Connect with us
Saturday,26-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

ईरान युद्ध अपने लक्ष्यों के करीब, बातचीत जारी : अमेरिका

Published

on

वॉशिंगटन, 26 मार्च : व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “निर्धारित समय से आगे” चल रहे हैं और अपने मुख्य उद्देश्यों के करीब पहुँच रहे हैं। वहीं वॉशिंगटन तेहरान के साथ “सार्थक” बातचीत जारी रखे हुए है, जिसका उद्देश्य इस संघर्ष को समाप्त करना है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने संवाददाताओं से कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” के मुख्य लक्ष्यों को हासिल करने के करीब है। उन्होंने लगभग चार हफ्तों के युद्ध अभियानों के बाद इस अभियान को “गूंजदार सैन्य विजय” बताया।

उन्होंने कहा, “सिर्फ तीन हफ्तों से थोड़ा अधिक समय में यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी एक बड़ी सैन्य जीत साबित हुआ है।” उन्होंने बताया कि अब तक 9,000 से अधिक दुश्मन ठिकानों पर हमला किया जा चुका है।

लेविट ने कहा कि इस अभियान की शुरुआत के बाद से ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों में “लगभग 90 प्रतिशत” की कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के 140 से अधिक नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिसे उन्होंने “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद तीन हफ्तों में किसी नौसेना के सबसे बड़े विनाश” के रूप में बताया।

उन्होंने कहा, “हर गुजरते दिन के साथ हमारे सैन्य प्रयास अधिक सफल हो रहे हैं, और ईरान की व्यापारिक जहाजों को डराने की क्षमता लगातार कम हो रही है।”

व्हाइट हाउस ने कहा कि इस अभियान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए शिपिंग को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को काफी कमजोर कर दिया है, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

सप्ताहांत में, अमेरिकी बलों ने जलडमरूमध्य के पास स्थित एक भूमिगत सुविधा पर “कई 5,000 पाउंड के बम” गिराए, जिसका उपयोग एंटी-शिप मिसाइलों और लॉन्चरों को रखने के लिए किया जाता था।

लेविट ने कहा कि अमेरिका “इस अभियान के मुख्य उद्देश्यों को हासिल करने के बहुत करीब” है, जिसे अधिकारियों ने पहले चार से छह हफ्तों में पूरा होने का अनुमान लगाया था। अभियान के 25 दिन पूरे होने पर उन्होंने कहा कि सेना “निर्धारित समय से आगे है और असाधारण प्रदर्शन कर रही है।”

लगातार हमलों के बावजूद, वॉशिंगटन ने कूटनीति के लिए भी खुलापन दिखाया। लेविट ने कहा कि हालिया अमेरिकी दबाव के बाद ईरान ने बातचीत की इच्छा जताई है।

उन्होंने कहा, “शनिवार शाम राष्ट्रपति ट्रंप की कड़ी चेतावनी के बाद यह स्पष्ट हो गया कि ईरान बातचीत करना चाहता है।”

उन्होंने पुष्टि की कि पिछले तीन दिनों में हुई बातचीत “सार्थक” रही है, जिसके चलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ढांचे पर प्रस्तावित हमलों को अस्थायी रूप से टाल दिया।

हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई और तेज हो सकती है।

लेविट ने कहा, “यदि ईरान मौजूदा स्थिति की वास्तविकता को स्वीकार करने में विफल रहता है… तो राष्ट्रपति ट्रंप यह सुनिश्चित करेंगे कि उन पर पहले से कहीं अधिक कड़ा प्रहार किया जाए,” और जोड़ा कि राष्ट्रपति “ब्लफ नहीं करते।”

उन्होंने युद्ध समाप्त करने के लिए प्रस्तावित अमेरिकी “15-सूत्रीय योजना” से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया और उन्हें आंशिक रूप से गलत तथा “अनाम स्रोतों की अटकलों” पर आधारित बताया।

प्रशासन इस संघर्ष के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने के लिए काम कर रहा है। इसके तहत अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर तेल आपूर्ति जारी करना और ईंधन की कमी को कम करने के लिए छूट देना शामिल है।

लेविट ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य के जरिए टैंकर यातायात को पूरी तरह बहाल करने के लिए कोई तत्काल समयसीमा नहीं है, लेकिन इसे एक प्रमुख लक्ष्य बताया।

कूटनीति पर उन्होंने दोहराया कि बातचीत संवेदनशील और जारी है। उन्होंने कहा, “हम बारीकियों में नहीं जाएंगे… ये बातचीत अभी जारी है।”

व्हाइट हाउस ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रपति ट्रंप की चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक अब 14–15 मई को बीजिंग में होगी, जिसे इस संघर्ष के कारण पहले टाल दिया गया था।

अंतरराष्ट्रीय

कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

Published

on

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।

कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।

इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

Published

on

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।

गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”

गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

Published

on

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।

हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

Continue Reading
Advertisement
मनोरंजन27 minutes ago

‘ये सबसे घटिया डिस था’, मनोज तिवारी की बेटी की सलमान ने लगाई क्लास

खेल38 minutes ago

टीम से बाहर रहने पर मैंने बहुत मेहनत की, मुझे साबित करना था कि मैं सबसे अच्छी खिलाड़ी हूं: शेफाली वर्मा

मनोरंजन1 hour ago

‘आप मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं’, नानी के नाम एक्टर राघव जुयाल का भावुक पोस्ट

व्यापार2 hours ago

एसबीआई में 207 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी, 5 अक्टूबर तक करें अप्लाई

महोत्सव2 hours ago

गणेश प्रतिमा हटाए जाने को लेकर भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना की

राष्ट्रीय समाचार2 hours ago

रामलीला, दुर्गा पूजा और छठ की तैयारियों के लिए दिल्ली सरकार ने बनाईं तीन समितियां, मंत्रियों-विधायकों को मिली जिम्मेदारी

खेल2 hours ago

हार्दिक पांड्या हुए नई इंजरी का शिकार, ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ नहीं खेलेंगे वनडे सीरीज

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

यूपीएससी भर्ती 2026: जूनियर टेक्निकल ऑफिसर सहित कई पदों पर आवेदन शुरू, जानें योग्यता और सैलरी

राष्ट्रीय समाचार3 hours ago

तीन दिन की बैंक हड़ताल से पहले जरूरी काम निपटा लें ग्राहक, 28 सितंबर से कई सेवाएं हो सकती हैं प्रभावित

राष्ट्रीय समाचार4 hours ago

भारत का बॉन्ड बाजार मजबूत, आर्थिक बुनियाद के दम पर शेयर बाजार में फिर से लौटेगी तेजी: आरबीआई डिप्टी गवर्नर

महाराष्ट्र3 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल1 week ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान