राजनीति
दिल्ली में कांग्रेस की महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली, राहुल गांधी देंगे केंद्र को कड़ा संदेश
भारत जोड़ो यात्रा से ठीक पहले कांग्रेस रामलीला मैदान से महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली करने जा रही है। राहुल गांधी राजधानी से केंद्र सरकार और भाजपा को कड़ा संदेश देंगे। कांग्रेस नेताओं नें शनिवार को कहा, कांग्रेस हर बार की तरह इस बार भी जनता के मुद्दों को उठाएगी और मैदान से केंद्र सरकार को एक कड़ा संदेश देगी।
कांग्रेस वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल नें कहा, पिछले कई सालों से महंगाई के खिलाफ विशाल प्रदर्शन करती आ रही है, दिसंबर 2021 में रैली का आयोजन हुआ, 5 अगस्त 2022 को महंगाई के खिलाफ विजय चौक पर रैली की और गिरफ्तार कर हमें किंग्सवे कैंम्प जाना पड़ा था।
करीब लाख भर लोग रैली में उपस्थित होंगे, देशभर से कार्यकर्ता और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होंगे, हम गर्व के साथ कह सकते हैं कि हम वो पार्टी हैं जो महंगाई के खिलाफ लड़ रहे हैं और लगातार प्रदर्शन लड़ रहे हैं। हमारा प्रदर्शन हर जगह हो रहा है, ब्लॉक लेवल, डिस्ट्रीट और पेट्रोल पंप तक पर प्रदर्शन किया।
कांग्रेस रैली से महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में वृद्धि के खिलाफ आवाज उठाएगी। राजधानी के आस पास के सभी राज्यों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचना शुरू कर चुके हैं। कांग्रेस के तमाम कार्यकर्ता राजधानी के रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर मौजूद रहेंगे ताकि अन्य राज्यों से आने वाले लोगों को रामलीला मैदान तक पहुंचाने में मदद कर सके, साथ ही कार्यकर्ताओं को दिल्ली में रुकने की व्यवस्था भी दिल्ली कांग्रेस ने की है।
कांग्रेस मुख्यालय से लेकर रामलीला मैदान तक सड़कों पर पार्टी नें पोस्टर लगाए हैं, इसके साथ ही तमाम कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर रामलीला मैदान पहुंचेंगे और पोस्टरों के माध्यम से महंगाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
राष्ट्रीय समाचार
टैक्स नियमों के पालन के लिए भारत टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल : एक्सपर्ट

भारत टैक्स नियमों के पालन के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल है। जीएसटीएन, इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जिसने करदाताओं और प्रशासन दोनों के लिए व्यवस्था को आसान बनाया है। यह बयान एक्सपर्ट ने बुधवार को दिया।
राष्ट्रीय राजधानी में एसोचैम द्वारा आयोजित 23वें अंतरराष्ट्रीय कर सम्मेलन के साइडलाइन में समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में पीडब्ल्यूसी में इनडायरेक्ट टैक्स के पार्टनर प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि भारत टैक्स के नियमों के पालन के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ाने वाले देशों में शामिल है। देश का जीएसटी प्लेटफॉर्म ‘जीएसटीएन’ इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, जहां करदाता और प्रशासन साथ मिलकर काम करते हैं। यही स्थिति, इनकम टैक्स के साथ है।
उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में टेक्नोलॉजी टैक्स प्रणाली का एक अहम हिस्सा बन गई है और सरकार की नीतियों में इस पर फोकस किया जाना चाहिए।
एसोचैम में इंटरनेशनल टैक्स पर टास्क फोर्स के चेयरमैन राकेश नांगिया कहा कि हर कोई टैक्स सिस्टम को आसान बनाना, कम कानूनी विवाद और जल्दी रिफंड चाहता है। साथ ही सभी चाहते हैं कि ग्लोबल बिजनेस पर अचानक या आक्रामक तरीके से टैक्स न लगाया जाए। हालांकि, ऐसा समय-समय पर होता रहता है और यह टैक्स सिस्टम का ही एक हिस्सा है।
कार्यक्रम में बोलते हुए नांगिया ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कराधान अब केवल तेजी से बदलने वाले दौर में नहीं, बल्कि एक व्यापक संरचनात्मक परिवर्तन के दौर में प्रवेश कर चुका है। उनके अनुसार, टाइगर ग्लोबल फैसला, नया आयकर कानून, वैश्विक न्यूनतम कर व्यवस्था और एआई आने वाले समय की कर व्यवस्था को आकार देंगे।
वहीं, एसोचैम की डायरेक्ट टैक्स पर नेशनल काउंसिल के चेयरमैन संदीप चौफला ने कहा कि सरकारें अपने कर आधार को सुरक्षित रखना चाहती हैं, जबकि करदाता स्पष्टता और निश्चितता की अपेक्षा रखते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान ने यूएई के दावे को किया खारिज, मिसाइल दागने का लगाया था आरोप

