मनोरंजन
गोविंदा के भांजे, अभिनेता-गायक विनय आनंद ने गाया ‘हरे कृष्णा हरे राम’
अनलॉक-1 में अभिनेता गोविंदा के भांजे बॉलीवुड अभिनेता और गायक विनय आनंद का गाया गाना ‘हरे कृष्णा हरे राम’ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस गीत को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। फ्लाइंग हॉर्सेस म्यूजिक इंटरटेंमेंट पर रिलीज किया गया यह गाना मस्ती से भरा है।
गाना रिलीज के साथ वायरल हो रहा है। इस गाने के जरिए विनय आनंद अपने प्रशंसकों से जिंदगी पूरी जिंदादिली से गुजारने को प्रेरित करते नजर आ रहे हैं।
हिंदी फिल्म ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रूपैया’, ‘लो मैं आ गया’ जैसी फिल्मों से लोगों के दिल में जगह बनाने वाले विनय आनंद ने इस गाने के ू’्नमें कहा, “गाना बेहद खूबसूरत है। यह श्रोताओं के मूड को लाइट करेगा। लॉकडाउन के बोरियत से उबारने में सहायक है और लोगों को प्रेरित करने वाला है कि वे अपनी लाइफ बहुत मजे से गुजारे।”
विनय ने बताया, “गाने का संगीत बेहद कर्णप्रिय है। यह लोगों को पसंद भी आ रही है।”
उन्होंने अपने अंदाज में गीत के बोल के साथ कहा, “किसी से ना शिकायत किसी से ना गिला है जी लो यारो खुलकर मौका ऐसा मिला है छोड़-छाड़ के टेंशन वेंशन शुरू करो काम हरे कृष्णा हरे राम।”
गाना ‘हरे कृष्णा करे राम’ को खुद विनय आनंद ने अपनी आवाज में गाया है। इस गीत को सत्यम शिवम ने लिखा है। संगीतकार देव चैहान हैं। मिक्सिंग का काम शिशिर पांडे और पीआरओ रंजन सिन्हा ने किया है। विनय पहले भी कई गाने गा चुके हैं।
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मनी लॉन्ड्रिंग केस : जैकलीन फर्नांडीज ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली अपनी याचिका

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज से जुड़े 200 करोड़ रुपए के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अभिनेत्री ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें यह याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। यह पूरा मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा हुआ है और इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, जैकलीन फर्नांडीज ने पहले दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन अब उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया है।
अदालत में उनके वकील ने यह दलील दी कि वे इस मामले में आगे उचित कानूनी उपाय अपनाना चाहते हैं, इसलिए याचिका को वापस लेने की अनुमति दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।
दरअसल, 30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ईडी द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर जैकलीन फर्नांडीज, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस मामले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी मंत्रालयों का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की। इस कथित ठगी की रकम लगभग 200 करोड़ रुपए बताई जाती है।
ईडी की जांच में यह दावा किया गया है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा महंगे गिफ्ट्स और लग्जरी सामान पर खर्च किया गया। एजेंसी का कहना है कि जैकलीन फर्नांडीज को भी इस नेटवर्क से जुड़े महंगे गिफ्ट्स मिले थे, जो कथित तौर पर अपराध से अर्जित पैसों से खरीदे गए थे। इन उपहारों में लग्जरी कारें, ब्रांडेड सामान, ज्वेलरी और अन्य कीमती चीजें शामिल हैं।
वहीं, जैकलीन फर्नांडीज की कानूनी टीम लगातार यह कहती रही है कि अभिनेत्री इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी और वह खुद इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं।
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शरवरी बोलीं, हर एक्टर का सपना होता है कि वह ऐसी कहानी का हिस्सा बने जो लोगों के दिलों में बस जाए

