अपराध
भारत ने 5 वर्षो में 72 भगोड़े घोटालेबाजों में से 2 को पकड़ा : आरटीआई
स्पष्ट रूप से स्वीकार करते हुए केंद्र ने कहा है कि 72 फरार आर्थिक अपराधियों में से सरकार पिछले लगभग छह वर्षों में केवल दो को लाने में कामयाब रही है। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत एक जवाब में यह जानकारी दी गई।
सरकार ने 4 जनवरी, 2019 को, उन 27 व्यवसायियों के नाम प्रस्तुत पेश किए थे, जिन्होंने 2015 से बैंक ऋण या अन्य आर्थिक अपराधों पर डिफॉल्ट की थी।
एक साल बाद 5 फरवरी, 2020 को वित्त राज्यमंत्री एस.पी. शुक्ला ने लोकसभा को सूचित किया कि वर्तमान में कुल 72 भारतीयों पर धोखाधड़ी या वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं जो विदेश में हैं और उन्हें देश वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
मुंबई आरटीआई कार्यकर्ता जीतेंद्र घाडगे ने 2019 के जवाब को बेस के तौर पर लेते हुए विदेश मंत्रालय (एमईए) में एक आवेदन दायर किया और 27 फरार लोगों में से उन लोगों का विवरण मांगा, जिन्हें सफलतापूर्वक देश वापस लाया गया था।
घाडगे ने आईएएनएस को बताया, “मुझे यह जानकर झटका लगा कि आज तक केवल 2 भगोड़ों को ही कानून के कटघरे में लाने के लिए भारत लाया गया है..वे विनय मित्तल और सनी कालरा हैं।”
उन्होंने कहा, “आरटीआई का जवाब अन्य फरार लोगों पर कोई टिप्पणी नहीं करता है, जिनमें से कई बहुत बड़े नाम हैं।”
2019 में लोकसभा में एमओएसएफ के जवाब के अनुसार, हिट-लिस्ट में व्यक्ति और परिवार दोनों शामिल थे : विजय माल्या, नीरव मोदी, नीशाल मोदी, मेहुल चोकसी, ललित मोदी, नितिन जे. संदेसरा, दीप्ति चेतनकुमार संदेसरा।
इसके अलावा, सनी कालरा, संजय कालरा, एस.के. कालरा, आरती कालरा, वर्षा कालरा, उमेश पारेख, कमलेश पारेख, नीलेश पारेख, आशीष जोबनपुत्र, प्रीति आशीष जोबनपुत्र, हितेश एन.पटेल, मयूरी पटेल, राजीव गोयल, अलका गोयल, पुष्पेश बैद, जतिन मेहता, एकलव्य गर्ग, विनय मित्तल, सब्या सेठ और रितेश जैन हैं।
एमओएसएफ शुक्ला ने आगे कहा कि सरकार मामलों के आधार पर, लुकआउट सर्कुलर, रेड कॉर्नर नोटिस, प्रत्यर्पण अनुरोधों या कार्रवाई के आधार पर भगोड़े आर्थिक अपराधियों को वापस लाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है।
सरकार ने कहा कि प्रत्यर्पण विकल्प काफी जटिल है, क्योंकि इसमें द्विपक्षीय संधियों के अनुसार संबंधित देश और अपने घरेलू कानूनों के साथ कानूनी प्रक्रिया शामिल है, यदि कोई हो, भले ही भगोड़ों की संख्या एक वर्ष में तीन गुना हो जाए।
दोनों अपराधी सनी कालरा और विनय मित्तल को भारी मात्रा में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों को धोखा देने के विभिन्न आरोपों का सामना करने के लिए आखिरकार वापस लाया गया था।
2018 में इंडोनेशिया से प्रत्यर्पित किए गए मित्तल पर 7 बैंकों को लगभग 40 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है, जबकि मार्च 2020 में सीबीआई द्वारा वापस लाए गए सनी कालरा पर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े 10 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है।
घाडगे ने कहा कि फरार लोगों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और रेड कॉर्नर नोटिस से संबंधित दो अन्य प्रश्नों को सीबीआई और गृह मंत्रालय को भेज दिया गया था, जिन्होंने इस मुद्दे पर पूरी तरह से इनकार कर दिया था, जिसमें प्रथम अपील लंबित थी।
मार्च 2018 में लोकसभा में पूर्व में दिए गए एक बयान के अनुसार, सरकार ने कहा था कि 31 आर्थिक अपराधी विदेश भाग गए थे, और उनमें से कई एक साल बाद 2019 में उपलब्ध कराई गई सूची में भी शामिल थे।
2018 की सूची में अमी नीरव मोदी, संजय भंडारी, सौमित जेना, विजयकुमार रेवाभाई पटेल, सुनील रमेश रूपाणी, सुरेंद्र सिंह, अंगद सिंह, हरसाहिब सिंह, हरलीन कौर, नितिन जे. संदेसरा, हेमंत गांधी, ईश्वर भट्ट, एम.जी. चंद्रशेखर, सी.वी. सुदेवदीर, नौशा कदीजाथ और सी.वी. सादिक शामिल थे।