ईरान के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि ईरान ने उसके क्षेत्र की ओर मिसाइलें दागी थीं।
यूएई ने मंगलवार को दावा किया था कि उसे ईरान से दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों का पता चला। इसके बाद ईरान की ओर से यह प्रतिक्रिया सामने आई।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने ने ईरान पर लगाए आरोपों पर खेद जताते हुए कहा, ” यूएई का यह कदम अच्छे पड़ोसी के सिद्धांत के विपरीत है और क्षेत्रीय देशों के बीच विश्वास कायम करने तथा पश्चिम एशिया में असुरक्षा बढ़ने से रोकने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाता है।”
उन्होंने क्षेत्रीय देशों से ईरान के खिलाफ ‘‘बेबुनियाद’’ आरोप लगाने से बचने की अपील की। बघाई ने कहा, ” क्षेत्र में पहले से ही अमेरिका और इजरायल की उन गतिविधियों के कारण जटिल स्थिति बनी हुई है, जिन्हें ईरान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए नुकसानदायक मानता है।” उन्होंने कथित फॉल्स-फ्लैग अभियानों के इतिहास का भी हवाला दिया।
चीन की समाचार एजेंसी सिंहुआ के अनुसार, यूएई के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया था कि दोनों में से पहली मिसाइल देश के क्षेत्रीय जल से बाहर गिरी, जबकि दूसरी उसके क्षेत्रीय जल के भीतर गिरी। मंत्रालय ने कहा था कि देश हाई अलर्ट पर है और अपनी सुरक्षा, संप्रभुता तथा स्थिरता को प्रभावित करने वाले किसी भी खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यूएई ने कहा था कि मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात था। हालांकि, घटना में अब तक किसी के हताहत होने या नुकसान की सूचना नहीं है।
इस बीच, यूएई के विदेश मंत्रालय ने बुधवार तड़के सोशल मीडिया मंच एक्स पर जारी बयान में कहा कि उसने ईरान के साथ अगले आदेश तक सभी व्यापार, वाणिज्यिक आदान-प्रदान और वित्तीय लेनदेन निलंबित कर दिए हैं।
मंत्रालय के रणनीतिक संचार विभाग की निदेशक अफरा अल हमेली ने कहा कि यह फैसला क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा को प्रभावित करने वाले बढ़ते तनाव के बीच लिया गया है।
यूएई ने साथ ही कहा कि वह क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए संवाद, सहयोग और क्षेत्रीय एकीकरण को आवश्यक माध्यम मानता है।
महाराष्ट्र
मुंबई की मेयर रितु तावड़े मीडिया पर 25 लाख रुपये खर्च करने के आरोप से बरी

मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मेयर के सोशल मीडिया प्रमोशन के लिए 25 लाख रुपये खर्च करेगा। अब इस पर पॉलिटिकल गलियारों से कई रिएक्शन आ रहे हैं और पॉलिटिकल गलियारों में इस बारे में चर्चा हो रही है। हालांकि मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के पास पहले से ही अपना पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट और एक सेंट्रल सोशल मीडिया सिस्टम है, लेकिन देखा जा रहा है कि मेयर के रोज़ाना के काम और प्रोग्राम के सोशल मीडिया प्रमोशन के लिए 25 लाख रुपये का एक अलग प्रपोज़ल रखा गया है। इस प्रपोज़ल को मंज़ूरी के लिए स्टैंडिंग कमिटी के सामने पेश किया गया है और बताया जा रहा है कि लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के इस प्रपोज़ल पर विपक्षी पार्टियों के लोगों ने कड़ी नाराज़गी जताई है। इस बारे में अब मेयर रितु तावड़े ने सफाई दी है। रितु तावड़े ने कहा कि रनटाइम सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड को म्युनिसिपैलिटी के ऑफिशियल सोशल मीडिया को टेक्निकली हैंडल करने के लिए 2 साल पहले प्रपोज़्ड टेंडर प्रोसेस के ज़रिए अपॉइंट किया गया था, मायबीएमसी। सिर्फ़ टेक्निकल मैनपावर देने वाली इस ऑर्गनाइज़ेशन का टर्म अगस्त 2026 से जुलाई 2027 तक 1 साल के लिए बढ़ाने के प्रपोज़ल को स्टैंडिंग कमिटी पहले ही मंज़ूरी दे चुकी है। मेयर ऑफिस के सोशल मीडिया के लिए ज़रूरी टेक्निकल मैनपावर यह पहले से तय ऑर्गनाइज़ेशन दे रही है, और मैंने या मेरे ऑफिस ने इस प्रमोशनल काम के लिए कोई अलग ऑर्गनाइज़ेशन नहीं रखा है या कोई एक्स्ट्रा खर्च करने का प्रपोज़ल नहीं दिया है। यह खर्च पूरी म्युनिसिपैलिटी के इंटीग्रेटेड टेक्निकल सिस्टम का हिस्सा है, प्लीज़ इस बात को तोड़-मरोड़कर पेश न करें।
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