Connect with us
Tuesday,03-November-2026
ताज़ा खबर

राजनीति

दिल्ली : 56 फीसदी लोगों ने ‘आप’ सरकार (2.0) के एक साल के प्रदर्शन को सराहा

Published

on

 राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के 56 प्रतिशत लोगों ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के दूसरे कार्यकाल में पहले वर्ष के प्रदर्शन को सराहा है। लेकिन, यह प्रतिशत पिछले साल के मुकाबले 8 प्रतिशत नीचे खिसका है। विगत 12 महीनों में यह प्रतिशत 68 से नीचे लुढ़ककर 56 पर आ पहुंचा है।

‘लोकल सर्किल्स’ के एक सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली के 56 फीसदी लोग आप सरकार के एक साल के प्रदर्शन से खुश हैं। इनमें से 12 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को “उत्कृष्ट” बताया, 12 प्रतिशत ने “बहुत अच्छा”, 16 प्रतिशत ने “अच्छा” और अन्य 16 प्रतिशत ने इसे “औसत” बताया। 14 फीसदी लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने इसे “खराब” कहा, 26 प्रतिशत ने “बहुत खराब” कहा, जबकि 4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “कुछ कह नहीं सकते”। हालांकि, आप सरकार के लिए यह रेटिंग पिछले साल की तुलना में कम हो गई है।

पिछले 4 वर्षों के सर्वेक्षण परिणामों की तुलना करने पर पता चलता है कि 2018 में दिल्ली के 36 प्रतिशत लोगों ने आप सरकार के प्रदर्शन को सराहा था। यह रेटिंग 2019 में 3 प्रतिशत कम होकर 35 प्रतिशत पर आ गई।

हालांकि 12 महीने पहले दिल्ली के 68 प्रतिशत लोग आप सरकार के समग्र प्रदर्शन से खुश थे, लेकिन बाद में इसमें 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बहरहाल, लोगों ने सरकार की स्वास्थ्य सेवा, स्कूली शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सुशासन के कार्यों की सराहना की, और सरकार को 2020 के चुनावों में फिर से चुने जाने की इच्छा व्यक्त की।

‘लोकल सर्किल्स’ के सर्वे के मुताबिक, आप सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में वर्ष 2020 के दौरान कोविड महामारी से निपटने के लिए यथोचित प्रदर्शन किया है। उसके इस प्रदर्शन को 56 प्रतिशत लोगों ने सराहा है।

सर्वे में कहा गया है कि अगर आप सरकार दिल्ली को कोविड महामारी के दूसरे लहर का अनुभव नहीं कराना चाहती है तो इसे वैसे ही प्रदर्शन करना होगा जैसे कि केजरीवाल और उनकी सरकार ने स्कूली शिक्षा व हेल्थकेयर के क्षेत्र में किया है। इसके साथ ही उन्हें अपनी सरकार के अन्य सभी विभागों के लिए भी कदम उठाने की जरूरत है। सर्वे में कहा गया है कि अधिक से अधिक टीकाकरण, दिल्ली की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, और दिल्ली में हर घर के लिए आजीविका सुनिश्चित करने की दिशा में तत्काल पहल करने की दरकार है।

सर्वे के अनुसार, दिल्ली के 52 प्रतिशत लोग कोविड महामारी के दौरान आप सरकार के लॉकडाउन व अनलॉक प्रबंधन, कोविड-19 परीक्षण व रिपोटिर्ंग, और कोविड अस्पतालों में सुविधाओं के प्रबंधन से भी खुश हैं।

47 प्रतिशत लोगों ने बिजली आपूर्ति की स्थिति में कुछ सुधार पाया; 37 प्रतिशत ने जलापूर्ति की स्थिति में कुछ सुधार पाया गया; और 35 प्रतिशत लोगों ने पिछले एक साल में दिल्ली सरकार के वायु गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों को भी सराहा।

कोविड महामारी के दौरान 58 फीसदी लोगों ने दिल्ली सरकार के स्कूलों और शिक्षा के प्रबंधन को सराहा। 43 प्रतिशत लोगों को पिछले 1 साल में दिल्ली सरकार के अधीन विभागों को रिश्वत देनी पड़ी।

