राष्ट्रीय समाचार
जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि: पीएम मोदी, राहुल गांधी, खड़गे और अन्य ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी

27 मई 1964 को, भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू, जिन्हें ‘चाचा नेहरू’ के नाम से जाना जाता था, ने कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित होने के बाद अंतिम सांस ली। उनकी पुण्यतिथि पर, कई नेताओं ने नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित की और उन्हें अपना सम्मान दिया। जबकि कांग्रेस नेताओं राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने शनिवार को नई दिल्ली में शांति वन स्मारक पर फूल चढ़ाए और प्रार्थना की। इस बीच, वर्तमान पीएम नरेंद्र मोदी ने दिवस को चिह्नित करते हुए ट्वीट साझा किया। पीएम मोदी ने पूर्व नेता को उनकी 59वीं पुण्यतिथि पर याद करते हुए ट्वीट किया, “उनकी पुण्यतिथि पर, मैं हमारे पूर्व पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।” कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के पूर्व नेता राहुल गांधी ने पार्टी के कोषाध्यक्ष पवन बंसल और अन्य लोगों के साथ राष्ट्रीय राजधानी में शांति वन स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। पार्टी ने नेहरू को उनकी पुण्यतिथि पर याद करने के लिए कई ट्वीट्स शेयर किए। स्मारक से दृश्य साझा करने के बाद, ट्विटर पर कांग्रेस ने महत्वपूर्ण दिन को चिह्नित करने के लिए उद्धरण-आधारित शुभकामनाएं साझा कीं। नेहरू ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख भूमिका निभाई। वह 1947 में स्वतंत्रता के बाद भारत के पहले प्रधान मंत्री भी बने। वह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रमुख नेताओं में से थे। 27 मई, 1964 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ने अंतिम सांस ली। उन्होंने 1947 से 1964 तक 16 से अधिक वर्षों तक सेवा की, जब तक कि उनकी मृत्यु 74 वर्ष की आयु में नहीं हो गई। उन्हें बच्चों से बहुत लगाव था, और बच्चे उन्हें चाचा नेहरू कहते थे और उनका जन्मदिन हर साल बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।
राजनीति
मध्य प्रदेश के विभाग चुका रहे हैं पुरानी देनदारियां : मोहन यादव

भोपाल, 3 अप्रैल। मध्य प्रदेश का वित्तीय प्रबंधन सुधर रहा है और सरकार के तमाम विभाग अपनी पुरानी वर्षों से लंबित देनदारियों को चुकाने में लगे हैं। यह जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार के कुशल वित्तीय प्रबंधन के फलस्वरूप तमाम विभाग अपनी पुरानी देनदारियों को चुका रहे हैं। इससे सरकार ने बजट का जो पैमाना तय किया है, उसके अनुसार विभाग काम कर रहे हैं। दो दिन पहले ही उद्योग विभाग ने लगभग 5,225 करोड़ की धनराशि देते हुए पूरी देनदारी चुका दी है। मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने अपनी पुरानी देनदारियों को चुका दिया है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में औद्योगिक विकास का सरकार ने जो संकल्प लिया है, कि जो भी उद्योग हमसे जुड़ेगा और उससे जो वादा किया है, उसे पूरा किया जाएगा। इसी क्रम में नए वित्तीय वर्ष, 1 अप्रैल 2025 को मध्य प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा सभी केंद्रीय कोयला कंपनियों की बकाया देनदारी का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। साथ ही हमने पावर जनरेशन कंपनी के चारों ताप विद्युत गृह द्वारा कुशल प्रबंधन के फलस्वरूप अब तक का सर्वाधिक 11.73 लाख मीट्रिक टन कोयले का भंडारण किया गया है, जिसका अग्रिम भुगतान कर दिया गया है।
इसी तरह राज्य के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने मंत्रालय में सभी विभागों की समीक्षा बैठक की। मुख्य सचिव ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभागीय योजनाओं के लक्ष्य पूरा होने की जानकारी ली। इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 की लक्ष्यपूर्ति के लिए दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने विजन 2047 के अंतर्गत विभागीय कार्य योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की और संकल्प पत्र में सभी विभागों से जुड़े संबंधित बिंदुओं पर चर्चा करते हुए उनकी वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले विषयों के क्रियान्वयन की समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए, केंद्र सरकार को भेजे जाने वाले उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं मांग स्थिति की भी जानकारी ली।
राष्ट्रीय समाचार
2 मई से खुलेंगे केदारनाथ धाम के कपाट, पैदल मार्ग को किया जा रहा दुरुस्त

