राजनीति
चुनाव आयोग ने सचिन तेंदुलकर को नेशनल आइकन के रूप में चुना
क्रिकेट आइकन और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर को बुधवार को चुनावी प्रक्रिया में मतदाताओं की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के राष्ट्रीय आइकन के रूप में मान्यता दी गई।
भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बुधवार को मुख्य चुनाव अधिकारी की उपस्थिति में एक समारोह में तीन साल के लिए एक एग्रीमेंट साइन किया है। इस दौरान कमिश्नर राजीव कुमार, चुनाव आयुक्त अरुण चंद्र पांडे और अरुण गोयल भी मौजूद थे।
सचिन तीन साल तक ईसीआई से जुड़े रहेंगे और देश भर के मतदाताओं को जागरूक करेंगे।
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की उपस्थिति में तेंदुलकर को यह मान्यता दी गई।
ईसीआई ने यह बड़ा कदम मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना जैसे राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले उठाया है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मतदान के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।
इस अवसर पर बोलते हुए उप चुनाव आयुक्त मनोज कुमार साहू ने कहा, ‘यह सहयोग आगामी चुनावों, विशेष रूप से 2024 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए युवाओं के बीच तेंदुलकर के खास प्रभाव का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।’
उन्होंने आगे कहा, “क्रिकेट के प्रति आपके समर्पण और जुनून ने आपको लाखों लोगों का आदर्श बना दिया है। नेशनल आइकन के रूप में आपकी पहचान और प्रभाव है, यह निश्चित रूप से मतदाता भागीदारी और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए ईसीआई के प्रयासों को मजबूती देगा। हम आपके बहुमूल्य योगदान की आशा करते हैं।”
पिछले साल आयोग ने मशहूर अभिनेता पंकज त्रिपाठी को नेशनल आइकन के रूप में मान्यता दी थी। इससे पहले, 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, एम.एस.धोनी, आमिर खान और मैरी कॉम जैसे दिग्गज पोल पैनल के राष्ट्रीय प्रतीक थे।
तेंदुलकर वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं। तेंदुलकर ने 22 यार्ड क्रिकेट पिच पर अपने शानदार प्रदर्शन से कई रिकॉर्ड बनाए हैं और वो ‘क्रिकेट के भगवान’ के नाम से भी मशहूर हैं।
राजनीति
राघव चड्ढा ने ‘आप’ को ‘एक्स गर्लफ्रेंड’ बताकर किया कटाक्ष, कहा- कहीं अपने हाथ की नस न कांट लें

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने आम आदमी पार्टी पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि उनका हाल एक्स-गर्लफ्रेंड जैसा है। मुझे उनकी चिंता होती है कि कहीं किसी दिन मेरी याद में अपने हाथ की नसे न कांट लें।
भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब के गुरदासपुर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “उनका (आम आदमी पार्टी) हाल उस एक्स-गर्लफ्रेंड जैसी है, जिसका बॉयफ्रेंड उसे छोड़कर आगे निकल गया और जिंदगी में आगे निकल गया है, लेकिन अब भी वो मेरे इश्क और प्यार में पागल हैं। मुझे उनकी चिंता होती है कि कहीं किसी दिन मेरी याद में अपने हाथ की नसे न कांट लें।”
राघव चड्ढा शुक्रवार को गुरदासपुर में भाजपा की नशे के खिलाफ शुरू हो रही यात्रा में शामिल होने के लिए पहुंचे। बता दें कि पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा राज्य में शुरू से चार यात्राएं शुरू कर रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन इन यात्राओं का आगाज करेंगे।
पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष रविकरण सिंह काहलों ने समाचार एजेंसी बात करते हुए कहा कि पंजाब, पंजाब के युवा और यहां की जमीन को बचाने के लिए भाजपा प्रदेश में यात्रा निकालने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहली यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। यह यात्रा 10 जिलों को कवर करेगी और 35 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान नशे के शिकार हुए युवाओं और परिवारों के मुलाकात की जाएगी। हमारा संकल्प और उद्देश्य पंजाब की धरती से नशे को खत्म करना है। इसलिए इस यात्रा का नाम ‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा रखा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब से नशे, गैंगस्टर और भ्रष्टाचार को खत्म करके एक अच्छी सरकार देनी है। यहां डबल इंजन की सरकार बनानी है, ताकि पंजाब को राष्ट्र में प्रथम स्थान पर लाया जा सके।
अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की हत्या पर रविकरण सिंह काहलों ने कहा, “पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति इस समय सबसे खराब है। दिनदहाड़े लोगों को गोली मारी जा रही है और पुलिसकर्मियों को भी नहीं बख्शा जा रहा है। आज हमारे पुलिसकर्मी एएसआई हरजीत सिंह, जो अमृतसर के गेट हकीमा में तैनात थे, की गोली मारकर हत्या कर दी गई।”
उन्होंने कहा, “मैं इस घटना की निंदा करता हूं और पंजाब पुलिस से अपील करता हूं कि वे अपनी कोशिशें तेज करें और पंजाब को बचाने के लिए इन सभी असामाजिक तत्वों का सफाया करें।”
राष्ट्रीय समाचार
क्रिकेट टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: अरुण जेटली स्टेडियम के आसपास से 19 आरोपी पकड़े गए

क्रिकेट मैच की टिकट की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। क्रिकेट मैच के टिकटों को ज़्यादा कीमत पर गैर-कानूनी तरीके से बेचने और कालाबाजारी करने के आरोप में 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में होने वाले भारत बनाम अफगानिस्तान फ्रेंडशिप कप टी-20 क्रिकेट मैचों के दौरान स्टेडियम और उसके आस-पास के इलाकों में क्रिकेट मैच के टिकटों की कालाबाजारी, दलाली और गैर-कानूनी तरीके से दोबारा बिक्री के बारे में खास जानकारी मिली थी।
इसके बाद आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर नरेश कुमार की देखरेख में एक खास एंटी-टाउटिंग टीम बनाई गई। टीम ने स्टेडियम के आसपास खुफिया जानकारी जुटाने, चुपचाप जांच-पड़ताल करने और निगरानी रखने का काम किया। दिल्ली गेट मेट्रो स्टेशन और उससे सटे इलाकों जैसी संवेदनशील जगहों पर भी अतिरिक्त पुलिसकर्मी और बीट स्टाफ तैनात किए गए।
तैनात टीमों को खास तौर पर निर्देश दिए गए कि वे संदिग्ध लोगों की पहचान करें, टिकट की दलाली के बारे में स्थानीय खुफिया जानकारी जुटाएं और मैच के टिकटों की गैर-कानूनी बिक्री या दोबारा बिक्री में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें।
मिली जानकारी के आधार पर संदिग्ध लोगों पर चुपके से नजर रखी गई और उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई। मैच टिकटों की गैर-कानूनी बिक्री, री-सेल की पुष्टि करने के लिए जहां भी जरूरत थी, वहां डिकॉय कस्टमर (नकली ग्राहक) तैनात किए गए। शामिल लोगों की पहचान और पुष्टि के बाद तुरंत कार्रवाई की गई और आरोपी व्यक्तियों को पकड़ा गया।
13, 15 और 17 सितंबर को चलाए गए स्पेशल अभियान के दौरान आई.पी. एस्टेट पुलिस स्टेशन में ‘कुल 13 मामले दर्ज किए गए। कुल 19 आरोपियों को पकड़ा गया और 71 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 7,400/- नकद बरामद किए गए।
14 सितंबर को चार मामले में पांच आरोपियों को पकड़ा गया और 29 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 3,400 रुपये बरामद किए गए। 15 सितंबर को दस आरोपियों को पकड़ा गया और 31 क्रिकेट मैच टिकटों के साथ 4,000 रुपये नकद बरामद किए गए। 17 सितंबर को तीन मामले दर्ज किए गए और चार आरोपियों को पकड़ा गया और उनके पास से कुल 11 क्रिकेट मैच के टिकट बरामद किए गए।
