व्यापार
जीएसटी सुधारों के बीच उतार-चढ़ाव भरे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में रही तेजी
मुंबई, 6 सितंबर। जीएसटी को रेशनलाइज बनाने को लेकर शुरुआती आशावाद कम होने और वैश्विक व्यापार तनाव फिर से उभरने के कारण इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ बंद हुए।
बेंचमार्क सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स ने लगभग 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ सप्ताह का अंत किया, जिसमें मुख्य ध्यान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर रहा।
आर्थिक अनिश्चितता, उच्च ब्याज दरों और भू-राजनीतिक जोखिमों के कारण विवेकाधीन खर्च में कमी की चिंताओं के बीच निफ्टी आईटी इस सप्ताह 2.5 प्रतिशत से अधिक गिर गया।
सेक्टोरल फ्रंट पर, निफ्टी मेटल और ऑटो सूचकांकों में लगभग 1 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि रियल्टी और एफएमसीजी सूचकांक मुनाफावसूली के कारण 1.5 प्रतिशत तक गिर गए।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “आईटी सेक्टर के विपरीत, उपभोक्ता-केंद्रित क्षेत्र जैसे ऑटो और एफएमसीजी में तेजी आई, क्योंकि जीएसटी में कटौती से घरेलू खपत बढ़ेगी और मांग में सुधार में मदद मिलेगी।”
उत्साहजनक व्यापक आर्थिक आंकड़े, अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने घरेलू शेयर बाजारों को कुछ सहारा दिया। हालांकि, ग्लोबल बॉन्ड मार्केट्स ने सतर्कता का माहौल बढ़ा दिया है, जहां यूरोजोन में बढ़ते कर्ज और राजकोषीय असंतुलन के कारण जर्मनी और फ्रांस 30-ईयर यील्ड दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
वाहनों पर जीएसटी 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने के बाद आयशर मोटर्स और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर 2-2 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। मेटल सेक्टर से जुड़े शेयरों में, जीएमडीसी 11 प्रतिशत उछलकर 509 रुपए पर पहुंच गया, जबकि नेशनल एल्युमीनियम और एनएमडीसी में 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई।
विश्लेषकों का अनुमान है कि जीएसटी राहत, मजबूत खपत और सरकारी खर्च से घरेलू विकास से जुड़े क्षेत्रों को लाभ होने के कारण बाजार में सेंटीमेंट मिला-जुला रहेगा, जबकि वैश्विक व्यापार वार्ता जोखिम उठाने की क्षमता को सीमित करती रहेगी।
नायर ने कहा, “इस माहौल में मल्टी-एसेट निवेश रणनीति के जोर पकड़ने की उम्मीद है। ट्रेडर्स का ध्यान यूएस जॉब रिपोर्ट पर है, जो एक व्यापक कारक है जो फेड की ब्याज दरों में कटौती को प्रभावित कर सकता है। यूएस नॉनफॉर्म पेरोल्स, बेरोजगारी, मुद्रास्फीति और ईसीबी के ब्याज दरों के फैसले भी इस सप्ताह निवेशकों का मार्गदर्शन करेंगे।”
मोतीलाल ओसवाल ब्रोकिंग हाउस के अनुसार, “साप्ताहिक पैमाने पर, निफ्टी ने एक इनसाइड बार पैटर्न बनाकर एक व्यापक दायरे में कंसोलिडेट किया है। 24,500 और 24,650 के स्तर पर समर्थन मिल सकता है, लेकिन अब इसे 24,700 के स्तर से ऊपर बने रहना होगा ताकि 24,850 और फिर 25,000 के स्तर तक ऊपर की ओर बढ़ सके।”
घरेलू स्तर पर, लगातार विदेशी निकासी ने रुपए पर दबाव डाला, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया। इस बीच, सुरक्षित निवेश की मांग ने सोने की कीमतों को सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा दिया।
जीएसटी को रेशनलाइज बनाने से उपभोग को बढ़ावा मिलने, कर प्रणाली को सरल बनाने, अनुपालन बोझ को कम करने और स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे कर आधार का विस्तार होगा।
व्यापार
अमेरिका और ईरान में बातचीत के बीच भारतीय शेयर बाजार सपाट खुला, मिडकैप और स्मॉलकैप में तेजी