रुद्रप्रयाग, 3 अप्रैल। विश्व प्रसिद्ध श्री केदारनाथ धाम की यात्रा 2 मई से शुरू होने वाली है। इससे पहले जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित टीमें यात्रा की तैयारियों में जुट गई हैं।
मकसद है कि कपाट खुलने से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएं, ताकि यात्रा सुगम और भव्य तरीके से चल सके।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जीएस खाती ने बताया कि सड़क मार्ग से लेकर केदारनाथ के पैदल रास्तों को तेजी से ठीक किया जा रहा है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की टीमें पैदल मार्गों पर जमी मोटी बर्फ को हटाने में दिन-रात लगी हैं। पिछले साल आई आपदा से टूटे रास्तों की मरम्मत भी की जा रही है।
डॉ. खाती ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए युद्ध स्तर पर काम चल रहा है।”
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. रामप्रसाद ने बताया कि इस बार केदारनाथ धाम में 17 बेड का अस्पताल तैयार हो रहा है। जैसे ही बर्फ हटाने का काम पूरा होगा, स्वास्थ्य विभाग की टीमें जरूरी सामान के साथ व्यवस्था जुटाने में लग जाएंगी।
उन्होंने कहा, “गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग पर सभी मेडिकल रिलीफ पॉइंट्स को ठीक किया जा रहा है। फाटा में इस बार हड्डी विशेषज्ञ डॉक्टर और एक्स-रे मशीन की सुविधा भी उपलब्ध होगी।”
इसके अलावा, यात्रा के लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की मांग शासन से की गई है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत न हो। बर्फबारी और आपदा के बाद रास्तों को सुरक्षित बनाना बड़ी चुनौती है। लेकिन, तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आते हैं। इस बार भी प्रशासन यात्रा को सफल बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। जैसे-जैसे कपाट खुलने की तारीख नजदीक आ रही है, तैयारियों में और तेजी लाई जा रही है।
राजनीति
वक्फ बिल पास कर भारत सरकार ने साहसिक कदम उठाया, गरीब मुसलमानों को होगा फायदा: मौलाना शाहबुद्दीन रजवी

बरेली, 3 अप्रैल। आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी बरेलवी ने लोकसभा में पारित वक्फ संशोधन विधेयक 2025 का स्वागत किया है। उन्होंने इस बिल को भारत सरकार की ओर से बुराई खत्म करने की दिशा में उठाया गया एक अच्छा कदम बताया। मौलाना ने कहा कि इस विधेयक से गरीब और कमजोर मुसलमानों को फायदा होगा।
मौलाना शाहबुद्दीन ने कहा, “मैं उन सभी सांसदों का शुक्रिया अदा करता हूं, जिन्होंने इस बिल के पक्ष में वोट दिया। भारत सरकार को भी बधाई देता हूं कि उसने यह साहसिक कदम उठाया।”
उन्होंने वक्फ बोर्ड में फैली गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि पहले बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य भू-माफियाओं के साथ मिलकर करोड़ों की जमीन कौड़ियों के भाव बेच देते थे या खुद हड़प लेते थे।
उन्होंने कहा, “वक्फ बनाने वालों की मंशा थी कि उसकी संपत्ति से होने वाली आय गरीब, बेसहारा, विधवाओं और अनाथ मुस्लिमों पर खर्च हो। लेकिन ऐसा नहीं हो रहा था। यह पैसा बोर्ड के लोग अपनी जेब में डाल लेते थे। अब इस संशोधन बिल के पास होने से हमें उम्मीद है कि कुछ अच्छा होगा। गरीब मुस्लिमों की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आएगा।”
मौलाना ने इस बिल को पारदर्शिता और सुधार की दिशा में एक कदम बताते हुए कहा कि इससे वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग रुकेगा और उसका सही इस्तेमाल समाज के कमजोर वर्गों के लिए होगा।
उन्होंने यह भी कहा, “इंशाल्लाह, अब हालात बदलेंगे और गरीब मुस्लिमों के लिए एक नई राह खुलेगी।”
बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को विधेयक सदन में पेश किया था और चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने बताया था कि यह मुस्लिम समुदाय के हित में है।
विधेयक को 288 के मुकाबले 232 मतों से सदन की मंजूरी मिली। इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित कराने के लिए सदन की बैठक रात लगभग दो बजे तक चली और फिर ध्वनिमत से पारित हो गया।
चर्चा के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर विचार के लिए जब किरेन रिजिजू ने प्रस्ताव रखा, तो विपक्ष के कुछ सदस्यों ने मत विभाजन की मांग की। इसके पक्ष में 288 और विरोध में 232 मत पड़े। हालांकि, लॉबी क्लीयर करने के बाद कई सदस्यों को सदन में दाखिल होने देने को लेकर विवाद भी हुआ।
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