राष्ट्रीय समाचार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की शुभांशु शुक्ला से मुलाकात, कहा- उनकी उपलब्धियों पर देश को गर्व
नई दिल्ली, 21 अगस्त। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने शुभांशु शुक्ला के अंतरिक्ष सफर, कक्षा में किए गए महत्वपूर्ण प्रयोगों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति और भारत के गगनयान मिशन के भविष्य पर चर्चा की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुभांशु शुक्ला के साथ मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर कीं। उन्होंने एक्स पर लिखा, “अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर जाने वाले पहले भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने उनके प्रेरणादायक अंतरिक्ष सफर, अंतरिक्ष में किए गए अहम प्रयोगों, विज्ञान और तकनीक में हो रही प्रगति और भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के भविष्य पर चर्चा की। उनका यह सफर भारत के युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। देश को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है।”
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर उनके सफल मिशन के बारे में एक हल्की-फुल्की बातचीत की। इस मुलाकात में दिलचस्प यह रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने शुभांशु शुक्ला के भारत लौटने पर उनसे ‘होमवर्क’ पर अपडेट लिया, जिस पर ग्रुप कैप्टन ने बताया कि उन्होंने ‘होमवर्क’ पूरा कर लिया है।
नई दिल्ली में शुभांशु शुक्ला ने पीएम मोदी से भेंट की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने गले लगाकर उनका हौसला बढ़ाया और उनकी उपलब्धियों की प्रशंसा की। शुभांशु शुक्ला ने उन्हें अंतरिक्ष में बिताए गए पल और अपने अनुभवों के बारे में बताया। उन्होंने अंतरिक्ष में किए गए रिसर्च के बारे में भी अवगत कराया।
पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए पूछा, “मैंने जब आपको होमवर्क कहा था, उसका क्या प्रोग्रेस हुआ है?” इस पर शुभांशु शुक्ला ने हंसते हुए कहा, “बहुत अच्छा प्रोग्रेस हुआ है। लोग मुझे चिढ़ाते थे कि तुम्हारे प्रधानमंत्री तुम्हें होमवर्क देते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर शुभांशु शुक्ला से मुलाकात की तस्वीरें भी शेयर करते हुए लिखा था, “शुभांशु शुक्ला के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने अंतरिक्ष में उनके अनुभवों, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में प्रगति और भारत के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन सहित कई विषयों पर चर्चा की। भारत को उनकी इस उपलब्धि पर गर्व है।”
राजनीति
5 सितंबर का मार्च रद्द, सरकार ने सीजेपी की सारी मांगें मानी : सौरव दास

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक प्रस्तावित शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द करने का ऐलान किया है। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उनकी सभी मांगें मान ली हैं।
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने मंगलवार को पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आपके माध्यम से मैं यह बताना चाहता हूं कि हम 5 सितंबर को इंडिया गेट से नए पुलिस मुख्यालय तक होने वाले अपने शांतिपूर्ण विरोध मार्च को रद्द कर रहे हैं, क्योंकि सरकार ने हमारी सभी मांगें मान ली हैं।”
सौरव दास ने दिल्ली पुलिस की फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “दिल्ली पुलिस को फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी से शक हुआ था कि विरोध वाली जगह पर लगभग 2,800 कथित कुख्यात अपराधी मौजूद थे। हमने सरकार के साथ बातचीत में तर्क दिया कि अगर ये 2,800 कुख्यात अपराधी सच में वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह उठता है कि वे समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे? दूसरी बात, अगर उन्होंने विरोध वाली जगह पर कोई गंभीर अपराध किया है, जैसे दुष्कर्म, हत्या या कोई और संगीन अपराध, तो उन पर मुकदमा चलना चाहिए, जांच होनी चाहिए और उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए। इसके बाद, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में पहचाने गए लगभग 2,800 कुख्यात अपराधियों की जांच के लिए एक अलग, नई एफआईआर दर्ज की जाए। वह मामला अब सुलझ गया है।”
उन्होंने मुआवजे के मुद्दे पर भी जानकारी दी। सौरव दास के अनुसार, “हमने सरकार से आग्रह किया कि वह सुप्रीम कोर्ट के सामने यह कहे कि सम्मानजनक राशि का मुआवजा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा। यह पैसा सीधे परिवारों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह भरोसा दिलाया और कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल करके इसे कानूनी मान्यता दी।”
सीजेपी प्रवक्ता ने 25 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए इसे युवाओं की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा, “25 जुलाई देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। उस समय शिक्षा मंत्री रहे धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया। जैसा कि आप जानते हैं, एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधि आशुतोष और मैंने, यानी हम दोनों प्रतिनिधियों ने उसी दिन वरिष्ठ मंत्री जेपी. नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।”
उन्होंने आगे बताया कि उनकी दो प्रमुख मांगें थीं। पहली, उन परिवारों को मुआवजा दिया जाए, जिनके बच्चों ने नीट पेपर लीक के कारण आत्महत्या कर ली थी। दूसरी मांग यह थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों, युवाओं और छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाएं। सरकार ने दोनों मांगों पर सहमति जताई है।
राष्ट्रीय समाचार
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट पर बोले अरविंद केजरीवाल- 1.5 करोड़ में से 47 लाख मतदाता गायब

