राष्ट्रीय
मुख्यमंत्री बोले यूपी में सुरक्षित है निवेशकों का हित, मिलेगा हर तरह का संरक्षण

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में निवेश करने वाले हर एक निवेशक के हितों को सुरक्षित रखा जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में शुक्रवार को आयोजित तीसरे ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में सीएम योगी ने निवेशकों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेशकों को हर संभव सहायता दी जाएगी। प्रदेश में न केवल निवेशकों का हित सुरक्षित होगा, बल्कि उन्हें हर प्रकार का संरक्षण भी प्राप्त होगा।
राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देश-विदेश के शीर्ष उद्योगपतियों, केंद्रीय, राज्य सरकार के मंत्रियों की उपस्थिति में संपन्न 80,224 करोड़ की 1406 औद्योगिक परियोजनाओं के शिलान्यास व भूमिपूजन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में निवेश करने वाले सभी निवेशकों के प्रति आभार भी जताया।
उन्होंने बीते 05 वर्ष में बदले प्रदेश के औद्योगिक माहौल और निवेश अनुकूल नीतियों के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफलता के आठ वर्ष पूरे हुए हैं। देश की आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर पूरे हो रहे इन 8 सालों में भारत को जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जिन नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का अवसर मिला है, उसकी सर्वत्र सराहना हुई है। इस सफलता के लिए उत्तर प्रदेश की जनता प्रधानमंत्री का अभिनन्दन करती है।
उन्होंने कहा कि फरवरी 2018 में प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश के प्रथम इन्वेस्टर समिट का उद्घाटन इसी लखनऊ में किया था। उस समय हमें 4.68 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। विगत 5 वर्षों में इनमें से 3 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतारने में हमें मदद मिली है। इसके अलावा, कोविड कालखंड के दौरान प्रधानमंत्री की प्रेरणा और मार्गदर्शन में जीवन और जीविका को बचाने के साथ ही प्रदेश में निवेश प्रस्तावों को लागू करने के जिस अभियान को प्रदेश सरकार ने आगे बढ़ाया था। उसका परिणाम था कि प्रदेश में इस दौरान 66,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इन्हें जमीन पर उतारने में हमें सफलता मिली है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश का तृतीय ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी प्रधानमंत्री के कर-कमलों से संपन्न हो रहा है। इसमें डाटा सेंटर, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफ्रास्ट्रक्च र, हथकरघा एवं टेक्सटाइल, एमएसएमई आदि क्षेत्र की 80 हजार करोड़ रूपये से अधिक की नई परियोजनाएं शामिल हैं। इनके माध्यम से पांच लाख प्रत्यक्ष और 20 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार के मौके सृजित होंगे।
कहा कि प्रदेश ने प्रधानमंत्री मोदी के रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र को आत्मसात किया है। उनके मार्गदर्शन में आज उत्तर प्रदेश देश की 6 वीं अर्थव्यवस्था से दूसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश आज दूसरे स्थान पर है। लीड्स 2021 की रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश ने 7 स्थानों की उल्लेखनीय बढ़त प्राप्त की है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश ने अपने परंपरागत उद्योग को बढ़ाते हुए एक जनपद एक उत्पाद जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन से अपने निर्यात को 1.56 लाख करोड़ वार्षिक तक करने में सफलता भी पाई है। राज्य सरकार के प्रयासों की चर्चा करते हुए
योगी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2017 में औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति लागू की थी। इसके साथ ही प्रदेश में इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली 20 सेक्टोरल पॉलिसीज को उद्यमिता, इनोवेशन और मेक इन इंडिया की तर्ज पर आगे बढ़ाने का काम किया गया। श्रम, भूमि आवंटन, संपत्ति रजिस्ट्रेशन, पर्यावरणीय अनुमोदन सहित 500 से अधिक सुधार किए गए। 40 विभागों के 1400 से अधिक जो कम्प्लायन्स थे, उन्हें समाप्त किया गया। सिंगल विंडो सिस्टम से ऑनलाइन सेवा उपलब्ध कराई गई। मेगा व उच्च श्रेणी के उद्योगों को आवेदन के 15 दिनों के भीतर भूमि आवंटन का प्रावधान किया। नीतियों को निवेश फ्रेंडली बनाने, कानून व्यवस्था को सु²ढ़ करने तथा ओडीओपी जैसे प्रयासों से विगत 05 वर्ष में 1.61 करोड़ युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर देने में सफलता मिली है। केंद्र सरकार की अनेक स्वावलम्बन की योजनाओं के माध्यम से 60 लाख युवाओं को परंपरागत उद्यम से जोड़ा गया है तो 05 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी। यही वजह है कि बीते 05 साल में प्रदेश की बेरोजगारी दर 18 फीसद से घटकर 2.9 प्रतिशतत्क आ गई है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का उद्घाटन नवम्बर 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा हो चुका है। बुंदेलखंड जो आजादी के बाद से विकास और जल के लिए तरसता था, आज वहां बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे और डिफेंस कॉरिडोर के दो प्रमुख नोड (झांसी, चित्रकूट) बन रहा है।
कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे जून के अंत तक बन जायेगा। बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में हर घर नल योजना से घर-घर शुद्ध पेय जल की आपूर्ति के लिए हम युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं। कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यूपी आज 5 एक्सप्रेस वे के साथ काम कर रहा है। तीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे संचालित हैं। जेवर एयरपोर्ट और मयार्दा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या के निर्माण के बाद यह प्रदेश 05 अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डों वाला एकमात्र राज्य होगा तो राष्ट्रीय जल मार्ग संख्या एक के तहत वाराणसी से हल्दिया तक राष्ट्रीय जलमार्ग संचालित है।
उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरीडोर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसके 6 नोड तैयार किये जा रहे हैं। इसमें लखनऊ नोड में ब्रम्होस मिसाइल के निर्माण की इकाई तथा झांसी में भारत डायनमिक्स लिमिटेड की इकाई स्थापित की जा रही है। आरआरटीएस का निर्माण दिल्ली-मेरठ के बीच प्रगति पर है। पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के माध्यम से प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्च र डेवलपमेंट को सहायता मिल रही है।
खेल
आईपीएल 2025 : एलएसजी और मुंबई इंडियंस के बीच होगा महामुकाबला, जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड

नई दिल्ली, 4 अप्रैल। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल 2025) में लखनऊ सुपरजायंट्स (एलएसजी) और मुंबई इंडियंस (एमआई) के बीच शुक्रवार को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में सीजन का 16वां मैच खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार, शाम 7.30 बजे से मैच का प्रसारण होगा।
मुंबई इंडियंस प्वाइंट टेबल की सूची में एलएसजी से ऊपर है। एमआई छठे स्थान पर है, तो वहीं लखनऊ फ्रेंचाइजी सातवें स्थान पर है। दोनों टीम के पास दो अंक हैं। हालांकि, अगर दोनों टीम के बीच पूर्व में खेले गए मैचों की बात करें तो पांच बार की आईपीएल विजेता टीम मुंबई इंडियंस का सुपरजायंट्स के सामने बुरा हाल हो जाता है।
आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक दोनों टीम के बीच कुल 6 मैच हुए हैं। पांच मैचों में एलएसजी ने जीत दर्ज की और मुंबई इंडियंस को सिर्फ एक मैच में जीत हासिल हुई है। बीते तीन मैचों में भी एलएसजी ने ही एमआई के खिलाफ जीत हासिल की है। इसी जीत की लय बरकरार रखने के इरादे से आज लखनऊ के मैदान में एलएसजी की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ उतरेगी। वहीं, मुंबई इंडियंस भी दो लगातार हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ तीसरे मैच में जीत के साथ खाता खोल चुकी है। टीम इस जीत की लय लखनऊ सुपरजायंट्स के सामने भी बरकरार रखना चाहेगी।
लखनऊ सुपरजायंट्स के पास मिशेल मार्श, एडेन मार्कराम और निकोलस पूरन की शानदार तिकड़ी है। इन तीनों विदेशी बल्लेबाजों में निकोलस पूरन ने एलएसजी के लिए अब तक सबसे ज्यादा चौके-छक्के लगाए हैं। पूरन टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप की रेस में टॉप पर बने हुए हैं। मुंबई के खिलाफ भी एलएसजी को उनसे एक अच्छी पारी की उम्मीद है। वहीं, मुंबई इंडियंस के लिए हार्दिक पांड्या ने वापसी कर ली है। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ टीम ने अपने घर पर जीत हासिल की।
टीम के पास रोहित शर्मा, रयान रिकेल्टन, सूर्यकुमार यादव जैसे बल्लेबाज हैं जो अपने दम पर मैच का रुख बदल सकते हैं। अगर दोनों टीम की गेंदबाजी की बात करें तो मुंबई के सामने लखनऊ के पास कम अनुभवी गेंदबाज हैं जो विपक्षी टीमों के बल्लेबाजों पर ज्यादा दबाव नहीं डाल पा रहे हैं। वहीं, मुंबई को अश्विनी कुमार के तौर पर एक उभरता हुआ सितारा मिला है, जिसकी गेंदबाजी ने कोलकाता के बल्लेबाजों को वानखेड़े में घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय
भूकंप प्रभावित म्यांमार को 15 टन राहत सामग्री भेजेगा भारत

नई दिल्ली, 29 मार्च। म्यांमार और थाईलैंड में शुक्रवार को भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस तबाही में जानमाल का काफी नुकसान हुआ है। इस बीच, भारत ने भूकंप प्रभावित म्यांमार की मदद को हाथ बढ़ाया है। सूत्रों ने बताया कि भारत म्यांमार को 15 टन से अधिक राहत सामग्री भेजेगा, क्योंकि वहां कई शक्तिशाली भूकंपों ने 144 से ज्यादा लोगों की जान ले ली और 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
सूत्रों ने बताया कि भारत राहत सामग्री को भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के सी-130जे विमान से म्यांमार भेजेगा, जो वायुसेना स्टेशन हिंडन से रवाना होगा।
सूत्रों के अनुसार, राहत पैकेज में टेंट, स्लीपिंग बैग, कंबल, खाने के लिए तैयार भोजन, वाटर प्यूरीफायर, हाइजीन किट, सोलर लैंप, जनरेटर सेट और पैरासिटामोल, एंटीबायोटिक्स, सीरिंज, दस्ताने और पट्टियां जैसी आवश्यक दवाएं शामिल हैं।
