राजनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दी अष्टमी, नवमी की शुभकामनाएं
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र में महाअष्टमी और महानवमी के मौके पर प्रदेटवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने पर्व को नारी शक्ति और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगत की समस्त व्यवस्थाओं को आदिशक्ति भगवती संचालित करती हैं। इनके अनंत रूप हैं। आदिशक्ति प्रधान नौ रूपों में नवदुर्गा बनकर सम्पूर्ण पृथ्वीलोक पर अपनी करुणा की वर्षा करती हैं। नवरात्रि में मां के इन नौ रूप का पूजन श्रद्धा एवं भक्तिभाव से किया जाता है।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना मातृशक्ति के प्रति सनातन परम्परा के सम्मान का प्रतीक है। इसी क्रम में नवरात्रि में महाअष्टमी एवं महानवमी पर भक्तगण कन्या पूजन करते हैं। नवरात्रि का पर्व केवल व्रत और उपवास का नहीं, बल्कि नारी शक्ति और कन्याओं के सम्मान का भी पर्व है।
योगी ने महाअष्टमी एवं महानवमी के अवसर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में कोविड-19 के प्रोटोकॉल तथा सोशल डिस्टेसिंग का पूर्ण पालन करने की अपील की है।
उन्होंने आगे कहा, “श्री, ऐश्वर्य, वैभव, सुख एवं समृद्धि की प्रदाता देवी मां महागौरी अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियों और नौ निधियों के आशीष से आच्छादित रखें। माता के आशीर्वाद से सभी के जीवन में नवोत्कर्ष हो। जय माता महागौरी।”
राष्ट्रीय समाचार
भारतीय कंपनियां अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करने के लिए तैयार: सर्जियो गोर

भारतीय कंपनियां अमेरिका में टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, फार्मा और अन्य क्षेत्रों में 20.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश करने की योजना बना रही है। यह बयान बुधवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की ओर से दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गौर ने लिखा कि एक ही दिन में 12 भारतीय कंपनियों ने 1.1 अरब डॉलर के नए निवेश की घोषणा की। साथ कहा कि यह निवेश अमेरिका में नौकरियां पैदा कर रहा है और दोनों देशों के बीच आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत बना रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि यह निवेश इस बात का प्रमाण है कि जब दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र आपस में व्यापार करते हैं, तो सभी को लाभ होता है।
अमेरिकी राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका कई मोर्चों पर आर्थिक संबंधों को मजबूत कर रहे हैं, और दोनों देशों की मौजूदा सरकारें तेजी से द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग और प्रौद्योगिकी साझेदारी को आगे बढ़ा रही हैं।
हालांकि, गौर ने उन 12 कंपनियों के नाम का ऐलान नहीं किया, जिन्होंने अमेरिका में निवेश का ऐलान किया है।
अमेरिकी सरकार के आधिकारिक डेटा के मुताबिक, अमेरिका का भारत के साथ व्यापार घाटा मार्च 2026 में 3.8 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि के घाटे 7.4 अरब डॉलर से 48.64 प्रतिशत कम है।
अमेरिकी सरकार की ओर से बताया गया कि मार्च 2026 में अमेरिका का भारत को निर्यात बढ़कर 4.3 अरब डॉलर हो गया है। वहीं, भारत से आयात 8.4 अरब डॉलर रहा है।
भारत के साथ आयात-निर्यात में अंतर कम होने के बावजूद अमेरिका के व्यापार घाटे में बढ़ोतरी हुई है। मार्च में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार घाटा बढ़कर 60.3 अरब डॉलर हो गया, जो फरवरी के संशोधित 57.8 अरब डॉलर से 2.5 अरब डॉलर अधिक है।
अंतरराष्ट्रीय समाचार
ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, “हमारी समस्या यह है कि एक ओर अमेरिका देश पर दबाव की नीति अपना रहा है और दूसरी ओर वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आए और आखिरकार उसकी एकतरफा मांगों के सामने आत्मसमर्पण कर दे। लेकिन यह असंभव है।”
उन्होंने कहा कि ईरान मूल रूप से युद्ध और असुरक्षा को किसी भी तरह से उचित विकल्प नहीं मानता। इसके साथ ही, पेजेशकियान ने कहा कि ईरान को परमाणु तकनीक से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिका ऐसे व्यवहार कर रहा है जैसे ईरान को परमाणु उद्योग रखने का अधिकार ही नहीं है। वह अत्यधिक मांगें सामने रखकर देश पर अतिरिक्त दबाव डालता है।”
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने आगे कहा कि पिछली सभी वार्ताओं में ईरान पूरी तरह तैयार था कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक निगरानी के तहत जो भी आवश्यक हो, वह सब कुछ उपलब्ध कराए ताकि उसके परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित किया जा सके।
दूसरी ओर, अल-जैदी ने इराक की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की तत्परता जताई, ताकि क्षेत्रीय संकटों को कम किया जा सके। अल-जैदी के मीडिया कार्यालय के एक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया जा सके।
बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे, जिसमें तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडरों और नागरिकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ, जिसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई, लेकिन वह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी। फिलहाल, अमेरिका और ईरान लगातार समझौते के तहत युद्धविराम को जारी रखने की कोशिशों में जुटे हैं।
राजनीति
ममता बनर्जी और कांग्रेस संविधान और लोकतंत्र का अपमान कर रहे: एन रामचंद्र राव

हैदराबाद में आगामी 10 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित जनसभा की तैयारियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।
इसी क्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव ने लालपेट क्षेत्र में आयोजित एक दीवार लेखन कार्यक्रम में हिस्सा लिया और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और कांग्रेस संविधान तथा लोकतंत्र का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में भाजपा को मिली जीत देश के बदलते राजनीतिक मिजाज का संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु की जनता ने उन राजनीतिक दलों को करारा जवाब दिया है, जो उत्तर और दक्षिण भारत के बीच विभाजन पैदा करने की कोशिश करते रहे हैं। उनके अनुसार, अब तेलंगाना में भी भाजपा के पक्ष में माहौल बनता दिख रहा है।
रामचंद्र राव ने पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव में हार के बावजूद ममता बनर्जी का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने भारतीय संविधान का अनुच्छेद 172 का हवाला देते हुए कहा कि जब जनता का जनादेश स्पष्ट रूप से किसी के खिलाफ हो, तब पद पर बने रहना संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने दावा किया कि 7 मई के बाद ममता बनर्जी का पद पर बने रहना असंवैधानिक है और यह जनता के फैसले की अनदेखी है।
इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अक्सर संविधान की किताब लेकर चलते हैं, लेकिन उन्हें उसकी मूल बातें भी समझ नहीं हैं।
रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर ममता बनर्जी के साथ खड़े होने को लेकर भी सवाल उठाए और इसे शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि पहले ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाने वाली कांग्रेस अब ‘सीट चोरी’ की बात कर रही है, जो उसकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।
रामचंद्र राव ने जनता से आह्वान किया कि वे 10 मई को हैदराबाद के परेड ग्राउंड में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में बड़ी संख्या में पहुंचें और तेलंगाना में बदलाव की दिशा में कदम बढ़ाएं।
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