अंतरराष्ट्रीय
सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 2300 रुपये टूटा, चांदी 6000 रुपये प्रति किलो लुढ़की
डॉलर में रिकवरी आने से मंगलवार को एक बार फिर सोने और चांदी की तेजी पर ‘ब्रेक’ लग गया। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में महंगी धातुओं की चाल मंद पड़ने से भारत में भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार में सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 2,300 रुपये प्रति 10 ग्राम टूट चुका है और चांदी के दाम में 6000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर मंगलवार को दोपहर 13.14 बजे सोने के अक्टूबर वायदा अनुबंध में पिछले सत्र से 1,043 रुपये यानी 1.90 फीसदी की गिरावट के साथ 53,903 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार चल रहा था, जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान सोने का भाव 53,820 रुपये तक टूटा। बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर सोना रिकॉर्ड 56,191 रुपये प्रति 10 ग्राम तक उछला था, तब से 2,300 रुपये प्रति 10 ग्राम से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
वहीं, एमसीएक्स पर चांदी के सितंबर एक्पायरी अनुबंध में पिछले सत्र से 2,649 रुपये यानी 3.51 फीसदी की गिरावट के साथ 72,745 रुपये प्रति किलो पर कारोबार चल रहा था, जबकि कारोबार के दौरान चांदी का भाव 71,791 रुपये प्रति किलो तक टूटा। बीते शुक्रवार को एमसीएक्स पर चांदी का भाव 77949 रुपये प्रति किलो तक उछला था, जिसके बाद अब तक चांदी 6000 रुपये प्रति किलो से ज्यादा लुढ़क चुकी है।
एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट अनुज गुप्ता ने बताया कि सोने और चांदी की तेजी पर पर डॉलर में रिकवरी के कारण ब्रेक लगा है। साथ ही, मुनाफा वसूली के चलते कीमतों पर दबाव आया है। गुप्ता ने कहा कि महंगी धातुओं में तेजी के फैक्टर्स अभी भी मौजूद हैं और यह नरमी क्षणिक है।
दुनिया की छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत का सूचक डॉलर इंडेक्स बीते गुरुवार को लुढ़ककर 92.74 पर आ गया था जो मंगलवार को 93.70 तक चढ़ा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन के बीच तकरार से सोने की तेजी का सपोर्ट मिलेगा।
केडिया एडवायजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने भी कहा कि सोना घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में रिकॉर्ड ऊंचाई पर चला गया था, जहां से कीमतों का टूटना स्वाभाविक था, लेकिन यह महज एक करेक्शन है और तेजी के फंडामेंटल्स अभी भी मौजूद हैं।
राष्ट्रीय समाचार
बिना परेशानी के आम लोगों को समय पर सेवाएं देना आयकर विभाग की जिम्मेदारी: निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि आयकर विभाग का काम केवल कर वसूलना नहीं, बल्कि आम लोगों को इधर-उधर दौड़ाए बिना उनके हित में काम करना है। साथ ही, बिना परेशानी के समय पर सेवाएं देना भी विभाग की जिम्मेदारी है।
देश की आर्थिक राजधानी में नरीमन पॉइंट पर आयकर विभाग की 13 मंजिल की नई इमारत ‘आयकर सिंधु’ के उद्धाटन के दौरान वित्त मंत्री ने सरकारी विभागों के “सुस्त” रवैये पर भी अपनी निराशा जाहिर की, जिसकी वजह से सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे या अतिक्रमण होते हैं और सभी अधिकारियों के कामकाज में ईमानदारी की जरूरत पर जोर दिया।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि जिस जमीन पर यह इमारत खड़ी है, वह 1973 से विभाग के पास थी, लेकिन उपयोग होने के कारण वहां अवैध कब्जे हो गए थे। साथ ही, अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर करने हुए कहा कि सरकार संपत्तियों की सुरक्षा करना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