अमेरिका और ईरान में युद्ध समाप्त करने को लेकर बातचीत के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को सपाट खुला। सुबह 9:21 पर सेंसेक्स 68 अंक या 0.09 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,889 और निफ्टी 24 अंक या 0.11 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,303 पर था।
हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप में खरीदारी देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 202 अंक या 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 61,563 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 97 अंक या 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,657 पर था।
शुरुआत कारोबार सूचकांक में निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल बाजार का नेतृत्व कर रहे थे। इसके अलावा निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी कमोडिटीज और निफ्टी इंडिया डिफेंस हरे निशान में थे। वहीं, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसई, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी सर्विसेज हरे लाल निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, इन्फोसिस, एक्सिस बैंक और आईसीआईसीआई बैंक हरे निशान में थे। टीसीएस, एचयूएल, सन फार्मा, पावर ग्रिड, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, बीईएल, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और आईटीसी लूजर्स थे।
ज्यादातर एशियाई बाजारों में तेजी के साथ कारोबार हो रहा है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, बैंकॉक, सोल और जकार्ता हरे निशान में थे। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को हरे निशान में बंद हुआ, जिसमें डाओ जोन्स 1.24 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 2.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।
अमेरिका-ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। ईरान की समाचार एजेंसी आईएसएनए द्वारा ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि तेहरान अपनी प्रतिक्रिया देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान एक समझौता चाहता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद करने और हॉमुर्ज सेट्रट को खोलने की मांग रहा है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि ईरान एक समझौते चाहता है।
विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार बिकवाली कर रहे हैं। बुधवार को एफआईआई ने इक्विटी में 5,834.90 करोड़ रुपए की बिकवाली की। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,836.87 करोड़ रुपए का इक्विटी में निवेश किया।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने के लिए तैयार: सर्जियो गोर

भारतीय कंपनियां अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है। यह बयान बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गौर ने लिखा कि एक ही दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। साथ कहा कि यह निवेश अमेरिका में नौकरियां पैदा कर रहा है और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह निवेश इस बात का प्रमाण है कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र आपस में व्यापार करते हैं, तो सभी को लाभ होता है।
अमेरिकी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका कई मोर्चों पर आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, और दोनों देशों की मौजूदा सरकारें तेजी से द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी को आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि, गौर ने उन 12 कंपनियों के नाम का ऐलान नहीं किया, जिन्होंने अमेरिका में निवेश का ऐलान किया है।
अमेरिकी सरकार के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च 2026 में 3.8 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के घाटे 7.4 अरब डॉलर से 48.64 प्रतिशत कम है।
अमेरिकी सरकार की ओर से बताया गया कि मार्च 2026 में अमेरिका का भारत को निर्यात बढ़कर 4.3 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर रहा है।
भारत के साथ आयात-निर्यात में अंतर कम होने के बावजूद अमेरिका के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया, जो फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है।
व्यापार
ट्विटर हिस्सेदारी विवाद में 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरेंगे मस्क

ट्विटर में हिस्सेदारी को लेकर 2022 के मामले में दिग्गज टेक्नोलॉजी कारोबारी एलन मस्क यूएस सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (एसईसी) को 1.5 मिलियन डॉलर का जुर्माना भरने के लिए तैयार हो गए है।
यूएस एसईसी ने मस्क पर आरोप लगाया था कि 2022 में उन्होंने ट्विटर के शेयरधारकों को बिना बताए कंपनी में हिस्सेदारी बढ़ाई।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जुर्माना मस्क द्वारा गठित एक ट्रस्ट एसईसी को मुकदमे को समाप्त करने के लिए अदा करेगा, लेकिन इसे अभी भी अदालत की मंजूरी मिलना बाकी है। हालांकि, मस्क ने नियामक के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह एसईसी की ओर से मस्क से इससे पहले मांगे गए जुर्माने से काफी कम है। दिसंबर 2024 में एसईसी ने मस्क से 200 मिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना मांगा था।
जनवरी 2025 में, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के पदभार संभालने से कुछ दिन पहले, एसईसी ने मस्क पर मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के 5 प्रतिशत से अधिक शेयर जमा करने की जानकारी देने की समय सीमा का उल्लंघन किया।
नियामक के अनुसार, इस देरी के कारण ट्विटर के शेयरधारकों को 150 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ। हालांकि, बाद में मस्क ने 2022 में कंपनी को खरीद लिया और इसका नाम बदलकर एक्स कर दिया।
एसईसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यदि यह समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो यह एजेंसी द्वारा किसी संस्था या व्यक्ति पर कथित तौर पर समय पर लाभकारी स्वामित्व रिपोर्ट दाखिल न करने के लिए लगाया गया अब तक का सबसे बड़ा जुर्माना होगा।
हालांकि, मस्क के वकील ने इसे “मामूली जुर्माना” बताया।
मस्क के वकील एलेक्स स्पिरो ने एक बयान में कहा, “जैसा कि हमने शुरू से कहा था, मस्क को ट्विटर अधिग्रहण से संबंधित फॉर्म देर से दाखिल करने के सभी मामलों से बरी कर दिया गया है। एक ट्रस्ट संस्था ने एक फाइलिंग में देरी के लिए मामूली जुर्माने पर सहमति जताई है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसईसी ने शुरू में दंड और अवैध मुनाफे की वापसी, साथ ही ब्याज की मांग की थी। सोमवार को घोषित समझौता केवल दंड को दर्शाता है।
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