व्यापार
मुनाफावसूली और डॉलर की मजबूती से सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट
मुंबई, 10 फरवरी : सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखी गई। इसकी मुख्य वजह डॉलर की मजबूती और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली रही। हालांकि, दुनिया के कुछ हिस्सों में चल रहे तनाव के कारण कीमती धातुओं को मध्यम अवधि में अब भी सहारा मिल रहा है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना दिन के दौरान 0.33 प्रतिशत गिरकर 1,57,550 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 1.92 प्रतिशत गिरकर 2,57,567 रुपए प्रति किलो हो गई।
दिन की शुरुआत में चांदी की कीमत 2 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर 2,57,100 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई थी। वहीं, सोना भी 1.3 प्रतिशत गिरकर 1,56,001 रुपए प्रति 10 ग्राम तक आ गया था। बाद में दोनों धातुओं की कीमतों में हल्की रिकवरी देखी गई।
मंगलवार को डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 97.01 पर पहुंच गया, जो पिछले सत्र में 96.82 था। डॉलर मजबूत होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना और चांदी महंगे हो जाते हैं, जिससे मांग पर असर पड़ता है।
बाजार को उम्मीद है कि इस साल ब्याज दरों में कम से कम दो बार 25 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती हो सकती है। आमतौर पर ब्याज दरों में कटौती से सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं को फायदा होता है, क्योंकि पैसा निवेश के लिए सस्ता हो जाता है।
हालांकि कुछ कूटनीतिक संकेत सकारात्मक हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी भी बना हुआ है। वाशिंगटन ने अमेरिकी ध्वज वाले जहाजों को ईरानी समुद्री इलाकों से दूर रहने की चेतावनी दी है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोने की कीमतों में लंबी अवधि की तेजी अभी भी बनी हुई है। हाल की गिरावट केवल मुनाफावसूली के कारण आई है, जिसे कीमतों के लिए सामान्य माना जा रहा है।
विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कॉमेक्स में चांदी के लिए 65 से 70 डॉलर के दायरे में मजबूत खरीदारी देखने को मिल रही है, जो इसके पुराने सपोर्ट लेवल से मेल खाती है।
एक एक्सपर्ट के अनुसार, सोने को 1,56,600 और 1,54,800 रुपए के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 1,59,100 और 1,60,000 रुपए पर रेजिस्टेंस है। वहीं, चांदी को 2,55,500 और 2,48,800 रुपए पर सपोर्ट है, जबकि 2,68,000 और 2,74,000 रुपए इसके लिए रेजिस्टेंस स्तर हैं।
बाजार के जानकारों का कहना है कि लगातार औद्योगिक मांग और आपूर्ति की कमी के कारण चांदी में लंबे समय में तेजी का रुझान बना हुआ है। जबकि, सुरक्षित निवेश की मांग और केंद्रीय बैंकों की खरीद से सोने को लंबी अवधि में मजबूती मिल रही है।
निवेशक अब अमेरिका की जनवरी महीने की रोजगार रिपोर्ट (नॉन-फार्म पेरोल) और महंगाई से जुड़े आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) की ब्याज दर नीति को लेकर और संकेत मिल सकें।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 2031 तक 1.1 अरब पहुंचने का अनुमान: रिपोर्ट

भारत में 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 2031 तक 1.1 अरब पहुंचने का अनुमान है और इस दौरान कुल सब्सक्रिप्शन में 5जी की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 81 प्रतिशत हो जाएगी। यह जानकारी मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।
एरिक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 5जी को अपनाने की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह किफायती 5जी सक्षम स्मार्टफोन और डिवाइस की उपलब्धता, सभी जिलों में नेटवर्क कवरेज और उपलब्धता में विस्तार,और 5जी फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस सेवाओं का बढ़ता रोलआउट है।