दिल्ली सरकार के सत्ता में आने की वर्षगांठ पर हर साल ‘लोकल स*++++++++++++++++++++++++++++र्*ल’ एकमात्र ऐसा मंच होता है जो दिल्ली के नागरिकों के पास जाता है और सरकार के प्रदर्शन को लेकर उनसे सवाल करता है। लोगों की रायशुमारी से यह बात स्पष्ट होती है कि जनता सरकार के प्रदर्शन के बारे में क्या सोचती है और इससे सरकार को भी यह पता चलता है कि कहां-कहां खामियां रह गईं और किन बिंदुओं पर अभी काम करने की जरूरत है।

अरविंद केजरीवाल की आप सरकार को फरवरी, 2020 में फिर से चुना गया। 16 फरवरी, 2021 को उनकी सरकार के (दूसरे कार्यकाल में) 1 साल पूरे हो रहे हैं। बहरहाल, सरकार के प्रदर्शन के बारे में जानने के लिए दिल्ली के सभी 11 जिलों में रहने वाले 54,000 लोगों से प्रतिक्रियाएं ली गइर्ं। दिल्ली के 52 प्रतिशत लोगों ने महामारी के दौरान दिल्ली सरकार के लॉकडाउन और अनलॉक प्रबंधन को सराहा।

राष्ट्रीय समाचार

उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हादसा, बंगाल के 5 ट्रैकर्स समेत 8 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

Published

on

उत्तराखंड में ट्रैकिंग के दौरान हिमस्खलन और अचानक आए हिमपात में फंसने से पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के पांच ट्रैकर्स समेत एक अभियान दल के आठ सदस्य लापता हो गए हैं। इस घटना के संबंध में एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी।

बांकुरा के लापता ट्रैकर्स की पहचान तापस बाउरी, रतन घोष, रिंटू मंडल, उदय घोष और मनोज खवास के रूप में हुई है। पहले चार सालबानी गांव के निवासी हैं, जबकि मनोज उसी जिले के केशरा गांव के रहने वाले हैं। अन्य तीन लापता सदस्यों में से दो उत्तर प्रदेश के लखनऊ से और एक उत्तराखंड के उत्तरकाशी से हैं।

बांकुरा के पांचों ट्रैकर्स 24 अक्टूबर को उत्तराखंड के लिए रवाना हुए थे और उन्हें नवंबर की शुरुआत में घर लौटना था।

इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने लापता ट्रैकर्स की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।

अधिकारी ने फेसबुक पर एक पोस्ट में लिखा, “उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक के दौरान खराब मौसम और भारी बर्फबारी के कारण लापता हुए बांकुरा के पांच युवा ट्रैकर्स के बारे में गहरी चिंता व्यक्त की है।”

उन्होंने कहा कि उनकी सरकार स्थिति पर नजर रखने के लिए उत्तराखंड सरकार और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के साथ लगातार संपर्क में है।

उन्होंने कहा, “नई दिल्ली स्थित हमारे रेजिडेंट कमिश्नर कार्यालय और राज्य आपदा प्रबंधन चैनलों के माध्यम से, हम अपने लड़कों को खोजने और बचाने के लिए चल रहे व्यापक खोज और बचाव अभियान पर नियमित रूप से जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांकुरा जिले के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) और पुलिस अधीक्षक को घटनास्थल पर उत्तराखंड एसडीआरएफ, स्थानीय जिला अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ चौबीसों घंटे समन्वय बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य प्रशासन ने बांकुरा में पीड़ित परिवारों से संपर्क किया है और उन्हें हर संभव रसद और भावनात्मक सहायता प्रदान कर रहा है।

अधिकारी ने कहा, “हम परिवारों के साथ मजबूती से खड़े हैं और अपने युवाओं की सुरक्षित और शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। हम उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना करते हैं।”

