व्यापार
भारतीय शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ बंद; निफ्टी 26,000 के पार
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मुंबई, 17 नवंबर: भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। बाजार में चौतरफा तेजी देखी गई, जिससे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मुख्य बेंचमार्क निफ्टी 26,000 के पार बंद हुआ।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 388.17 अंक या 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,950.95 और निफ्टी 103.40 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 26,013.45 पर बंद हुआ।
बाजार की तेजी का नेतृत्व बैंकिंग शेयरों ने किया। निफ्टी बैंक 445.15 अंक या 0.76 प्रतिशत बढ़कर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर 58,962.70 पर बंद हुआ है। दिन के दौरान निफ्टी बैंक ने 59,001.55 का ऑल-टाइम बनाया।
सेंसेक्स पैक में इटरनल (जोमैटो), मारुति सुजुकी, कोटक महिंद्रा बैंक, एमएंडएम, टेक महिंद्रा, टाइटन, एलएंडटी, एचडीएफसी बैंक, एचसीएल टेक, पावर ग्रिड, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, एक्सिस बैंक और एसबीआई गेनर्स थे। अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, बीईएल, टाटा स्टील, आईटीसी, टीसीएस और एचयूएल लूजर्स थे।
सेक्टोरल आधार पर निफ्टी पीएसयू बैंक 1.09 प्रतिशत,निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.79 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 0.33 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 0.54 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 0.83 प्रतिशत, निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.38 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 0.45 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी तेजी देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 441.30 अंक या 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 61,180.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 95.10 अंक या 0.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,347.60 पर बंद हुआ।
बाजार के जानकारों ने कहा कि बाजार का सेंटीमेंट सकारात्मक बना हुआ है और इसने 26,000 के स्तर को पार कर दिया है। भारत-अमेरिका के बीच ट्रेंड डील की संभावना और दूसरी तिमाही में मिडकैप कंपनियों के उम्मीद से अच्छा प्रदर्शन ने निवेशकों के विश्वास को बढ़ाने का काम किया है।
व्यापार
भू-राजनीतिक तनाव कम होने से बीएसई लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप फिर 5 ट्रिलियन डॉलर के पार

बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) बुधवार को 5 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गया, जो लगभग छह सप्ताह बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा है। घरेलू शेयर बाजार में तेजी, भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने इस बढ़त को समर्थन दिया।
पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते से जुड़ी सकारात्मक प्रगति और वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा है, जिससे बाजार को मजबूती मिली है।
विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में कमी और बाजार की अस्थिरता दर्शाने वाले संकेतकों में गिरावट से निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, जिसका फायदा शेयर बाजार को मिला। इसके अलावा, पिछले चार कारोबारी सत्रों में बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के बाजार मूल्य में 6 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
व्यापक बाजार सूचकांकों ने भी प्रमुख सूचकांकों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
अप्रैल से अब तक सेंसेक्स में जहां सीमित बढ़त देखने को मिली है, वहीं मिडकैप, स्मॉलकैप और माइक्रोकैप शेयरों ने अधिक मजबूत रिटर्न दिया है। इससे यह संकेत मिलता है कि मौजूदा बाजार तेजी में निवेशकों की भागीदारी व्यापक स्तर पर बढ़ी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से भारत की अर्थव्यवस्था को राहत मिल सकती है। इससे महंगाई, चालू खाते के घाटे और कंपनियों की आय पर पड़ने वाला दबाव कम होगा।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार बिकवाली के बावजूद घरेलू शेयर बाजार मजबूत बना हुआ है, जिसका मुख्य कारण घरेलू निवेशकों की ओर से लगातार हो रहा निवेश है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि विदेशी निवेश का प्रवाह भी सुधरता है तो आने वाले महीनों में बाजार की धारणा को और मजबूती मिल सकती है।
उन्होंने भारत की दीर्घकालिक विकास संभावनाओं पर भी भरोसा जताया है। उनके अनुसार संरचनात्मक सुधार, कंपनियों की मजबूत बैलेंस शीट और बढ़ता पूंजीगत व्यय बाजार के प्रमुख विकास कारक हैं।
विशेषज्ञों ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कॉरपोरेट निवेश गतिविधियों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कंपनियों का कर्ज स्तर घटा है और नकदी प्रवाह की स्थिति भी मजबूत बनी हुई है।
बुधवार को घरेलू शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक तेजी के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 0.53 प्रतिशत या 400 अंकों से अधिक बढ़कर 77,219 के स्तर तक पहुंच गया। इसी तरह निफ्टी भी 0.50 प्रतिशत या 100 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 24,108 के स्तर पर कारोबार करता दिखा।
