Connect with us
Sunday,27-September-2026
ताज़ा खबर

अंतरराष्ट्रीय

भारत ने वो बनाया जो किसी और ने नहीं किया, एआई समिट में मैक्रों ने शेयर की मुंबई के स्ट्रीट वेंडर की कहानी

Published

on

नई दिल्ली, 19 फरवरी : फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने गुरुवार को इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में एक दिलचस्प कहानी सुनाई। उन्होंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर का जिक्र कर भारत के डिजिटल बदलाव के बारे में सबको बताया। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति एक दशक पहले बैंक अकाउंट नहीं खोल पाता था, वह अब आसानी से ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम का इस्तेमाल करता है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘नमस्ते’ से की और अपने होस्ट का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, “इस शानदार शहर और इस शानदार देश में हमारा स्वागत करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। 2024 के अपने राजकीय दौरे के बाद आपके द्वारा होस्ट किए गए इस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट समिट के लिए वापस आना बहुत अच्छा लग रहा है।”

इसके बाद मैक्रों ने भारत की टेक्नोलॉजी में हुई तरक्की को बताने के लिए एक किस्सा शेयर किया।

उन्होंने कहा, “मैं एक कहानी से शुरू करना चाहता हूं। दस साल पहले, मुंबई में एक रेहड़ी वाला बैंक अकाउंट नहीं खोल सकता था, कोई पता नहीं, कोई कागजात नहीं, कोई एक्सेस नहीं। आज, वही वेंडर देश में किसी से भी अपने फोन पर तुरंत और मुफ्त में पेमेंट लेता है। यह सिर्फ एक टेक कहानी नहीं है। यह एक सिविलाइजेशन की कहानी है।”

इमैनुएल मैक्रों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के स्केल पर जोर देते हुए कहा, “भारत ने कुछ ऐसा बनाया है जो दुनिया के किसी और देश ने नहीं बनाया है। 140 करोड़ लोगों के लिए एक डिजिटल पहचान। एक पेमेंट सिस्टम जो अब हर महीने 20 बिलियन ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है और एक हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर जिसने 500 मिलियन डिजिटल हेल्थ आईडी जारी किए हैं।”

पिछले साल के संयुक्त पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “पिछले साल, जब फ्रांस और भारत ने पेरिस में एआई एक्शन समिट को-होस्ट किया था, तो हमने उन तकनीक के लिए एक ग्लोबल गाइडिंग प्रिंसिपल तय किया था जो हमारे समाज और हमारी अर्थव्यवस्था को बदल देंगी। हम कहते हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारी इंसानियत को तेजी से नवाचार करने, स्वास्थ्य सुविधा, एनर्जी, मोबिलिटी, एग्रीकल्चर और पब्लिक सर्विसेज में इंसानियत की भलाई के लिए बदलाव लाने में मदद करेगा। हम दोनों इस क्रांति में विश्वास करते हैं। एआई स्ट्रेटजिक कॉम्पिटिशन का एक बड़ा फील्ड बन गया है और बड़ी तकनीक और भी बड़ी हो गई हैं।”

उन्होंने कहा, “पिछले एक साल में एआई स्ट्रेटजिक कॉम्पिटिशन का फील्ड बन गया है, लेकिन इनोवेशन, आत्मनिर्भरता और स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी पर फोकस करने वाला एक रास्ता अभी भी बना हुआ है। भारत ने छोटे, टास्क-स्पेसिफिक लैंग्वेज मॉडल विकसित करके और स्टार्टअप्स का समर्थन करने के लिए सस्ती दरों पर 38,000 सरकारी फंडेड जीपीयूएस लगाकर सॉवरेन चॉइस बनाई हैं।”

आखिर में मैक्रों ने कहा, “मैंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर की कहानी से शुरुआत की थी। दस साल पहले, दुनिया ने भारत से कहा था कि 1.4 बिलियन लोगों को डिजिटल इकॉनमी में नहीं लाया जा सकता। भारत ने उन्हें गलत साबित कर दिया। आज कुछ लोग कहते हैं कि एआई एक ऐसा खेल है जिसे सिर्फ बड़े लोग ही खेल सकते हैं।”

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, “भारत, फ्रांस, यूरोप और हमारे पार्टनर्स, जो हमारे तरीके में विश्वास करते हैं, कंपनियों, सरकारों और निवेशकों के साथ मिलकर एक अलग तरीका अपना सकते हैं। एआई का भविष्य वे लोग बनाएंगे जो इनोवेशन और जिम्मेदारी और तकनीक को इंसानियत के साथ जोड़ेंगे, और भारत और फ्रांस मिलकर इस भविष्य को बनाने में मदद करेंगे।”

अंतरराष्ट्रीय

कुवैत ने नेतन्याहू की सीरिया यात्रा को बताया ‘संप्रभुता का उल्लंघन’

Published

on

कुवैत ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सीरिया दौरे पर घोर आपत्ति की है। कड़ी निंदा करते हुए इसे “अवैध प्रवेश” करार दिया है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम सीरिया की संप्रभुता और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का गंभीर उल्लंघन है।

विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक बयान में कहा कि वह “अपने भाई सीरियाई अरब गणराज्य की भूमि में इजरायली प्रधानमंत्री के अवैध प्रवेश” की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

बयान में कहा गया कि नेतन्याहू का सीरिया में प्रवेश देश की संप्रभुता और उसकी भूमि की अखंडता का “घोर उल्लंघन” है। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का भी उल्लंघन बताया।

कुवैत ने सीरिया में इजरायल की लगातार घुसपैठ और सैन्य कार्रवाइयों पर भी चिंता जताई। मंत्रालय के मुताबिक, सीरियाई क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र में तनाव बढ़ा रही हैं और सुरक्षा एवं स्थिरता को कमजोर कर रही हैं।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में इजरायल की लगातार कार्रवाइयां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उसने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे कदमों के खिलाफ रुख अपनाने और सीरिया की संप्रभुता का सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

यह बयान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच आया है, जहां सीरिया में इजरायल की सैन्य गतिविधियों को लेकर अरब देशों की ओर से लगातार आपत्तियां सामने आती रही हैं। कुवैत ने अपने बयान में सीरिया की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के सम्मान को अंतरराष्ट्रीय कानून का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

दरअसल, नेतन्याहू रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज और आईडीएफ के डिप्टी चीफ-ऑफ-स्टाफ मेजर-जनरल तामिर यदाई के साथ बुधवार को इजरायली कब्जे वाले दक्षिणी सीरिया में सैनिकों से मिलने गए थे। इस दौरान उन्होंने दावा किया था कि अपने दम के बल पर इजरायल ने रणनीतिक रूप से अहम स्थलों पर सफलतापूर्वक कब्जा कर रखा है। दक्षिणी सीरिया में, इजरायली सैनिक एक तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में तैनात हैं; वे दिसंबर 2024 में लंबे समय तक शासक रहे बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद देश के अंदरूनी इलाकों में आगे बढ़े थे।

इजरायल उस इलाके में मौजूद है जो पहले संयुक्त राष्ट्र की निगरानी वाला बफर जोन था; यह जोन 1974 से इजरायल के कब्जे वाले गोलन हाइट्स में इजरायली और सीरियाई सेनाओं को अलग करता था।।

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

मुंबई पहुंचे अमेरिकी राजदूत गोर ने की सीएम फडणवीस से मुलाकात, भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने पर हुई चर्चा

Published

on

भारत में अमेरिका के राजदूत ने मंगलवार को मबारष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। दोनों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। गोर मुंबई में आयोजित इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) राष्ट्रीय सम्मेलन 2026 में शामिल हुए।

सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्जियो संग मुलाकात की जानकारी दी। तस्वीरें साझा करते हुए कहा, ” मुंबई पहुंचे भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करते हुए खुशी हुई। हमने भारत-यूएस संबंधों को मजबूत करने और बेहतर सहयोग के मौके तलाशने पर अच्छी चर्चा की।”

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) नेशनल कन्वेंशन 2026 को गोर ने संबोधित भी किया। इस सम्मेलन का मुख्य विषय ‘रीडिफाइनिंग द इंडिया-यूएस कॉम्प्रीहेंसिव स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप’ (भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना) है।

गोर ने इस सम्मेलन को खास बताया। उन्होंने कहा, “सच में हम समय की एक खास दहलीज पर खड़े हैं। सिर्फ दो दशकों में, हमारे द्विपक्षीय व्यापार ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जो लगभग 20 बिलियन डॉलर से बढ़कर 240 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है। यह 12 गुना बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। कोई भी सेक्टर चुन लें, आप पाएंगे कि अमेरिका और भारत उसे पूरा करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे वह एआई हो, टेक्नोलॉजी हो, एयरोस्पेस हो, डिफेंस हो, या एनर्जी हो, दोनों देश रिकॉर्ड स्तर पर मिलकर काम कर रहे हैं, बाकी दुनिया से हम आगे हैं। यह गहरे, अटूट भरोसे को दिखाता है। 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार 500 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का हमारा साझा मकसद हमारे सामने मौजूद मौके के बड़े पैमाने को दिखाता है। यह बेजोड़ क्षमता दर्शाता है।”

गोर के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत पर पूरा भरोसा है। आगे बोले, “राष्ट्रपति ट्रंप भारत पर भरोसा करते हैं, और उन्होंने पहले दिन से ही इस रिश्ते को बरकरार रखने पर काफी मेहनत की। अपने दूसरे दौर के कुछ ही हफ्तों में, उन्होंने और पीएम मोदी ने एक भरोसे की पहल शुरू की, जिससे रिश्ते बदल गए और एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, डिफेंस और ज़रूरी चीजों में कोऑपरेशन को तेज करने के लिए स्ट्रेटेजिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया।”

Continue Reading

अंतरराष्ट्रीय

ईरान का दावा: अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत

Published

on

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार से शुरू हुए अमेरिकी हमलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 78 लोग घायल हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, ये हमले ईरान के पांच प्रांतों में किए गए।