जांच के दौरान पता चला कि कुछ आरोपियों ने टिकट कम कीमत पर खरीदे थे और वे उन्हें दर्शकों को काफी ज्यादा कीमत पर दोबारा बेचने की कोशिश कर रहे थे। बरामद टिकटों के सोर्स और आरोपियों तक उनके पहुंचने की प्रक्रिया की पुष्टि की जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
हूती नेता ने मक्का को निशाना बनाने की बात से किया इनकार, आरोपों को मनगढ़ंत और गलत बताया

यमन के हूती नेता अब्दुल-मलिक अल-हूती ने पवित्र शहर मक्का पर हमले के आरोपों को गलत बताया। उनके अनुसार, उनके संगठन की ओर से इस्लाम के पवित्र शहर मक्का पर हमला करने की कोशिश की बात झूठ है। सऊदी अरब के साथ बढ़ते तनाव के बीच उन्होंने इन आरोपों को ‘मनगढ़ंत और गलत’ बताया।
हूती संगठन के अल-मसीरा टीवी पर गुरुवार को प्रसारित भाषण में अल-हूती ने कहा कि हूती बलों की ओर से मक्का को निशाना बनाए जाने का दावा ‘झूठ’ है। उनका कहना था कि इस आरोप का इस्तेमाल यमन के खिलाफ उठाए जा रहे कथित ‘सैन्य कदमों’ के लिए ज्यादा समर्थन जुटाने के मकसद से किया जा रहा है।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक, अल-हूती ने सऊदी अरब पर यह आरोप भी लगाया कि हालिया तनाव बढ़ने से पहले जब हालात कुछ समय के लिए शांत थे, तब उसने राजनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
इसके बजाय, उन्होंने कहा कि यमन में हूती के नियंत्रण वाले इलाकों पर पाबंदियां और कड़ी कर दी गईं। एयरपोर्ट के संचालन और सामान के आयात पर लगी पाबंदियां अब भी उन अहम मुद्दों में शामिल हैं जिनका समाधान नहीं हुआ है।
अल-हूती ने पूरे यमन में अपने समर्थकों से शुक्रवार को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि ये प्रदर्शन सऊदी अरब के कथित ‘मनगढ़ंत आरोपों और बदनामी’ के खिलाफ किए जाएं।
उनका यह बयान सऊदी अरब की ओर से हूती पर मक्का की तरफ ड्रोन भेजने का आरोप लगाए जाने के एक दिन बाद आया।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बुधवार को कहा कि रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्सेज ने मंगलवार शाम मक्का के दक्षिण में उस ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया था। गठबंधन के मुताबिक, ड्रोन को मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में घुसने से पहले ही मार गिराया गया।
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने इस्लाम के दो सबसे पवित्र स्थलों और वहां आने वाले तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ‘रेड लाइन’ बताया। उन्होंने कहा कि इस घटना के जवाब में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
अल-मल्की के मुताबिक, यह मक्का को निशाना बनाने की हूती की कथित दूसरी कोशिश थी। इससे पहले गठबंधन ने दावा किया था कि 27 जुलाई 2017 को हूती ने मक्का को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की कोशिश की थी।
दोनों पक्षों के बीच ये आरोप-प्रत्यारोप ऐसे समय में सामने आए हैं, जब टकराव लगातार बढ़ रहा है। तीन सितंबर से हूती लड़ाकों ने यमन के लाल सागर तट और रणनीतिक रूप से अहम बाब अल-मंदब स्ट्रेट के आसपास बड़ी बढ़त हासिल की है। इसके साथ ही सऊदी अरब के सैन्य और तेल ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी तेज किए गए हैं।
दूसरी ओर, हूती का कहना है कि सऊदी लड़ाकू विमानों ने पूरे यमन में हवाई हमले तेज कर दिए हैं। यमन में संघर्ष 2014 के आखिर में उस समय शुरू हुआ था, जब हूती लड़ाकों ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था।
इसके बाद मार्च 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार के समर्थन में सैन्य दखल दिया था।
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