राजनीति
कश्मीर में टारगेट किलिंग पर कांग्रेस ने केंद्र से सवाल किया
कांग्रेस नेता विवेक तन्खा ने शुक्रवार को टारगेट किलिंग को रोकने में सरकार की अक्षमता और घाटी से पंडितों के पलायन पर सवाल उठाया। तन्खा खुद एक कश्मीरी पंडित हैं। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए तन्खा ने कहा, “सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अब कोई हत्या नहीं होनी चाहिए और सभी को सुरक्षित महसूस करना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालय सुरक्षित नहीं हैं और आतंकवादी अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “घाटी छोड़ने वाले लोगों की जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे डरावनी हैं।”
राजस्थान के विजय कुमार, जो एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (इलाकाई देहाती बैंक) में प्रबंधक थे, की गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
कुमार कुलगाम जिले के एरिया गांव शाखा में एक क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (इलाकाई देहाती बैंक) के प्रबंधक के रूप में कार्यरत थे।
इसी जिले में 31 मई को आतंकियों ने गैर स्थानीय शिक्षिका रजनी बाला की हत्या कर दी थी। वह जम्मू संभाग के सांबा जिले की रहने वाली थीं।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंग से टकराए दो टैंकर और एक टगबोट, लगी आग: ईरान

ईरान ने गुरुवार को दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे दो टैंकर्स और एक टगबोट में आग लग गई। उनके मुताबिक ये अनधिकृत रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे और इसी दौरान बारूदी सुरंग से टकरा गए जिससे आग लग गई। इसी बीच, ईरान की इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स ने अमेरिका के दो ‘लुकास’ ड्रोन को अपने कब्जे में लेने का दावा भी किया है।
ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी फार्स ने इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) के हवाले से ये जानकारी साझा की। आईआरजीसी के अनुसार, “एक ‘अनधिकृत रास्ते’ से गुजरने की कोशिश के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में दो तेल टैंकरों और एक टगबोट में आग लग गई।”
आईआरजीसी के बयान अनुसार, “बुधवार रात होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी रास्ते से गुजरते समय एक बड़ा तेल टैंकर बारूदी सुरंग (माइन) से टकरा गया, जिससे उसमें आग लग गई। वहीं, एक दूसरा सुपरटैंकर जलमार्ग के पूर्वी हिस्से से बाहर निकलते समय आग की चपेट में आ गया, और आग बुझाने के लिए भेजी गई एक टगबोट भी बाद में जलने लगी।”
बयान में कहा गया है कि अमेरिका द्वारा जहाजों को बारूदी सुरंगों वाले रास्तों से ले जाने की जिद के कारण, अमेरिकी करदाताओं और क्षेत्रीय सहयोगियों को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है और बीमा का खर्च भी बढ़ रहा है।
वहीं, आईआरजीसी की नौसैनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर यूनिट्स ने दावा किया कि उनके वायुक्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ‘लुकास’ ड्रोन को उन्होंने अपने नियंत्रण में ले लिया।
इससे पहले बुधवार को भी नौसैनिक यूनिट ने अमेरिकी ड्रोन को मार गिराने की बात कही थी। बयान के अनुसार, “आईआरजीसी ने होर्मुज स्ट्रेट में केशम द्वीप के ऊपर एक यूएस एमक्यू-1 ड्रोन को इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया। यह ईरानी एयर डिफेंस द्वारा गिराया गया अपनी तरह का 15वां एयरक्राफ्ट है।”
आईआरजीसी के जनसंपर्क कार्यालय ने कहा, “पहले ड्रोन को ट्रैक किया गया और फिर उसे हमारे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम ने नष्ट कर दिया, जो देश के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस नेटवर्क के तहत काम करता है।” बयान में घटना का सही समय या इस्तेमाल की गई मिसाइल के टाइप के बारे में नहीं बताया गया।
राजनीति
समाजवादी पार्टी सत्ता में आई तो 24 घंटे में खत्म करेंगे अग्निवीर व्यवस्था : अवधेश प्रसाद