दुनिया भर में संचार सेवा प्रदाताओं की ओर से 5जी एसए नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित कमर्शियल और अलग तरह की कनेक्टिविटी सेवाओं की पेशकश भी लगातार बढ़ रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 के आखिर तक भारत में 5जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 430 मिलियन तक पहुंच गई है, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 35 प्रतिशत है। साथ ही, यह भी कहा गया है कि जैसे-जैसे यूजर्स 5जी पर शिफ्ट हो रहे हैं, 4जी सब्सक्रिप्शन की संख्या 2025 में लगभग 570 मिलियन से घटकर 2031 तक लगभग 160 मिलियन रह जाने की उम्मीद है।
फिलहाल, भारत में मोबाइल सब्सक्रिप्शन के मामले में 4जी ही सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी बनी हुई है, जिसकी हिस्सेदारी 46 प्रतिशत है।
इसके अलावा, प्रति स्मार्टफोन मोबाइल डेटा खपत के मामले में भी देश दुनिया में सबसे आगे है। यहां औसत मासिक खपत पहले से ही 37 जीबी है और 2031 तक इसके लगभग दोगुना होकर 70 जीबी तक पहुंचने की उम्मीद है।
एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल ने कहा, “बेहतर मोबाइल ब्रॉडबैंड और 5जी एफडब्ल्यूए पर आधारित भारत में तेजी से बढ़ते 5जी इस्तेमाल से ग्राहकों का अनुभव बदल रहा है। देश में मजबूत और सुरक्षित 5जी इंफ्रास्ट्रक्चर बड़े पैमाने पर समावेश, गवर्नेंस और इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है और ‘डिजिटल इंडिया’ के लिए एक मजबूत आधार का काम कर रहा है।”
भारत में एक सर्विस प्रोवाइडर ने हाल ही में अपने पोस्टपेड 5जी ग्राहकों के लिए नेटवर्क स्लाइसिंग पर आधारित अलग तरह की कनेक्टिविटी सर्विस शुरू की है, जो बाजार में एडवांस्ड 5जी इस्तेमाल के तरीकों के विकास का संकेत है।
2026 की पहली तिमाही में दुनिया भर में 5जी मोबाइल सब्सक्रिप्शन की संख्या 3 अरब के आंकड़े को पार कर गई, जबकि कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स की ओर से 5जी स्टैंडअलोन (एसए) नेटवर्क स्लाइसिंग की कमर्शियल पेशकशों में भी तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत-खाड़ी देशों के बीच गहरे पानी में एनर्जी पाइपलाइन बनाने की रिपोर्ट्स को केंद्र ने किया खारिज

केंद्र सरकार ने मंगलवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिसमें ये दावा किया गया था कि सरकार भारत के गुजरात से ओमान और अन्य खाड़ी देशों के बीच गहरे पानी में एक एनर्जी पाइपलाइन विकसित करने पर काम कर रही है।
इन रिपोर्ट्स पर स्पष्टीकरण जारी करते हुए, पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा है कि हमारे ध्यान में ऐसी कई मीडिया रिपोर्ट आई हैं जिनमें कहा गया है कि भारत सरकार ‘मिडिल ईस्ट-इंडिया डीपवॉटर पाइपलाइन’ (एमईआईडीपी) नाम की एक डीप-सी एनर्जी पाइपलाइन बनाने पर तेजी से काम कर रही है, जो गुजरात को ओमान और खाड़ी के अन्य देशों से जोड़ेगी।
मंत्रालय ने बयान में कहा, “पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय साफ तौर पर यह स्पष्ट करना चाहता है कि इस समय मंत्रालय के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस प्रोजेक्ट को लेकर ओमान या किसी अन्य खाड़ी देश के साथ मंत्रालय के किसी भी स्तर पर कोई सक्रिय चर्चा या बातचीत नहीं हो रही है।”
मंत्रालय ने आगे कहा, “यह स्पष्टीकरण इस मामले से जुड़ी सभी अटकलों को खत्म करने के लिए जारी किया गया है।”
इसके अतिरिक्त, भारत लगातार मध्य पूर्व से ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है।
माल्टा के झंडे वाला एलएनजी कैरियर ‘दिशा’ सोमवार को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरा। यह जहाज गुजरात के दहेज के लिए 62,370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर जा रहा है और इसके 18 जून को भारत पहुंचने की उम्मीद है।
इस जहाज का प्रबंधन शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला एक ग्रुप कर रहा है।
सरकार ने कहा कि वह भारतीय नाविकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने और उन्हें हर तरह की मदद देने के लिए विदेश मंत्रालय, विदेशों में भारतीय मिशनों, शिपिंग कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है। पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य है।
