राष्ट्रीय
मार्च के बाद ऊंचे स्तर पर कच्चा तेल, क्या 50 डॉलर के पार जाएगा ब्रेंट, क्या कहते हैं उर्जा विशेषज्ञ!
कोरोना वैक्सीन आने की उम्मीदों से कच्चे तेल में इस महीने जबरदस्त उछाल आया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव मंगलवार को 46.69 डॉलर प्रति बैरल तक उछला जोकि मार्च के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। वहीं, अमेरिकी क्रूड का भाव भी 44 डॉलर प्रति बैरल के करीब तक जा सकता है।
ब्रेंट क्रूड के दाम में इस महीने करीब 11 डॉलर प्रति बैरल की तेजी आ चुकी है और एंजेल ब्रोकिंग के डिप्टी वाइस प्रेसीडेंट (एनर्जी व करेंसी रिसर्च) अनुज गुप्ता की मानें तो मौजूदा तेजी को देखते हुए अगर भाव 50 डॉलर के पार चला जाए तो इसमें अचरच नहीं। गुप्ता ने कहा कि वैक्सीन की प्रगति और ओपेक द्वारा तेल के उत्पादन में कटौती दोनों से कच्चे तेल को सपोर्ट मिल रहा है जिससे ब्रेंट क्रूड 50 से 52 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक जा सकता है और डब्ल्यूटीआई का भाव 46 से 48 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है।
हालांकि उर्जा विशेषज्ञ नरेंद्र तनेजा मौजूदा तेजी को टिकाऊ नहीं मानते हैं। उनका कहना है कि ब्रेंट क्रूड के दाम में 40 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कोई भी तेजी टिकाऊ नहीं है। इसके पीछे उनका तर्क है।
तनेजा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कोरोना का प्रकोप थमा नहीं है और इसकी रोकथाम के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर दुनिया के विभिन्न शहरों में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध दोबारा लगाए गए हैं, जिनसे तेल की मांग प्रभावित होगी। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की मौजूदा तेजी कोरोना वैक्सीन की उम्मीदों पर टिकी है, लेकिन मांग और आपूर्ति के जो फंडामेंटल्स हैं उनको देखते हुए यह तेजी बहरहाल टिकाऊ नहीं है।
उन्होंने उम्मीद जाहिर की है कि अप्रैल तक कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड का भाव 40 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ही रहेगा। हालांकि उनका मानना है कि वैक्सीन आने के बाद जब उसका असर दिखेगा और कोरोना के कहर पर लगाम लगेगी तो आगे दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी जिससे तेल की मांग बढ़ेगी।
तनेजा ने तेल की कीमतों में तेजी की एक और वजह बताई। उन्होंने कहा, अमेरिका में प्रशासन में बदलाव हुआ है जिससे ईरान से अमेरिका के संबंध सुधरने के आसार हैं और अगर ऐसा होता है तो ईरान का तेल बाजार में आ जाएगा जिससे आपूर्ति बढ़ जाएगी तो कीमतों पर दबाव आएगा।
फाइजर, मॉडर्ना और बायोनटेक के बाद आस्ट्राजेनेका द्वारा कोरोना वैक्सीन के परीक्षण की प्रगति की खबर आने के बाद कच्चे तेल के दाम में तेजी का रुख बना हुआ है।
अंतर्राष्ट्रीय वायदा बाजार इंटर कांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) पर ब्रेंट क्रूड के जनवरी डिलीवरी वायदा अनुबंध में मंगलवार को पिछले सत्र के मुकाबले 1.11 फीसदी की तेजी के साथ 46.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले भाव 46.69 डॉलर तक उछला जोकि मार्च 2020 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। इस महीने के निचले स्तर से बेंचमार्क कच्चा तेल ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 11 डॉलर प्रति बैरल उछला है। दो नवंबर को बेंट्र क्रूड का भाव 35.74 डॉलर प्रति बैरल तक टूटा था।
