अपराध
स्वास्थ्य खराब होने के कारण चोकसी के मुकदमे की सुनवाई स्थगित

भगोड़े व्यवसायी मेहुल चोकसी की सुनवाई 25 जून तक के लिए स्थगित कर दी गई है। चोकसी 13,500 करोड़ रुपये के पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी मामले में भारत में वांछित है।
स्थानीय मीडिया के अनुसार, चोकसी के स्वास्थ्य कारणों से सुनवाई को स्थगित किया गया है।
कैरेबियाई द्वीप के एक समाचार आउटलेट डोमिनिका न्यूज ऑनलाइन ने कहा कि मामले के संबंध में ट्रायल सोमवार को रोसेउ मजिस्ट्रेट अदालत में शुरू होने की उम्मीद थी।
सुनवाई के दौरान डोमिनिका के दो शीर्ष आपराधिक वकीलों को इस मामले के लिए चोकसी की कानूनी टीम में जोड़ा गया है। अब जेना मूर-डायर और उनकी बेटी जीना डायर-मुनरो भी जूलियन प्रीवोस्ट, वेन नोर्डे और कारा शिलिंगफोर्ड-मार्श के साथ उनकी कानूनी टीम में शामिल हो गए हैं।
बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत को एक चिकित्सा दस्तावेज पेश किया, जिसमें कहा गया कि चोकसी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और वह फिलहाल अदालती कार्यवाही में शामिल होने में असमर्थ है।
उन्होंने आगे कहा कि अभियोजन दल ने लंदन में रहने वाले एक भारतीय मूल के वकील हरप्रीत सिंह ज्ञानी को भी शामिल किया है। वह इस मामले में अभियोजन पक्ष के सलाहकार के रूप में पेश हुए हैं।
स्टेट्स केस का नेतृत्व अटॉर्नी-एट-लॉ लेनोक्स लॉरेंस, जोडी ल्यूक और हीथर फेलिक्स इवांस की सहायता से लोक अभियोजन (डीपीपी) के कार्यवाहक निदेशक शेरमा डेलरिम्पल कर रहे हैं।
इससे पहले 2 जून को, 62 वर्षीय हीरा व्यापारी ने डोमिनिका में अवैध प्रवेश के लिए दोषी नहीं होने का अनुरोध किया।
पुलिस के आरोपों के मुताबिक 24 मई 2021 को टौकारी बीच पर चोकसी अवैध रूप से डोमिनिका में घुस गया था। हालांकि उसके वकीलों ने आरोप लगाया कि उसका अपहरण कर लिया गया, उसे पीटा गया और उसे जबरन एंटीगुआ से डोमिनिका लाया गया।
चोकसी को डोमिनिका चाइना फ्रेंडशिप हॉस्पिटल (डीसीएफएच) में पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है, जहां उनका 29 मई, 2021 से इलाज चल रहा है।
11 जून को, हाईकोर्ट के एक न्यायाधीश ने भगोड़े व्यापारी को इस आधार पर जमानत देने से इनकार कर दिया कि इसमें उड़ान जोखिम (फ्लाइट रिस्क) है।
बता दें कि फ्लाइट रिस्क का मतलब ऐसे व्यक्ति से होता है, जिसके देश छोड़कर भागने की गुंजाइश होती है।
चोकसी 23 मई को एंटीगुआ से लापता हो गया था, जिसके बाद बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया गया था। उसे कथित तौर पर डोमिनिका में पकड़ा गया।
8 जून को भारतीय अधिकारियों ने डोमिनिकन हाईकोर्ट में दायर अपने हलफनामे में चोकसी को एक भारतीय नागरिक के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि नागरिकता के त्याग के लिए उनका आवेदन अस्वीकार किया गया है।
बैंक ऋण धोखाधड़ी का मामला सामने आने से कुछ दिन पहले चोकसी ने 2017 में एंटीगुआ की नागरिकता ले ली थी और 4 जनवरी 2018 को भारत छोड़ दिया था।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
कनाडा में भारतीय नागरिक की चाकू घोंपकर हत्या