ओमान के तट पर एक कमर्शियल जहाज ‘एमटी सेटेबेलो’ पर अमेरिकी सेना के हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कुछ दिनों बाद, डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (डीजीएस) ने शिपिंग कंपनियों और समुद्री भर्ती व प्लेसमेंट एजेंसियों को सलाह दी है कि वे अगले आदेश तक मध्य पूर्व के संघर्ष वाले इलाकों में भारतीय नाविकों की तैनाती न करें।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
भारत-फ्रांस टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में मजबूत सहयोग के तलाश रहे अवसर: पीयूष गोयल

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और रणनीतिक क्षेत्रों में भारत-फ्रांस की साझेदारी को नई गति मिल रही है। साथ ही, उन्होंने फ्रांसीसी व्यवसायों और निवेशकों को भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।
गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि उन्होंने जाने-माने वकील और आईआईटी दिल्ली बोर्ड के चेयरमैन हरीश साल्वे की ओर से आयोजित डिनर में हिस्सा लिया, जहां उन्होंने भारत और फ्रांस के इंडस्ट्री लीडर्स, एकेडेमिया के सदस्यों, रिसर्चर्स और इनोवेटर्स के साथ बातचीत की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व में भारत-फ्रांस संबंधों को नई गति मिली है और रणनीतिक, आर्थिक, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ रहा है।
इसके अलावा, उन्होंने फ्रांस की कंपनियों और निवेशकों से भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने और दोनों देशों के लिए अधिक समृद्ध और टिकाऊ भविष्य की दिशा में मिलकर काम करने का आग्रह किया।
अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान, गोयल ने यूरोप के सबसे बड़े साइंस और टेक्नोलॉजी हब, सोफिया एंटीपोलिस का दौरा किया। यह दौरा यूरोपीय बाजारों के साथ भारत के डीप-टेक जुड़ाव को मजबूत करने की कोशिशों का हिस्सा था।
इसे यूरोप की सिलिकॉन वैली बताते हुए मंत्री ने कहा कि यह टेक्नोलॉजी पार्क एक सफल मॉडल पेश करता है कि कैसे रिसर्च, टैलेंट और एंटरप्राइज मिलकर इनोवेशन और आर्थिक विकास को आगे बढ़ा सकते हैं। इस हब में 2,600 से अधिक कंपनियां काम करती हैं, जो कई तरह के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर से जुड़ी हैं।
गोयल ने कहा कि भारत इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग के ग्लोबल सेंटर के तौर पर तेजी से उभर रहा है। उन्होंने टेक्नोलॉजी पार्क में मौजूद इंडस्ट्री लीडर्स को भारत में निवेश, सहयोग और अपने कामकाज को बढ़ाने के मौकों पर विचार करने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने कहा कि भारत का इनोवेशन इकोसिस्टम पार्टनरशिप और टेक्नोलॉजी के मिलकर विकास के लिए नए रास्ते बना रहा है, जिससे न सिर्फ भारत और फ्रांस, बल्कि पूरी दुनिया को फायदा हो सकता है।
नीस में, मंत्री ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के लिए स्थानीय नेताओं और सरकार, बिजनेस, इनोवेशन और इन्वेस्टमेंट से जुड़े प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की।
गोयल ने बताया कि नीस में ‘पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स’ में ‘भारत इनोवेट्स 2026’ का आयोजन हो रहा है। इस इवेंट में 13 टेक्नोलॉजी क्षेत्रों से 120 स्टार्टअप और 20 से ज्यादा बेहतरीन संस्थानों की भागीदारी के जरिए भारत की डीप-टेक क्षमताओं को दिखाया जा रहा है।
मंत्री के अनुसार, इस इवेंट में 350 से अधिक ग्लोबल इन्वेस्टर और वेंचर कैपिटलिस्ट शामिल हुए हैं, जो भारत के बढ़ते इनोवेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी को दिखाता है।
-
दुर्घटना10 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
राजनीति1 year agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
महाराष्ट्र12 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