इसके अलावा, शुक्रवार के बंद स्तर 75,527.95 की तुलना में सेंसेक्स पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में अगले चरण की तेजी में बैंकिंग, दूरसंचार और आईटी सेक्टर की कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 2031 तक 1.1 अरब पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 2031 तक 1.1 अरब पहुंचने का अनुमान है और इस दौरान कुल सब्सक्रिप्शन में 5जी की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 81 प्रतिशत हो जाएगी। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
एरिक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 5जी को अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह किफायती 5जी सक्षम स्मार्टफोन और डिवाइस की उपलब्धता, सभी जिलों में नेटवर्क कवरेज और उपलब्धता में विस्तार,और 5जी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाओं का बढ़ता रोलआउट है।
दुनिया भर में संचार सेवा प्रदाताओं की ओर से 5जी एसए नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित कमर्शियल और अलग तरह की कनेक्टिविटी सेवाओं की पेशकश भी लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के आखिर तक भारत में 5जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 430 मिलियन तक पहुंच गई है, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 35 प्रतिशत है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे यूजर्स 5जी पर शिफ्ट हो रहे हैं, 4जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 2025 में लगभग 570 मिलियन से घटकर 2031 तक लगभग 160 मिलियन रह जाने की उम्मीद है।
फिलहाल, भारत में मोबाइल सब्सक्रिप्शन के मामले में 4जी ही सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी बनी हुई है, जिसकी हिस्सेदारी 46 प्रतिशत है।
इसके अलावा, प्रति स्मार्टफोन मोबाइल डेटा खपत के मामले में भी देश दुनिया में सबसे आगे है। यहां औसत मासिक खपत पहले से ही 37 जीबी है और 2031 तक इसके लगभग दोगुना होकर 70 जीबी तक पहुंचने की उम्मीद है।
एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल ने कहा, “बेहतर मोबाइल ब्रॉडबैंड और 5जी एफडब्ल्यूए पर आधारित भारत में तेजी से बढ़ते 5जी इस्तेमाल से ग्राहकों का अनुभव बदल रहा है। देश में मजबूत और सुरक्षित 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर समावेश, गवर्नेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है और ‘डिजिटल इंडिया’ के लिए एक मजबूत आधार का काम कर रहा है।”
भारत में एक सर्विस प्रोवाइडर ने हाल ही में अपने पोस्टपेड 5जी ग्राहकों के लिए नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित अलग तरह की कनेक्टिविटी सर्विस शुरू की है, जो बाजार में एडवांस्ड 5जी इस्तेमाल के तरीकों के विकास का संकेत है।
2026 की पहली तिमाही में दुनिया भर में 5जी मोबाइल सब्सक्रिप्शन की संख्या 3 अरब के आंकड़े को पार कर गई, जबकि कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स की ओर से 5जी स्टैंडअलोन (एसए) नेटवर्क स्लाइसिंग की कमर्शियल पेशकशों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-खाड़ी देशों के बीच गहरे पानी में एनर्जी पाइपलाइन बनाने की रिपोर्ट्स को केंद्र ने किया खारिज

केंद्र सरकार ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें ये दावा किया गया था कि सरकार भारत के गुजरात से ओमान और अन्य खाड़ी देशों के बीच गहरे पानी में एक एनर्जी पाइपलाइन विकसित करने पर काम कर रही है।
इन रिपोर्ट्स पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि हमारे ध्यान में ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट आई हैं जिनमें कहा गया है कि भारत सरकार ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ (एमईआईडीपी) नाम की एक डीप-सी एनर्जी पाइपलाइन बनाने पर तेजी से काम कर रही है, जो गुजरात को ओमान और खाड़ी के अन्य देशों से जोड़ेगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा, “पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय साफ तौर पर यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस समय मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस प्रोजेक्ट को लेकर ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं हो रही है।”
मंत्रालय ने आगे कहा, “यह स्पष्टीकरण इस मामले से जुड़ी सभी अटकलों को खत्म करने के लिए जारी किया गया है।”
इसके अतिरिक्त, भारत लगातार मध्य पूर्व से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
माल्टा के झंडे वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा। यह जहाज गुजरात के दहेज के लिए 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर जा रहा है और इसके 18 जून को भारत पहुंचने की उम्मीद है।
इस जहाज का प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला एक ग्रुप कर रहा है।
सरकार ने कहा कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर तरह की मदद देने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य है।
ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती व प्लेसमेंट एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करें।
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