अपराध
क्रूज ड्रग्स केस में शाहरूख खान के बेटे आर्यन खान को क्लीनचिट, NCB की चार्जशीट में आर्यन का नाम नहीं
क्रूज ड्रग्स मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को बड़ी राहत मिली है…जानकारी के मुताबिक NCB की नई चार्जशीट में आर्यन खान सहित 6 लोगों के नाम शामिल नहीं है.. एमसीबी ने इस मामले में 6000 पन्नों की चार्जशीट शुक्रवार को कोर्ट में दाखिल की है..
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने शुक्रवार को बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान समेत छह मुख्य आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ रखने के आरोप वापस ले लिए। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। दरअसल एनसीबी ने शुक्रवार को आर्यन खान को ड्रग्स ऑन क्रूज मामले में क्लीन चिट दे दी है। एनसीबी ने मुंबई की एक अदालत में 14 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया, जिसमें आर्यन खान का नाम शामिल नहीं था। आर्यन खान के अलावा अविन शाहू, गोपाल जी आनंद, समीर साईघन, भास्कर अरोड़ा और मानव सिंघल के खिलाफ सबूतों के अभाव में आरोप पत्र नहीं दायर किया गया है।
एक विशेष अदालत के समक्ष दायर सनसनीखेज मामले में एनसीबी की क्लीन चिट आर्यन, एविन साहू, गोपाल आनंद, समीर सहगल, भास्कर अरोड़ा और मानव सिंघल को मिली है।
जबकि साहू जहाज कॉर्डेलिया क्रूज पर एक अतिथि थे, जिसे तत्कालीन एनसीबी जोनल निदेशक समीर वानखेड़े के नेतृत्व में एक टीम ने पकड़ा था, अन्य बोर्ड पर कथित रेव पार्टी के आयोजक थे।
एनसीबी ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि महीनों तक अंतरराष्ट्रीय मीडिया का ध्यान खींचने वाले मामले में आर्यन खान और मोहक जायसवाल को छोड़कर सभी के पास नशीला पदार्थ पाया गया।
एक संक्षिप्त बयान में, एनसीबी के उप महानिदेशक संजय कुमार सिंह ने कहा कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने ‘उद्देश्यपूर्ण तरीके’ से अपनी जांच की।
सिंह ने कहा, अब एनसीबी कुल 20 आरोपियों में से 14 के खिलाफ मामले को आगे बढ़ाएगा और उपरोक्त 6 आरोपियों के खिलाफ ‘पर्याप्त सबूतों की कमी के कारण’ आरोपों को हटा दिया है।
मुख्य आरोपियों में से एक के वकील, तारक सैयद ने आईएएनएस से संक्षेप में बात करते हुए संकेत दिया कि छह व्यक्ति अब दोषमुक्त हो जाएंगे क्योंकि ‘उनके खिलाफ आगे बढ़ने के लिए कोई सबूत नहीं है, और एनसीबी द्वारा आरोप हटा दिए गए हैं।’
खुफिया जानकारी के आधार पर, एनसीबी मुंबई ने कॉर्डेलिया क्रूज पर छापा मारा था और आर्यन, अरबाज मर्चेंट, नुपुर सारिका, मुनमुन धमेचा, इसमीत सिंह, मोहक जायसवाल, गोमित चोपड़ा और विक्रांत छोकर को हिरासत में लिया था।
अपराध
दिल्ली: द्वारका पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे 361 विदेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर भेजा

नई दिल्ली, 6 जनवरी: राष्ट्रीय राजधानी में द्वारका जिला पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन के तहत 2025 में 361 अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान की और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
यह कार्रवाई पुलिस की तरफ से खास तौर पर उन विदेशी नागरिकों के खिलाफ थी जो बिना वैलिड वीजा के लंबे समय से भारत में रह रहे थे और देश के संसाधनों का उपयोग कर रहे थे। इस ऑपरेशन में द्वारका जिले के विभिन्न पुलिस स्टेशनों और विशेष टीमों ने अहम भूमिका निभाई।
स्पेशल ऑपरेशन के दौरान, सबसे अधिक डिपोर्टेशन एंटी नारकोटिक्स सेल (109), पुलिस स्टेशन डाबरी (76) और स्पेशल स्टाफ ने (54) सहित अन्य स्टेशनों से भी लोगों को डिपोर्ट किया गया है। अन्य प्रमुख टीमें पुलिस स्टेशन उत्तम नगर (48), पुलिस स्टेशन बिंदापुर (40), और पुलिस स्टेशन मोहन गार्डन (19) थीं। इन टीमों ने मिलकर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया और उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया।
अवैध रूप से रह रहे नागरिकों में सबसे अधिक संख्या नाइजीरिया (187), बांग्लादेश (82), और आइवरी कोस्ट (26) सहित कई अन्य देशों के नागरिकों की थी। इनके अलावा, म्यांमार, घाना, सेनेगल, लाइबेरिया, और अन्य देशों के नागरिक भी शामिल थे। विशेष ध्यान देने योग्य बात यह थी कि कई महिलाएं और बच्चे भी इन अवैध नागरिकों में शामिल थे।
दिसंबर 2025 में, पुलिस ने नाइजीरिया के 2 अवैध नागरिकों को भी डिपोर्ट किया। इन सभी नागरिकों को एफआरआरओ के सामने पेश किया गया, जहां से डिपोर्टेशन का आदेश प्राप्त हुआ। इसके बाद, उन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया, जहां से उन्हें उनकी संबंधित देशों में वापस भेजा जाएगा।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि द्वारका जिला पुलिस की यह कार्रवाई अवैध प्रवासियों के खिलाफ लगातार जारी रहेगी। पुलिस टीमों का कहना है कि वे इलाके में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ खुफिया जानकारी जुटाते रहेंगे और उन्हें डिपोर्ट करने की प्रक्रिया में तेजी लाएंगे।
इससे पहले भी नव वर्ष की पूर्व संध्या पर दो नाइजीरियाई नागरिकों को उनके यात्रा/व्यापार वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भारत में अवैध रूप से रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। दक्षिण पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया था कि मिरासेल ओन्येका और मोसेस चिनोसो नाम के दो नाइजीरियाई नागरिक 31 दिसंबर को हौज खास गांव में न्यू ईयर की पार्टी के लिए जाते समय गिरफ्तार किए गए थे।
अवैध रूप से और तय समय से अधिक समय तक रहने वाले विदेशी प्रवासियों की समस्या से निपटने के लिए दक्षिण पश्चिम जिले के ऑपरेशन सेल की विशेष टीमों को खुफिया जानकारी जुटाने और ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अपराध
युवक की पीटकर हत्या करने के मामले में दो वांछित बदमाश मुठभेड़ में गिरफ्तार

