राजनीति
दिल्ली को बायो डीकंपोजर उपयोग के लिए 800 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए: मुख्यमंत्री
पूसा संस्थान द्वारा निर्मित बायो डीकंपोजर की सफलता की सराहना करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली सरकार को प्राकृतिक रूप से बने तरल डीकंपोजर के छिड़काव के लिए किसानों से 844 आवेदन प्राप्त हुए हैं। केजरीवाल ने कहा, “इससे पहले हमने 19.5 एकड़ भूमि पर इस बायो-डीकंपोजर को आजमाया था। इस बार हमने 42 एकड़ कृषि भूमि पर इसका नमूना लिया। इसकी सफलता और वैपकोस द्वारा थर्ड-पार्टी ऑडिट रिपोर्ट के बाद, हमें उन किसानों द्वारा 844 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो इस बायो-डीकंपोजर को चाहते हैं। हम दिल्ली के पड़ोसी राज्यों से भी इस पद्धति का उपयोग करने का आग्रह करते हैं, क्योंकि अंतत: पराली जलाने का इलाज मिल गया है।”
2020 में नमूना लिया गया बायो-डीकंपोजर इस अक्टूबर और नवंबर में खेतों में छिड़का जाएगा – एक ऐसा समय जब किसान रबी फसलों के लिए अपनी जमीन तैयार करना शुरू करते हैं और ऐसा करने के लिए पराली जलाते हैं।
अंतिम मिश्रण में बेसन (बेसन) और गुड़ (गुड़) के साथ मिश्रित बायो-डीकंपोजर कैप्सूल शामिल होगा। कृषि विस्तार अधिकारी, धूम सिंह ने आईएएनएस को बताया, “प्रत्येक 25 लीटर घोल (मिश्रण) के लिए 20 बायो-डीकंपोजर कैप्सूल का उपयोग किया जाएगा, जो 12 दिनों में तैयार हो जाएगा।”
केंद्र सरकार के एक उपक्रम वाप्कोस की रिपोर्ट के अनुसार, सर्वेक्षण में शामिल 90 प्रतिशत किसानों ने कहा कि उनकी कृषि भूमि 15-20 दिनों के भीतर सड़ जाती है और उनके खेत अगले सीजन की फसल के लिए तैयार हो जाते हैं।
“इस नए बायो-डीकंपोजर के उपयोग के बाद उनके खेतों में ऑर्गेनिककार्बन 40 प्रतिशत तक बढ़ गया क्योंकि फसल अवशेष खाद बन जाता है। नाइट्रोजन की मात्रा में भी 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई और अच्छे बैक्टीरिया और फंगस में 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई और इसके अलावा मिट्टी की गुणवत्ता इतनी बढ़ गई थी और गेहूं की फसल के अंकुरण में 17-20 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।”
हाल ही में, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने कहा है कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारें भी इस बायो-डीकंपोजर का उपयोग कर सकती हैं।
केंद्रीय आयोग ने एक बयान में कहा, “आयोग को सूचित किया गया है कि पूसा बायो-डीकंपोजर यूपी में छह लाख एकड़, हरियाणा में एक लाख एकड़, पंजाब में 7,413 एकड़ और दिल्ली में 4,000 एकड़ में लगाने की योजना है।”
राजनीति
5 सितंबर का मार्च रद्द, सरकार ने सीजेपी की सारी मांगें मानी : सौरव दास

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आपके माध्यम से मैं यह बताना चाहता हूं कि हम 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक होने वाले अपने शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं।”
सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस को फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। हमने सरकार के साथ बातचीत में तर्क दिया कि अगर ये 2,800 कुख्यात अपराधी सच में वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह उठता है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे? दूसरी बात, अगर उन्होंने विरोध वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे दुष्कर्म, हत्या या कोई और संगीन अपराध, तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में पहचाने गए लगभग 2,800 कुख्यात अपराधियों की जांच के लिए एक अलग, नई एफआईआर दर्ज की जाए। वह मामला अब सुलझ गया है।”
