राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली: एक्सपायरी फूड प्रोडक्ट बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, सरगना गिरफ्तार
नई दिल्ली, 18 दिसंबर: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए सरगना कारोबारी को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नामी कंपनियों के एक्सपायरी या मिसब्रांडेड खाद्य उत्पाद बेहद कम कीमत पर बेच रहा था। गिरफ्तारी के साथ ही लाखों रुपए के एक्सपायरी चॉकलेट और अन्य ब्रांडों के सामान जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह रैकेट ऑनलाइन आकर्षक ऑफर्स के बहाने तैयार खाद्य पदार्थों की बिक्री करता था, ताकि आम लोग कम कीमत के झांसे में आ जाएं।
दरअसल, 8 जनवरी 2024 को एफएसएसएआई की सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी, नॉर्दर्न रीजन की अधिकारी मनीषा नारायण की शिकायत के बाद 9 जनवरी 2024 को एफआईआर संख्या 11/2024 दर्ज की गई। मामला आईपीसी की धाराओं 202, 273, 417, 420, 468 और 471 के तहत दर्ज हुआ। जांच की जिम्मेदारी एसआई हितेश भारद्वाज को सौंपी गई।
जांच के दौरान क्राइम ब्रांच की टीम ने चार अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की और संबंधित परिसरों को सील कर दिया। इनमें पहला और दूसरा परिसर लेखू नगर, त्रिनगर में स्थित है, जबकि तीसरा परिसर भीकाजी कामा प्लेस और चौथा परिसर मोती नगर में है। इन स्थानों से जब्त की गई सामग्री के सैंपल सरकारी लैबोरेटरी में जांच के लिए भेजे गए।
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि कई सैंपल मिसब्रांडेड पाए गए, जबकि कुछ उत्पादों में निर्धारित मानक के अनुसार फैट कंटेंट नहीं था, यानी वे सब-स्टैंडर्ड श्रेणी के थे। हालांकि, कुछ नमूने मानक के पूरी तरह अनुरूप भी पाए गए। पूरी कार्रवाई एफएसएसएआई अधिकारियों की सहायता से ही की गई, जिसमें दस्तावेजीकरण, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का कार्य भी शामिल था।
जांच में पता चला कि आरोपी पहले शेयर मार्केट में था और भारी नुकसान हुआ। इसके बाद उसने डिपार्टमेंटल स्टोर खोला, लेकिन मुनाफा नहीं हुआ। इसके बाद आरोपी ने नियर-एक्सपायरी प्रॉडक्ट्स खरीदकर नए लेबल चिपकाने और एक्सपायरी डेट बदलने का गैंग खड़ा किया। मुंबई के बिचौलियों से थ्रो-वे प्राइस पर माल खरीदा जाता था। इसके बाद, फर्जी बिल तैयार होते थे और लेबल्स में निर्माण तिथि, एक्सपायरी, एमआरपी और बैच नंबर बदल दिए जाते थे और फिर कम दाम पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता था।
एक फर्जी इनवॉइस की पुष्टि करते हुए हेर्शे कंपनी ने बताया कि माल असली था, लेकिन लेबल में छेड़छाड़ कर एक्सपायरी बदल दी गई।
पुलिस की जांच में सामने आया कि एक्सपायरी प्रोडक्ट्स अधिकृत सप्लाई चेन से हटाकर वेस्ट मैनेजमेंट और दूसरी चैनलों के जरिए बेचे जा रहे थे। कई कंपनियों और व्यक्तियों को नोटिस भेजे गए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अतुल जालान (55) के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी आम ग्राहक की छूट पाने की मानसिकता का फायदा उठा रहा था। वह त्योहारी ऑफर्स के नाम पर एक्सपायरी माल को नई डेट पर री-लेबल कर बेच देता था। उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के दौरान जब्त सामग्री में एक बड़े चॉकलेट ब्रांड के उत्पाद शामिल थे, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए थी, जबकि अन्य ब्रांडेड कंपनियों के सामान की कीमत करीब 50 लाख रुपए आंकी गई है।
यह ऑपरेशन एसीपी अशोक शर्मा के निर्देश पर इंस्पेक्टर अजय शर्मा की अगुवाई में गठित टीम ने संपन्न किया। टीम में एसआई हितेश भारद्वाज, एसआई मनीष पंवार, एसआई राजेश कुमार, हेड कांस्टेबल मंदीप राणा, हेड कांस्टेबल नीरज पहल, हेड कांस्टेबल आकाश नैण, हेड कांस्टेबल नरेंद्र, हेड कांस्टेबल विकास, हेड कांस्टेबल रविंद्र और महिला हेड कांस्टेबल मंजी शामिल थे।
