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Tuesday,03-November-2026
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कोरोना संक्रमित के हर कदम पर रहेगी डिवाइस की नजर

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कोरोना के इस बेहद मुश्किल समय में सबसे ज्यादा जरूरी संक्रमित लोगों पर नजर रखना है। इसके लिए कई ऐप भी आए हैं। लेकिन वाराणसी के अशोका इंस्टीट्यूट के छात्रों ने ऐसा डिवाइस बनाया है, जिससे न केवल कोरोना के संक्रमित लोगों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि हॉटस्पॉट इलाके में उनके घर, अस्पताल या क्वारंटीन सेंटर से निकलते ही यह वहां के कर्मियों और पुलिस को अलार्म बजाकर सूचना भी देगा।

स्मार्ट गार्ड फॉर कोविड-19 नामक इस डिवाइस के माध्यम से हस्पिटल में भर्ती या क्वारंटीन सेंटर में रहने वाले मरीजों पर विशेष नजर रखी जा सकेगी। संस्थान के रिसर्च एंड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के श्याम चौरसिया के निर्देशन में धनंजय पांडेय, निखिल केसरी और मोहम्मद सैफ ने इस डिवाइस को बनाया है।

डिपार्टमेंट के श्याम चौरसिया ने बताया, “स्मार्ट गार्ड फॉर कोविड-19 नाम से बने इस डिवाइस से पॉजिटिव मरीजों के घरों पर नजर रखा जा सकता है। इलाके के कई संक्रमित मरीज कभी-कभी लापरवाही कर घर से बाहर निकलने का प्रयास करते हैं। ऐसे में औरों में भी वायरस फैलने का खतरा हो सकता है। लेकिन यह डिवाइस उनकी गतिविधियों पर पल-पल नजर रखने में सक्षम है। इतना ही नहीं, हॉटस्पॉट एरिया में तैनात पुलिस के जवान को क्वारंटीन किए गए मरीज की जानकारी भी पहुंचाएगा।”

चौरसिया ने बताया, “इस डिवाइस को मरीज के घर के सामने लगाने पर होम क्वारंटीन मरीज की गतिविधियों की जानकारी भी देगा। घर से कोई बाहर निकलता है तो डिवाइस में लगा सेंसर एक्टिवेट हो जाएगा और हॉटस्पॉट एरिया में तैनात पुलिस के जवान को तुरंत मरीज की लोकेशन बताएगा। यह कॉल और मैसेज भेज कर करेगा। इससे पुलिस समय रहते कार्रवाई कर सकेगी। इसको हॉस्पिटल या घर के गेट पर लगाया जा सकता है और सेंसर की रेंज 5 से 10 मीटर है।”

उन्होंने बताया, “इस डिवाइस की खास बात यह है कि अगर कोई मरीज बिना किसी सूचना के बाहर निकलता है तो डिवाइस के माध्यम से इसकी जानकारी वहां तैनात पुलिसकर्मियों के साथ ही अन्य लोगों को मिल जाएगी। इसे बनाने में खर्च और समय ज्यादा नहीं लगा। इस डिवाइस में पीआईआर सेंसर रिले 5 वोल्ट, बैटरी 9 वोल्ट कीपैड मोबाइल, सीसीटीवी कैमरा का प्रयोग हुआ है।”

चौरसिया बताते हैं, “इस डिवाइस में मोशन काउंटिंग सेंसर कैमरे के साथ हमने कीपैड मोबाइल फोन को अटैच किया है। इस डिवाइस के सेंस करने का रेंज तकरीबन 5 से 10 मीटर है, जो किसी भी हॉस्पिटल या घर के गेट के रास्ते पर नजर रखने के लिए काफी है। इस डिवाइस को हॉटस्पॉट एरिया में क्वारंटीन किए गए मरीजों के घरों के दरवाजों के उपर एक कैमरे की तरह लगाया जा सकता है। इसे बनाने में 8,500 रुपये का खर्च आया है।”

