अपराध
सुशांत मामले पर ईडी ने रूमी जाफरी से करेगी पूछताछ
फिल्मकार रूमी जाफरी गुरुवार को बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष हाजिर हुए। इस दिन सुबह करीब 11.45 बजे जाफरी ईडी के ऑफिस पहुंचे।
प्रवर्तन निदेशालय के एक शीर्ष अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत जाफरी के बयान दर्ज किए जाएंगे और उनसे फिल्मों के लिए सुशांत संग हुए उनके करार के बारे में पूछे जाएंगे।”
अधिकारी ने बताया कि एजेंसी उनसे सवाल पूछेगी कि क्या सुशांत या उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती संग उन्होंने पैसों का कोई लेनदेन किया था।
जाफरी ने कई मौकों पर ऐसा कहा है कि एक फिल्म के लिए सुशांत व उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती संग उनकी बात हुई थी।
ईडी ने अब तक कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं जिनमें रिया, उनके भाई शोविक, पिता इंद्रजीत, सुशांत के हाऊस मैनेजर सैमुएल मिरांडा, उनकी पूर्व-मैनेजर श्रुति मोदी, उनके निजी स्टाफ रितेश मेवाती और दीपेश सावंत, सुशांत की बहन मीतू सिंह, उनके सीए संदीप श्रीधर और रिया के सीए रितेश शाह शामिल रहे हैं।
सोमवार को एजेंसी ने मामले के सिलसिले में दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में सुशांत के पिता के.के. सिंह के बयान दर्ज किए हैं।
बिहार पुलिस की प्राथमिकी के आधार पर ईडी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है।
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुशांत मामले पर सीबीआई को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।
अपराध
गुजरात : जेल में कैद नारायण साईं पर एक और मामला दर्ज, सेल से मोबाइल फोन बरामद

सूरत, 29 नवंबर: आसाराम के बेटे नारायण साईं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बलात्कार के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नारायण साईं के खिलाफ सूरत की लाजपोर सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन रखने और उसका इस्तेमाल करने का नया मामला दर्ज किया गया है। यह मामला सचिन पुलिस थाने में दर्ज हुआ है।
जेल प्रशासन को गुरुवार को गुप्त सूचना मिली थी कि हाई-सिक्योरिटी बैरक नंबर-1 में बंद नारायण साईं के पास मोबाइल फोन है। सूचना मिलते ही जेल स्क्वॉड ने तुरंत कार्रवाई की और नारायण साईं के अलग सेल (सेल नंबर-1) की गहन तलाशी ली। तलाशी के दौरान लोहे के मुख्य दरवाजे के पीछे एक स्मार्टफोन चुंबक की मदद से चिपकाया हुआ मिला। फोन के अलावा उसके पास जियो कंपनी का एक सिम कार्ड भी बरामद हुआ।
जांच में पता चला कि नारायण साईं बेहद शातिराना तरीके से फोन का इस्तेमाल करता था। वह बातचीत पूरी होने के बाद तुरंत फोन से बैटरी और सिम कार्ड निकाल लेता था। सिम कार्ड को वह अपने पास रखता था, जबकि बैटरी को सुरक्षा के लिए सेंट्री रूम में छिपा देता था। जेल स्टाफ की सतर्कता से सेंट्री रूम के दरवाजे में लगे नाकूचे (की-होल) के अंदर छिपाई गई बैटरी भी बरामद कर ली गई।
जेल प्रशासन की शिकायत पर सचिन पुलिस ने नारायण साईं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा गुजरात जेल मैनुअल के नियमों के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आगे की जांच कर रही है कि नारायण साईं यह मोबाइल फोन कहां से और कैसे लाया तथा इसका इस्तेमाल किन-किन लोगों से संपर्क करने के लिए कर रहा था।
एसीपी नीरव गोहिल ने मीडिया से बात करते हुए बताया, “नारायण साईं जहांगीरपुरा पुलिस स्टेशन रेप केस में दोषी कैदी है। गुरुवार को लाजपोर सेंट्रल जेल के स्टाफ को जानकारी मिली कि नारायण साईं ने अपनी बैरक के अंदर एक मोबाइल फोन छिपा रखा है। इस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए, जेल सिक्योरिटी स्क्वॉड ने बैरक नंबर 1 में तलाशी ली, जहां उसे एक अलग सेल में रखा गया था। तलाशी के दौरान, सेल के गेट के पीछे एक मोबाइल फोन मिला, जिसे मैग्नेट से लोहे के दरवाजे से चिपकाया गया था, और उसे तुरंत बरामद कर लिया गया।”
उन्होंने बताया कि जेल में मोबाइल फोन रखना गंभीर अपराध है। नारायण साईं के सेल से फोन, सिम और बैटरी बरामद हुई है। हमने जेल प्रशासन की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की गहन जांच की जा रही है।
अपराध
मुंबई में डिलीवरी बॉय की हत्या के आरोपी उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार

मुंबई, 28 नवंबर : मुंबई पुलिस ने 30 वर्षीय डिलीवरी बॉय मोहित स्वामी की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। दो दिन पहले अंधेरी के पाइपलाइन इलाके में डिलीवरी बॉय की हत्या कर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस ने उत्तर प्रदेश से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस जांच में पता चला कि हत्या का कारण मोहित की पत्नी का दूसरे लड़के से बात करना था। मोहित स्वामी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी था और अपनी पत्नी के साथ अंधेरी में रह रहा था। मोहित को हाल ही में डिलीवरी बॉय की नौकरी मिली थी।
जांच में पता चला कि कुछ दिनों पहले मोहित ने अपनी पत्नी को दूसरे लड़के के साथ रंगेहाथ पकड़ लिया था। मोहित ने उसे पीट दिया था और उसकी पत्नी से न मिलने की चेतावनी दी थी। इसके बाद आरोपी लड़के ने अपने दोस्त की मदद से मोहित को मारने की साजिश रची।
25 नवंबर को दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश से मुंबई पहुंचे और मोहित को शराब पीने के लिए अंधेरी के सुनसान पाइपलाइन इलाके में बुलाया। वहां शराब पीने के बाद जब मोहित नशे में हो गया। इसके बाद दोनों आरोपियों और मोहित में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर आरोपियों ने मोहित पर तेज धारदार चीज से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अगली सुबह दोनों आरोपी वापस उत्तर प्रदेश भाग गए। सुबह स्थानीय निवासियों की सूचना पर पहुंची अंधेरी पुलिस मोहित को पास के सरकारी अस्पताल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
इसके बाद पुलिस ने मोहित की पत्नी और परिवार से पूछताछ की, जिससे मामले के अहम सुराग मिले। मुंबई पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश गई और स्थानीय पुलिस की मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हत्या की बात कबूल कर ली। पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर मुंबई ले आई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। इसमें कोई और शामिल है कि नहीं, अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। आरोपियों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अपराध
जम्मू कश्मीर: जमीन धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा

श्रीनगर, 28 नवंबर : आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू), क्राइम ब्रांच कश्मीर ने एक बड़े भूमि धोखाधड़ी मामले में चार्जशीट दायर करते हुए दो आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह चार्जशीट अनंतनाग में एंटी-करप्शन कोर्ट के समक्ष पेश की गई।
जिन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनकी पहचान मुश्ताक अहमद भट निवासी बाबापोरा काजीगुंड, तहसील देवसर (कुलगाम) और मोहम्मद यूसुफ डार निवासी खंडीपहाड़ी, हर्णाग (अनंतनाग) के रूप में हुई है।
मामला तब सामने आया जब एक शिकायत दर्ज कराई गई कि पटवारी हल्का खंडीपहाड़ी के रूप में कार्यरत मुश्ताक अहमद भट ने शिकायतकर्ता के भाइयों के साथ मिलकर ख्वात नंबर 5 और 7 के अंतर्गत आने वाली भूमि की धोखाधड़ी से म्यूटेशन करा दी। यह जमीन पहले से ही अदालत में विचाराधीन थी और अदालत ने इस पर यथास्थिति बनाए रखने का स्पष्ट आदेश दिया था, जिसकी जानकारी राजस्व रिकॉर्ड में भी दर्ज थी।
पटवारी ने इन तथ्यों को छिपाते हुए विवादित जमीन का एक हिस्सा बेचने में सहूलियत दी और फर्जी व गलत तरीके से म्यूटेशन तैयार किए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी मोहम्मद यूसुफ डार ने अपनी मां के नाम पर एक फर्जी गिफ्ट डीड तैयार करवाई। जब पुलिस ने गिफ्ट डीड पर दर्ज गवाहों से पूछताछ की तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए।
शिकायतकर्ता ने यह भी बताया कि राजस्व रिकॉर्ड की प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए पटवारी ने पैसे की मांग की। इतना ही नहीं, वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों के पास शिकायत करने के बाद भी उसके खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।
प्राथमिक पूछताछ में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
कार्रवाई के दौरान अदालत ने मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद भट और मोहम्मद यूसुफ डार को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
क्राइम ब्रांच ने कहा है कि आर्थिक अपराधों और धोखाधड़ी करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे ऐसे मामलों में सतर्क रहें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
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