शरवरी बाघ ने अपनी हालिया रिलीज “मैं वापस आऊंगा” को मिल रहे अपार प्यार और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए एक भावुक नोट लिखा। उन्होंने कहा कि हर अभिनेता का सपना होता है कि वह ऐसी कहानी का हिस्सा बने, जो दर्शकों के थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक उनके दिलों और जेहन में बनी रहे।
शरवरी बाघ ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया पर कई तस्वीरें और क्लिप साझा किए, जिनमें फिल्म “मैं वापस आऊंगा” के लिए दर्शकों की प्रतिक्रियाएं, समीक्षाएं, थिएटर के दृश्य और गीत मसकारा की मेकिंग के दौरान के बिहाइंड-द-सीन्स (बीटीएस) पल शामिल थे।
पोस्ट के कैप्शन में उन्होंने लिखा, “मुझे नहीं लगता कि इससे बड़ी कोई खुशी हो सकती है कि जिस चीज में आपने अपना दिल और आत्मा लगा दी हो, वह दूसरे लोगों के दिलों में भी जगह बना ले। संदेश, वीडियो, आंसू, बातचीत और प्यार… मैं यह सब देख और पढ़ रही हूं, और कई बार मेरी अपनी आंखों में भी आंसू आ जाते हैं।”
उन्होंने कहा, “हर अभिनेता का सपना होता है कि वह ऐसी कहानी का हिस्सा बने, जो दर्शकों के थिएटर से बाहर निकलने के बाद भी लंबे समय तक उनके साथ बनी रहे। जिस तरह आप सभी ने ‘मैं वापस आऊंगा’ से जुड़ाव महसूस किया है, वह मेरे लिए बेहद विनम्र और भावुक करने वाला अनुभव रहा है। हमारे साथ हर भावना को महसूस करने और इस फिल्म को अपने प्यार से आगे बढ़ाने के लिए आप सभी का दिल से धन्यवाद।”
शरवरी के सह कलाकार वेदांग रैना ने भी पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए लिखा, “तुम इस सबकी हकदार हो, जिया।”
फिल्म की बात करें तो इसका निर्देशन इम्तियाज ने किया है। इस पीरियड रोमांटिक ड्रामा में नसीरूद्दीन शाह और दिलजीत दोसांझ भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
‘मैं वापस आऊंगा’ की कहानी भारत के बंटवारे की पृष्ठभूमि पर आधारित है और बिछड़ने, प्रेम, यादों, पलायन और स्मृतियों जैसे विषयों को सामने लाती है। फिल्म एक ऐसे प्रेम संबंध की कहानी दिखाती है, जो ऐतिहासिक उथल-पुथल के कारण प्रभावित होता है। कहानी नसीरूद्दीन शाह के किरदार के दृष्टिकोण से सुनाई गई है।
यह फिल्म इम्तियाज अली और एआर रहमान की सफल जोड़ी को फिर से साथ लाती है। इसके अलावा, गीतकार इरशाद कामिल ने भी फिल्म में योगदान दिया है।
फिल्म का निर्माण एपल्ज एंटरटेनमेंट, विंडो सीट फिल्मस और मोहित चौधरी फिल्मस के बैनर तले किया गया है। यह फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
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मुझे महिलाओं का स्मोकिंग करना पसंद नहीं, किसी को कपड़ों से जज करना सही नहीं: शिल्पा शिंदे

आज के समय में ‘फेमिनिज्म’ शब्द लगातार चर्चा में रहता है। सोशल मीडिया से लेकर फिल्मों और इंटरव्यू तक, इसकी अलग-अलग परिभाषाएं देखने को मिलती हैं। इस बीच अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू के दौरान इस पर अपनी अलग राय पेश की है।
शिल्पा शिंदे ने कहा, “मेरा मानना है कि असली पहचान बाहरी दिखावे से नहीं आती, बल्कि आत्मविश्वास, मूल्यों और खुद को समझने की क्षमता से होती है। यह जरूरी नहीं है कि कोई महिला क्या पहन रही है या कैसे दिखती है, बल्कि यह ज्यादा महत्वपूर्ण है कि वह अपने जीवन को कितनी स्पष्टता से समझती है।”
इसी बातचीत में शिल्पा शिंदे ने खुद को ‘थोड़ा पारंपरिक सोच वाली’ बताया। उन्होंने कहा, ”यह मेरी निजी सोच है कि मुझे महिलाओं का धूम्रपान करना पसंद नहीं है। कई लोग धूम्रपान या लाइफस्टाइल को मॉर्डिनिटी से जोड़ देते हैं, लेकिन मैं इस विचार से सहमत नहीं हूं। किसी आदत को मॉर्डिनिटी का पैमाना नहीं माना जा सकता।”
शिल्पा शिंदे ने आगे कहा, ”मेरे लिए मॉर्डिनिटी का मतलब अलग है। सिर्फ धूम्रपान करना, शराब पीना या अलग तरह के कपड़े पहनना किसी को बोल्ड नहीं बनाता। असली बोल्डनेस वह है, जब कोई व्यक्ति अपने विचारों पर मजबूत हो, अपने फैसलों को समझता हो और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीता हो। बाहरी दिखावा और असली व्यक्तित्व दो अलग चीजें हैं, जिन्हें अक्सर लोग गलत तरीके से जोड़ देते हैं।”
शिल्पा शिंदे ने कहा, ”कपड़े और सोच का आपस में कोई सीधा संबंध नहीं होता। किसी व्यक्ति की मानसिकता उसके पहनावे से तय नहीं होती। कोई व्यक्ति साड़ी पहनकर भी मॉडर्न सोच रख सकता है और कोई मॉडर्न कपड़े पहनकर भी पुराने विचारों वाला हो सकता है। इसलिए किसी को उसके कपड़ों से जज करना सही नहीं है।”
शिल्पा शिंदे ने कहा, ”मुझे व्यक्तिगत रूप से साड़ी पहनने वाली महिलाएं ज्यादा पसंद हैं, लेकिन यह मेरी फैशन या पसंद की बात है, न कि सोच की। एक महिला के लिए सबसे जरूरी चीज यह है कि वह खुद को समझे, अपने मूल्यों को जाने और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीए । यही सच्ची मजबूती है।”
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