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने अग्निवीरों की सेवा अवधि चार से बढ़ाकर छह साल किए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इस पूरी योजना को ही सेना के सम्मान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि सपा की सरकार बनेगी तो इसको खत्म कर दिया जाएगा।
अयोध्या में आईएएनएस से बातचीत के दौरान सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि अग्निवीर जैसी व्यवस्था लागू करके सरकार ने भारतीय सेना के गौरव को कम करने का काम किया है। जब भी उनकी सरकार सत्ता में आएगी, तो 24 घंटे के अंदर अग्निवीर जैसी व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाएगा, जिसके तहत युवाओं को सम्मान के साथ स्थायी नौकरी मिलती थी।
उन्होंने कहा कि ऐसे गौरवशाली सेना के जवानों के साथ चार साल या छह साल की अस्थायी नौकरी वाली व्यवस्था करना उचित नहीं है। यह न केवल सेना का अपमान है, बल्कि पूरे देश का अपमान है। युवाओं को कुछ सालों के लिए सेना में रखकर फिर बाहर कर देना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। आने वाले समय में इस व्यवस्था को बदलकर पहले की तरह ही भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि युवाओं को पूरा सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिल सके।
अयोध्या में होने वाले भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन के शामिल होने के प्रस्तावित दौरे पर भी सांसद अवधेश प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है। दीपावली का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। हम लोग भी इसे मनाएंगे, पूरा देश मनाएगा और पूरा क्षेत्र मनाएगा। लोग अपने-अपने घरों में दीपक जलाकर खुशियां मनाएंगे।
वहीं, बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के हालिया बयान पर भी अवधेश प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि राम-कृष्ण में भेद करने वाला महापापी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा सांसद ने कहा कि धीरेंद्र शास्त्री का बयान बेहद निंदनीय है। इसकी निंदा के लिए उनके पास कड़े शब्द भी नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की विचारधारा रखने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। इस तरह के बयानों से देश को तोड़ने की साजिश रची जा रही है। किसी भी देवी-देवता के खिलाफ इस प्रकार का बयान देना पूरी तरह गलत है। उन्होंने मांग की कि ऐसे बयानों पर तुरंत रोक लगनी चाहिए, ताकि समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहे।
अपराध
जंतर मंतर प्रदर्शन : दिल्ली पुलिस ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया

दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन मामले के सिलसिले में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को गुरुवार को पूछताछ के लिए बुलाया है। सीजेपी सदस्यों को दोपहर में राजौरी गार्डन स्थित दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है।
इससे पहले अक्टूबर में भी दिल्ली पुलिस ने दास और रांका को समन भेजा था। हालांकि, वे समन पर पेश नहीं हुए और बाद में पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने हाजिर होने के लिए और समय मांगा।
सीजेपी नेताओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले अक्टूबर में क्राइम ब्रांच को सौंप दिए गए थे। ये मामले 13 अक्टूबर की उस घटना से जुड़े हैं, जब दास, रांका और अजिंक्य शिंदे 11 अन्य लोगों के साथ जंतर-मंतर में घुस गए थे। जंतर-मंतर को अब विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगह के रूप में हटा दिया गया है।
दिल्ली पुलिस ने इन सभी को हिरासत में ले लिया था। शिंदे को तो जमानत बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया लेकिन सौरव दास और रांका एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे।
सीजेपी सदस्य मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध कर रहे थे और उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे भी लगाए।
21 अक्टूबर को एक सप्ताह की न्यायिक हिरासत के बाद दास और रांका को तिहाड़ जेल से रिहा कर दिया गया। उन्होंने एक विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) के सामने लिखित अंडरटेकिंग दी, जिसमें उन्होंने शांति बनाए रखने और जंतर-मंतर पर विरोध-प्रदर्शन का आह्वान न करने का भरोसा दिलाया था।
जंतर-मंतर पर अनाधिकृत प्रवेश के मामले में चल रही जांच पूरी होने तक एसईएम ऋतु राज ने दोनों कार्यकर्ताओं को 50,000-50,000 रुपये के निजी मुचलके और जमानत बांड भरने पर रिहा करने का आदेश दिया।
अपने लिखित वचनपत्रों में दोनों कार्यकर्ताओं ने शांति भंग न करने का वादा किया और न्यायपालिका तथा एसईएम कोर्ट सहित उसकी सभी इकाइयों में पूरा भरोसा जताया। एसईएम कोर्ट ने माना कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 135(3) के तहत शांति भंग या सार्वजनिक व्यवस्था में खलल को रोकने के लिए तत्काल कदम, बांड भरवाने और लिखित वचनपत्र लेने के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाए जा सकते हैं।
-
दुर्घटना1 year agoनागपुर विस्फोट: बाजारगांव स्थित सौर ऊर्जा संयंत्र में बड़ा विस्फोट; 1 की मौत, कम से कम 10 घायल
-
महाराष्ट्र2 years agoईद 2025 पर डोंगरी में दंगे और बम विस्फोट की ‘चेतावनी’ के बाद मुंबई पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी
-
महाराष्ट्र2 years agoमीरा भयंदर हजरत सैयद बाले शाह बाबा की मजार को ध्वस्त करने का आदेश
-
बॉलीवुड1 month agoटीवी एक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी सुसाइड केस में 10 साल बाद कोर्ट ने बॉयफ्रेंड पर सुनाया फैसला
-
व्यापार6 years agoआईफोन 12 का उत्पादन जुलाई से शुरू होगा : रिपोर्ट
-
राजनीति2 years agoवक्फ संशोधन बिल लोकसभा में होगा पेश, भाजपा-कांग्रेस समेत कई पार्टियों ने जारी किया व्हिप
-
अपराध4 years agoभगौड़े डॉन दाऊद इब्राहिम के गुर्गो की ये हैं नई तस्वीरें
-
खेल2 years agoआईपीएल 2025 : शानदार रिकॉर्ड के नाम रहा एमआई और केकेआर का मैच, डेब्यूटेंट अश्विनी ने रचा इतिहास