अपराध
पंजाब में 47 किलो हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार, सीमा पार से जुड़े तार

पंजाब पुलिस ने एक बार फिर ड्रग और हथियार तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बड़ी मात्रा में हेरोइन और हथियार के साथ 4 तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कनेक्शन सीमा पार से जुड़े हैं।
पंजाब डीजीपी की ओर से एक्स पोस्ट में कहा गया, “एक बड़ी कामयाबी में फरीदकोट पुलिस ने सीमा पार हेरोइन तस्करी के एक नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 4 लोगों को पकड़ा है। इनके कब्जे से 47.3 किलो हेरोइन, 3 पिस्तौल, 3 मैगजीन, 15 कारतूस और 2 गाड़ियां बरामद की हैं।”
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि पकड़े गए आरोपी पंजाब में हेरोइन और अवैध हथियारों की सीमा पार तस्करी में शामिल एक नेटवर्क से जुड़े हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पुलिस स्टेशन सादिक और फरीदकोट में एफआईआर दर्ज की गई है। इस बड़े नेटवर्क का पता लगाने और इसके आगे-पीछे के कनेक्शन का पता लगाने के लिए आगे की जांच चल रही है।
इसके पहले काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 3 मुख्य आरोपियों को पकड़ा था और 17 किलो हेरोइन बरामद की थी। शुरुआती जांच से पता चला है कि ये आरोपी सीमा पार के तस्करों के साथ मिलकर काम कर रहे थे और आगे सप्लाई के लिए हेरोइन की खेप ले रहे थे।
पुलिस स्टेशन स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल अमृतसर में पकड़े गए तस्करों के खिलाफ एअफआईआर दर्ज की गई है। आगे की जांच जारी है ताकि तस्करी के पूरे नेटवर्क (आगे और पीछे के कनेक्शन) का पता लगाया जा सके, इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके और सीमा पार नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म किया जा सके। डीजीपी ने दोहराया कि पंजाब पुलिस सीमा पार तस्करी पर कड़ी नजर रख रही है और ड्रग तस्करी व संगठित आपराधिक नेटवर्क को खत्म करने के लिए कड़े कदम उठा रही है।
अपराध
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में खाली घर से मिला नाबालिग लड़की का शव, परिवार ने जताया हत्या का शक

पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में शनिवार सुबह एक खाली घर से 16 साल की लड़की का शव मिला है। परिवार का आरोप है कि उसकी हत्या एक नाबालिग लड़के और उसके परिवार वालों ने की है। बताया जा रहा है कि लड़की उस लड़के के साथ रिलेशनशिप में थी। लड़की के परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
लड़की का शव पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन इलाके में एक खाली घर से मिला। लड़की के जीजा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि वह शुक्रवार रात से लापता थी। हमने पूरी रात उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। आज सुबह वह मृत पाई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमें पता चला कि लड़की का एक स्थानीय लड़के के साथ संबंध था। वह ट्यूशन के लिए उनके घर जाती थी लेकिन बाद में उसने वहां ट्यूशन जाने से मना कर दिया। हमें शक है कि लड़की की हत्या की गई है। हमने सरकार से अपील की है कि उसे उचित न्याय मिले।
शनिवार सुबह लड़की का शव परिवार के ही एक खाली घर के अंदर मिला। उसके गले पर उसका स्कार्फ बंधा हुआ था।पुरुलिया मुफस्सिल पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को पुरुलिया मेडिकल कॉलेज और अस्पताल भेज दिया।