CRIME
ग्रेटर नोएडा, 6 जनवरी: गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच सोमवार देर रात मुठभेड़ हो गई। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। दोनों आरोपी हाल ही में दर्ज हत्या के मामले में वांछित थे। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार और कारतूस बरामद कर लिए हैं तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 5 जनवरी 2026 की रात थाना दादरी पुलिस जारचा अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सामने से दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन वे नहीं रुके और भागने का प्रयास करने लगे। शक होने पर पुलिस टीम ने उनका पीछा किया।
खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। बाद में उनकी पहचान प्रशांत उर्फ सिट्टू पुत्र बिजेंद्र, निवासी कैमराला, थाना दादरी, गौतमबुद्धनगर और प्रशांत पुत्र गजब सिंह, निवासी निजामपुर, थाना सिकंदराबाद, जनपद बुलंदशहर के रूप में हुई।
पुलिस ने उनके कब्जे से दो अवैध तमंचे .315 बोर, दो जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी 5 जनवरी 2026 को दादरी क्षेत्र में हुई एक गंभीर आपराधिक घटना में शामिल थे। आरोप है कि अभियुक्तों ने पीड़ित के चचेरे भाई मोहित पुत्र धर्मवीर और गांव के हरकेश पुत्र जतन सिंह के साथ जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से बेरहमी से मारपीट की थी।
इस दौरान जान से मारने की धमकी दी गई और वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। घटना में गंभीर रूप से घायल हरकेश की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई, जिसके बाद मुकदमे में हत्या से संबंधित धाराएं बढ़ा दी गईं। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। देर रात हुई मुठभेड़ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों का इलाज चल रहा है और उनके खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क है और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अपराध
मुंबई के मीरा भायंदर में नाबालिग से शोषण का सनसनीखेज मामला, ‘ऑनलाइन नीलामी’ का आरोप

crime
मुंबई, 5 जनवरी: महाराष्ट्र के मुंबई महानगर क्षेत्र के मीरा भायंदर इलाके में एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर गंभीर शोषण, ब्लैकमेलिंग और साइबर अपराध का चौंकाने वाला मामला सामने आया। वालिव पुलिस स्टेशन की सीमा में दर्ज शिकायत के अनुसार, 15 वर्षीय नाबालिग लड़की ने अपने ही इलाके के युवक जावेद पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश और चिंता का माहौल है।
पीड़िता की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, पड़ोस में रहने वाले जावेद से उसकी जान-पहचान दोस्ती में बदली। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी ने चोरी-छिपे उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो बना लिए और बाद में इन्हीं के जरिए उसे ब्लैकमेल किया। पीड़िता का दावा है कि ब्लैकमेलिंग के दबाव में आरोपी उसे मध्य प्रदेश ले गया, जहां एक कमरे में करीब छह महीने तक उसके साथ लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
पीड़िता ने आगे बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर उसके नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर एक फर्जी अकाउंट बनाया। आरोप है कि इस फर्जी प्रोफाइल के जरिए आरोपी ने नाबालिग की तस्वीरें पोस्ट कर ‘रेट कार्ड’ जारी किया और उसे ऑनलाइन नीलाम करने की कोशिश की। यह आरोप सामने आने के बाद साइबर अपराध और नाबालिगों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और उसकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की। बताया गया है कि पीड़िता पहले से ही पारिवारिक संकट से गुजर रही थी, क्योंकि हाल ही में उसके पिता का निधन हुआ था, जिससे उसकी स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
पीड़िता की ओर से इस मामले में वालिव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है, लेकिन आरोप है कि शिकायत के बावजूद आरोपी अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी खुलेआम उसे धमकियां दे रहा है, जिससे वह और उसका परिवार दहशत में हैं। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई की गति पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
न्याय न मिलने और सुरक्षा को लेकर भयभीत पीड़िता अब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही है। उसने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, अपनी सुरक्षा और जांच की मांग की है।
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