राजनीति
कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने में विफल रही सरकार : कांग्रेस
कश्मीर में पिछले 48 घंटों में आतंकवादियों द्वारा पांच लोगों को मारे जाने के बाद कांग्रेस ने गुरुवार को इस घटना की निंदा की और कहा कि भाजपा घाटी में कश्मीरी पंडितों की रक्षा करने में विफल रही है। सोनिया गांधी ने जम्मू-कश्मीर में पार्टी नेचाओं को शोक संतप्त परिवारों को समर्थन देने का भी निर्देश दिया है।
कांग्रेस के बयान में कहा गया है, “भाजपा सरकार की कश्मीरी पंडित समुदाय और बड़े पैमाने पर नागरिकों की रक्षा करने में असमर्थता इस क्षेत्र में उनके द्वारा पैदा की गई अस्थिरता का प्रत्यक्ष परिणाम है। आतंकवाद में वृद्धि और हिंसा में वृद्धि इस सरकार की कमजोरियों और उदासीन रवैये का प्रमाण है।”
पार्टी ने कहा कि पिछले 48 घंटे में एक प्रमुख कश्मीरी पंडित एम. एल. बिंदरू सहित पांच लोग आतंकी घटनाओं में मारे गए हैं।
बयान में कहा गया है, “हम नागरिकों पर इन नृशंस हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने राज्य प्रभारी रजनी पाटिल को शोक संतप्त परिवारों को अपना समर्थन देने का निर्देश दिया है।”
पिछले महीने राज्य का दौरा करने वाले राहुल गांधी ने भी हत्याओं की निंदा की है। हिंदी में किए गए एक ट्वीट में उन्होंने कहा, “कश्मीर में हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। आतंकवाद ना तो नोटबंदी से रुका ना धारा 370 हटाने से – केंद्र सरकार सुरक्षा देने में पूरी तरह असफल रही है। हमारे कश्मीरी भाई-बहनों पर हो रहे इन हमलों की हम कड़ी निंदा करते हैं व मृतकों के परिवारों को शोक संवेदनाएं भेजते हैं।”
इससे पहले दिन में, श्रीनगर के ईदगाह इलाके में एक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के अंदर आतंकवादियों ने दो शिक्षकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
यहां रिपोर्ट में कहा गया है कि मारे गए शिक्षकों में स्कूल की प्रिंसिपल सुपिन्दर कौर और कश्मीरी पंडित शिक्षक दीपक चंद शामिल हैं।
गुरुवार को की गई हत्या से दो दिन पहले आतंकवादियों ने एक स्थानीय पंडित एम. एल. बिंदरू, बिहार के एक गैर-स्थानीय विक्रेता और कश्मीर में एक स्थानीय टैक्सी चालक की हत्या कर दी थी।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
जयशंकर ने यूएई के विदेश मंत्री अल-नाहयान से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मुद्दों पर हुई चर्चा

विदेश मंत्री एस. जयशंकर आधिकारिक दौरे पर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पहुंचे, जहां उन्होंने अपने समकक्ष अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई संबंधों और कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ गर्मजोशी और सार्थक मुलाकात हुई। हमारी व्यापक रणनीतिक साझेदारी की भावना के तहत द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।”
विदेश मंत्री बुधवार को अबू धाबी पहुंचे, जहां यूएई की मंत्री रीम अल हाशिमी ने उनका स्वागत किया।
इससे पहले, जयशंकर ने ‘रायसीना डायलॉग’ के मध्य पूर्व सत्र ‘द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी’ में अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ हिस्सा लिया। नाहयान यूएई के उप प्रधानमंत्री भी हैं। कार्यक्रम के दौरान दोनों नेताओं ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की और बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर जोर दिया।
जयशंकर ने ‘एक्स’ पर कहा कि बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि दुनिया की व्यवस्था तेजी से बदल रही है। यह बदलाव लंबे समय से चल रहे रुझानों और हाल की घटनाओं, दोनों का नतीजा है।
उन्होंने कहा, “हर देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देता है। इसी वजह से नए साझेदारों और नए विकल्पों की तलाश स्वाभाविक है।”
जयशंकर ने कहा कि आज की साझेदारियां पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर अधिक रणनीतिक समझ विकसित करने की मांग करती हैं।
उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार बहुत जरूरी है और इसे छोटे लेकिन मजबूत सहयोगी समूहों के जरिए समर्थन दिया जा सकता है। पिछले एक दशक में भारत-यूएई साझेदारी इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे दोनों देशों ने बदलते वैश्विक माहौल के अनुसार खुद को ढाला है।
उनका यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। ईरान में जारी संघर्ष और यमन में हूती समूह तथा सऊदी अरब के बीच बढ़े तनाव ने क्षेत्र की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।