न्यूयार्क मकेर्टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) के जनवरी डिलीवरी वायदा अनुबंध में पिछले सत्र के मुकाबले 1.28 फीसदी की तेजी के साथ 43.61 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार चल रहा था जबकि इससे पहले कारोबार के दौरान डब्ल्यूटीआई का भाव 43.74 डॉलर तक चढ़ा। दो नवंबर को डब्ल्यूटीआई का भाव 33.64 डॉलर प्रति बैरल तक टूटा था।
राष्ट्रीय
पाकिस्तान से आए हिंदुओं को गरिमापूर्ण जीवन की जगह भी दें: सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 2 फरवरी : सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान से भारत आए अनुसूचित जाति के हिंदुओं की दुर्दशा पर गंभीर टिप्पणी की है।
कोर्ट ने कहा कि जब सरकार ने इन लोगों को नागरिकता दी तो उन्हें गरिमापूर्ण तरीके से रहने की जगह भी उपलब्ध करानी चाहिए। यह टिप्पणी दिल्ली के मजनू का टीला इलाके में रहने वाले इन शरणार्थियों के विस्थापन के खतरे के बीच आई है, जहां सिग्नेचर ब्रिज के पास उनका कैंप है।
दरअसल, ये लोग पाकिस्तान से धार्मिक उत्पीड़न से बचकर भारत आए थे। ज्यादातर अनुसूचित जाति के हिंदू हैं और यहां झुग्गी-झोपड़ी में रहते हैं। कइयों को नागरिकता मिल चुकी है, जबकि कुछ के आवेदन प्रक्रिया में हैं। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (डीडीए) और अन्य एजेंसियां यमुना फ्लडप्लेन पर अवैध कब्जे के नाम पर उन्हें हटाने की तैयारी कर रही थीं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मई 2025 में एक फैसले में हटाने का रास्ता साफ किया था, जिसके खिलाफ ये लोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचे।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार और डीडीए को नोटिस जारी किया और चार हफ्तों के अंदर जवाब मांग लिया। साथ ही, कोर्ट ने फिलहाल इन लोगों को विस्थापित करने की किसी भी योजना पर रोक लगा दी है।
पीठ ने स्पष्ट कहा कि अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और गरिमा के अधिकार में सिर्फ नागरिकता काफी नहीं है, बल्कि आश्रय और सम्मानजनक जीवन भी शामिल है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि नागरिकता देने के बाद इन्हें वैकल्पिक आवास या पुनर्वास क्यों नहीं दिया जा रहा।
यहां करीब 250-260 परिवार (लगभग 800-1200 लोग) रहते हैं। ज्यादातर मजदूरी, घरेलू काम या छोटे-मोटे काम करके गुजारा करते हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान में उन्हें ‘काफिर’ कहा जाता था। भारत आने पर शुरुआत में संदेह झेलना पड़ा। लेकिन, अब नागरिकता मिलने के बाद भी बेघर होने का डर सता रहा है।
राजनीति
लोकसभा में ‘डोकलाम’ पर हंगामा, राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर लगाया सदन को गुमराह करने का आरोप

नई दिल्ली, 2 फरवरी : संसद के बजट सत्र के चौथे दिन सोमवार को लोकसभा में उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच डोकलाम मुद्दे को लेकर तीखी बहस हो गई। राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया और उनके बयान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
इसी चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या द्वारा कांग्रेस पर भारतीय संस्कृति को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज किया और कहा कि उनकी पार्टी इसका जवाब देगी। इसके बाद राहुल गांधी ने डोकलाम से जुड़े मुद्दे पर पूर्व थल सेनाध्यक्ष मनोज नरवणे की एक किताब का हवाला देते हुए बोलना शुरू किया।
राहुल गांधी के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तुरंत खड़े हो गए। उन्होंने सवाल किया कि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, क्या वह वास्तव में प्रकाशित हुई है या नहीं?