उन्होंने मुआवजे के मुद्दे पर भी जानकारी दी। सौरव दास के अनुसार, “हमने सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने यह कहे कि सम्मानजनक राशि का मुआवजा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे परिवारों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया और कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी।”
सीजेपी प्रवक्ता ने 25 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए इसे युवाओं की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, “25 जुलाई देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। उस समय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। जैसा कि आप जानते हैं, एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि आशुतोष और मैंने, यानी हम दोनों प्रतिनिधियों ने उसी दिन वरिष्ठ मंत्री जेपी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।”
उन्होंने आगे बताया कि उनकी दो प्रमुख मांगें थीं। पहली, उन परिवारों को मुआवजा दिया जाए, जिनके बच्चों ने नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर ली थी। दूसरी मांग यह थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों, युवाओं और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं। सरकार ने दोनों मांगों पर सहमति जताई है।
महाराष्ट्र
श्रीकांत शिंदे की पहल पर वर्ली में सफाई अभियान शुरू, सचिन अहीर ने एसआईआर पर विपक्ष के आरोपों का दिया साफ जवाब

मुंबई, महाराष्ट्र लेजिस्लेटिव काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन सचिन अहीर की मौजूदगी में मुंबई के वर्ली कोलीवाड़ा में सफाई अभियान शुरू किया गया। अभियान का मुख्य मकसद “क्लीन वर्ली, ब्यूटीफुल वर्ली” है। अभियान की शुरुआत वर्ली सीफ्रंट से हुई। इस दौरान सचिन अहीर ने रिपोर्टर्स को बताया कि लोकल लोगों ने एमपी डॉ. श्रीकांत शिंदे को अपनी चिंताएं बताई हैं। उन्होंने बताया कि इलाके में गंदगी की वजह से उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गंदगी से हेल्थ प्रॉब्लम का भी खतरा रहता है। लोकल लोगों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए डॉ. श्रीकांत शिंदे ने पूरे इलाके में सफाई अभियान शुरू करने का फैसला किया। अभियान की शुरुआत वर्ली सीफ्रंट से हुई। जल्द ही पूरे इलाके को साफ कर दिया जाएगा। सचिन अहीर ने कहा कि लोकल लोगों ने श्रीकांत शिंदे से अपनी समस्याओं को हल करने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि वर्ली महाराष्ट्र का एक अहम हिस्सा है। लोकल विधायक अपनी ड्यूटी ठीक से निभाएं या नहीं, यह सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की चिंताओं और समस्याओं को दूर करे। इसी कमिटमेंट के तहत जल्द ही पूरे इलाके को साफ कर दिया जाएगा। सचिन अहीर ने आगे बताया कि वर्ली की सभी समस्याओं को हल करने के लिए एक बड़ा सिस्टम बनाया जा रहा है, यहां तक कि छोटी-छोटी दिक्कतों को भी हल करने और बेसिक सुविधाएं देने के लिए भी। यह कैंपेन सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल चलेगा।
एसआईआर पर विपक्ष को सचिन अहीर का जवाब
एसआईआर प्रोसेस के दौरान वोटर लिस्ट से 2 करोड़ से ज़्यादा नाम हटाए जाने के विपक्ष के आरोप पर सचिन भाऊ अहीर ने कहा कि यह एक पॉलिटिकल आरोप है। उन्होंने सवाल किया कि जब एसआईआर प्रोसेस चल रहा था, तब विपक्ष के बीएलओ क्या कर रहे थे। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अभी भी समय है। आरोप लगाने के बजाय, उन्हें उन लोगों के नाम फिर से रजिस्टर करने पर काम करना चाहिए जिनके नाम पर विपक्ष पॉलिटिक्स कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रोसेस अभी भी चल रहा है और सभी एलिजिबल लोगों को रजिस्टर करने की कोशिश की जानी चाहिए।
राष्ट्रीय समाचार
आईबीपीएस आरआरबी सीआरपी भर्ती 2026: ऑफिसर समेत 13,706 पदों पर बंपर भर्ती शुरू, जानें डिटेल्स