दिल्ली में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची को लेकर आम आदमी पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि दिल्ली की करीब 1.5 करोड़ की आबादी में से लगभग 47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं।
इसे लेकर अरविंद केजरीवाल ने चुनाव प्रक्रिया और एसआईआर पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एसआईआर के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हो चुकी है और इसमें करीब 47 लाख लोगों के नाम नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भारत सरकार को देश की आबादी को लेकर बेवजह परेशान होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चुनाव आयोग एसआईआर के जरिए देश की आबादी को ही 140 करोड़ से घटाकर 50 करोड़ कर देगा।
उन्होंने मतदाता सूची से इतनी बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को गंभीर मुद्दा बताते हुए इस पर सवाल खड़े किए।
वहीं, ‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और भारत का चुनाव आयोग एक ‘लतीफा’ बनकर रह गया है। भारद्वाज ने सवाल उठाया कि जिस दिल्ली की जनता ने भाजपा को लगातार तीन बार सात-सात लोकसभा सीटों पर जीत दिलाई और करीब डेढ़ साल पहले दिल्ली में भाजपा की सरकार बनाने में भूमिका निभाई, आज उसी दिल्ली की जनता के एक बड़े हिस्से के वोट पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार दिल्ली में ‘गरीब भगाओ’ योजना चला रही है। उनके मुताबिक, गरीबों को मिलने वाली सुविधाओं को लगातार खत्म किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अस्पतालों में गरीबों का मुफ्त इलाज प्रभावित हुआ है, दवाओं की उपलब्धता बंद की गई है और मोहल्ला क्लीनिक तथा जांच सुविधाओं को भी बंद किया गया है। उन्होंने महिलाओं के लिए बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा बंद करने का भी आरोप लगाया।
‘आप’ नेता ने कहा कि महिलाओं को हर महीने 2500 रुपए देने का वादा किया गया था, लेकिन उनके मुताबिक अभी तक केवल करीब 4 हजार महिलाओं का ही चयन किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबों के घरों और झुग्गियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं तथा रोजी-रोटी कमाने वाले लोगों के कामकाज पर भी कार्रवाई की जा रही है। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि सरकार की नीति गरीबों को दिल्ली से बाहर करने, उनके वोट काटने और केवल संपन्न इलाकों के मतदाताओं के सहारे सरकार चलाने की है।
उन्होंने कहा कि गरीबों के अधिकारों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने युवाओं का जिक्र करते हुए भाजपा पर राजनीतिक रूप से लोगों को बरगलाने का आरोप लगाया। भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली के युवाओं को बहकाना आसान नहीं है और आने वाले चुनाव में जनता भाजपा को जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से कितने भी लोगों के नाम काट दिए जाएं, अगले चुनाव में दिल्ली की जनता भाजपा को सत्ता से बाहर कर देगी।
राष्ट्रीय समाचार
नीट-पीजी 2026 : 2.73 लाख से अधिक मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए रविवार को परीक्षा

नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्ट-ग्रेजुएट (नीट-पीजी) 2026 रविवार को देश भर के 340 शहरों में निर्धारित 1,300 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी, जिसमें 2.73 लाख से ज्यादा मेडिकल ग्रेजुएट के शामिल होने की उम्मीद है।
एक अधिकारी ने बताया कि नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (एनबीईएमएस) ने 26 अगस्त को नीट-पीजी 2026 का एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया था।
अधिकारी ने बताया कि नीट-पीजी 2026 के लिए कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5 प्रतिशत से ज्यादा है। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
नीट-पीजी पास करने के बाद डॉक्टर सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में कई एडवांस्ड मेडिकल कोर्स में सीट पा सकते हैं और एमडी (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन) और एमएस (मास्टर ऑफ सर्जरी) जैसे कोर्स कर सकते हैं।
इससे पहले, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने नीट-पीजी 2026 की तैयारियों का जायजा लिया था। केंद्रीय मंत्री ने सभी संबंधित लोगों को परीक्षा की प्रक्रिया को सुचारू, सुरक्षित, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-आधारित बनाने का निर्देश दिया।
परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए अधिकारी एक व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा कर रहे हैं, जिसमें सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, तलाशी, सिग्नल जैमर, डायनामिक कंप्यूटर आवंटन, केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटरों के जरिए लाइव मॉनिटरिंग और 60,000 से ज्यादा परीक्षा कर्मियों की तैनाती शामिल है।
इसी के साथ नड्डा ने उम्मीदवारों से अपील की कि वे परीक्षा से जुड़ी अफवाहों या धोखाधड़ी वाले दावों से गुमराह न हों। उन्होंने बताया कि फाइनल प्रश्न पत्र परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले एक बहुत सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और समय-सीमा वाली प्रक्रिया के जरिए चुना जाता है। इसमें कई स्तरों पर तकनीकी और ऑपरेशनल सुरक्षा उपाय किए जाते हैं।
उन्होंने उम्मीदवारों को सलाह दी कि वे केवल एनबीईएमएस और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनुचित तरीकों की कोशिश की तुरंत रिपोर्ट करें। इस वर्ष छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सुधार किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों के लिए तीन राज्यों का विकल्प चुन सकते थे, जिसमें उनके पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता के तौर पर चुनना अनिवार्य था।
परीक्षा के पैटर्न में भी बदलाव किया गया है, जिसके तहत 210 मिनट में 180 सवालों के जवाब देने होंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि उम्मीदवारों को हर सवाल के लिए ज्यादा समय मिले।
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