वे बताते हैं कि इसे बनाने में उन्होंने अपने कॉलेज में पड़े कैमरा, मोशन सेंसर, मोबइल, जीपीएस सिस्टम, बैटरी, कैलकुलेटर 5 वोल्ट रिले का प्रयोग किया है।

क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी महादेव पांडेय ने बताया, “कोरोना काल के अलावा इस डिवाइस की आने वाले समय में जरूरत रहेगी। आम सोसायटी की भीड़ को नियंत्रण करने में काफी सहयोगी करेगी।”

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स्वीडन से स्पेन तक: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के लिए दुनिया भर के नेता दिल्ली पहुंचे; यहां देखें पूरी लिस्ट

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इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 अभी 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में चल रहा है, जिसमें दुनिया भर के टॉप पॉलिटिकल लीडर और पॉलिसीमेकर शामिल हो रहे हैं। इस हाई प्रोफ़ाइल समिट का मकसद ज़िम्मेदार, सबको साथ लेकर चलने वाली और इनोवेशन से चलने वाली ग्रोथ पर फोकस करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य को आकार देना है।

एआई की उम्मीदों से लेकर मापने लायक असर तक जाने के लिए एक ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म के तौर पर, यह समिट यह दिखाना चाहता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस लोगों, धरती और तरक्की के लिए कैसे ठोस नतीजे दे सकता है।

आने वाले दिनों में होने वाली मल्टीलेटरल चर्चाओं और बाइलेटरल मीटिंग्स में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई लीडर्स पहले ही नेशनल कैपिटल पहुंच चुके हैं।

समिट में बातचीत के लिए लीडर्स पहुंचे

स्वीडन के उप प्रधानमंत्री एब्बा बुश

स्वीडन के उप प्रधानमंत्री और ऊर्जा, व्यापार और उद्योग मंत्री एबा बुश समिट में भाग लेने के लिए बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे।

उनका स्वागत करते हुए, विदेश मंत्रालय (एमईए) ने ट्रेड, इकॉनमी, साइंस, इनोवेशन, क्लाइमेट एक्शन और एजुकेशन में भारत-स्वीडन की बड़ी पार्टनरशिप पर ज़ोर दिया। एक्स पर एक पोस्ट में, एमईए ने उनके दौरे को एआई समेत नई टेक्नोलॉजी में आपसी सहयोग को मज़बूत करने का हिस्सा बताया।

फ़िनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो

पेटेरी ओर्पो एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेने के लिए भारत आईं और एयरपोर्ट पर स्किल डेवलपमेंट और एंटरप्रेन्योरशिप राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।

एमईए के स्पोक्सपर्सन रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह विज़िट इंडिया-फिनलैंड पार्टनरशिप को और मज़बूत करेगी, जिसमें डिजिटल टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सस्टेनेबिलिटी और एजुकेशन पर फोकस होगा।

स्पेन के प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज़

स्पेन सरकार के प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज़ भी समिट के लिए इंडिया पहुंचे और मिनिस्टर ऑफ़ स्टेट जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया।

एक्स पर एक पोस्ट में, रणधीर जायसवाल ने सांचेज़ का स्वागत किया और कहा कि उनके दौरे से चल रहे इंडिया-स्पेन डुअल ईयर ऑफ़ कल्चर, टूरिज्म और एआई को और बढ़ावा मिलेगा।

ज़्यादा ग्लोबल भागीदारी

इससे पहले, सर्बिया, श्रीलंका, गुयाना और बोलीविया के नेता समिट में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुँचे। इमैनुएल मैक्रों, जो अभी भारत के दौरे पर हैं, के भी एआई इम्पैक्ट समिट में शामिल होने की उम्मीद है।