क्राइम ब्रांच ने चेतावनी दी है कि एक्सपायरी डेट वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण, लेबल बदलकर बेचना या री-पैकेजिंग करना गंभीर अपराध है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सीधा हमला है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर नामी ब्रांड्स के खाद्य उत्पादों के बहुत सस्ते ऑफर्स से सतर्क रहें। दिल्ली पुलिस खाद्य सुरक्षा और जनहित की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है तथा ऐसे रैकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
राष्ट्रीय समाचार
अंतरिक्ष एजेंसियों व तकनीकी साझेदारों से जुड़ेगी उच्च शिक्षा संस्थानों की रिसर्च

भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। शिक्षा मंत्रालय की पहल पर फ्रांस में भारतीय आईआईटी, विश्वविद्यालय व अन्य संस्थानों की रिसर्च वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित की जाएगी। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे।
भारत इनोवेटस 2026 एक ग्लोबल एक्सेलेरेटर के रूप में 100 से अधिक डीप-टेक स्टार्टअप्स और प्रमुख संस्थानों को 13 अत्याधुनिक क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय भागीदारों से जोड़ रहा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत के उच्च शिक्षण संस्थान अब केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये संस्थान नवाचार, उद्यमिता और गहन प्रौद्योगिकी अनुसंधान के शक्तिशाली केंद्र बनकर उभर रहे हैं।
शोध प्रयोगशालाओं से लेकर रिसर्च सेंटर्स और नवउद्यम सहायता केंद्रों तक, देश के विश्वविद्यालय तेजी से बढ़ते नवउद्यम तंत्र को दिशा दे रहे हैं। इसी सोच को वैश्विक मंच तक पहुंचाने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्रालय द्वारा भारत इनोवेटस 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह पहल भारतीय उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नवउद्यमों, शोधकर्ताओं और युवा नवप्रवर्तकों को दुनिया भर के निवेशकों, उद्योग जगत, विश्वविद्यालयों और नवाचार साझेदारों से जोड़ने का बड़ा मंच बनेगी।
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दूरदर्शी सोच को आगे बढ़ाती है। इसमें नवाचार आधारित शिक्षा, बहु-विषयक अनुसंधान और उद्योग तथा शिक्षण संस्थानों के बीच मजबूत सहयोग पर विशेष जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि भारत के युवा नवप्रवर्तक अब केवल देश की जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए समाधान विकसित कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि “भारत इनोवेट्स 2026” में भारत की अग्रणी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी ध्रुव स्पेस भी भाग लेगी। हैदराबाद स्थित यह कंपनी भारत की पहली निजी अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल है और पूर्ण अंतरिक्ष अभियांत्रिकी समाधान उपलब्ध करा रही है। कंपनी उपग्रह मंच, सौर पैनल और प्रक्षेपण सेवाओं जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है। यह नागरिक और रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए सेवाएं प्रदान कर रही है। कंपनी ने भारत सरकार को अंतरिक्ष गुणवत्ता वाले सौर पैनल उपलब्ध कराए हैं।
वहीं विदेशों की बात करें तो कंपनी ने संयुक्त अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया तथा फ्रांस जैसे देशों को निर्यात भी किया है। इससे ‘मेड इन इंडिया’ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की वैश्विक क्षमता और विश्वसनीयता साबित हुई है। एक जानकारी में शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि ध्रुव स्पेस अब तक विभिन्न निवेश चरणों के माध्यम से 21 मिलियन डॉलर से अधिक की पूंजी जुटा चुका है और तेजी से आगे विस्तार कर रहा है।