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, चार शेरपाओं और एक सहायक सहित 12 सदस्यीय अभियान दल गंगोत्री से केदारताल के लिए रवाना हुआ था। दल ने निर्धारित दिन पर बेस कैंप से अपनी यात्रा शुरू की। हालांकि लगभग 4,000 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पहाड़ी इलाके में आगे बढ़ते समय दल के अधिकांश सदस्य अचानक आए हिमपात में फंस गए और लापता हो गए।

अभियान दल के चार सदस्य, जिनमें एक शेरपा और सहायक शामिल थे, अंततः 30 अक्टूबर को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सफल रहे। उन्होंने बाद में अधिकारियों को सूचित किया कि दल के शेष आठ सदस्य लापता हैं।

इस सूचना के बाद उत्तराखंड सरकार ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित एक हेलीकॉप्टर की सहायता से उत्तराखंड एसडीआरएफ की एक टीम पिछले दो दिनों से लापता पर्वतीय क्षेत्र में खोज कर रही है, हालांकि अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।

उत्तराखंड सरकार ने कहा कि उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण बचाव अभियान में लगातार बाधा आ रही है। स्थानीय प्रशासन ने लापता पर्वतारोहियों के परिवारों से संपर्क कर उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है।

बांकुरा के जिला मजिस्ट्रेट अनीश दासगुप्ता ने मंगलवार को बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन ने परिवारों से संपर्क किया और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि पर्वतों में पहुंचने के बाद से वे पर्वतारोहियों के साथ नियमित संपर्क में थे, हालांकि पिछले दो-तीन दिनों से उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। लापता पर्वतारोहियों के मोबाइल भी बंद हैं, जिससे उनके परिवारों की चिंता और बढ़ गई है।

Continue Reading

राजनीति

हिंदू-मुस्लिम करके देश को बांटना चाहती है भाजपा, दीया मिर्जा मामले में कोर्ट का फैसला सराहनीय : अबू आजमी

Published

on

समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक अबू आजमी ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा बीएमसी को फटकार लगाते हुए अभिनेत्री दीया मिर्जा का वीडियो दोबारा अपलोड करने के आदेश दिए जाने पर खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि इस फैसले से साबित होता है कि देश में न्याय अभी भी जिंदा है।

अबू आजमी ने कहा, “जज साहब ने जो किया, मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। उन्होंने कहा कि इस वीडियो को तुरंत वापस अपलोड करो। यह बहुत बड़ी बात है।”

उन्होंने कहा, “जब भी देश में कोई ऐसी चीज आए जो संविधान के खिलाफ हो, जहां जबरदस्ती गुंडागर्दी फैलाई जा रही हो, अगर अदालतें इसी तरह से सख्ती दिखाएंगी, तो इस देश में अराजकता फैला रहे भाजपा के लोगों का दिमाग सही हो जाएगा। भाजपा के लोग अपनी मनमानी कर रहे हैं, देश के संविधान को ठुकरा रहे हैं और सिर्फ हिंदू-मुस्लिम करके इस देश को बांटना चाहते हैं और सत्ता में बने रहना चाहते हैं।”

जब उनसे पूछा गया कि मेयर रितु तावडे़ कह रही हैं कि दीया मिर्जा हिंदू विरोधी बात कर रही थीं, इसलिए उनका वीडियो हटाया गया, तो अबू आजमी ने मेयर पर ही सवाल खड़े कर दिए।

उन्होंने कहा, “मेयर से पूछिए, आप आज तक कहां थीं? इससे पहले तो आप बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस में थीं। भाजपा में अधिकतर लोग वही हैं, जो पहले कांग्रेस में रहकर भाजपा को गाली देते थे और अब उन्हीं के साथ काम कर रहे हैं।”

उन्होंने बीएमसी कमिश्नर पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “क्या सारी सरकारी संस्थाएं और सारे गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन बीजेपी के हो गए हैं? उनके कहने पर आप लोगों ने वीडियो हटा दिया और अब जब कोर्ट कह रहा है तो आपको शर्म आ रही होगी कि हमने गलत काम किया। आप लोग संविधान के मुताबिक काम कीजिए, किसी सरकार के प्रभाव में काम करना संविधान के खिलाफ है।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा चुनाव आयोग, एसआईआर और घुसपैठियों के मुद्दे पर विशेष सत्र बुलाने की बात पर अबू आजमी ने कहा कि सरकार जनता के वोट की कीमत नहीं समझ रही है।