वित्त मंत्री ने इमारत को बनाने में आने वाली मंजूरी संबंधी चुनौतियों का जिक्र करते हुए आगे कहा कि एक शक्तिशाली सरकारी विभाग को मंजूरी लेने में इतना समय और कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है तो आम आदमी को होने वाली परेशानियों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
साथ ही, उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें लोगों की समस्याओं को समझना चाहिए और अनावश्यक देरी से बचना चाहिए।
सीतारमण ने स्पष्ट कहा कि वह अधिकारियों से नियम तोड़ने या आम नागरिकों के लिए कुछ हटकर करने को नहीं कह रही हैं, लेकिन उन्होंने अफसोस जताया कि इस देश में लोगों को अपना जायज हक पाने के लिए बहुत मशक्कत करनी पड़ती है।
सीतारमण ने मुंबई और नवी मुंबई इलाकों में कई आयकर अधिकारियों के सरकारी आवास में न रहने के मुद्दे पर भी ध्यान केंद्रित करने का वादा किया। उन्होंने संकेत दिया कि उनमें से आधे अधिकारियों को यह सुविधा नहीं मिलती है और उन्हें काम पर जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
सीतारमण ने कहा कि वह इस काम के लिए सरकारी स्तर पर जमीन के ट्रांसफर को प्राथमिकता देंगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह जमीन के तेजी से ट्रांसफर में मदद करेंगी, जबकि बाकी काम – जैसे मंजूरी लेना, निर्माण कार्य, केंद्रीय लोक निर्माण विभाग के साथ काम करना और कॉन्ट्रैक्ट व टेंडर देना- आयकर अधिकारियों को ही करना होगा।
राष्ट्रीय समाचार
एआई साझेदारी पर दक्षिण कोरिया का बड़ा दांव, ‘ओपनएआई’ और ‘एनवीडिया’ से राष्ट्रपति ली ने मिलाया हाथ

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से सैन फ्रांसिस्को का दो दिवसीय दौरा संपन्न किया। इसके बाद वह दक्षिण अमेरिका के तीन देशों की यात्रा के अगले चरण के तहत ब्राजील के लिए रवाना हो गए।
शुक्रवार और शनिवार को सैन फ्रांसिस्को में अपने दौरे के दौरान राष्ट्रपति ली ने दुनिया की चार प्रमुख टेक कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की। इनमें ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सैम ऑल्टमैन और एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग भी शामिल थे। इस दौरान उन्होंने एआई के क्षेत्र में दक्षिण कोरियाई कंपनियों और वैश्विक टेक कंपनियों के बीच साझेदारी मजबूत करने पर जोर दिया।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति ली की मौजूदगी में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में वैश्विक टेक कंपनियों और दक्षिण कोरिया के प्रमुख उद्योग समूहों ने 950 अरब डॉलर के संयुक्त सहयोग परियोजनाओं पर काम करने पर सहमति जताई।
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा समझौता एसके ग्रुप और एनवीडिया सहित अन्य कंपनियों के बीच हुआ, जिसके तहत एसके ग्रुप लंबे समय तक 750 अरब डॉलर मूल्य के हाई-परफॉर्मेंस सेमीकंडक्टर की आपूर्ति करेगा।
शनिवार को सिलिकॉन वैली में निवेश करने वाले वेंचर कैपिटल निवेशकों के साथ बैठक में राष्ट्रपति ली ने कहा कि दक्षिण कोरिया और अमेरिका को अपने दशकों पुराने सुरक्षा गठबंधन से आगे बढ़ते हुए तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग का विस्तार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अमेरिका की विश्वस्तरीय वेंचर कैपिटल क्षमता और वैश्विक नेटवर्क यदि दक्षिण कोरिया की उन्नत तकनीक और मजबूत विनिर्माण क्षमता के साथ मिल जाएं, तो इससे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स जैसी नई वैश्विक कंपनियां उभर सकती हैं, जो भविष्य में दुनिया का नेतृत्व करेंगी।
दक्षिण अमेरिका दौरे के तहत राष्ट्रपति ली रविवार से ब्राजील की चार दिवसीय राजकीय यात्रा शुरू करेंगे। इस दौरान सोमवार को राजधानी ब्रासीलिया में उनकी ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा के साथ शिखर वार्ता होगी। मंगलवार को वह साओ पाउलो में एक कारोबारी गोलमेज बैठक में भी हिस्सा लेंगे।