कंपनी वर्ष 2026 के अंत तक सिंथेटिक एपर्चर रडार आधारित उपग्रह समूह विकसित करने पर काम कर रही है। यह प्रणाली हर मौसम में चौबीसों घंटे उच्च गुणवत्ता वाली पृथ्वी निगरानी और चित्रण सुविधा प्रदान करेगी, जिसका उपयोग रणनीतिक और रक्षा उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि भारत इनोवेट 2026 के माध्यम से भारत अपने नवाचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी सामर्थ्य को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में आयोजित होगा। यहां भारतीय नवउद्यम वैश्विक निवेशकों, अंतरिक्ष एजेंसियों और तकनीकी साझेदारों से जुड़ेंगे। सरकार का कहना है कि भारत की अंतरिक्ष क्रांति अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और दुनिया जल्द ही भारतीय युवाओं द्वारा विकसित अत्याधुनिक तकनीकों का प्रभाव देखेगी।
राजनीति
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने जोसेफ विजय, राज्यपाल ने दिलाई सीएम पद की शपथ

टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें सीएम पद की शपथ दिलाई। विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कझगम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (एआईएडीएमके) के लगभग छह दशकों का दबदबा खत्म हो गया।
जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक भव्य समारोह में विजय के अलावा एन. आनंद, आधव अर्जुन, केजी अरुण राज, केए. सेंगोट्टैयन, पी.वेंकेटरामनन, आर.निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ.टीके प्रभु और सेल्वी एस. कीर्तना ने मंत्री पद की शपथ ली।
शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेता, फिल्मी हस्तियां, पार्टी कार्यकर्ता और हजारों समर्थक शामिल हुए। भारी सुरक्षा व्यवस्था में शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ।
सबसे आगे की लाइन में विजय के माता-पिता, जाने-माने फिल्ममेकर एस.ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर के लिए सीटें रिजर्व थीं। एक्टर त्रिशा कृष्णन और उनकी मां को भी उसी लाइन में सीटें दी गईं थीं।
टीवीके के नेतृत्व वाले गठबंधन को 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु असेंबली में 120 विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय ने राज्यपाल से मिलकर दावा पेश किया। टीवीके ने हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी, लेकिन वह बहुमत से पीछे रह गई। कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (सीपीआई) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट ने सरकार बनाने के लिए टीवीके का समर्थन किया।
समर्थन मिलने के बाद विजय ने शनिवार रात चेन्नई के लोक भवन में गवर्नर आर्लेकर से मुलाकात की थी और सभी पांच सहयोगी पार्टियों के समर्थन पत्र सौंपे। नए मुख्यमंत्री विजय को 13 मई या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने का भी निर्देश दिया है।
विजय का शपथ ग्रहण तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव है, क्योंकि 1967 के बाद पहली बार राज्य में कोई गैर द्रविड़ पार्टी सत्ता में आई है।
राष्ट्रीय समाचार
भारत में एयरक्राफ्ट लीजिंग सेक्टर में 50 अरब डॉलर का बड़ा अवसर, लक्षद्वीप में जल्द शुरू होंगी सीप्लेन सेवाएं: राम मोहन नायडू

