राजनीति
जंतर-मंतर पर झड़प से आहत खड़गे ने जन्मदिन नहीं मनाने का किया ऐलान, कहा-हमारे बच्चे न्याय के हकदार
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के विरोध प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है। प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प से आहत खड़गे ने अपना जन्मदिन न मनाने की घोषणा की है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि देश ने सोमवार को सरकार द्वारा शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन को कुचलने, लाठीचार्ज की घटना देखी। न्याय की मांग कर रहे छात्रों की आवाज का जवाब देने के बजाय उन पर बल प्रयोग किया गया। ‘लोकतंत्र की जननी’ अपने युवा बच्चों के साथ ऐसा व्यवहार नहीं करती। इन दुखद हालात में मैंने आज अपना जन्मदिन न मनाने का फैसला किया है।
खड़गे ने कहा, “मैं उन सभी कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं, समर्थकों, शुभचिंतकों और हर उस नागरिक का बहुत आभारी हूं, जिन्होंने मुझे शुभकामनाएं भेजी हैं। आपका स्नेह मेरे लिए बहुत मायने रखता है और मैं आप सभी का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं लेकिन आज जश्न मनाने का दिन नहीं है। यह जवाबदेही तय करने और लोकतंत्र को बहाल करने का दिन है।”
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार से कई सवाल पूछे। उन्होंने कहा, “न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया? संसद को लगभग सील क्यों कर दिया गया और इंटरनेट क्यों बंद कर दिया गया? बार-बार पेपर लीक होने और लाखों युवाओं की परेशानी के लिए कौन ज़िम्मेदारी लेगा?”
खड़गे ने कहा कि सरकार को तुरंत संसद में इस मुद्दे पर पूरी चर्चा की अनुमति देनी चाहिए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस मामले की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए। सुरक्षित डिजिटल प्रश्न बैंक और रैंडमाइज्ड पेपर के साथ 21वीं सदी की छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली लागू हो। शिक्षा पर अधिक खर्च के साथ एक स्वतंत्र और योग्यता-आधारित शिक्षा प्रणाली, जो आरएसएस के राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो। परीक्षा में गड़बड़ी होने पर अनिवार्य रूप से दोबारा परीक्षा और मुआवजे के जरिए छात्रों को कानूनी सुरक्षा मिले। हमारे बच्चे न्याय के हकदार हैं, दमन के नहीं।”
राष्ट्रीय समाचार
राहुल गांधी की केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह से वार्ता विफल, कांग्रेस ने सरकार के सामने रखी 5 मांगें

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला और वहां धरने पर बैठ गई। इस बीच केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह कांग्रेस नेताओं से बातचीत करने के लिए पहुंचे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच हुई वार्ता किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात कर प्रदर्शनकारियों की मांगों पर चर्चा की।
कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने केंद्र सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, केंद्रीय गृहमंत्री से दोनों सदनों में इस मामले पर बयान देने और सदन में पूरे प्रकरण पर विस्तृत चर्चा कराई जाने की मांग की गई है। छात्रों से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबोधित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
लोक कल्याण मार्ग पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का धरना देर शाम तक जारी रहा। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया गया है। राहुल गांधी सहित अन्य सांसदों ने जमीन पर बैठकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का इस्तीफा मांगा। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा, “हमने लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर संसद में छात्रों के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की थी। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पर चर्चा कराने के लिए उन्हें सरकार से अनुमति लेनी होगी। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। न्याय की मांग कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और उनके साथ मारपीट की जा रही है। प्रधानमंत्री ने अब तक उनसे माफी तक नहीं मांगी है। देश के युवा ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। प्रधानमंत्री इस पर मौन क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों पर हो रहे इस दमन को तत्काल रोकना चाहिए।”
कांग्रेस का आरोप है कि सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के साथ सख्ती बरती गई। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है।
महाराष्ट्र
आज़मी ने पेपर लीक पर पुलिस कार्रवाई के संबंध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और सुप्रीम कोर्ट के दखल की मांग की

मुंबई: विधायक अबू आसिम आज़मी ने पेपर लीक कांड पर केंद्र सरकार के अग्रेसिव रुख का सपोर्ट करते हुए उस पर निशाना साधा है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। आज़मी ने इस बात पर निराशा जताई कि लाल बहादुर शास्त्री के उलट, जिन्होंने एक रेल हादसे की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए अपनी मर्ज़ी से इस्तीफा दे दिया था, यह सरकार कई स्टूडेंट्स के सुसाइड के बावजूद कोई जवाबदेही लेने से मना कर रही है। आज़मी ने सोनम वांगचुक की तारीफ़ की और कहा कि उन्होंने स्टूडेंट्स के भविष्य के लिए यह लड़ाई शुरू की है और देश के एजुकेशन सिस्टम में कमियों के विरोध में 20 दिन की भूख हड़ताल की है। हालांकि, उन्होंने दिल्ली पुलिस के उन पर लाठीचार्ज और आंसू गैस छोड़ने के एक्शन को बेहद शर्मनाक बताया। डॉ. राम मनोहर लोहिया के शब्दों – “जब सड़कें शांत हो जाती हैं, तो पार्लियामेंट आज़ाद हो जाती है” को याद करते हुए आज़मी ने कहा कि पार्लियामेंट इस समय सुनने के मूड में नहीं है। ऐसे समय में, नागरिकों को डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के दिए संविधान के अनुसार शांति से सड़कों पर उतरकर अन्याय और सरकार के खिलाफ़ आवाज़ उठाने का पूरा हक़ है। देश में डेमोक्रेसी खत्म होने और डिक्टेटरशिप जैसे हालात पैदा होने का आरोप लगाते हुए विधायक अबू आसिम आज़मी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि वह सोनम वांगचुक के साथ हुई पुलिस कार्रवाई और बुरे बर्ताव पर खुद से नोटिस ले और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने का निर्देश दे।
महाराष्ट्र
दिल्ली: बीजेपी नेता सदाभाऊ खोत के विवादित बयान ‘प्रदर्शनकारी स्टूडेंट टेररिस्ट हैं’ पर कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लुंडे ने इसकी आलोचना की है।

मुंबई महाराष्ट्र बीजेपी नेता सदाभव खोत ने दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों को आतंकवादी का टाइटल दिया है, जिसके बाद इस विवादित बयान पर बवाल शुरू हो गया है। सदाभव खोत के बयान से लोगों में नाराजगी है क्योंकि नेट पेपर लीक मामले में स्टूडेंट्स जंतर-मंतर पर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं। ऐसे में सदाभव खोत ने विवादित बयान देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाना चाहिए लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लिया जाना चाहिए। सदाभव खोत ने दिल्ली जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शन को भी एक साजिश बताया है और कहा है कि सरकार ने पेपर लीक मामले में आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उन पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन इसके बावजूद इंडिया अलायंस सरकार के खिलाफ साजिश में शामिल है। उन्होंने इंडिया अलायंस और विपक्ष पर देश में अशांति फैलाने का भी आरोप लगाया है। सदाभव ने यह बयान एक पब्लिक इवेंट में दिया है, जिसके बाद लोगों में अशांति है। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लुंडे ने इस पर कमेंट करते हुए कहा कि सदाभव खोत मंत्री थे लेकिन अब उनका मंत्रालय खत्म हो गया है। आप दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल स्टूडेंट्स को टेररिस्ट कहते हैं क्योंकि आपका बेटा वहां नहीं था और दूसरे लोगों के बच्चों को लिंच किया जा रहा है। अगर आप मिनिस्ट्री से भी यही बात कहवाते हैं, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं होगी।
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