पिछले ग्लोबल एआई समिट्स पर आधारित

इंडिया एडिशन पहले हुए इंटरनेशनल एआई गैदरिंग्स पर आधारित है। पहला ग्लोबल एआई समिट 2023 में यूनाइटेड किंगडम ने होस्ट किया था, जिसमें एआई सेफ्टी और बहुत ज़्यादा रिस्क पर चर्चा हुई थी। इसके बाद 2025 में फ्रांस में हुए समिट में टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क पर ज़्यादा ध्यान दिया गया।

2026 के इंडिया समिट में इन चर्चाओं को आगे बढ़ाने की उम्मीद है, साथ ही ग्लोबल एआई गवर्नेंस और कोलेबोरेटिव इनोवेशन फ्रेमवर्क को आकार देने में भारत को एक अहम आवाज़ के तौर पर पेश किया जाएगा।

जैसे-जैसे समिट आगे बढ़ेगा, आने वाले दिनों में और भी हाई-लेवल मीटिंग्स, पॉलिसी चर्चाएँ और कीनोट एड्रेस तय किए गए हैं।

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फोनपे ने सुरक्षित कार्ड ट्रांजैक्शन के लिए डिवाइस टोकनाइजेशन सॉल्यूशन किया लॉन्च

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नई दिल्ली, 17 फरवरी: फिनटेक मेजर फोनपे ने सोमवार को क्रेडिट और डेबिट कार्ड के लिए डिवाइस टोकनाइजेशन सॉल्यूशन लॉन्च करने की घोषणा की।

इस लॉन्च के साथ यूजर्स फोनपे ऐप पर अपने कार्ड को टोकनाइज कर सकेंगे। फोनपे यूजर्स बिल पेमेंट, रिचार्ज, ट्रैवल टिकट बुकिंग, बीमा खरीदना, पिनकोड पर पेमेंट कार्ड के जरिए कर सकेंगे। इसके अलावा, ऑनलाइन मर्चेंट जहां फोनपे पेमेंट गेटवे सर्विस इंटीग्रेट हैं, पर भी कार्ड को टोकनाइज किया जा सकेगा।

फोनपे के सह-संस्थापक और सीटीओ राहुल चारी ने कहा, “यह लॉन्च डिजिटल पेमेंट को अधिक सुरक्षित और सहज बनाने की दिशा में एक कदम आगे होगा। हम अधिक कार्ड पेमेंट नेटवर्क के साथ इंटीग्रेट कर और सभी फोनपे पीजी व्यापारियों को डिवाइस टोकनाइज्ड कार्ड तक पहुंच सक्षम कर इस पेशकश का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं।”

चारी ने कहा, “फोनपे में हमने हमेशा ऐसे इनोवेटिव सॉल्यूएशन बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है, जो ग्राहकों के विश्वास और सुविधा को बढ़ाते हैं। डिजिटल पेमेंट के विकास के साथ, हम ऐसे ऑफर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो बिजनेस और उपभोक्ताओं दोनों के लिए लेन-देन को सुरक्षित, तेज और बाधा रहित बनाते हैं।”

कंपनी के अनुसार, उपभोक्ताओं के लिए कार्ड को टोकनाइज करने से कई लाभ हैं।

फोनपे ग्राहकों को अब मर्चेंट प्लेटफॉर्म पर अपने कार्ड की डिटेल्स सेव या हर ट्रांजैक्शन के लिए सीवीवी एंटर करने की जरूरत नहीं होगी, जिससे सक्सेस रेट ज्यादा होगा और चेकआउट के समय कम ड्रॉप-ऑफ होंगे।

डिवाइस से सुरक्षित रूप से जुड़े टोकनाइज किए गए कार्ड के साथ, चोरी या लीक हुए कार्ड डिटेल से धोखाधड़ी का जोखिम भी काफी कम हो जाता है, जिससे उपभोक्ताओं को सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम मिलता है और ऑनलाइन पेमेंट में उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है।