उन्होंने कहा, “जनता ने वोट देकर सरकार बनाई है। क्या अमित शाह जनता के वोटों की कोई कीमत नहीं समझते? किसी ने कहा था कि जब सड़क सुनसान हो जाएगी तो संसद आवारा हो जाएगी। अभी संसद आवारा हो गई है, अपनी मनमानी कर रही है। पहले सड़क सुनसान थी, अब सड़क भर गई है। पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर लोग आंदोलन कर रहे हैं और कह रहे हैं कि वोट चोरी से सरकार बनाई गई है। सरकार को उसे प्रूफ करना चाहिए और लोगों को संतुष्ट करना चाहिए। आप पार्लियामेंट में बुलाकर बात करेंगे और वहां वोटिंग करा देंगे, मेजॉरिटी है तो आपकी बात हो जाएगी, ऐसा नहीं चलता। 140 करोड़ जनता में से जो लोग सड़क पर उतरे हैं, जब तक वे संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।”

ईडी द्वारा जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ कार्रवाई और करोड़ों की संपत्ति जब्त करने के मामले में अबू आजमी ने इसे सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा, “आजम खान कई सालों से जेल में हैं। अगर ईडी के पास कोई सबूत था तो वह जेल में जाकर उनसे स्टेटमेंट ले सकती थी और कार्रवाई कर सकती थी, लेकिन जब-जब उनकी जमानत होती है, तब-तब एक नया केस लाया जाता है। अभी उनकी जमानत हुई है और फिर से कार्रवाई की जा रही है। यह सब सरकार के इशारे पर हो रहा है।”

अबू आजमी ने कहा कि आजम खान ने कोई पैसा नहीं कमाया है, उन्होंने लोगों से पैसे लेकर यूनिवर्सिटी बनाई है। आजम खान दस बार विधायक, मंत्री और सांसद रह चुके हैं और उनके साथ इस तरह का जुल्म किया जा रहा है। सरकार समझती है कि इस तरह की हरकतों से वह चुनाव जीत जाएगी, लेकिन अब जनता जाग चुकी है और उनकी यह नीति चलने वाली नहीं है।

Continue Reading

अपराध

कर्नाटक: नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

Published

on

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में ईडी की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 की धारा 17 के तहत नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है।

ईडी की ओर से यह कार्रवाई 18 अगस्त से चल रही मनी-लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में की गई। यह केस तवरेकेरे पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था।

यह एफआईआर ड्रग कंट्रोलिंग अथॉरिटी और पुलिस वालों की ओर से 18 अगस्त को सीके तांड्या गांव में एक रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी पर की गई जॉइंट सर्च और रेड से जुड़ी है, जहां आरोपी बिना वैलिड लाइसेंस, परमिट या ऑथराइजेशन के दवाएं और फार्मास्युटिकल ड्रग्स स्टोर करते हुए और स्टोर की गई दवाओं पर लेबल बदलते हुए पाए गए।

ईडी ने केस दर्ज किया और पीएमएलए, 2002 के तहत जांच शुरू की। जांच से पता चला है कि आर. प्रशांत ने कथित तौर पर बिना ड्रग लाइसेंस या परमिट के दवाओं को बनाने, री-पैकेजिंग और री-लेबलिंग के लिए बिदादी के पास एक फार्महाउस का इंतजाम किया था। अलग-अलग राज्यों के मैन्युफैक्चरिंग सेंटरों से मंगाए गए सस्ते बल्क फॉर्मूलेशन को कथित तौर पर नई शीशियों में रीपैकेज किया गया और धोखे से महंगे फाइजर एंटीबायोटिक्स, जैसे कि जेविसेफ्टा, एम्ब्लेवो वगैरह के तौर पर रीलेबल किया गया।

