांच की एसआईटी बनाई है। इस एसआईटी के बारे में डिपार्टमेंटल ऑर्डर जारी करते हुए मुंबई पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस टीम को जॉइंट पुलिस कमिश्नर क्राइम लक्ष्मी गौतम हेड करेंगी, जबकि एडिशनल कमिश्नर क्राइम मुंबई, एडिशनल कमिश्नर स्पेशल ब्रांच, डीसीपी डिटेक्शन क्राइम और असिस्टेंट कमिश्नर क्राइम इस टीम का हिस्सा हैं। ऑर्डर में कहा गया है कि यह एसआईटी टीम बड़े पैमाने पर फर्जी डॉक्यूमेंट्स और बर्थ सर्टिफिकेट में फर्जी सर्टिफिकेट की शिकायतें सामने आने के बाद बनाई गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मकसद डॉक्यूमेंट्स की जांच करके जरूरी एक्शन लेना है। यह ऑर्डर मुंबई पुलिस कमिश्नर देविन भारती ने जारी किया है।
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नासिक: जालसाज अशोक खराट की जांच में अहम नतीजा, कई जगहों पर छापेमारी के दौरान जानवरों के अवशेष और महिलाओं के बाल बरामद, बली देने का संदेह

मुंबई: नासिक के धोखेबाज अशोक खरात की जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं और SIT ने कई जगहों पर छापेमारी की है। SIT को यहां से जानवरों के अवशेष भी मिले हैं, लेकिन SIT ने यह जांच शुरू कर दी है कि क्या ये सच में जानवरों के अवशेष हैं या फिर मानव बलि का मामला है। इस मामले में SIT ने अवशेषों को अपने कब्जे में भी ले लिया है, वहीं शक है कि अशोक खरात अघोरी करता था और इसी प्रथा के चलते उसने मानव बलि भी दी होगी। इस बारे में SIT की जांच सही दिशा में जा रही है। नासिक के धोखेबाज अशोक खरात मामले में SIT की जांच में कई अहम नतीजे भी निकले हैं। SIT टीम की हेड तेजस्वी सतपोवे पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों पर काम कर चुकी हैं और उनकी जांच कर चुकी हैं। इसी तरह अब नासिक मामले में भी जांच चल रही है। तेजस्वी सतपोवे की मां टीचर हैं जबकि उनके पिता किसान हैं। वह अहमदनगर के शेगांव की रहने वाली हैं। तेजस्वी सतपोवे ने अब खरात के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अशोक खरात के कई बड़े नेताओं और अफसरों से भी कनेक्शन थे। महिला आयोग की हेड रूपाली चाकणकर से भी उनके कनेक्शन थे, इसी आधार पर रूपाली को इस्तीफा देना पड़ा था। SIT जांच में जानवरों के अवशेषों के साथ महिलाओं के बाल भी मिले थे। अब SIT टीमें पता लगा रही हैं कि ये बाल किसके हैं, क्या ये एक महिला के बाल हैं या कई महिलाओं के बाल हैं।
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