ओटावा, 5 अप्रैल। कनाडा के ओटावा के निकट रॉकलैंड इलाके में एक भारतीय नागरिक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई, जिसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की। कनाडा में भारतीय दूतावास ने शनिवार सुबह घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है।
भारतीय दूतावास ने एक बयान जारी कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और पीड़ित परिवार को सहायता देने का भी ऐलान किया।
दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “ओटावा के निकट रॉकलैंड में चाकू घोंपने से एक भारतीय नागरिक की दुखद मौत से हम बहुत दुखी हैं। पुलिस ने बताया है कि एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया गया है। हम शोक संतप्त परिजनों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए स्थानीय सामुदायिक संघ के माध्यम से निकट संपर्क में हैं।”
हालांकि चाकू मारने की घटना का विवरण अभी भी अस्पष्ट है, लेकिन स्थानीय मीडिया रिपोर्टों से पता चलता है कि यह घटना सुबह-सुबह क्लेरेंस-रॉकलैंड क्षेत्र में हुई।
अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि क्या यह वही मामला है जिसका उल्लेख भारतीय दूतावास ने किया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हत्या की चल रही जांच के तहत ओन्टारियो प्रांतीय पुलिस (ओपीपी) ने क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है।
पुलिस ने रॉकलैंड निवासियों को भी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्हें सलाह दी गई है कि वे कानून प्रवर्तन की गतिविधियों में वृद्धि की अपेक्षा करें, जबकि अधिकारी अपराध से जुड़ी परिस्थितियों की जांच जारी रखेंगे।
कनाडा स्थित दूतावास ने जनता को आश्वासन दिया कि वह इस कठिन समय में पीड़ित परिवार को सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।
चाकू घोंपने के पीछे का मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं है और जांच जारी है। दूतावास ने स्थानीय अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क बनाए रखने का वादा किया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि परिवार को उनकी ज़रूरत के मुताबिक सहायता मिले और मामले से जुड़ी आगे की कार्रवाई में मदद मिले।
अपराध
झारखंड में आयुष्मान भारत घोटाले में रांची सहित 21 ठिकानों पर ईडी की छापेमारी

रांची, 4 अप्रैल। आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीमों ने रांची में शुक्रवार सुबह से कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की है। शहर के अशोक नगर, पीपी कंपाउंड, एदलहातु, बरियातू, लालपुर और चिरौंदी इलाके में कई ठिकानों पर कड़ी सुरक्षा के बीच तलाशी चल रही है।
बताया जा रहा है कि रांची के अलावा कुल 21 ठिकानों पर यह रेड चल रही है। ईडी ने आयुष्मान भारत योजना में झारखंड में हुई गड़बड़ियों को लेकर हाल में ईसीआईआर (इन्फोर्समेंट केस इन्फॉर्मेशन रिपोर्ट) दर्ज कर जांच शुरू की है। यह छापेमारी इसी मामले में उन लोगों के खिलाफ की जा रही है, जिनके घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त होने की संभावना है।
एक हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के दफ्तर में भी तलाशी की जा रही है। संसद में पेश भारत के नियंत्रक महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट (सीएजी) में भी आयुष्मान भारत योजना में गड़बड़ियों का खुलासा किया गया था। इसमें बताया गया था कि झारखंड में भी कई अस्पतालों ने मरीजों के फर्जी इलाज का बिल बनाकर सरकार से करोड़ों की राशि का भुगतान ले लिया।
यहां तक कि कई ऐसे लोगों के इलाज के नाम पर राशि निकाली गई, जिनकी मौत हो चुकी थी। सीएजी की इस रिपोर्ट के बाद ईडी ने झारखंड स्टेट हेल्थ सोसायटी और स्वास्थ्य विभाग से आयुष्मान योजना में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने कुछ अस्पतालों के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर की सूचना ईडी को भेजी थी।
बताया जा रहा है कि ईडी ने इसी एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की है। झारखंड में आयुष्मान योजना के तहत करीब 750 से अधिक अस्पताल सूचीबद्ध हैं। इनमें से कई अस्पतालों में करोड़ों रुपए का फर्जीवाड़ा करने की शिकायतें हैं।
अपराध
मुंबई लॉरेंस बिश्नोई गैंग के पांच सदस्य गिरफ्तार, बिश्नोई गैंग को मुंबई क्राइम ब्रांच का झटका

मुंबई: मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के पांच शूटरों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। इन शूटरों के कब्जे से 5 रिवॉल्वर और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। मुंबई पुलिस भी इन शूटरों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने से पहले ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया और घटना को टाल दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने इन पांचों को अंधेरी इलाके से गिरफ्तार किया है। वे यहां बड़ी तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम देने के इरादे से आए थे, लेकिन पुलिस ने उससे पहले ही वारदात को नाकाम कर दिया।
गिरफ्तार आरोपियों में विकास ठाकुर, समित दिलावर, देवेन्द्र रूपेश सक्सैना, श्रेया सुरेश यादव, विवेक गुप्ता शामिल हैं। विकास ठाकुर वर्सोवा अंधेरी के रहने वाले हैं, समित मुकेश कुमार दिलावर सोनीपत, हरियाणा के रहने वाले हैं, देवेन्द्र रूपेश सक्सेना मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, श्रेया सुरेश यादव जगदीशपुर, बिहार की रहने वाली हैं और विवेक कुमार गुप्ता रामपुर, राजस्थान के रहने वाले हैं।
उनके कब्जे से हथियार बरामद किए गए हैं और अपराध शाखा ने उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 3 और 25, धारा 55 और 61 (2) और महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी हथियार कहां से लाए थे।
सलमान खान की शूटिंग के बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग मुंबई में सक्रिय होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मुंबई क्राइम ब्रांच की सख्त कार्रवाई के चलते गैंग की कमर टूट चुकी है और अब क्राइम ब्रांच ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका दिया है और इसके पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। अपराध शाखा मामले की आगे जांच कर रही है।
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