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि घायलों में से 47 अभी भी अस्पतालों में भर्ती हैं, जबकि बाकी लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। मंत्रालय ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं और राहत कार्यों को तेज कर दिया गया है।

इस बीच, ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने खाड़ी क्षेत्र स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए हैं।

ईरानी सेना के अनुसार, इन हमलों में कुवैत में पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली, कतर में प्रारंभिक चेतावनी (अर्ली वार्निंग) सैटेलाइट एंटीना साइट, और बहरीन में अमेरिकी सेना के ईंधन भंडारण टैंकों को निशाना बनाया गया। सेना का कहना है कि इन अभियानों में विभिन्न प्रकार के बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।

ईरानी सशस्त्र बलों ने एक बयान में कहा कि वे “अमेरिकी राष्ट्रपति के उद्देश्यों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे” और देश की सुरक्षा तथा इस्लामी क्रांति के आदर्शों की रक्षा के लिए अपने अभियान जारी रखेंगे।

हालांकि, ईरान के इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। अमेरिका, बहरीन, कतर और कुवैत की ओर से भी इन कथित ड्रोन हमलों और संभावित नुकसान को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

अमेरिका ने बुधवार रात ईरान पर फिर एयरस्ट्राइक की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने भी दावा किया कि उसने ईरान के करीब 90 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल-ड्रोन स्टोरेज साइट, सैन्य लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

सरकार ने कैप्टिव कोयला आधारित बिजली संयंत्रों को उपलब्ध पूरी क्षमता पर चलाने का दिया निर्देश

राष्ट्रीय समाचार11 hours ago

असम में सीजेपी की बैठक से पहले कार्रवाई, आशुतोष रांका समेत 30 से ज्यादा कार्यकर्ता हिरासत में

खेल11 hours ago

भारत समुद्री बीमा पूल से कारोबारियों के लिए निर्बाध युद्ध-जोखिम बीमा हुआ सुनिश्चित, 3000 से अधिक पॉलिसी जारी

खेल11 hours ago

एशियन गेम्स: स्क्वैश में 18 वर्षीय अनाहत सिंह ने सिल्वर मेडल जीतकर रचा इतिहास

अपराध12 hours ago

सीबीआई ने गुजरात के 11.42 करोड़ रुपए के ‘डिजिटल अरेस्ट’ मामले में दो और आरोपियों को किया गिरफ्तार

राजनीति12 hours ago

मुझे तेज लहरों के बीच तैरना पसंद, सीईसी के खिलाफ महाभियोग की मांग के बीच राहुल गांधी का पोस्ट

राजनीति12 hours ago

राहुल गांधी की बातों से समाज में जाता है गलत संदेश : किरेन रिजिजू

मनोरंजन12 hours ago

‘रोहित शर्मा में दिखती थी विव रिचर्ड्स की झलक’, सुनील शेट्टी ने किया शो में खुलासा

व्यापार13 hours ago

मार्केट आउटलुक: कच्चा तेल, अमेरिका-ईरान युद्ध और घरेलू आर्थिक आंकड़ों से अगले हफ्ते तय होगी शेयर बाजार की चाल

राष्ट्रीय समाचार13 hours ago

बिहार : वाल्मीकिनगर बराज पर बढ़ा गंडक नदी का जलस्राव, 5 लाख क्यूसेक पहुंचने की संभावना

महाराष्ट्र4 weeks ago

आगरीपाड़ा पुलिस में रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट को लेकर हंगामा, बिल्डर के खिलाफ धरना

राजनीति2 weeks ago

राष्ट्रपति मुर्मु ने ईरानी समकक्ष पेजेश्कियन से की मुलाकात, स्थायी शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई

खेल2 weeks ago

14 जनवरी से होगा डब्ल्यूपीएल 2027 का आगाज, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगी खिलाड़ियों की नीलामी

खेल4 weeks ago

प्रीमियर लीग: फर्नांडीस की हैट्रिक, मैनचेस्टर यूनाइटेड ने इप्सविच को 5-2 से हराया

अंतरराष्ट्रीय समाचार4 weeks ago

जापान: 11 साल बाद जन्मदर में मामूली सुधार, इस साल छह महीने में 3.42 लाख बच्चों का जन्म

अपराध3 weeks ago

अग्रीपाड़ा में घरेलू विवाद के बाद 19 वर्षीय युवक ने पत्नी की हत्या कर की खुदकुशी

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर ऑल-टाइम हाई 740.803 बिलियन डॉलर पर पहुंचा

खेल3 weeks ago

पहली बार भारत और जापान के बीच खेला जाएगा टी20 इंटरनेशनल मुकाबला, बीसीसीआई ने किया ऐलान

राष्ट्रीय समाचार2 weeks ago

भारत में एथेनॉल आपूर्ति 895 करोड़ लीटर पहुंची, अनाज-आधारित स्रोतों की हिस्सेदारी करीब 70 प्रतिशत: इंडस्ट्री डेटा

व्यापार4 weeks ago

सोने में बड़ी तेजी की संभावना, बुल केस में साल के अंत तक 5,600 डॉलर और चांदी 120 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है: रिपोर्ट

रुझान