इस बीच, रविवार को दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने जानकारी दी कि ‘एमटी जेम नंबर 2’ नामक कच्चे तेल के टैंकर में हुए हादसे के बाद 22 भारतीय चालक दल के सदस्यों को रस अल खैमाह तट के पास सुरक्षित बचा लिया गया।
वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स’ पर कहा, “हमें ‘एमटी जेम नंबर 2’ जहाज से जुड़े हादसे की जानकारी मिली, जिसमें 22 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया है। दूतावास यूएई अधिकारियों के संपर्क में है और भारतीय नाविकों को हर संभव मदद दी जा रही है।”
वहीं, फ्लाइदुबई की उड़ान एफजेड1073 के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार, जिन्होंने विमान में सह-पायलट के हमले का सामना करते हुए 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई थी, इस समय अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत में सुधार हो रहा है।
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने रूसी डीजल समझौते की आलोचना की

भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने रूस से डीजल खरीदने को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना पर फिर से हमला बोला है। दूसरी तरफ, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने इस समझौते का बचाव किया है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब रूस पर प्रतिबंधों से जुड़े एक अहम अमेरिकी कानून की समयसीमा नजदीक आ रही है, जिससे भारत और चीन जैसे रूसी तेल के बड़े खरीदारों पर भारी शुल्क लग सकता है।
कृष्णमूर्ति ने बुधवार को ‘एक्स’ पर लिखा, “ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक गैरकानूनी युद्ध शुरू किया, जिससे ईंधन की कीमतें बढ़ गईं। अब वह रूस के साथ डीजल समझौता करके पुतिन को फायदा पहुंचा रहे हैं और साथ ही यूक्रेन पर रूसी तेल सुविधाओं पर हमले रोकने का दबाव डाल रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि पुतिन को अरबों डॉलर मिलेंगे, यूक्रेन को ज्यादा रूसी हमलों का सामना करना पड़ेगा और इसका आर्थिक बोझ अमेरिकी जनता पर पड़ेगा।
बाद में एक और पोस्ट में कृष्णमूर्ति ने कहा कि यह समझौता पुतिन की युद्ध मशीन को आर्थिक मदद देगा, लेकिन इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को ईंधन की कीमतों में कोई खास राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने लिखा, “यह गैरकानूनी है, असरदार नहीं है और ट्रंप के ईरान युद्ध को खत्म करने का विकल्प भी नहीं है।”
वहीं, रूस के निवेश और आर्थिक सहयोग मामलों के विशेष दूत किरिल दिमित्रिएव ने इन आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, “दुनिया के सभी व्यावहारिक नेता, जो अपनी जनता की भलाई चाहते हैं, वे रूस सहित किसी भी स्रोत से सस्ता डीजल, गैस और तेल चाहते हैं।”
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने पत्रिका द इकोनॉमिस्ट की आलोचना करते हुए कहा कि उसने यह नहीं बताया कि इस समझौते के बाद डीजल की कीमतों में पांच प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे अमेरिकी किसानों, उपभोक्ताओं और ऊर्जा बाजारों को फायदा हुआ है।
हालांकि, दिमित्रिएव ने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने यह आंकड़ा कैसे निकाला या कीमतों में यह गिरावट कितने समय के दौरान हुई। इस मुद्दे पर अमेरिकी संसद में भी विरोध बढ़ता जा रहा है।
कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लुमेंथल ने कहा कि वह अपने 12 साथियों के साथ मिलकर ट्रंप से इस ‘विनाशकारी रूसी डीजल समझौते’ को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की सुरक्षा के हितों और पुतिन के खिलाफ लड़ रहे बहादुर यूक्रेनियों, दोनों के साथ विश्वासघात है।
दक्षिण कैरोलिना से प्रतिनिधि जेम्स क्लाइबर्न ने इस फैसले को ‘गलती’ बताया।
उन्होंने कहा, “रूसी डीजल पर प्रतिबंधों में ढील देने का ट्रंप का फैसला अमेरिकी ईंधन कीमतों पर बहुत कम असर डालेगा, लेकिन इससे यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को आर्थिक मदद जरूर मिलेगी।”
एरिजोना से प्रतिनिधि ग्रेग स्टैंटन ने कहा कि यह योजना संभवतः गैरकानूनी है और कीमतें कम करने में भी नाकाम रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे अरबों डॉलर रूस को मिलेंगे।