शीशियों में जेनेरिक दवाएं थीं, लेकिन उन पर फाइजर-ब्रांडेड लेबल थे। ये दवाएं कथित तौर पर मेसर्स डीएम फार्मास्यूटिकल्स के जरिए बांटी गईं और मेसर्स कृपा हेल्थकेयर को सप्लाई की गईं। इसके बाद मेसर्स कृपा हेल्थकेयर ने पता लगने से बचने के लिए असली दवाओं के साथ दूसरी फार्मास्यूटिकल कंपनियों और अस्पतालों को भी सप्लाई कीं।

छापेमारी के दौरान, वीरेश कुमार के बैंक अकाउंट में लगभग 9 लाख रुपए थे। उस अकाउंट को फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, सर्च एक्शन के दौरान अलग-अलग लोगों के डिजिटल डिवाइस, रिकॉर्ड और गलत जानकारी देने वाले डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए। इस मामले में आगे की जांच की जा रही है।

Continue Reading
Advertisement
राष्ट्रीय समाचार21 minutes ago

उत्तराखंड के केदारताल ट्रैक पर हादसा, बंगाल के 5 ट्रैकर्स समेत 8 लोग लापता, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राजनीति58 minutes ago

हिंदू-मुस्लिम करके देश को बांटना चाहती है भाजपा, दीया मिर्जा मामले में कोर्ट का फैसला सराहनीय : अबू आजमी

अपराध1 hour ago

कर्नाटक: नकली दवाओं के रैकेट से जुड़े लोगों और कंपनी के पांच ठिकानों पर ईडी की कार्रवाई

राजनीति2 hours ago

भाजपा सरकार पहली बार आंदोलन कर रही है, ये हमारी जीत है: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद

मनोरंजन3 hours ago

बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी को दिया दीया मिर्जा के वीडियो को फिर से अपलोड करने का निर्देश

मनोरंजन3 hours ago

‘तुम कौन से देश की सेवा कर रहे हो?’ रणबीर की फिल्मों से खुश नहीं थे ऋषि कपूर

व्यापार4 hours ago

भारत की बायोइकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए तेज मंजूरियां और आसान फंडिंग जरूरी: पीयूष गोयल

मनोरंजन4 hours ago

सुकेश चंद्रशेखर केस में आरोपी नहीं, सिर्फ गवाह हैं नोरा फतेही- लीगल टीम

व्यापार4 hours ago

लगातार दूसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 700 अंक से ज्यादा उछला

व्यापार5 hours ago

धनतेरस से पहले कीमती धातुओं पर दबाव! सोना 1 प्रतिशत फिसला; चांदी 5,600 रुपए तक टूटी

अपराध4 weeks ago

दिल्ली पुलिस ने मकोका के दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया, 30 लाख रुपए बरामद

मनोरंजन4 weeks ago

कनिका-लव की लड़ाई में कूदी आम्रपाली, गुल्लू से हुई बहस

राजनीति3 weeks ago

“आप” का आरोप: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन रोकने के लिए दिल्ली छावनी में तब्दील

राष्ट्रीय समाचार3 weeks ago

दिल्ली एयरपोर्ट ने यात्रियों से विरोध-प्रदर्शन के कारण यात्रा की योजना पहले से बनाने की दी सलाह

मनोरंजन4 weeks ago

‘तुम झूठे हो गौतम गुलाटी’, प्रियंका चाहर चौधरी से भिड़े गौतम, ‘राइज एंड फॉल 2’ में छिड़ी तीखी जंग

महाराष्ट्र2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना पर सियासत तेज, विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

राजनीति4 weeks ago

जंतर-मंतर जा रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत इंडिया ब्लॉक के नेता हिरासत में लिए गए

फिल्मी खबरे2 weeks ago

“समुदाय से माफी मांगें, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें”: टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद लॉरेंस बिश्नोई के चचेरे भाई की सलमान खान को चेतावनी।

फिल्मी खबरे2 weeks ago

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग की घटना पर अमाल मलिक की प्रतिक्रिया, बोले, ‘आखिर मुंबई में यह सब क्या हो रहा है?’

खेल4 weeks ago

‘कोई नाराजगी नहीं, टीम के दरवाजे उनके लिए खुले हैं’, रोनाल्डो संग विवाद को लेकर बोले कोच जॉर्ज जीसस

रुझान