इस बीच, भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और उसने कहा कि अभी तक किसी भी भारतीय के घायल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।
उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “बैंकॉक और थाईलैंड के अन्य भागों में आए शक्तिशाली भूकंप के झटकों के बाद भारतीय दूतावास थाई अधिकारियों के साथ स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। अब तक, किसी भी भारतीय नागरिक से जुड़ी कोई अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है। किसी भी आपात स्थिति में थाईलैंड में भारतीय नागरिकों को आपातकालीन नंबर +66 618819218 पर संपर्क करने की सलाह दी जाती है। बैंकॉक में भारतीय दूतावास और चियांग माई में वाणिज्य दूतावास के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत शुक्रवार को आए बड़े भूकंप के बाद म्यांमार को मदद भेजने के लिए तैयार है।”
पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक्स पर कहा, “म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है।”
बता दें कि भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों ने म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप से कोई बड़ा प्रभाव नहीं होने की सूचना दी। भूकंप के बाद आए झटकों ने म्यांमार और पड़ोसी थाईलैंड में दहशत पैदा कर दी है।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, शुक्रवार को रात 11:56 बजे (स्थानीय समयानुसार) म्यांमार में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया।
एनसीएस के अनुसार, नवीनतम भूकंप 10 किलोमीटर की गहराई पर आया, जिससे यह आफ्टरशॉक के लिए अतिसंवेदनशील है। एनसीएस ने बताया कि भूकंप अक्षांश 22.15 एन और देशांतर 95.41 ई पर दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को आया शक्तिशाली भूकंप बैंकॉक और थाईलैंड के कई हिस्सों में महसूस किया गया, प्रत्यक्षदर्शियों की रिपोर्ट और स्थानीय मीडिया के अनुसार बैंकॉक में हिलती हुई इमारतों से सैकड़ों लोग बाहर निकल आए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, शुक्रवार को म्यांमार में छह भूकंप आए।
अंतरराष्ट्रीय
पीएम मोदी करेंगे थाईलैंड और श्रीलंका की यात्रा, बैंकॉक में बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में लेंगे भाग

नई दिल्ली, 28 मार्च। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 अप्रैल से 6 अप्रैल तक थाईलैंड और श्रीलंका की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे।
थाई प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर, पीएम मोदी 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 03-04 अप्रैल को बैंकॉक का दौरा करेंगे।
04 अप्रैल को होने वाले इस शिखर सम्मेलन की मेज़बानी बिम्सटेक के वर्तमान अध्यक्ष थाईलैंड कर रहा है। यह पीएम मोदी की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी।
यह 2018 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के बाद बिम्सटेक नेताओं की पहली आमने-सामने की बैठक भी होगी। 5वां बिम्सटेक शिखर सम्मेलन, मार्च 2022 में कोलंबो, श्रीलंका में वर्चुअली आयोजित किया गया था। छठे शिखर सम्मेलन का विषय है ‘बिम्सटेक – समृद्ध, लचीला और खुला।’
यात्रा की घोषणा करते हुए, विदेश मंत्रालय ने कहा, “नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान बिम्सटेक सहयोग को और अधिक गति देने के तरीकों पर विचार-विमर्श करने की उम्मीद है।”
बयान में कहा गया, “भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए बिम्सटेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार, निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री, डिजिटल संपर्क स्थापित करना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिल है।”
द्विपक्षीय मोर्चे पर, प्रधानमंत्री मोदी 3 अप्रैल को प्रधानमंत्री शिनावात्रा के साथ बैठक करेंगे। मीटिंग में मौजूदा सहयोग की समीक्षा की जाएगी और दोनों देशों के बीच भविष्य की साझेदारी के रोडमैप पर चर्चा की जाएगी।
भारत और थाईलैंड के बीच मजबूत सभ्यतागत संबंध हैं, जो दोनों देशों की समुद्री निकटता से और मजबूत होते हैं।
थाईलैंड की अपनी यात्रा के बाद, प्रधानमंत्री मोदी श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर 04-06 अप्रैल तक राजकीय यात्रा पर श्रीलंका जाएंगे। यात्रा के दौरान, वे राष्ट्रपति दिसानायके के साथ चर्चा करेंगे
उच्च स्तरीय चर्चाओं के अलावा, पीएम मोदी वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और राजनीतिक नेताओं से मिलेंगे। वह भारतीय वित्तीय सहायता वाली विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए अनुराधापुरा का दौरा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2019 में श्रीलंका का दौरा किया था। इससे पहले, श्रीलंका के राष्ट्रपति दिसानायके ने पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए भारत को चुना था, जो दोनों देशों के बीच मजबूत द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाता है।
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