सबसे पहले उपभोक्ता अपने वीजा क्रेडिट और डेबिट कार्ड को टोकनाइज कर सकेंगे।

जैसे-जैसे अधिक उपभोक्ता इस सहज पेमेंट के तरीके को अपनाते हैं, व्यवसायों को स्वाभाविक रूप से अधिक सक्सेस रेट, बेहतर ग्राहक एक्सपीरियंस और एक बाधा रहित चेकआउट अनुभव से लाभ होगा, जो विकास को बढ़ावा देता है।

कंपनी ने कहा, “एक लीडिंग पेमेंट गेटवे के रूप में, फोनपे पेमेंट गेटवे को अपने सभी व्यापारियों को यह सॉल्यूशन प्रदान करने वाली पहली कंपनी होने पर गर्व है।”

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Jio Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए जरूरी खबर, 1 नवंबर से बदल रहे नियम

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Jio Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए जरूरी खबर, 1 नवंबर से बदल रहे नियम

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) स्पैम और फर्जी कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। कुछ दिन पहले ही नए टेलीकॉम नियम लागू हुए थे, जिन्हें फर्जी और स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के मकसद से सरकारी संस्था लेकर आई थी। 1 नवंबर से दोबारा नए नियम लागू हो रहे हैं। जिसके बाद ऐसे कॉल्स पर और भी सख्ती हो जाएगी।

ट्राई ने सभी टेलीकॉम कंपनियों से कहा है कि वह मैसेज ट्रेसबिलिटी (Massage Traceability) को लागू करें। हालांकि इसपर टेलीकॉम कंपनियों ने आपत्ति दर्ज कराई है और कहा कि ऐसा करने से उनका कामकाज प्रभावित होगा।

लागू होंगे नए नियम

एक नवंबर से नए टेलीकॉम लागू हो रहे हैं। जिनके मुताबिक सभी टेलीकॉम कंपनियों को मैसेज ट्रेसबिलिटी को लागू करना अनिवार्य होगा। ऐसा करने से फर्जी और स्पैम कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होगी। TRAI ने साफतौर पर कहा कि बैंकों, ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों और अन्य फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स की ओर से भेजे जाने वाले ट्रांजैक्शनल और सर्विस मैसेज की ट्रेसबिलिटी को अनिवार्य रूप से लागू किया जाए। ताकि कस्टमर्स के पास आने वाले स्पैम कॉल्स पर लगाम लग सके।

मैसेज ट्रेसबिलिटी क्या है?

मैसेज ट्रेसबिलिटी वह तरीका है, जिसकी मदद से फर्जी और फेक कॉल करने वालों को ट्रेस करने में आसानी होती है और कॉल आने से पहले ही उन्हें ब्लॉक कर दिया जाता है। इसके आ जाने के बाद कॉल पहले से ज्यादा सिक्योर हो जाएगी और उनकी बेहतर तरीके से निगरानी की जा सकेगी। मैसेज ट्रेसबिलिटी नियम लागू हो जाने के बाद कई और भी चीजें हैं जो सही हो जाएंगी।

Jio-Airtel और Vi की बढ़ी टेंशन

ट्राई ने तो साफ कर दिया है कि एक नवंबर से नए टेलीकॉम नियम लागू हो रहे हैं, लेकिन इस पर सभी प्रमुख टेलीकॉम कंपनियों ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मैसेज ट्रेसबिलिटी लागू होने से उनका काम मुश्किल हो जाएगा और इससे कई चीजें प्रभावित होंगी।एक रिपोर्ट के मुताबिक, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (COAI) ने नए नियम लागू करने को लेकर ट्राई से कुछ वक्त मांगा है। टेलीकॉम कंपनियों ने कहा ”जल्दबाजी से इन नियमों को लागू करने के बजाय हम चाहते हैं कि इन्हें स्टेप बाय स्टेप लागू किया जाए।”ऐसा करने के पीछे टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि नए नियम का पालन करने के लिए कई टेलीमार्केटर्स और कई प्रमुख संस्थान तैयार नहीं हैं। 

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