कैलिफोर्निया से प्रतिनिधि माइक लेविन ने इसे रूस की युद्ध मशीन के लिए लाइफलाइन बताया। उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि इस समझौते के जरिए करीब चार अरब डॉलर अमेरिकी धन रूस की अर्थव्यवस्था में जा सकता है।
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएएसी) ने शुक्रवार को जनरल लाइसेंस 135 जारी किया था। इसके तहत अप्रैल 2027 तक रूसी मूल के डीजल से जुड़े कुछ लेन-देन की अनुमति दी गई है।
यह पूरा विवाद ऐसे समय में हो रहा है, जब ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026’ के तहत तय समयसीमा 18 अक्टूबर को समाप्त होने वाली है।
कानून की धारा 113 के अनुसार, राष्ट्रपति उन देशों से आयात होने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगा सकते हैं, जो रूस के कच्चे तेल या प्राकृतिक गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं और तय समयसीमा के बाद भी नई खरीद जारी रखते हैं। हालांकि, राष्ट्रपति चाहें तो यह प्रमाणित करके कि ऐसा करना अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है, इन शुल्कों से छूट भी दे सकते हैं।
राष्ट्रीय समाचार
तमिलनाडु में पूर्वोत्तर मानसून की शुरुआत, चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी

तमिलनाडु में गुरुवार से उत्तर-पूर्वी मानसून के शुरू होने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चार जिलों में बहुत भारी बारिश और 15 अन्य जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
चेन्नई मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और विरुधुनगर जिलों में बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसमी बारिश की शुरुआत के साथ ही इन चार जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने बताया कि गुरुवार को मयिलादुथुराई, नागपट्टिनम, तिरुवरुर, तंजावुर, कुड्डालोर, तेनकासी, कन्याकुमारी, कल्लाकुरिची, सलेम, तिरुचिरापल्ली, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, तिरुपुर और डिंडीगुल जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
मौसम केंद्र के अनुसार, तमिलनाडु के कई अन्य हिस्सों में मध्यम बारिश के साथ-साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। उत्तर-पूर्वी मानसून के आने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश होने की उम्मीद है। पूर्वानुमान के मुताबिक, शुक्रवार को भारी बारिश का दायरा और अधिक जिलों तक फैल सकता है।
शुक्रवार के लिए विभाग ने नीलगिरी, कोयंबटूर, इरोड, तिरुपुर, डिंडीगुल, थेनी, विरुधुनगर, तेनकासी, कन्याकुमारी, रामनाथपुरम और शिवगंगा जिलों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
इसके अलावा, शुक्रवार को तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, सलेम, तिरुवन्नामलाई, कल्लाकुरिची, विल्लुपुरम, नागपट्टिनम, तिरुवरुर और तंजावुर जिलों में भी भारी बारिश होने का अनुमान है। शुक्रवार को चेन्नई और उसके आसपास के जिलों में भी भारी बारिश हो सकती है।
विभाग ने चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, रानीपेट, कुड्डालोर और मयिलादुथुराई के लिए चेतावनी जारी की है। कुल मिलाकर, पूर्वानुमान में 29 ऐसे जिलों की पहचान की गई है, जहां शुक्रवार को भारी बारिश हो सकती है। इसकी तुलना में, गुरुवार को चार जिलों में बहुत भारी बारिश और 15 जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान था।
चेतावनी के अनुसार, दूसरे दिन बारिश का दायरा और अधिक फैल जाएगा, जिसमें पश्चिमी जिले, दक्षिणी बेल्ट, कावेरी डेल्टा और उत्तरी तटीय इलाके (राज्य की राजधानी सहित) शामिल होंगे।
गुरुवार का ‘ऑरेंज अलर्ट’ मुख्य रूप से नीलगिरी, कोयंबटूर, थेनी और विरुधुनगर जिलों के लिए है, जबकि अन्य जिलों के लिए पूर्वानुमान में भारी बारिश और मध्यम बारिश के बीच अंतर बताया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के दो-दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार, कई जिलों में लगातार दो दिनों तक बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इनमें कोयंबटूर, नीलगिरी, थेनी, विरुधुनगर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, तेनकासी और कन्याकुमारी के साथ-साथ डेल्टा और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्से शामिल हैं।
चेन्नई के लिए जारी पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार को यहां भारी बारिश हो सकती है, जबकि गुरुवार को सबसे भारी बारिश की चेतावनी चार अन्य जिलों के लिए दी गई थी।
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