पुलिस ने कहा कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही पता चलेगा। अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है। पुरुलिया जिला पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लड़की के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
अपराध
मोबाइल लूट गैंग का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार; 24 मोबाइल और लैपटॉप बरामद

नोएडा के सेक्टर-63 थाने की पुलिस ने राह चलते लोगों से मोबाइल फोन और अन्य सामान लूटने व स्नैचिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट और स्नैचिंग के 24 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, आठ हजार रुपए नकद, एक अवैध चाकू, एक खिलौना पिस्टल और वारदात में इस्तेमाल की गई दो हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी नोएडा और आसपास के इलाकों में राह चलते लोगों को निशाना बनाकर मोबाइल और अन्य सामान छीनते थे। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 17 सितंबर को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सेक्टर-63 थाने की पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को एफएनजी गोल चक्कर से बहलोलपुर अंडरपास की तरफ जाने वाली सर्विस रोड से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गर्वित गोयल (20), अमन (21), रोहित कुमार (24) और हर्ष कुमार (22) के रूप में हुई है।
इस पूरे गैंग का खुलासा तब हुआ जब पुलिस के मुताबिक एक व्यक्ति ने थाना सेक्टर-63 में शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपियों ने उसका बैग छीन लिया। बैग में लैपटॉप, चार्जर, मोबाइल फोन और पर्स रखा था। पर्स में पैन कार्ड और आधार कार्ड भी थे। शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि उसके खाते से 11,600 रुपये निकाल लिए गए। शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-63 में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। इसके बाद स्थानीय सूचना और खुफिया तंत्र की मदद से संदिग्धों की तलाश की गई। पुलिस ने अगले ही दिन चार आरोपियों को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में राह चलते लोगों से मोबाइल फोन और अन्य सामान की लूट व स्नैचिंग करते थे। आरोपियों के अनुसार, वारदात के बाद छीने गए सामान को राह चलते लोगों को अपनी मजबूरी बताकर बेच दिया जाता था। पुलिस अब बरामद किए गए 23 अन्य मोबाइल फोन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये मोबाइल किन-किन घटनाओं से संबंधित हैं।
गिरफ्तार आरोपियों में गर्वित गोयल मूल रूप से बुलंदशहर के दौलतपुर गांव का निवासी है और वर्तमान में दिल्ली के न्यू कोंडली, मयूर विहार फेज-3 में रहता है। उसकी उम्र 20 वर्ष और शिक्षा कक्षा 9 तक है। अमन की उम्र 21 वर्ष है और वह नेहरू एन्क्लेव, पांडव नगर, दिल्ली का निवासी है। उसने भी कक्षा 9 तक पढ़ाई की है। वहीं, 24 वर्षीय रोहित कुमार गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी स्थित धर्म विहार का निवासी है और कक्षा 8 तक पढ़ा है। चौथा आरोपी हर्ष कुमार 22 वर्ष का है और खोड़ा कॉलोनी के इंदिरा विहार का रहने वाला है। उसकी शिक्षा कक्षा 10 तक बताई गई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से शिकायत से संबंधित एक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और आठ हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा, अमन के कब्जे से एक अवैध चाकू मिला है। पुलिस ने एक खिलौना पिस्टल भी बरामद की है। वारदात में इस्तेमाल की गई दो हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिलें भी पुलिस के हाथ लगी हैं। इसके अतिरिक्त, स्नैचिंग के 23 अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल1 year agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
-
महाराष्ट्र1 year agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