राजनाथ सिंह ने कहा कि किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, इसलिए उसके आधार पर बयान देना ठीक नहीं है। इस पर सदन में शोर-शराबा शुरू हो गया।
स्पीकर ने राहुल गांधी से अपने स्रोत को प्रमाणित करने के लिए कहा। राहुल गांधी ने जवाब दिया कि यह किताब सरकार द्वारा प्रकाशित नहीं होने दी जा रही है, लेकिन यह ‘सौ फीसदी ऑथेंटिकेटेड’ है।
इस पर राजनाथ सिंह ने फिर कहा कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं, क्योंकि जिस किताब का जिक्र किया जा रहा है, वह सार्वजनिक रूप से उपलब्ध ही नहीं है।
इस बीच गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी ने खुद ही विवाद खत्म कर दिया है, क्योंकि वह मान रहे हैं कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन को याद दिलाया कि अखबार की कटिंग या अप्रकाशित किताबों पर चर्चा करने की परंपरा नहीं रही है और सदन की कार्यवाही नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार चलती है। उन्होंने राहुल गांधी से आगे बढ़ने के लिए कहा।
राहुल गांधी ने कहा कि वह यह मुद्दा उठाना नहीं चाहते थे, लेकिन जब कांग्रेस पार्टी पर आरोप लगाए गए, तो उन्हें इसका जवाब देना पड़ा। इसके बाद उन्होंने फिर से मनोज नरवणे की किताब का जिक्र किया।
स्पीकर ने दोहराया कि सदन में बोलने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार नियमों और परंपराओं के तहत ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन में हंगामा जारी है।
मनोरंजन
रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा शुभम लोनकर फरार, घटना को अंजाम देने में की मदद

मुंबई, 2 फरवरी : बॉलीवुड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा सेलेब्स को निशाना बनाने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पहले अभिनेता सलमान खान, कमीडियन कपिल शर्मा, और अब निर्देशक-निर्माता रोहित शेट्टी के साथ हुई घटना से हर कोई हैरान है।
मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच कर रही है और इलाके की सारी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। क्राइम ब्रांच को मामले में कई सबूत भी मिले हैं, जिनके आधार पर क्राइम ब्रांच का कहना है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का वांटेड गैंगस्टर शुभम लोनकर घटना का मास्टरमाइंड है और उसी ने घटना की जिम्मेदारी भी ली है।
मुंबई क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए बताया कि रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले में शुभम लोनकर का हाथ है और फिलहाल वह पुलिस की गिरफ्त से दूर है। आरोपी फरार है और उसे लगातार ढूंढने की कोशिश की जा रही है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गुर्गा शुभम लोनकर ने घटना की जिम्मेदारी भी ली थी और फायरिंग करने वाले आरोपियों को मदद भी मुहैया कराई थी। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी प्रारंभिक जांच में आरोपी शुभम लोनकर का नाम सामने आया था। फिलहाल मुंबई क्राइम ब्रांच ने रोहित शेट्टी का बयान दर्ज किया है और उनके घर के बाहर की सुरक्षा भी बढ़ा दी है।
घटना निर्देशक के जुहू इलाके में स्थित नौ मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर घटी थी, जहां रात 12 बजे के आस-पास अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। एक गोली इमारत में स्थित जिम के शीशे में लगी लेकिन गनीमत रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ था। घटना की जांच पहले मुंबई पुलिस कर रही थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे मुंबई क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया। मुंबई क्राइम ब्रांच ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए 12 टीमों का गठन किया है। घटना के बाद इलाके की सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है। फुटेज में आरोपियों को साफ देखा जा सकता है।
वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए रोहित शेट्टी ने खुद अपने करीबी लोगों को घर न आने के लिए कहा है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो डायरेक्टर के एक करीबी दोस्त ने बताया कि रोहित फिलहाल पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और अपना बयान दर्ज करा रहे हैं। अभी उन्होंने किसी को भी घर न आने के लिए कहा है।
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