ब्राजील के बाद राष्ट्रपति ली 1 अगस्त तक चिली और अर्जेंटीना का भी दौरा करेंगे। इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में सहयोग को मजबूत करना है।
इसके बाद 2 अगस्त को वह जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में संक्षिप्त प्रवास करेंगे, जहां दक्षिण कोरियाई समुदाय के लोगों से मुलाकात के बाद अगले दिन स्वदेश लौटेंगे।
अंतरराष्ट्रीय
ब्रह्मोस से विक्रम-1 तक, ‘मन की बात’ में भारत की बढ़ती ताकत का जिक्र, जयशंकर ने साझा किए अहम बिंदु

मन की बात के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर बार की तरह विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी उपलब्धियों और आम लोगों की बात की। कार्यक्रम में उन सफलताओं को भी रेखांकित किया गया, जिनमें भारतीय धुरंधरों ने विदेशों में देश का नाम रोशन किया या भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री के संबोधन के प्रमुख सात बिंदुओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया।
जयशंकर ने अपनी पोस्ट में सबसे पहले कारगिल विजय दिवस पर पीएम की कही बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कारगिल विजय दिवस हर भारतीय को गर्व से भर देता है और यह देश के वीर जवानों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। प्रधानमंत्री ने रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक साख का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दुनिया का भरोसा भारतीय रक्षा उपकरणों और तकनीक पर बढ़ रहा है। इसी क्रम में इंडोनेशिया के साथ ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों को लेकर हुए महत्वपूर्ण समझौतों पर पीएम ने प्रकाश डाला।”
मन की बात में प्रधानमंत्री ने विक्रम-1 की सफलता से भी जनमानस को रूबरू कराया। इस पर जयशंकर ने कहा, “निजी क्षेत्र विकसित भारत के पहले रॉकेट ‘विक्रम-1’ के सफल प्रक्षेपण भी बड़ी उपलब्धि है जिसके बारे में पीएम ने बात की। अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने से युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।”
विदेश मंत्री की पोस्ट में ओलंपियाड में सफलता के झंडा गाड़ते भारतीय छात्रों का भी जिक्र है। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री ने बताया कि भारतीय दल ने विज्ञान ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन करते हुए भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और गणित सभी प्रतियोगिताओं में पदक जीते।”
पीएम ने मन की बात में रोनाल्डो लैशराम पर भी खूबसूरत सी बात कही। जयशंकर ने अपनी पोस्ट में मणिपुर के एस्ट्रोफिजिसिस्ट रोनाल्डो लैशराम की उपलब्धि का भी उल्लेख किया।
रोनाल्डो जापान में काम करते हैं और उस टीम का हिस्सा रहे हैं जिसने विशाल युवा आकाशगंगा समूह की खोज की। उन्होंने इस खोज का नाम ‘लोकटक प्रोटो क्लस्टर’ रखा, जो मणिपुर की प्रसिद्ध लोकटक झील से प्रेरित है।
मन की बात में ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को पीएम ने भारतीयों की ओर से शुभकामनाएं दीं। पोस्ट में एस जयशंकर ने इसका भी उल्लेख किया है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि का भी जिक्र किया। भारत ने पहली बार लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर महिला टेस्ट मैच जीतते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराया। वहीं, बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधु के जापान ओपन जीतकर इतिहास रचने की उपलब्धि को भी सराहा गया।
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