भारत का एविएशन सेक्टर तेजी से विस्तार की ओर बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में विमान लीजिंग और फाइनेंसिंग के क्षेत्र में बड़े निवेश की संभावनाएं दिखाई दे रही हैं। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू किंजारापु ने कहा कि भारतीय एयरलाइंस के पास वर्तमान में 1,640 विमानों की डिलीवरी लंबित है, जो अगले एक दशक में देश के लिए 50 अरब डॉलर के एयरक्राफ्ट लीजिंग अवसर पैदा करेगी। उन्होंने यह बात गांधीनगर के गिफ्ट सिटी में आयोजित इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट 2.0 के दौरान कही।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते एविएशन बाजारों में शामिल हो चुका है और अब देश खुद को वैश्विक एविएशन फाइनेंसिंग और एयरक्राफ्ट लीजिंग हब के रूप में भी स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारतीय एयरलाइंस के पास 1,640 विमानों की लंबित डिलीवरी है। यह आने वाले 10 वर्षों में करीब 50 अरब डॉलर के लीजिंग अवसरों में बदल सकती है। उन्होंने कहा कि भारत का कमर्शियल विमान बेड़ा 2027 तक बढ़कर 1,100 विमानों तक पहुंच सकता है, जबकि 2035 तक यह संख्या 2,250 से अधिक होने का अनुमान है।
मंत्री ने आगे कहा कि एविएशन सेक्टर के इस बड़े विस्तार को समर्थन देने के लिए मजबूत घरेलू फाइनेंसिंग और लीजिंग इकोसिस्टम की जरूरत है। सरकार इसी दिशा में लगातार काम कर रही है ताकि भारतीय एयरलाइंस को वैश्विक स्तर की सुविधाएं और वित्तीय सहायता मिल सके।
उन्होंने बताया कि पहले आयोजित इंडिया एयरक्राफ्ट लीजिंग एंड फाइनेंसिंग समिट में किए गए कई बड़े वादों को सरकार ने पूरा कर दिया है। इसी क्रम में ‘प्रोटेक्शन ऑफ इंटरेस्ट्स इन एयरक्राफ्ट ऑब्जेक्ट्स एक्ट 2025’ लागू किया गया है, जो भारत के कानूनी ढांचे को केप टाउन कन्वेंशन के अनुरूप बनाता है।
मंत्री ने कहा कि पहले एयरक्राफ्ट लीजिंग कंपनियों को विमान डी-रजिस्ट्रेशन और एक्सपोर्ट ऑथराइजेशन जैसे मामलों में लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे एयरलाइंस की लागत बढ़ती थी और अंततः यात्रियों को महंगे हवाई किराए का सामना करना पड़ता था। अब सरकार ने इस समस्या का समाधान कर दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने एयरलाइंस को राहत देने के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित रखा है। साथ ही एयरपोर्ट पर लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में 25 प्रतिशत की कटौती की गई है और एयरलाइंस के लिए क्रेडिट सपोर्ट भी बढ़ाया गया है।
नायडू ने कहा कि हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5,000 करोड़ रुपए की ‘क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम’ को मंजूरी दी है, जिससे एयरलाइंस को नकदी संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने दावा किया कि दुनिया में शायद ही किसी सरकार ने एविएशन सेक्टर के लिए इस तरह की पहल की हो।
इस दौरान, केंद्रीय मंत्री ने यह भी घोषणा की कि लक्षद्वीप में जल्द ही सीप्लेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल पारंपरिक विमान सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हेलीकॉप्टर, छोटे रीजनल एयरक्राफ्ट और सीप्लेन के जरिए दूर-दराज और भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों तक कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि सरकार 40 से 100 सीट वाले छोटे विमानों के लिए भी लीजिंग फ्रेमवर्क को बढ़ावा दे रही है, ताकि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत हो सके। इसके अलावा एविएशन सेक्टर में निवेश बढ़ाने के लिए फ्रैक्शनल ओनरशिप मॉडल और एयरक्राफ्ट को इंफ्रास्ट्रक्चर एसेट मानने जैसे नए नीति विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
महाराष्ट्र10 months agoहाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को नोटिस जारी किया, मस्जिदों के लाउडस्पीकर विवाद पर
-
महाराष्ट्र1 year agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
महाराष्ट्र1 year agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
दुर्घटना8 months agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
अनन्य3 years agoउत्तराखंड में फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग हुआ सतर्क
-
न्याय2 years agoमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ हाईकोर्ट में मामला दायर