बैंकिंग सेक्टर में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन नौका सामने आया है। दरअसल, इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सलेक्शन (आईबीपीएस) ने ऐसे योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर आमंत्रित किए हैं, जो किसी भी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) में ग्रुप ‘ए’-अधिकारी (स्केल- I, II और III) और ग्रुप ‘बी’-कार्यालय सहायक (बहुउद्देशीय) के रूप में शामिल होना चाहते हैं।
आईबीपीएस ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (आरआरबी) में ग्रुप ‘ए’-ऑफिसर (स्केल-I, II और III) और ग्रुप ‘बी’-ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पज) के रूप में उम्मीदवारों को नियुक्त करने के लिए 13,706 पदों पर बंपर भर्ती निकाली है।
आईबीपीएस की ओर से जारी 13,706 रिक्तियों में ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) – ग्रुप ‘बी’ के 8,183, ऑफिसर स्केल-I (असिस्टेंट मैनेजर) – ग्रुप ‘ए’ के 4,256, ऑफिसर स्केल-II – ग्रुप ‘ए’ (सभी स्पेशलाइजेशन मिलाकर: जनरल बैंकिंग ऑफिसर, आईटी ऑफिसर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, लॉ ऑफिसर, ट्रेजरी मैनेजर, मार्केटिंग ऑफिसर, एग्रीकल्चरल ऑफिसर) के 1,047 और ऑफिसर स्केल-III (सीनियर मैनेजर) – ग्रुप ‘ए’ के 220 पद शामिल हैं।
इन सभी रिक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू हो गई है और अप्लाई करने की अंतिम तिथि 21 सितंबर तय की गई है। ऐसे में जो उम्मीदवार इन पदों पर नियुक्ति होने के लिए एप्लीकेशन फॉर्म भरना चाहते हैं, वे आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर तय अंतिम तिथि तक या उससे पहले अपनी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। वहीं, जिन अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र भरते समय कुछ गलती हो जाएगी, उनके लिए आवेदन फॉर्म में बदलाव/सुधार करने हेतु एडिट विंडो (एडिट के लिए ऑनलाइन भुगतान सहित) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बंद होने के 2 दिन बाद तक आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर सक्रिय रहेगी।
आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से संबंधित पद और क्षेत्र के अनुसार कम के कम ग्रेजुएशन की डिग्री का होना अनिवार्य है। इसके अलावा, कैंडिडेट्स को पास निर्धारित स्थानीय भाषा में दक्षता, कंप्यूटर का कामकाजी ज्ञान और योग्यता प्राप्त करने के बाद प्रासंगिक क्षेत्र में एक से दो वर्षों का अनुभव होना भी जरूरी है।
ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) पद के लिए आवेदकों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष तय की गई है। वहीं, ऑफिसर स्केल-I (असिस्टेंट मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष, ऑफिसर स्केल-II (मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 32 वर्ष और ऑफिसर स्केल-III (सीनियर मैनेजर) के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष तय की गई है। सभी पदों के लिए आयु की गणना 1 सितंबर के आधार पर की जाएगी और आरक्षित श्रेणी से आने वाले कैंडिडेट्स को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।
योग्य अभ्यर्थियों का चयन ऑनलाइन परीक्षा (प्रारंभिक/मुख्य/एकल), परीक्षा-पूर्व प्रशिक्षण (पीईटी), इंटरव्यू और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद चयनित कैंडिडेट्स की सैलरी आईबीपीएस के वेतनमान नियमों के अनुसार प्रति माह होगी।
आवेदन पत्र भरते समय उम्मीदवारों को अपने वर्ग अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा, जो सामान्य/ईडब्ल्यूएस/ओबीसी (एनसीएल) के लिए 850 रुपए और एससी/एसटी/पीडब्ल्यूबीडी/ईएसएम/डीईएसएम के लिए 175 रुपए तय किया गया है।
उम्मीदवारों को भर्ती, योग्यता, चयन प्रक्रिया, आदि से जुड़ी ज्यादा जानकारी के लिए आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित पोस्ट के लिए जारी विस्तृत नोटिफिकेशन को चेक करने की सलाह दी जाती है।
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